राष्ट्रीय समाचार
एसबीआई ने बचत खातों से नकद निकासी की फीस में किया बदलाव, अब 15 रुपए प्रति लेनदेन का करना होगा भुगतान
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने बेसिक बचत बैंक जमा (बीएसबीडी) खातों से नकद निकासी की फीस में बदलाव किया है। अब खाताधारकों को एक निश्चित सीमा से अधिक बार निकासी करने पर 15 रुपए प्रति लेनदेन का भुगतान करना होगा। यह जानकारी बैंक की ओर से गुरुवार को दी गई।
एसबीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि बदले हुए नियमों के तहत, ग्राहकों को हर महीने चार बार मुफ्त कैश निकालने की सुविधा मिलती रहेगी, जबकि इस सीमा से ज्यादा बार नकद निकालने पर हर लेनदेन के लिए 15 रुपए (जीएसटी को हटाकर) के शुल्क का भुगतान करना होगा।
हालांकि, बैंक के अनुसार, सभी डिजिटल लेनदेन बिना किसी रोक-टोक के मुफ्त बने रहेंगे।
इसके अलावा, बैंक ने आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (एईपीएस) लेनदेन के नियमों में भी बदलाव किया है। पहले, महीने के चार मुफ्त लेनदेन की गिनती करते समय डिजिटल लेनदेन के तहत एईपीएस लेनदेन को शामिल नहीं किया जाता था। बदले हुए नियमों के तहत, इस छूट को हटा दिया गया है।
इसके अतिरिक्त, एसबीआई का वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 10.23 प्रतिशत बढ़कर 21,121.22 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 19,160.44 करोड़ रुपए था।
वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में बैंक की ब्याज से आय सालाना आधार पर 8.5 प्रतिशत बढ़कर 1,27,896.46 करोड़ रुपए हो गई है, जो कि वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 1,17,830.28 करोड़ रुपए थी।
अन्य आय को मिलाकर वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में एसबीआई की कुल आय सालाना आधार पर 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1,43,819.15 करोड़ रुपए हो गई है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 1,35,341.56 करोड़ रुपए थी।
इस दौरान बैंक के कुल खर्च में भी बढ़ोतरी देखी गई है। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में एसबीआई का कुल खर्च सालाना आधार पर 5.2 प्रतिशत बढ़कर 1,10,289.97 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 1,04,797.09 करोड़ रुपए था।
राष्ट्रीय समाचार
भारतीय शेयर बाजार लगातार सात सत्रों की गिरावट के बाद हरे निशान में बंद, सेंसेक्स 628 अंक बढ़ा

भारतीय शेयर बाजार लगातार सात सत्रों की गिरावट के बाद गुरुवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,537.72 और निफ्टी 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,231.85 पर था।
बाजार में तेजी का नेतृत्व मीडिया, रियल्टी और प्राइवेट बैंक ने किया। सूचकांकों में निफ्टी मीडिया (2.13 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (1.41 प्रतिशत) और निफ्टी प्राइवेट बैंक (0.89 प्रतिशत) की बढ़त के साथ टॉप गेनर्स थे। इसके बाद निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी आईटी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी इन्फ्रा सबसे ज्यादा बढ़ने वाले सूचकांक थे। निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी पीएसई और निफ्टी पीएसयू बैंक लाल निशान में बंद हुए।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी खरीदारी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 262.80 अंक या 0.41 प्रतिशत की तेजी के साथ 63,671.55 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 134.30 अंक या 0.68 प्रतिशत की मजबूती के साथ 19,841.45 पर था।
सेंसेक्स पैक में इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, इन्फोसिस, अल्ट्राटेक सीमेंट, पावर ग्रिड, एलएंडटी, एचयूएल, एनटीपीसी, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक और एमएंडएम गेनर्स थे। टाटा स्टील, इंडिगो, एचसीएल टेक और टाइटन लूजर्स थे।
जानकारों के मुताबिक, बॉन्ड यील्ड में तेजी को रोकने के लिए यूएस ट्रेजरी के दखल से बाजार को बहुत जरूरी राहत मिली, जिससे जबरदस्त तेजी आई और घरेलू बाजार में हफ्ते भर से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया। इस दखल से डॉलर कमजोर हुआ और इससे रुपए को मजबूती मिलने एवं यील्ड का दबाव कम होने से उभरते बाजार निवेशकों के लिए आकर्षण हो गए।
उन्होंने आगे कहा कि बाजार में यह सुधार सभी सेक्टर में दिखा, जिसमें मुख्य रूप से आईटी और फाइनेंशियल शेयरों में तेजी का योगदान रहा, क्योंकि यील्ड में नरमी से खर्च को बढ़ावा मिलता है। हालांकि, अभी भी कच्चे तेल की कीमत उच्च स्तर पर हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
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भारत में त्योहारी सीजन में भर्ती में 15-20 प्रतिशत उछाल की उम्मीद, 2.5 लाख तक अस्थायी रोजगार सृजित होने की संभावना: रिपोर्ट

भारत में त्योहारी सीजन के दौरान भर्ती में 2026 की दूसरी छमाही में 15-20 प्रतिशत तक वृद्धि होने की संभावना है, जिसके परिणामस्वरूप करीब 2-2.5 लाख तक अस्थायी, संविदा और गिग आधारित रोजगार के अवसर सृजित हो सकते हैं। गुरुवार को जारी भर्ती समाधान तथा वर्कफोर्स मैनेजमेंट कंपनी एनएलबी सर्विसेज की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।
एनएलबी सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार, ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, खुदरा व्यापार, लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, ट्रैवल और उपभोक्ता सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सबसे अधिक भर्ती होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि इस वर्ष केवल भर्ती संख्या नहीं बढ़ रही है, बल्कि कंपनियों की भर्ती रणनीति में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जहां पहले कंपनियां त्योहारी मांग बढ़ने पर अंतिम समय में बड़ी संख्या में कर्मचारियों की भर्ती करती थीं, वहीं अब वे अधिक सुनियोजित तरीके से कार्यबल की तैयारी कर रही हैं। कई कंपनियां अब त्योहारी सीजन शुरू होने से 12 से 14 सप्ताह पहले ही भर्ती प्रक्रिया शुरू कर रही हैं ताकि संचालन संबंधी चुनौतियों से बचा जा सके।
एनएलबी सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और एशिया-प्रशांत क्षेत्र (एपीएसी) प्रमुख वरुण सचदेवा ने कहा कि अब त्योहारी सीजन भारत के श्रम बाजार के लिए एक तरह की वास्तविक परीक्षा बन चुका है और इससे नियोक्ताओं के व्यवहार में बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा, “नियोक्ता पहले से अधिक तेजी से भर्ती कर रहे हैं, पारंपरिक प्रतिभा केंद्रों से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में प्रतिभा तलाश रहे हैं और प्रौद्योगिकी आधारित, लचीले तथा तुरंत काम के लिए तैयार कर्मचारियों पर अधिक भरोसा कर रहे हैं।”
सचदेवा के अनुसार, जो कभी केवल मौसमी जरूरतों को पूरा करने का उपाय माना जाता था, वह अब कंपनियों के लिए नई प्रतिभाओं की पहचान करने और भविष्य के स्थायी कर्मचारियों का आधार तैयार करने का रणनीतिक अवसर बन गया है। उनका मानना है कि त्योहारी भर्ती का प्रभाव अब केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लंबे समय के रोजगार अवसरों में भी बदल सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पारंपरिक रूप से डिलीवरी, गोदाम प्रबंधन, फील्ड संचालन और आतिथ्य क्षेत्र भर्ती के प्रमुख स्रोत बने रहेंगे। हालांकि तकनीक आधारित उपभोक्ता अर्थव्यवस्था के विस्तार के कारण कई नई भूमिकाओं की मांग भी तेजी से बढ़ रही है, जिनमें डार्क स्टोर इन्वेंट्री नियंत्रक, रिटर्न और रिफंड विशेषज्ञ, ग्राहक समाधान अधिकारी, मार्केटप्लेस संचालन विशेषज्ञ, धोखाधड़ी एवं लेनदेन सहायता कर्मी, कैटलॉग प्रबंधन अधिकारी और ऑर्डर प्रबंधन विशेषज्ञ जैसी नौकरियां शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, यह बदलाव दर्शाता है कि भारत की उपभोक्ता अर्थव्यवस्था में प्रौद्योगिकी की भूमिका लगातार बढ़ रही है। जो नौकरियां पहले केवल परिचालन आधारित मानी जाती थीं, वे अब डेटा, स्वचालन, डिजिटल प्लेटफॉर्म और वास्तविक समय के निर्णयों पर अधिक निर्भर हो गई हैं।
एक और महत्वपूर्ण रुझान यह है कि त्योहारी भर्ती अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रही। दूसरे और तीसरे श्रेणी के शहरों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुल त्योहारी भर्ती मांग का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा ऐसे शहरों से आने की संभावना है और इन बाजारों में भर्ती 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
जयपुर, लखनऊ, इंदौर, सूरत, नागपुर, भुवनेश्वर, कोयंबटूर, चंडीगढ़ और कोच्चि जैसे शहरों में रोजगार अवसर अधिक तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, संगठित खुदरा व्यापार और क्षेत्रीय वितरण नेटवर्क के विस्तार से इन शहरों में भर्ती गतिविधियों को बल मिल रहा है।
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सोनिया गांधी की आने वाली किताब को लेकर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने

भाजपा ने गुरुवार को कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की चेयरपर्सन सोनिया गांधी की आने वाली किताब का स्वागत किया लेकिन साथ ही यह शर्त भी रखी कि किताब में किए गए खुलासे साफ-साफ हों और सच्चाई को दर्शाते हों।
भाजपा नेता राम कदम ने किताब लॉन्च पर बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि कांग्रेस नेता अपनी किताब में सच लिखें, जैसे कि उस समय के प्रधानमंत्री एक कठपुतली की तरह काम करते थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के 2004-2014 के कार्यकाल का जिक्र किया।
वहीं कांग्रेस ने सोनिया गांधी की जिंदगी और करियर में सहे गए दर्द और देश को एकजुट रखने में उनके योगदान का जिक्र किया।
किताब के प्रकाशक ने घोषणा की है कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की यादों पर आधारित किताब, ‘बिनालॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ 10 नवंबर को प्रकाशित होगी।
खबरों के मुताबिक, यह किताब वरिष्ठ कांग्रेस नेता के इटली के एक छोटे से शहर से भारतीय राजनीति में सत्ता के ऊंचे पद तक पहुंचने के सफर दिखाएगी। साथ ही, इसमें उस प्यार, दुख और राजनीतिक जिम्मेदारी का भी जिक्र है जिसने उनकी जिंदगी को आकार दिया।
भाजपा नेता राम कदम ने आईएएनएस से कहा, “मैं सोनिया गांधी को उनकी आने वाली किताब-जो एक आत्मकथा है, उनके लिए शुभकामनाएं देता हूं। हालांकि, मुझे उम्मीद है कि वह इसमें सच भी लिखें कि उनके कार्यकाल के दौरान, प्रधानमंत्री एक कठपुतली की तरह काम करते थे और रिमोट कंट्रोल 10 जनपथ (सोनिया गांधी का घर) से चलता था। किताब में उस दौर में हुए भ्रष्टाचार का भी जिक्र होना चाहिए और यह भी कि कैसे लोगों की सेवा करने के बजाय अपनी तिजोरियां भरने की कोशिशें की गईं।
उन्होंने कहा, “हर कोई अच्छी बातें लिखता है, लेकिन अगर सोनिया गांधी सच लिखती हैं, तो निश्चित रूप से उसका स्वागत किया जाएगा।”
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि पूरा देश और यहां तक कि दुनिया के कई लोग सोनिया गांधी की किताब का इंतजार कर रहे हैं।उन्होंने आईएएनएस से कहा कि क्योंकि यह सिर्फ एक किताब नहीं है, यह एक सफर है, ज़िंदगी का यात्रा-वृत्तांत है। यह एक ऐसा सफर है जिसमें सोनिया गांधी ने बहुत कुछ सहा। उन्होंने अपने परिवार के दो सदस्यों की शहादत सही, जिसमें उनके पति की शहादत भी शामिल थी और फिर भी वह लड़ती रहीं। राजनीति में मुश्किलों का सामना करने के बावजूद वह लड़ती रहीं। उन्होंने कहा कि देश को एकजुट रखने में उनके योगदान को कोई नहीं भूल सकता।
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