राजनीति
भारत की बढ़ने वाली है और ताकत : पीएम मोदी
इंदौर, 9 जनवरी |प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंदौर में प्रवासी भारतीय सम्मेलन में कहा कि, वैश्विक मंच पर भारत की आवाज, भारत का संदेश, भारत की कही बात एक अलग ही मायने रखती है, भारत की बढ़ती ताकत आने वाले दिनों में और ज्यादा बढ़ने वाली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, करोड़ों प्रवासी भारतीयों को जब हम दुनिया के नक्शे पर देखते हैं, तो कई तस्वीरें एक साथ उभरती हैं, दुनिया के अलग-अलग देशों में जब भारत के लोग एक तरह से दिखते हैं तो वसुदेव कुटुंबकम भावना के साक्षात दर्शन होते हैं। दुनिया के किसी एक देश में जब भारत के अलग-अलग प्रांतों के अलग-अलग क्षेत्रों के लोग मिलते हैं तो एक भारत श्रेष्ठ भारत का सुखद एहसास भी होता है।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, आज सारी दुनिया भारत की तरफ देख रही है पिछले कुछ वर्षों में भारत ने विकास की जो गति प्राप्त की है, जो उपलब्धि हासिल की है, वह असाधारण है अभूतपूर्व है। जब भारत कोविड-19 के बीच कुछ महीनों में ही स्वदेशी वैक्सीन बना लेता है अपने नागरिकों को 220 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज मुक्त लगाने का रिकॉर्ड बनाता है, भारत उभरती अर्थव्यवस्था बनता है जब भारत विश्व की बड़ी इकोनामी से मुकाबला करता है, भारत दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्था बनता है। तब दुनिया के लोगों में क्योरीसिटी बढ़ती कि भारत क्या कर रहा है, कैसे कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के दुनिया में बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा, वैश्विक मंच पर भारत की आवाज, भारत का संदेश, भारत की कही बात एक अलग ही मायने रखती है। भारत की बढ़ती ताकत आने वाले दिनों में और ज्यादा बढ़ने वाली है, इसलिए भारत के प्रति जिज्ञासा, भारत के प्रति क्योरोसिटी और बढ़ेगी। इसलिए विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के प्रवासी भारतीयों की जिम्मेदारी बहुत बढ़ जाती है। आपके पास भारत की जितनी व्यापक जानकारी होगी, उतना ही आप दूसरों को भारत के बढ़ते सामथ्र्य के बारे में बता पाएंगे और तथ्यों के आधार पर बता पाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने मध्य प्रदेश और इंदौर की समृद्धि की चर्चा की और यहां की खूबियों के बारे में बताया। साथ ही कहा कि लोग कहते है कि इंदौर एक शहर है मगर मैं कहता हूं कि इंदौर एक ‘दौर’ है। जो अपनी विरासत को लेकर चलता है। इंदौर स्वच्छता के साथ स्वाद की भी राजधानी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यहां के सराफा बाजार और छप्पन दुकान का भी जिक्र किया। इसके अलावा यहां के पोहा, साबूदाने खिचड़ी, शिकंजी की भी चर्चा की और कहा कि खान पान के मामले में इंदौर लाजवाब है।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी विशेष विमान से इंदौर पहुंचे, प्रधानमंत्री का हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने स्वागत किया।
सम्मेलन के गुयाना गणराज्य के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली मुख्य अतिथि और सूरीनाम गणराज्य के राष्ट्रपति चन्द्रिका प्रसाद संतोखी विशेष अतिथि के तौर पर मौजूद रहे।
राष्ट्रीय समाचार
केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा स्विच ऑफ करने वाले ऐप ‘बीएटी बीएमएस’ को गूगल प्ले और एप्पल ऐप स्टोर से हटाने का दिया निर्देश

केंद्र सरकार ने सड़क पर चलने वाले ई-रिक्शा को दूर से स्विच ऑफ करने वाले ऐप ‘बीएटी बीएमएस’ को गूगल प्ले और एप्पल ऐप स्टोर से हटाने का निर्देश दिया है। यह जानकारी सूत्रों की ओर से शुक्रवार को दी गई।
सूत्रों ने बताया कि आईटी मंत्रालय ने गूगल प्ले स्टोर और एप्पल एप स्टोर दोनों से बीएटी बीएमएस को हटाने के लिए गूगल और एप्पल को निर्देश जारी किए हैं।
सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिसमें कथित तौर पर चाइनीज ऐप ‘बीएटी बीएमएस’ के जरिए लोग ब्लूटूथ से कनेक्ट कर ई-रिक्शा (टिर्री) को दूर से बंद कर रहे थे। इस घटना ने चिंता पैदा कर दी है, जिसके कारण सरकार ने तत्काल यह कदम उठाया है।
सूत्रों ने आगे बताया कि सरकार के इस कदम की वजह सुरक्षा जोखिमों से जुड़ी चिंताएं और इसके दुरुपयोग होने की संभावना थी।
ई-रिक्शा में लगी लिथियम-आयन बैटरी की निगरानी और सुरक्षा के लिए बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) लगाया जाता है। यह सिस्टम ब्लूटूथ के माध्यम से मोबाइल फोन से जुड़ जाता है, जिससे चालक बैटरी का चार्ज स्तर, वोल्टेज, तापमान, करंट और अन्य तकनीकी जानकारी देख सकते हैं।
हालांकि, कम कीमत वाले अधिकांश ई-रिक्शा में इस्तेमाल होने वाले चीनी बीएमएस में ब्लूटूथ कनेक्शन के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर कुछ लोग अपने मोबाइल में ‘बीएटी बीएमएस’ ऐप डाउनलोड कर लेते हैं।
जब ऐप डाउनलोड करने वाला व्यक्ति किसी ई-रिक्शा के लगभग 10 से 15 मीटर के दायरे में पहुंचता है, तो यह ऐप बिना चालक की अनुमति के बीएमएस से कनेक्ट हो सकता है। इसके बाद ऐप के जरिए बैटरी के डिस्चार्ज स्विच को बंद कर दिया जाता है, जिससे मोटर तक बिजली की आपूर्ति रुक जाती है और ई-रिक्शा चलना बंद हो जाता है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ईरान की अमेरिका को चेतावनी, होर्मुज स्ट्रेट में दखल दिया तो मिलेगा करारा जवाब

ईरान की मुख्य सैन्य कमान खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने गुरुवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी तरह का हस्तक्षेप करता है, तो ईरानी सशस्त्र बल ‘तेज और निर्णायक’ जवाबी कार्रवाई करेंगे।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जारी बयान में कहा गया कि होर्मुज स्ट्रेट अमेरिका के लिए कोई ‘मनमर्जी करने की जगह’ नहीं है, बल्कि यह ईरान की ‘निर्विवाद संप्रभुता’ वाला क्षेत्र है।
बयान में कहा गया कि इस जलमार्ग की सुरक्षा और स्थिरता ईरानी सेना के लिए एक लाल रेखा है, जिसे किसी भी कीमत पर पार नहीं होने दिया जाएगा।
बयान में कहा गया कि इस होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों को ईरान की ओर से तय किए गए समुद्री रास्तों का ही इस्तेमाल करना होगा। अगर कोई जहाज इन नियमों का पालन नहीं करता या दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करता है, तो ईरानी सेना तुरंत और सख्त कार्रवाई करेगी। साथ ही, ऐसे जहाजों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
मुख्यालय ने कहा कि अगर अमेरिका इस होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा व्यवस्था में दखल देने या वहां किसी तरह की बाधा पैदा करने की कोशिश करता है, तो ईरान इसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानेगा और उसका तुरंत व निर्णायक जवाब देगा।
बयान में कहा गया कि इस जलमार्ग के ऊपर अमेरिकी लड़ाकू विमान और ड्रोन की लगातार मौजूदगी से क्षेत्र में असुरक्षा बढ़ती है। ईरान ने कहा कि अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए वह अमेरिका और उसके समर्थकों की किसी भी ‘आक्रामक कार्रवाई को कुचलने’ के लिए जरूरी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
इसी बीच, गुरुवार को ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ‘अमेरिकी सेंट्रल कमांड के नहीं, बल्कि ईरान के नियंत्रण में है।’
उनका यह बयान एक दिन बाद आया, जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बहरीन में 12 देशों के सैन्य अधिकारियों के साथ एक ‘सुरक्षा संवाद’ आयोजित किया। इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग बढ़ाने और होर्मुज स्ट्रेट से व्यापारिक जहाजों की बिना रुकावट आवाजाही सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
अमेरिका ने 250वीं सालगिरह के लिए पासपोर्ट किया लॉन्च, रुबियो बोले- ये हमारी विरासत, मूल्यों का प्रतीक

अमेरिका ने अमेरिकी आजादी की 250वीं सालगिरह के मौके पर एक यादगार पासपोर्ट पेश किया है, जिसमें एक नए डिजाइन वाला ट्रैवल डॉक्यूमेंट भी शामिल है। आने वाले महीनों में पासपोर्ट आवेदन प्रक्रिया के ज्यादातर हिस्से को डिजिटाइज करने की योजना है।
इस विशेष संस्करण के पासपोर्ट पर अमेरिका की स्थापना की याद में विशेष कलाकृतियां (कस्टम आर्टवर्क) बनाई गई हैं, जबकि इसमें सामान्य अमेरिकी पासपोर्ट की सभी सुरक्षा विशेषताएं भी बरकरार रखी गई हैं। यह पासपोर्ट 6 जुलाई से आम लोगों के लिए उपलब्ध होगा।
वॉशिंगटन में आयोजित लॉन्च कार्यक्रम में अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने कहा कि यह पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज नहीं, बल्कि अमेरिका की विरासत, मूल्यों और राष्ट्रीय पहचान का भी प्रतीक है।
विदेश सचिव रुबियो ने कहा, “पासपोर्ट सिर्फ एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट नहीं है; यह अपने मतलब के हिसाब से बहुत कीमती है। जब हम विदेश जाते हैं तो हममें से कई लोगों के लिए यह बहुत गर्व की बात होती है कि हम वह अमेरिकी पासपोर्ट दिखा सकें।”
उन्होंने कहा कि यह स्मारक संस्करण “मानव इतिहास के सबसे महान राष्ट्र की स्थापना की 250वीं वर्षगांठ” को समर्पित है।
रुबियो ने कहा कि रीडिजाइन किया गया पासपोर्ट अमेरिकी पासपोर्ट कार्यक्रम को मॉडर्न बनाने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है।
स्मारक संस्करण से शुरुआत करते हुए, पासपोर्ट को एक विशेष प्रेजेंटेशन बॉक्स में दिया जाएगा, जिसके साथ उसकी प्रामाणिकता का प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट ऑफ ऑथेंटिसिटी) भी शामिल होगा।
रुबियो ने कहा, “हमने सोचा कि अमेरिकी पासपोर्ट जैसी जरूरी और सम्मानजनक चीज के लिए, इसमें सच में उससे कुछ ज्यादा होना चाहिए।” उन्होंने भविष्य के अपग्रेड के बारे में भी बताया, जिससे आवेदक लगभग पूरा पासपोर्ट आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन पूरा कर सकेंगे।
रुबियो ने कहा, “आप असल में ऑनलाइन जा पाएंगे। आप लगभग सारा काम पूरी तरह से ऑनलाइन कर पाएंगे।”
प्रस्तावित नए सिस्टम के तहत, आवेदक अपने कंप्यूटर या मोबाइल डिवाइस पर कैमरे का इस्तेमाल करके पासपोर्ट फोटो ले सकेंगे। डिपार्टमेंट के सुरक्षा प्रणाली के जरिए फेशियल वेरिफिकेशन पूरा किया जाएगा, जिससे फोटो सेंटर जाने की जरूरत कम हो जाएगी।
रुबियो ने कहा, “इससे लंबे इंतजार, लंबी लाइनों और अपॉइंटमेंट में कमी आएगी। आने वाले महीनों में डिजिटल सुधार शुरू होने की उम्मीद है।”
भविष्य के पासपोर्ट संस्करणों में दस्तावेज में दिखाए गए अमेरिकी इतिहास के महत्वपूर्ण क्षणों को समझाने वाले लघु वीडियो से जुड़े क्यूआर कोड भी शामिल होने की उम्मीद है।
विदश सचिव रुबियो ने कहा, “जब आप उस क्यूआर कोड पर जाएंगे, तो यह आपको अमेरिकी इतिहास के उस क्षण की वीडियो प्रस्तुति को पसंद करने के लिए प्रेरित करेगा। हमें लगता है कि यह गर्व का एक बड़ा स्रोत होगा।”
रुबियो ने बताया कि उन्होंने पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पहला स्मारक संस्करण पासपोर्ट दिया था। उन्होंने कहा, “मैंने आज सुबह राष्ट्रपति ट्रंप को यह दिया और उन्हें यह बहुत पसंद आया। राष्ट्रपति ट्रंप इसे कुछ दिनों के लिए रखना चाहते थे ताकि ऑफिस में आने वाले हर किसी को दिखा सकें।”
राज्य विभाग ने कहा कि स्मारक पासपोर्ट हमारे साझा इतिहास और अगले 250 सालों तक लीड करने, इनोवेट करने और प्रेरित करने के हमारे लगातार कमिटमेंट को दिखाता है। यह दस्तावेज आजादी, सेल्फ-गवर्नमेंट और एकता के हमेशा रहने वाले आदर्शों का सम्मान करता है। इसके साथ ही उन उच्च सुरक्षा फीचर्स को भी बनाए रखता है, जिन्होंने अमेरिकी पासपोर्ट को ‘यात्रा और पहचान वाले दस्तावेज के लिए गोल्ड स्टैंडर्ड’ बनाया है।
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