Connect with us
Thursday,20-August-2026
ताज़ा खबर

खेल

आईसीसी का फैसला, गद्दाफी स्टेडियम से ‘डिमेरिट अंक’ हटाया

Published

on

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अपील पैनल ने गुरुवार को पाकिस्तान के लाहौर स्थित गद्दाफी स्टेडियम की पिच को लेकर लगाया गया डिमेरिट अंक हटा दिया। यह फैसला जून में पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए तीसरे वनडे मैच की पिच को दी गई ‘असंतोषजनक’ रेटिंग के खिलाफ दायर अपील की समीक्षा के बाद लिया गया।

यह निर्णय पैनल की तरफ से मैच के फुटेज, मैच रेफरी की रिपोर्ट और 4 जून को खेले गए मुकाबले में शामिल कप्तानों की आधिकारिक टिप्पणियों की समीक्षा के बाद लिया गया। शुरुआत में आईसीसी की पिच और आउटफील्ड मॉनिटरिंग प्रोसेस के तहत पिच को ‘असंतोषजनक’ रेटिंग दी गई थी, जिसके कारण स्टेडियम पर एक डिमेरिट प्वाइंट लगाया गया था।

हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की तरफ से दायर अपील के बाद, पैनल ने पाया कि भले ही मैच रेफरी ने संबंधित दिशानिर्देशों का सही ढंग से पालन किया था, लेकिन खेलने वाली सतह (पिच) में वे विशेषताएं नहीं थीं जो ‘असंतोषजनक’ रेटिंग के लिए जरूरी होती हैं।

पैनल ने विशेष रूप से गौर किया कि पिच में बहुत ज्यादा असमानता या बहुत ज्यादा स्पिन नहीं थी और इसके बाद डिमेरिट प्वाइंट को हटा दिया। नतीजतन, गद्दाफी स्टेडियम के रिकॉर्ड में अब ‘शून्य’ डिमेरिट प्वाइंट हैं। आईसीसी अपील पैनल ने टोरंटो के किंग सिटी में स्थित मेपल लीफ क्रिकेट ग्राउंड के संबंध में क्रिकेट कनाडा द्वारा दायर दो अपीलों पर भी विचार किया।

इस स्टेडियम को 8 जून को संयुक्त राज्य अमेरिका और नीदरलैंड के बीच आईसीसी मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 मैच के लिए ‘असंतोषजनक’ रेटिंग मिली थी। पैनल ने पाया कि पिच की सतह संतोषजनक पिच के अनुरूप थी और उसमें बहुत ज्यादा असमानता, सीम मूवमेंट या स्पिन नहीं थी। इसलिए उस मैच से जुड़ा डिमेरिट प्वाइंट हटा दिया गया।

हालांकि, 16 जून को कनाडा-नीदरलैंड मैच के लिए स्टेडियम को ‘अनफिट’ करार दिए जाने के बाद लगाए गए तीन डिमेरिट प्वाइंट बरकरार रहेंगे। पैनल ने निष्कर्ष निकाला कि उस मैच के दौरान पिच की स्थिति खतरनाक थी और इसलिए यह ‘अनफिट’ रेटिंग के अनुरूप थी।

इन फैसलों के बाद, गद्दाफी स्टेडियम पर कोई डिमेरिट प्वाइंट नहीं है, जबकि मेपल लीफ क्रिकेट ग्राउंड के रिकॉर्ड में तीन डिमेरिट प्वाइंट हैं।

खेल

‘उन्होंने हम पर दबाव बनाया,’ हार के बाद श्रीलंकाई कप्तान ने राहुल-पड्डिकल की साझेदारी को सराहा

Published

on

श्रीलंका को भारत के खिलाफ गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए टेस्ट सीरीज के पहले मैच में 165 रन से हार का सामना करना पड़ा। श्रीलंकाई टीम के कप्तान धनंजय डी सिल्वा का मानना है कि केएल राहुल और देवदत्त पड्डिकल ने भारतीय टीम को मजबूत स्थिति तक पहुंचाने में मदद की।

भारत की पहली पारी में केएल राहुल और देवदत्त पड्डिकल के बीच 162 रन की साझेदारी हुई थी। अगली पारी में दोनों खिलाड़ियों ने मिलकर 65 रन जुटाए। इस मैच में केएल राहुल ने 82 और 35 रन, जबकि पड्डिकल ने 167 और 44 रन की पारियां खेलीं।

मुकाबला गंवाने के बाद धनंजय डी सिल्वा ने कहा, “मुझे लगा कि दूसरे दिन से ही हम ज्यादातर समय गेम में बने हुए थे, और लड़कों ने यहां चौथी पारी में भी जबरदस्त संघर्ष किया। यह आसान नहीं था, लेकिन हां, मुझे लगा कि यह एक अच्छा मैच था।”

गाले की पिच को लेकर श्रीलंकाई कप्तान ने कहा, “शुरुआती तीन दिनों में बैटिंग करना अच्छा था। जाहिर है, गाले में चौथी पारी आसान नहीं होती, यह सब जानते हैं, लेकिन मुझे लगा कि (केएल) राहुल और (देवदत्त) पडिक्कल को जो शुरुआत मिली, उन्होंने उसे बड़ी पारियों में बदला और वहां से हम पर दबाव बनाया।”

इस मैच में श्रीलंका ने टॉस गंवाया और भारत ने पहले बल्लेबाजी का फैसला करते हुए 462 रन का विशाल स्कोर बनाकर मेजबान टीम को दबाव में डाल दिया। इसके बाद श्रीलंकाई टीम 284 रन पर सिमट गई। भारत के पास पहली पारी के आधार पर 178 रन की अहम बढ़त थी। अगली पारी में टीम इंडिया ने 193 रन बनाकर श्रीलंका को जीत के लिए 372 रन का टारगेट दिया, जिसके जवाब में मेजबान टीम 206 रन पर सिमट गई।

धनंजय डी सिल्वा ने टॉस की भूमिका को स्वीकारते हुए कहा, “शायद हां, क्योंकि उन्होंने टॉस जीता और बोर्ड पर रन बनाए। जब हम बैटिंग कर रहे थे, तो हमने जल्दी विकेट गंवा दिए और वहां से हम पिछड़ गए।”

Continue Reading

खेल

‘जब गोल्ड जीतने पर राष्ट्रगान बजा, वह पल शानदार था,’ एरोबिक जिम्नास्टिक्स में इतिहास रचने के बाद अरिहा ने साझा किए अनुभव

Published

on

भारतीय एयरोबिक जिम्नास्ट अरिहा पंगमबम ने कुछ हफ्तों पहले एशियन एयरोबिक जिम्नास्टिक्स चैंपियनशिप में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीता था, जिसके साथ वह एशियन चैंपियनशिप में सीनियर महिला व्यक्तिगत श्रेणी में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। फिलीपींस में हुए फाइनल में उन्होंने 19.100 अंक हासिल किए, जिसमें आर्टिस्ट्री (कलात्मकता) में 8.650, एग्जीक्यूशन (प्रदर्शन) में 7.600 और डिफिकल्टी (कठिनाई) में 2.850 अंक शामिल थे।

इस उपलब्धि के बाद अरिहा ने ‘आईएएनएस’ के साथ बातचीत में कहा, “जब मुझे यह गोल्ड मेडल मिला, तो वह पल बहुत शानदार था। मैं इसे शब्दों में बयां भी नहीं कर सकती। जब मैंने पोडियम पर अपने देश का राष्ट्रगान बजते हुए सुना, तो उस पल मुझे गर्व भी महसूस हुआ क्योंकि मैं कुछ हासिल कर पाई थी, सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए। वह बहुत शानदार अनुभव था और मैं उस समय बहुत खुश थी।”

22 वर्षीय जिम्नास्ट ने कहा, “हम डबल फ्लेक्स फ्लोर, यानी लकड़ी का फ्लोर इस्तेमाल करते हैं। भारत में उत्तराखंड में एक फ्लोर है जो हमें नेशनल गेम्स के दौरान मिला था, लेकिन दुर्भाग्य से, न सिर्फ मैं, बल्कि पूरे भारत के ज्यादातर जिम्नास्ट उस पर ट्रेनिंग भी नहीं कर पाए। हम आमतौर पर रबड़ इंटरलॉकिंग मैट पर ट्रेनिंग करते हैं, इसलिए सिर्फ एक दिन में तालमेल बिठाना हमारे लिए बहुत मुश्किल होता है। प्रतियोगिता से पहले हमें खुद को ढालने के लिए एक दिन की पोडियम ट्रेनिंग दी जाती है, इसलिए हममें से ज्यादातर जिम्नास्ट को मुश्किल होती है, क्योंकि हमें उस फ्लोर पर कभी ठीक से ट्रेनिंग करने का मौका नहीं मिला। यही वह मुश्किल थी जिसका हमने सामना किया।”

उन्होंने कहा, “मुझे खुद पर बहुत गर्व था, और यह बहुत शानदार था क्योंकि हमने कभी अपना राष्ट्रगान बजते हुए नहीं सुना था। हम बस दूसरे देशों का राष्ट्रगान बजते हुए सुनते थे, और मैं सोचती थी कि पोडियम पर हमारा राष्ट्रगान कब सुनाई देगा? तो जब इस साल मुझे मेडल मिला और हमारा राष्ट्रगान बजा, तो वह वाकई बहुत शानदार अनुभव था। मैं इसे शब्दों में बयां भी नहीं कर सकती। यह न सिर्फ मेरे लिए, बल्कि हमारी पूरी टीम के लिए एक बहुत बड़ा पल था।”

“कोच ने मेरा काफी मार्गदर्शन किया है। सिर्फ जिम्नास्टिक्स में स्किल्स या मुश्किल एलिमेंट्स सीखने में ही नहीं, बल्कि आमतौर पर भी उन्होंने मुझे बहुत कुछ सिखाया है। वे कभी पढ़ना नहीं छोड़ते, कभी सीखना नहीं छोड़ते। उन्हें देखकर ही मुझे बहुत प्रेरणा मिलता है। चूंकि, मैंने फिजिकल एजुकेशन लिया है, इसलिए ट्रेनिंग के दौरान भी वे मुझे बायोमैकेनिक्स और एनाटॉमिकल टर्म्स सिखाते थे, ताकि मैं स्किल्स और जो हम कर रहे हैं, उसे गहराई से समझ सकूं। उन्होंने सफल एथलीट्स की कई कहानियाँ सुनाकर हमें मोटिवेट भी किया, ताकि मुझे हार न मानने और अपने लक्ष्यों के लिए आगे बढ़ने की वजह मिल सके। हालांकि प्रतियोगिता के समय मेरा परिवार वहां मौजूद नहीं था। असल में, मेरी बहन मेरे साथ उसी कैटेगरी में कॉम्पिटिशन में हिस्सा ले रही थी, जो हमारे लिए एक बहुत अच्छा पल था, लेकिन मेरे माता-पिता घर पर लाइवस्ट्रीम के जरिए इसे देख रहे थे। मेरे फोन करने से पहले ही उन्होंने मुझे फोन किया और वे बहुत खुश थे।”

डेलिगेशन के हेड इंदरजीत सिंह राठौर ने कहा, “उस जीत का अहसास बहुत शानदार था। हमने जो हासिल किया है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। असल में, पूरे भारत को भी वैसा ही महसूस हुआ होगा। जब पोडियम पर राष्ट्रगान बजता है और भारत का झंडा सबसे ऊपर होता है, तो यह कोई मामूली बात नहीं होती। जब अरिहा ने ऐसा किया, तो हमारी 49 लोगों की पूरी टीम खुशी से रो पड़ी। यह हमारे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी।”

उन्होंने कहा, “मैं बस यही सोच रहा था कि अगर हमने एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है, तो भविष्य में वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीत सकते हैं। मुझे अपने खिलाड़ियों, बच्चों और कोचों की काबिलियत पर भरोसा है; उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, और हमें उम्मीद है कि इस बार हम वर्ल्ड कप में और भी मेडल जीतेंगे। बेशक, दूसरे देशों के मुकाबले हमारे पोडियम और इंफ्रास्ट्रक्चर उतने अच्छे नहीं हैं। लेकिन इसके बावजूद हमने यह कामयाबी हासिल की। ​​हमारे जिम्नास्ट्स की काबिलियत की वजह से, सही पोडियम न होने पर भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। लेकिन भविष्य में, हमें उम्मीद है कि बड़ी कंपनियां और सरकार हमें अच्छा पोडियम इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में मदद करेंगी ताकि हम और भी मेडल जीत सकें। अरिहा निश्चित रूप से बहुत अच्छा कर रही है। वह नेशनल चैंपियन है और अब एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडलिस्ट भी बन गई हैं। मुझे उसके लिए वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी सफलता की उम्मीद है। उसे जिस भी मदद या सपोर्ट की जरूरत होगी, मैनेजमेंट टीम उसके साथ है।”

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

मुंबई पहुंचे अमेरिकी राजदूत गोर ने की सीएम फडणवीस से मुलाकात, भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा

Published

on

भारत में अमेरिका के राजदूत ने मंगलवार को मबारष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। गोर मुंबई में आयोजित इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 में शामिल हुए।

सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सर्जियो संग मुलाकात की जानकारी दी। तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ” मुंबई पहुंचे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत करते हुए खुशी हुई। हमने भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने और बेहतर सहयोग के मौके तलाशने पर अच्छी चर्चा की।”

इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) नेशनल कन्वेंशन 2026 को गोर ने संबोधित भी किया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘रीडिफाइनिंग द इंडिया-यूएस कॉम्प्रीहेंसिव स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ (भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पुनर्परिभाषित करना) है।

गोर ने इस सम्मेलन को खास बताया। उन्होंने कहा, “सच में हम समय की एक खास दहलीज पर खड़े हैं। सिर्फ दो दशकों में, हमारे द्विपक्षीय व्यापार ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो लगभग 20 बिलियन डॉलर से बढ़कर 240 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। यह 12 गुना बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई है। कोई भी सेक्टर चुन लें, आप पाएंगे कि अमेरिका और भारत उसे पूरा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “चाहे वह एआई हो, टेक्नोलॉजी हो, एयरोस्पेस हो, डिफेंस हो, या एनर्जी हो, दोनों देश रिकॉर्ड स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं, बाकी दुनिया से हम आगे हैं। यह गहरे, अटूट भरोसे को दिखाता है। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का हमारा साझा मकसद हमारे सामने मौजूद मौके के बड़े पैमाने को दिखाता है। यह बेजोड़ क्षमता दर्शाता है।”

गोर के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत पर पूरा भरोसा है। आगे बोले, “राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर भरोसा करते हैं, और उन्होंने पहले दिन से ही इस रिश्ते को बरकरार रखने पर काफी मेहनत की। अपने दूसरे दौर के कुछ ही हफ्तों में, उन्होंने और पीएम मोदी ने एक भरोसे की पहल शुरू की, जिससे रिश्ते बदल गए और एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, डिफेंस और ज़रूरी चीजों में कोऑपरेशन को तेज करने के लिए स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया।”

Continue Reading
Advertisement
मनोरंजन22 minutes ago

दिल्ली की सामान्य लड़की से बॉलीवुड-साउथ की स्टार बनीं भूमि चावला, संघर्ष से मिली पहचान

राष्ट्रीय समाचार33 minutes ago

एसबीआई ने बचत खातों से नकद निकासी की फीस में किया बदलाव, अब 15 रुपए प्रति लेनदेन का करना होगा भुगतान

राष्ट्रीय समाचार53 minutes ago

भारतीय शेयर बाजार लगातार सात सत्रों की गिरावट के बाद हरे निशान में बंद, सेंसेक्स 628 अंक बढ़ा

खेल60 minutes ago

आईसीसी का फैसला, गद्दाफी स्टेडियम से ‘डिमेरिट अंक’ हटाया

राष्ट्रीय समाचार1 hour ago

भारत में त्योहारी सीजन में भर्ती में 15-20 प्रतिशत उछाल की उम्मीद, 2.5 लाख तक अस्थायी रोजगार सृजित होने की संभावना: रिपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय समाचार1 hour ago

कोलंबिया भूकंप: प्रभावित इलाकों में 30 दिनों के लिए इमरजेंसी घोषित

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

सोनिया गांधी की आने वाली किताब को लेकर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

2.39 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व डीजीएम और पांच अन्य को 10 साल की सजा

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

भारतीय सेना भर्ती अलर्ट: अविवाहित महिलाएं 21 अगस्त तक करें आवेदन

महाराष्ट्र2 hours ago

मुंबई: कांदिवली इलाके में बैंक लॉकर से सोना चुराकर एनआरआई बुज़ुर्ग नागरिक से धोखाधड़ी करने के आरोप में बैंक मैनेजर गिरफ्तार

अपराध3 weeks ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

मनोरंजन3 weeks ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

सीजेपी प्रदर्शन हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 10 एफआईआर दर्ज

व्यापार4 weeks ago

सोना इस हफ्ते 2 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ , चांदी 2.2 लाख के पार

महाराष्ट्र2 weeks ago

महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक पाबंदी, मंत्री नितेश राणे ने गोवा से मांगा सहयोग

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राजनीति4 weeks ago

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, पैलेट गन के इस्तेमाल पर मांगा जवाब

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता, 6 महीने में 17,590 गुमशुदा महिलाएं और बच्चे खोजे गए

व्यापार2 weeks ago

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत का लक्ष्य 2030 तक 10,000 जीआई पंजीकरण और एफटीए के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाना

रुझान