Connect with us
Friday,09-October-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप

Published

on

नई दिल्ली, 2 अप्रैल। वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 बुधवार को निचले सदन लोकसभा में पेश होगा। इस पर चर्चा के लिए स्पीकर ओम बिरला ने 8 घंटे का समय निर्धारित किया है। वक्फ अधिनियम, 1995 में पहली बार संशोधन नहीं किया जा रहा है। इस कानून में 2013 में यूपीए की सरकार के समय भी संशोधन हुए थे।

बिल पर बहस के लिए सत्ताधारी गठबंधन को 4 घंटे 40 मिनट का समय दिया गया है। लोकसभा में बहस के लिए भाजपा, कांग्रेस, जदयू, टीडीपी समेत पार्टियों ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी कर दिया है।

मंगलवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दोहराया कि सरकार बिल पर चर्चा चाहती है और इस पर सभी राजनीतिक दलों को बोलने का अधिकार है। देश भी जानना चाहता है कि किस पार्टी का क्या स्टैंड है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर विपक्ष चर्चा में शामिल नहीं होना चाहता तो ऐसा रोकने से उन्हें कोई रोक भी नहीं सकता।

वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 के उद्देश्यों और कारणों के विवरण में कहा गया है कि वर्ष 2013 में अधिनियम में व्यापक संशोधन किए गए थे।

इसमें आगे कहा गया है, “संशोधनों के बावजूद, यह देखा गया है कि राज्य वक्फ बोर्डों की शक्तियों, वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण और सर्वेक्षण, अतिक्रमणों को हटाने, वक्फ की परिभाषा सहित संबंधित मुद्दों को प्रभावी ढंग से संबोधित करने के लिए अधिनियम में अब भी और सुधार की आवश्यकता है।”

इसमें कहा गया है कि 2013 में अधिनियम में संशोधन न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राजिंदर सच्चर की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों और वक्फ और केंद्रीय वक्फ परिषद पर संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर और अन्य हितधारकों के साथ विस्तृत परामर्श के बाद किया गया था।

विधेयक 2024 का एक प्रमुख उद्देश्य वक्फ अधिनियम, 1995 का नाम बदलकर एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास अधिनियम, 1995 करना है।

बता दें, केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड एक्ट में करीब 40 बदलाव करना चाहती है। एक अहम बदलाव वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों का प्रवेश हो सकता है। इसका मकसद महिलाओं और अन्य मुस्लिम समुदाय की सहभागिता को बढ़ाना है। साथ ही नए बिल में बोर्ड पर सरकार का नियंत्रण बढ़ाया जा सकता है।

विधेयक पर चर्चा और उसके बाद उसे मंजूरी मिलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार द्वारा निचले सदन में एनडीए की संख्यात्मक श्रेष्ठता का दावा करने के लिए शक्ति प्रदर्शन के अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

रणनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर मतभेदों के बावजूद भारत-अमेरिका साझेदारी आगे बढ़ रही है : रिपोर्ट

Published

on

पिछले 25 वर्षों के ज्यादातर समय में भारत-अमेरिका संबंध इस सोच पर आधारित रहे हैं कि एक मजबूत भारत एशिया में शक्ति संतुलन बनाए रखने, सप्लाई चेन में विविधता लाने और एक स्वतंत्र व खुले इंडो-पैसिफिक को मजबूत करने में मदद करके अमेरिका के बड़े रणनीतिक मकसद को पूरा करता है।

एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मतभेद तो हमेशा से रहे हैं, लेकिन व्यापक रणनीतिक वजहें इतनी मजबूत मानी जाती थीं कि वे इन मतभेदों को झेल सकें। हालांकि, अब इस सोच को बनाए रखना मुश्किल होता जा रहा है।

भारत की पूर्व विदेश सचिव निरुपमा राव ने हाल ही में ‘इंडिया नैरेटिव’ में लिखा, “भारत और अमेरिका के बीच मौजूदा मतभेद सिर्फ तेल के मुद्दे तक सीमित नहीं हैं। शायद साझेदारी के मतलब को लेकर भी गहरी असहमति है। वॉशिंगटन अक्सर रणनीतिक तालमेल को राजनीतिक सहमति की मांग करने का आधार बनाता है। वहीं, नई दिल्ली में साझेदारी का मतलब संप्रभु देशों के बीच सहयोग माना जाता है, जिनके बीच रूस, ईरान और चीन से निपटने के तरीकों को लेकर मतभेद बने रहेंगे।”

उन्होंने कहा, “जब ये मतभेद वफादारी की सार्वजनिक परीक्षा बन जाते हैं तो कूटनीति की जगह दिखावा ले लेता है। समझौता करना इसलिए और मुश्किल हो जाता है क्योंकि इसे घुटने-टेकने जैसा दिखाया जाता है।”

राव ने कहा कि नई दिल्ली ने वॉशिंगटन की उस पुरानी सोच से दूर होने में कई साल लगाए हैं, जिसके तहत भारत और पाकिस्तान को एक ही क्षेत्रीय समीकरण का हिस्सा माना जाता था। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने के ट्रंप के बार-बार किए जा रहे दावों से उस पुरानी सोच पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।

पूर्व भारतीय राजनयिक ने कहा, “यह आपत्ति सिर्फ सम्मान की बात नहीं है। भारत के वैश्विक आर्थिक, तकनीकी और समुद्री हित हैं, जिन्हें सिर्फ पड़ोसी देश के साथ झगड़े के संकीर्ण नजरिए से नहीं समझा जा सकता, लेकिन सोचने की पुरानी आदतें दशकों की कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद बनी रह सकती हैं, खासकर तब जब वे किसी राष्ट्रपति के राजनीतिक जुनून को पूरा करती हों।”

इस रिपोर्ट में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की हाल ही में न्यूयॉर्क में की गई टिप्पणियों का जिक्र किया गया है, जिसमें उन्होंने भारत का पक्ष साफ तौर पर रखा।

विदेश मंत्री जयशंकर ने एशिया सोसाइटी को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अमेरिका के साथ अपनी साझेदारी को और ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि सुरक्षा से जुड़ी भारत की सबसे अहम चिंताओं में से किसी एक को न समझने से दोनों देशों के संबंधों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने पड़ोसी देश से होने वाले आतंकवाद को दशकों से चली आ रही एक सोची-समझी नीति बताया।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत की प्रतिक्रिया आहत राष्ट्रवाद से प्रेरित नहीं होनी चाहिए। इसमें कहा गया है कि रणनीतिक स्वायत्तता की असली परीक्षा इस बात से नहीं होती कि बाहरी दबाव की कितनी जोर-शोर से निंदा की जाती है, बल्कि इस बात से होती है कि देश उसका कितनी प्रभावी ढंग से सामना कर सकता है।

राव ने ‘इंडिया नैरेटिव’ में लिखा, “इसके लिए अलग-अलग तरह की डिफेंस सप्लाई, बेहतर एनर्जी सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी की क्षमता, मैन्युफैक्चरिंग की ताकत और संस्थागत मजबूती की जरूरत है। इन आधारों के बिना स्वायत्तता सिर्फ बातें होंगी जो असल में निर्भरता पर टिकी होंगी। भारत को उन कीमतों को समझना होगा जो उसे चुकानी पड़ सकती हैं और उन्हें चुकाने के साधन भी विकसित करने होंगे।”

इस बात पर जोर देते हुए कि इसका मतलब अमेरिका से पीछे हटना नहीं है, उन्होंने कहा, “एशिया में अनुकूल संतुलन बनाए रखने के लिए भारत को अमेरिकी टेक्नोलॉजी, निवेश और सहयोग की जरूरत है। वहीं, अमेरिका को ऐसे भारत की जरूरत है जो चीन के दबदबे का मुकाबला कर सके। दोनों देशों के पास जो कुछ उन्होंने बनाया है, उसे बनाए रखने की वजह है, और जब भी किसी असहमति को रिश्तों पर जनमत संग्रह बना दिया जाता है, तो किसी को भी फायदा नहीं होता।”

Continue Reading

अपराध

असम राइफल्स और कस्टम विभाग ने त्रिपुरा में 25 लाख रुपए मूल्य का 501 किलोग्राम गांजा जब्त किया

Published

on

असम राइफल्स ने कस्टम विभाग के समन्वय से त्रिपुरा के खोवाई जिले में लगभग 25 लाख रुपए मूल्य का 501 किलोग्राम गांजा जब्त किया है।

रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए असम राइफल्स ने कस्टम विभाग के सहयोग से गुरुवार शाम को त्रिपुरा के खोवाई जिले में एक अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 25 लाख रुपए मूल्य का 501 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया।

यह अभियान खुफिया जानकारी और निरंतर निगरानी के आधार पर चलाया गया था।

संयुक्त टीम ने पश्चिम सोनातला से संदिग्ध वाहन का पीछा शुरू किया। पीछा पश्चिम त्रिपुरा और खोवाई जिले की सीमा पर स्थित हेजामारा ब्लॉक से 18 किलोमीटर पहले बैखुंतपुर गांव में समाप्त हुआ।

हालांकि, अभियान के दौरान वाहन का चालक मौके से भागने में सफल रहा।

इस जब्ती के संबंध में किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं मिली है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अवैध नशीले पदार्थों की बरामदगी पूर्वोत्तर में सक्रिय नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क को बाधित करने के लिए असम राइफल्स और सहयोगी एजेंसियों के निरंतर प्रयासों को उजागर करती है।

बरामद प्रतिबंधित सामग्री को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क अधिकारियों को सौंप दिया गया है।

इस बीच, असम राइफल्स ने सीमा शुल्क अधिकारियों के साथ मिलकर 6 अक्टूबर को खोवाई जिले में लगभग 1.74 करोड़ रुपए मूल्य का 340 किलोग्राम गांजा जब्त किया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राज्य पुलिस, असम राइफल्स, त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) और अन्य सुरक्षा बल संयुक्त अभियानों में राज्य के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर बांग्लादेश से सटे सेपाहिजाला जिले में अवैध गांजे की खेती को अक्सर नष्ट कर देते हैं।

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, त्रिपुरा में उत्पादित सूखा गांजा स्थानीय स्तर पर इस्तेमाल नहीं होता और बिहार और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में तस्करी करके भेजा जाता है, जहां इसकी ऊंची कीमत मिलती है।

परिवहन के दौरान, सूखे गांजे की खेप अक्सर ट्रकों, छोटे वाहनों और यहां तक ​​कि यात्री ट्रेनों से भी जब्त की जाती है।

महिलाओं सहित निवासियों ने दावा किया है कि वे अपनी आजीविका के लिए पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में गांजे की खेती करते हैं।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि कई बार यह पाया गया है कि वन भूमि और अन्य सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करके अवैध रूप से गांजे की खेती की जा रही है।

उन्होंने आगे कहा कि मादक औषधि और मनोरोगी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत किसी भी व्यक्ति द्वारा मादक और मनोरोगी पदार्थों की खेती, कब्जा, बिक्री, खरीद या सेवन करना अवैध है, और उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना और 20 साल तक की कैद हो सकती है।

Continue Reading

राजनीति

कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेशान कर रही पुलिस, लोकतंत्र की आवाज दबाई नहीं जा सकती: दीपेंद्र हुड्डा

Published

on

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को पुलिस द्वारा कथित तौर पर परेशान किए जाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा पुलिस, सीआईडी और सीआईए के कर्मचारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घरों पर पहुंचकर उन्हें रोकने और हिरासत में लेने की कोशिश कर रहे हैं। हुड्डा ने सवाल उठाया कि क्या लोकतंत्र में विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने और आंदोलन में शामिल होने का अधिकार नहीं है?

कांग्रेस सांसद ने कहा कि सुबह से उनके पास हजारों फोन आ चुके हैं। पुलिस और विभिन्न जांच एजेंसियों के कर्मचारियों को अन्य काम छोड़कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घरों पर जाने की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यकर्ताओं से पूछा जा रहा है कि क्या वे दिल्ली आकर सांसद से मिलेंगे या आंदोलन में शामिल होंगे। जो लोग दिल्ली आने की बात कहते हैं, उन्हें कथित तौर पर रोका जा रहा है और परेशान किया जा रहा है। सांसद ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि पुलिस को कार्यकर्ताओं के घरों में जाकर उन्हें रोकने की अनुमति किसने दी है।

उन्होंने एक महिला कार्यकर्ता का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि जब वह दिल्ली आई हुई थीं, तब पुलिस उनके घर पहुंची और उनके बच्चों से कहा कि वे अपनी मां को वापस आने के लिए कहें। इस घटना के बाद बच्चे रो रहे थे और परिवार की ओर से फोन आ रहे थे। इस तरह की कार्रवाई बेहद दुखद है। उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिस की कार्रवाई से जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। लोकतंत्र में विरोध करने और अपनी मांगें उठाने का अधिकार सभी को मिलना चाहिए।

10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में जगह-जगह बैरिकेडिंग किए जाने और मेट्रो स्टेशन बंद रखने के ऐलान पर भी दीपेंद्र हुड्डा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिलने के लिए विपक्ष के 250 सांसदों को उस दिन अनुमति दे दी जाती, जब वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात कर उनका इस्तीफा मांगना चाहते थे, तो आज दिल्ली में रास्ते बंद करने जैसी स्थिति पैदा नहीं होती।

हुड्डा ने कहा कि विपक्ष अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना चाहता है। उन्होंने सवाल किया कि जब जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिलेगा, तो वे अपनी शिकायतें लेकर कहां जाएंगे।

Continue Reading
Advertisement
अंतरराष्ट्रीय समाचार18 minutes ago

रणनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर मतभेदों के बावजूद भारत-अमेरिका साझेदारी आगे बढ़ रही है : रिपोर्ट

खेल25 minutes ago

मेगन शट के नाम जुड़ी बड़ी उपलब्धि, यह मुकाम हासिल करने वाली बनीं तीसरी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज

अपराध34 minutes ago

असम राइफल्स और कस्टम विभाग ने त्रिपुरा में 25 लाख रुपए मूल्य का 501 किलोग्राम गांजा जब्त किया

मनोरंजन49 minutes ago

‘कैसी पहेली जिंदगानी’ से ‘सलाम-ए-इश्क’ तक, रेखा का हर डांस है मास्टरक्लास

राजनीति56 minutes ago

कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेशान कर रही पुलिस, लोकतंत्र की आवाज दबाई नहीं जा सकती: दीपेंद्र हुड्डा

खेल1 hour ago

मनजीत सिंह: एशियन गेम्स में रोइंग में देश के लिए जीता सिल्वर मेडल

मनोरंजन1 hour ago

कनिका-लव की लड़ाई में कूदी आम्रपाली, गुल्लू से हुई बहस

राजनीति2 hours ago

सिब्बल के बयान का जिक्र कर फडणवीस बोले, एसआईआर का विरोध करने से पहले कांग्रेस अपना इतिहास देखे

मनोरंजन2 hours ago

नाना पाटेकर को कलाकार जुहैब खान ने दी अनोखी श्रद्धांजलि, दीवार पर कोयले से बनाई 6 फीट की तस्वीर

व्यापार2 hours ago

मजबूत घरेलू मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के चलते वित्त वर्ष 2027 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान: यूएन रिपोर्ट

राजनीति4 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल3 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

मनोरंजन4 weeks ago

‘बिग बॉस 20’ में एक तरफ अरिश्फा का गुस्सा, दूसरी तरफ रीति तिवारी के आंसू, बोलीं- ‘मेरे खिलाफ गए तो लड़ूंगी’

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को मिला सपोर्ट, सेंसेक्स 564 अंक चढ़ा; फार्मा, एफएमसीजी और रियल्टी शेयरों में तेजी

मनोरंजन3 weeks ago

अर्चना पूरन सिंह ने कॉमेडी का असली नियम बताया, कहा- साथी कलाकार को बेहतर बनाना जरूरी

अपराध3 weeks ago

पंजाब में 47 किलो हेरोइन और अवैध हथियारों के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार, सीमा पार से जुड़े तार

मनोरंजन3 weeks ago

लारा दत्ता ने मां के अल्जाइमर से जूझने का किया जिक्र, बोलीं, ‘इसे बढ़ती उम्र की बीमारी समझकर नजरअंदाज न करें’

व्यापार7 days ago

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

व्यापार4 weeks ago

सेबी ने डेरिवेटिव्स सेटलमेंट और सीएएस फ्रेमवर्क में बदलाव का दिया प्रस्ताव

रुझान