अंतरराष्ट्रीय
रोहित की गैरमौजूदगी का असर पड़ेगा, लेकिन भारत के पास विकल्प : मैक्सवेल
बल्लेबाज रोहित शर्मा आस्ट्रेलिया दौरे पर भारत की सीमित ओवरों की टीम में नहीं हैं। निश्चित तौर पर यह भारत के लिए बड़ा नुकसान है और आस्ट्रेलिया के हरफनमौला खिलाड़ी ग्लैन मैक्सवेल भी इस बात को मानते हैं, लेकिन साथ ही उनका यह भी मानना है कि भारत के पास रोहित के विकल्प हैं और इसमें लोकेश राहुल एक बड़ा नाम है। रोहित को मांसपेशियों में चोट के कारण चयनकर्ताओं ने आस्ट्रेलिया दौर पर नहीं चुना था। बाद में हालांकि उन्हें टेस्ट टीम में जगह मिली लेकिन सीमित ओवरों की सीरीज में वह नहीं हैं।
मैक्सवेल ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए भारत के कुछ चुनिंदा मीडिया संस्थानों से बात की जिसमें आईएएनएस भी शामिल रहा।
मैक्सवेल ने रोहित के बारे में कहा, “वह क्लास बल्लेबाज हैं। सलामी बल्लेबाज के तौर पर उन्होंने निरंतर अच्छा किया है। उनके नाम कुछ दोहरे शतक भी है। उनका टीम में न होना विपक्षी टीम के लिए अच्छी बात है, लेकिन भारत के पास बैकअप है जो उनकी भरपाई कर सकते हैं। लोकेश राहुल एक नाम हैं। उन्होंने बीते आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया है। वह शानदार फॉर्म में हैं और सलामी बल्लेबाजी भी करते हैं। वह बेहतरीन बल्लेबाज हैं।”
मैक्सवेल इस आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए खेले थे जहां उनके साथ राहुल के अलावा मयंक अग्रवाल और मोहम्मद शमी भी थे। मैक्सवेल ने इन तीनों की काफी तारीफ की। किसी एक भारतीय गेंदबाज के बारे में पूछने पर मैक्सवेल ने कहा कि शमी आस्ट्रेलियाई जमीन पर अच्छा कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, “मैंने शमी को काफी करीब से देखा है। शमी के साथ मैं इस आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए खेला और उससे पहले दिल्ली में भी उनके साथ खेल चुका हूं। वह गेंद को स्विंग कराते हैं। उनकी नई गेंद से जो योग्यता है वो उन्हें खतरनाक बनाती है।”
राहुल और मयंक के बारे में मैक्सवेल ने कहा, “मैं जितने खिलाड़ियों से मिला हूं उनमें यह दोनों शानदार हैं। यह दोनों अच्छे इंसान भी हैं और अच्छे खिलाड़ी भी हैं। उनमें बहुत कम कमियां, लेकिन वनडे क्रिकेट अलग होती है। हमारे पास जो गेंदबाजी आक्रमण है उससे हम उन्हें दबाव में ला सकते है। यहां पिचों में भी उछाल ज्यादा रहती है। फिर भी यह दोनों बेहतरीन बल्लेबाज हैं।”
मैक्सवेल ने कहा कि पंजाब में शमी और राहुल के साथ खेलने से उन्हें आगामी सीरीज में थोड़ी बहुत मदद जरूर मिलेगी।
दाएं हाथ के इस खिलाड़ी ने कहा, “शमी का सामना करते हुए मुझे मदद मिल सकती है, लेकिन गेंदबाजी करते हुए राहुल के सामने ज्यादा कुछ मदद नहीं मिलेगी। मैं मिडऑफ पर खड़े होकर शमी से बात करता था कि वह किस तरह से बल्लेबाजों को देख रहे हैं, क्या सोच रहे हैं। इसलिए मुझे पता है कि वह कैसे सोचते हैं। इससे मुझे मदद मिलेगी।”
भारत और आस्ट्रेलिया के बीच सीरीज हमेशा से रोमांचक और बेहद प्रतिस्पर्धी होती है। मैक्सवेल ने कहा कि उनकी टीम में भारत को टक्कर देने का माद्दा है और इसलिए इस बार भी सीरीज काफी रोमांचक रहेगी।
उन्होंने कहा, “हम भारत के खिलाफ बेहतर करने की तैयारी कर रहे हैं। उनकी बल्लेबाजी विश्व स्तरीय है, उनकी गेंदबाजी भी। हम हर मामले में उनकी बराबरी कर सकते हैं इसलिए यह रोमांचक सीरीज होगी।”
भारत को आस्ट्रेलिया दौरे पर तीन मैचों की वनडे सीरीज और तीन मैचों की टी-20 सीरीज के अलावा चार मैचों की टेस्ट सीरीज भी खेलनी है। वनडे सीरीज की शुरुआत 27 नवंबर से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) से होगी। दूसरा मैच भी 29 तारीख को इसी मैदान पर खेला जाएगा। तीसरा वनडे 2 दिसंबर को कैनबरा के मनुका ओवल पर खेला जाएगा। सीरीज का प्रसारण सोनी टेन-1, सोनी टेन-3 और सोनी सिक्स चैनल्स पर किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय
मुंबई पहुंचे अमेरिकी राजदूत गोर ने की सीएम फडणवीस से मुलाकात, भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा

भारत में अमेरिका के राजदूत ने मंगलवार को मबारष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। गोर मुंबई में आयोजित इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 में शामिल हुए।
सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सर्जियो संग मुलाकात की जानकारी दी। तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ” मुंबई पहुंचे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत करते हुए खुशी हुई। हमने भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने और बेहतर सहयोग के मौके तलाशने पर अच्छी चर्चा की।”
इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) नेशनल कन्वेंशन 2026 को गोर ने संबोधित भी किया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘रीडिफाइनिंग द इंडिया-यूएस कॉम्प्रीहेंसिव स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ (भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पुनर्परिभाषित करना) है।
गोर ने इस सम्मेलन को खास बताया। उन्होंने कहा, “सच में हम समय की एक खास दहलीज पर खड़े हैं। सिर्फ दो दशकों में, हमारे द्विपक्षीय व्यापार ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो लगभग 20 बिलियन डॉलर से बढ़कर 240 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। यह 12 गुना बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई है। कोई भी सेक्टर चुन लें, आप पाएंगे कि अमेरिका और भारत उसे पूरा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “चाहे वह एआई हो, टेक्नोलॉजी हो, एयरोस्पेस हो, डिफेंस हो, या एनर्जी हो, दोनों देश रिकॉर्ड स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं, बाकी दुनिया से हम आगे हैं। यह गहरे, अटूट भरोसे को दिखाता है। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का हमारा साझा मकसद हमारे सामने मौजूद मौके के बड़े पैमाने को दिखाता है। यह बेजोड़ क्षमता दर्शाता है।”
गोर के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत पर पूरा भरोसा है। आगे बोले, “राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर भरोसा करते हैं, और उन्होंने पहले दिन से ही इस रिश्ते को बरकरार रखने पर काफी मेहनत की। अपने दूसरे दौर के कुछ ही हफ्तों में, उन्होंने और पीएम मोदी ने एक भरोसे की पहल शुरू की, जिससे रिश्ते बदल गए और एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, डिफेंस और ज़रूरी चीजों में कोऑपरेशन को तेज करने के लिए स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया।”
अंतरराष्ट्रीय
ईरान का दावा: अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि बुधवार से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले ईरान के पांच प्रांतों में किए गए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने बताया कि घायलों में से 47 अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।
इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं।
ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में प्रारंभिक चेतावनी (अर्ली वार्निंग) सैटेलाइट एंटीना साइट, और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि इन अभियानों में विभिन्न प्रकार के बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
ईरानी सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा कि वे “अमेरिकी राष्ट्रपति के उद्देश्यों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे” और देश की सुरक्षा तथा इस्लामी क्रांति के आदर्शों की रक्षा के लिए अपने अभियान जारी रखेंगे।
हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका, बहरीन, कतर और कुवैत की ओर से भी इन कथित ड्रोन हमलों और संभावित नुकसान को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अमेरिका ने बुधवार रात ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय
ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट को इजरायली हमले से नुकसान, नेतन्याहू ने बुलाई सुरक्षा कैबिनेट बैठक

तेल अवीव/तेहरान, 8 जून: लेबनान में हिज्बुल्लाह पर हमले के जवाब में ईरान ने रविवार रात से इजरायल के कई इलाकों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जवाबी कार्रवाई में ईरान के खुजेस्तान प्रांत के माहशहर स्थित कारून पेट्रोकेमिकल कंपनी को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इससे प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है। इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक बुलाई।
फार्स समाचार एजेंसी ने खुजेस्तान प्रांत के एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि हमले में संयंत्र का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। अधिकारी के पास नुकसान और हताहतों का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं था।
ईरानी शहर माहशहर प्रमुख पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है। यहां मौजूद ऊर्जा और रासायनिक उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
वहीं, इजरायली सेना ने पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमले की पुष्टि की है। सैन्य बयान में कहा गया कि इजरायली वायुसेना ने परिसर के कई लक्ष्यों को निशाना बनाया। सेना ने संक्षिप्त बयान में कहा कि अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी। फिलहाल हमले के दायरे और उसके प्रभाव को लेकर अधिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस तरह 7 जून को ईरान-इजरायल के अप्रैल में हुए सीजफायर के 2 महीने बाद ही दोबारा सैन्य अभियान शुरू कर दिया गया। ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने कहा कि यह कार्रवाई लेबनान में हिजबुल्लाह पर इजरायली हमलों के जवाब में की गई है। हमलों के बाद इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गया।
इसके जवाब में कुछ घंटों बाद इजरायल ने ईरान में जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। आईडीएफ के अनुसार उसने पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, तेहरान, तबरीज और इस्फहान में कई धमाके हुए। आईआरजीसी ने दावा किया कि इजराइल ने हमलों में एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
ईरान का दावा है कि उसने इजरायल के नेवातिम और तेल नोफ एयर बेस पर हमला किया। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा, “यह ऑपरेशन इजरायली शासन के ईरान में तीन अलग-अलग जगहों पर कई रडार साइटों पर किए मिसाइल हमले के जवाब में किया गया था।”
आईडीएफ का कहना है कि उसने सोमवार सुबह ईरान की ओर से छोड़ी गई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।
वर्तमान हालात के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई। यह बैठक भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे होनी तय की गई।
इजरायली मीडिया के अनुसार, बैठक में केवल चुनिंदा वरिष्ठ मंत्री और सुरक्षा मामलों से जुड़े शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में ईरान के हमलों, इजरायल की जवाबी कार्रवाई और आगे की सैन्य रणनीति पर चर्चा की संभावना जताई गई।
-
दुर्घटना12 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
