महाराष्ट्र
पेपर लीक का केंद्र बन गया है महाराष्ट्र : शिवसेना (यूबीटी)
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने सोमवार को भिवंडी में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह सड़ चुकी है और इतने जघन्य अपराधों के बावजूद किसी को भी कोई सजा नहीं मिलती। यही कारण है कि प्रश्नपत्र लीक का धंधा खुलेआम फल-फूल रहा है।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने सोमवार को अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में महाराष्ट्र सरकार पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर तीखा हमला बोला।
संपादकीय में कहा गया, “बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य कभी सामूहिक नकल और सरकार प्रायोजित नकल के लिए बदनाम थे। महाराष्ट्र उनसे भी एक कदम आगे निकल गया है। यहां अब सरकार प्रायोजित ‘पेपर लीक’ का नया कारोबार पूरे जोर-शोर से चल रहा है। जो लोग राम मंदिर के दानपात्र तक लूट सकते हैं, उनसे और क्या उम्मीद की जा सकती है?”
पार्टी ने अपने मुखपत्र में प्रकाशित तीखे संपादकीय में दावा किया कि आज देश में शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ का सबसे बड़ा केंद्र महाराष्ट्र बन चुका है। संपादकीय में कहा गया कि गृह मंत्री के रूप में देवेंद्र फडणवीस को इस विनाशकारी स्थिति की कोई चिंता नहीं दिखती। पिछले महीने हुए नीट पेपर लीक की जड़ें महाराष्ट्र तक पहुंची थीं और अब टीईटी का प्रश्नपत्र भी लीक हो गया है। यह महाराष्ट्र की शिक्षा व्यवस्था का सार्वजनिक अपमान है।
संपादकीय में कहा गया, “यह कोई अकेली घटना नहीं बल्कि सत्तारूढ़ महायुति सरकार की विफलता और भ्रष्टाचार का काला इतिहास है। यह भ्रष्टाचार से पैदा हुई ऐसी भयावह व्यवस्था है, जिसने युवाओं के भविष्य के साथ खुला विश्वासघात किया है। महाराष्ट्र की प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाली ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। जिस राज्य ने भारत में शिक्षा और सामाजिक सुधार की नींव रखी थी, वही आज अपने निरंतर पतन का गवाह बनने को मजबूर है। ऐसा लगता है मानो प्रगतिशील महाराष्ट्र को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर किया जा रहा है।”
संपादकीय में आगे कहा गया कि आज की राजनीति में पेपर लीक उतना ही सामान्य हो गया है, जितना विधायक और सांसदों का दल-बदल। पार्टी ने तंज कसते हुए कहा, “दल बदलने वाले विधायकों को कथित तौर पर 50-50 करोड़ रुपये मिलते हैं, जबकि पेपर लीक लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद कर देता है। ऐसी गंभीर स्थिति में महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री को एक दिन भी अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।”
संपादकीय में यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस गृह मंत्री के रूप में भी पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। इसमें कहा गया, “गृह विभाग का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ और भाजपा के हितों के लिए किया जा रहा है। महाराष्ट्र को एक पूर्णकालिक गृह मंत्री की सख्त जरूरत है। यदि फडणवीस इस जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर सकते, तो उन्हें स्वयं पद छोड़ देना चाहिए। हालांकि यह भी सवाल है कि क्या महाराष्ट्र के सत्ताधारियों में अब राजनीतिक नैतिकता बची है?”
संपादकीय के अनुसार, राज्य की आधी पुलिस फोर्स इस समय दल बदलने वाले विधायकों और सांसदों की सुरक्षा में लगी हुई है। इसमें कहा गया, “गृह मंत्री को परीक्षा के प्रश्नपत्रों की सुरक्षा से ज्यादा राजनीतिक दल-बदलुओं की सुरक्षा की चिंता है। प्रशासन ने छात्रों को इतना असहाय और कमजोर बना दिया है कि उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा। उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है मानो उन्हें आसानी से कुचला और नजरअंदाज किया जा सकता है। इसलिए जब टीईटी का पेपर लीक होता है और परीक्षा रद्द कर दी जाती है, तब अभ्यर्थी सिर्फ निराशा में आह भरने के अलावा कुछ नहीं कर सकते।”
ठाकरे गुट ने कहा कि टीईटी कोई साधारण परीक्षा नहीं, बल्कि योग्य शिक्षक बनने की बुनियादी सीढ़ी है। लेकिन जिस चयन प्रक्रिया से भविष्य के शिक्षकों का चयन होना है, वही घोटालों और अनियमितताओं से ग्रस्त हो चुकी है। यह इस बात का चौंकाने वाला प्रमाण है कि महाराष्ट्र का भविष्य किस तरह संगठित माफियाओं के हाथों में चला गया है।
संपादकीय में आरोप लगाया गया कि “यह पेपर लीक माफिया, बिचौलियों और भ्रष्ट अधिकारियों का एक मजबूत और संगठित गिरोह है।”
पार्टी ने कहा, “परीक्षा से महज 24 घंटे पहले प्रश्नपत्र लीक होकर सोशल मीडिया पर खुलेआम नहीं फैल सकते, जब तक कि उन्हें सत्ता का मजबूत संरक्षण न मिला हो। नीट पेपर लीक की कड़ियां भाजपा से जुड़ी हैं और टीईटी पेपर लीक के जिम्मेदार लोग भी उसी राजनीतिक तंत्र का हिस्सा हैं। सरकार अब सिर्फ ‘जांच’ के नाम पर समय बिता रही है।”
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने कहा कि नीट पेपर लीक गिरोह पुणे, छत्रपति संभाजीनगर, लातूर और नासिक तक सक्रिय था, जबकि अब टीईटी घोटाले का केंद्र भिवंडी बन गया है।
पार्टी ने सवाल किया, “क्या गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस बता सकते हैं कि पेपर लीक के मामले बार-बार महाराष्ट्र में ही क्यों सामने आ रहे हैं?”
संपादकीय में कहा गया, “यह सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि युवाओं के सपनों, उम्मीदों और आकांक्षाओं को लूटने की एक सुनियोजित साजिश है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश यात्राओं के दौरान युवाओं को नए सपने दिखाते हैं जबकि यहां की राजनीतिक व्यवस्था शिक्षा की पवित्रता की रक्षा करने के बजाय राजनीतिक जोड़-तोड़ में अधिक व्यस्त है।”
संपादकीय में दावा किया गया कि महाराष्ट्र की पूरी शिक्षा व्यवस्था गहरे संकट में है। इसमें कहा गया, “इतने बड़े अपराधों के बावजूद जवाबदेही तय नहीं होती, इसलिए पेपर लीक का अवैध कारोबार बिना किसी डर के चलता रहता है।”
अंत में संपादकीय में कहा गया, “दुर्भाग्य से महाराष्ट्र उन राज्यों से भी आगे निकल गया है, जो कभी सामूहिक नकल के लिए बदनाम थे। यहां संस्थागत स्तर पर पेपर लीक का संकट खड़ा हो चुका है। जब सत्ता में बैठे लोग संस्थाओं की बुनियादी विश्वसनीयता की रक्षा नहीं कर पाते, तो इसकी सबसे बड़ी कीमत युवाओं को चुकानी पड़ती है।”
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में टैक्सी चालकों के लिए मराठी बोलना अनिवार्य, न मानने पर लाइसेंस होगा निलंबित

महाराष्ट्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाले टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया है। राज्य सरकार ने महाराष्ट्र मोटर व्हीकल्स (थर्ड अमेंडमेंट) रूल्स, 2026 जारी करते हुए यह बड़ा फैसला लिया है।
नए नियमों के तहत अब इलेक्ट्रॉनिक मीटर से चलने वाली टैक्सियों के अधिकृत चालकों और परमिट धारकों दोनों के लिए मराठी भाषा का कार्यसाधक ज्ञान होना जरूरी होगा।
सरकार ने महाराष्ट्र मोटर व्हीकल्स नियम, 1989 में संशोधन किया है। नियम 4 में ‘पूर्ववृत्त’ शब्द के बाद ‘और मराठी भाषा का कार्यसाधक ज्ञान’ जोड़ा गया है। नियम 22 का हाशिया बदलकर ‘इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगी मोटर कैब के चालकों के लिए अतिरिक्त नियम’ कर दिया गया है।
सबसे अहम बदलाव नियम 24 में किया गया है। इसके तहत अब हर अधिकृत टैक्सी चालक को मराठी का कार्यसाधक ज्ञान होना अनिवार्य है।
अगर किसी चालक के पास मराठी का ज्ञान नहीं है तो लाइसेंसिंग अथॉरिटी एक महीने का नोटिस देगी। इस एक महीने में चालक को मराठी सीखनी होगी। अगर तय समय में चालक नियम का पालन नहीं करता है तो लाइसेंसिंग अथॉरिटी लिखित कारण दर्ज कर कार्रवाई कर सकती है।
इसके तहत पहले ड्राइविंग लाइसेंस पर अधिकृतता तीन महीने तक निलंबित की जा सकती है। इसके बाद भी अनुपालन न होने पर उचित सुनवाई के बाद चालक का अधिकृत परमिट रद्द भी किया जा सकता है।
सरकार ने नियम 78 और नियम 85 में भी बदलाव किए हैं। नए प्रावधान के अनुसार अब टैक्सी परमिट के नवीनीकरण के लिए भी मराठी भाषा का कार्यसाधक ज्ञान अनिवार्य होगा। प्राधिकरण के संतुष्ट होने पर ही इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली टैक्सी का परमिट रिन्यू किया जाएगा।
राज्य सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य यात्रियों और चालकों के बीच संवाद को आसान बनाना है। महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में लोग मराठी बोलते हैं। ऐसे में टैक्सी चालकों का स्थानीय भाषा जानना जरूरी है ताकि यात्रियों को बेहतर सेवा मिल सके और उन्हें दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
महाराष्ट्र
मुंबई नगर निगम के ‘एफ-साउथ’ और ‘एच-ईस्ट’ वार्ड ने कार्रवाई करते हुए दादर और सांताक्रूज इलाकों में 15 दुकानें हटाईं

मुंबई मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन अपने ‘पैदल यात्री पहले’ कैंपेन के तहत सख्त कार्रवाई कर रहा है, जिसका मकसद फुटपाथ से रुकावटें हटाकर उन्हें पैदल चलने वालों के लिए चलने लायक बनाना है। इस पहल के तहत, दादर इलाके (‘एफ-साउथ’ वार्ड से) और सांताक्रूज़ इलाके (‘एच-ईस्ट’ वार्ड से) में फुटपाथ में रुकावट डाल रही 15 बिना इजाज़त वाली दुकानों और 15 बिना इजाज़त वाले फेरीवालों को आज (13 अगस्त, 2026) हटा दिया गया।
हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिडे के मार्गदर्शन में। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (सिटी) प्राजक्ता वर्मालावांगिरे के नेतृत्व में, मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन बिना इजाज़त वाले फेरीवालों और कब्ज़ों को तुरंत हटाने के लिए ‘पैदल यात्री पहले’ कैंपेन चला रहा है, जिससे फुटपाथ बिना रुकावट के बन सकें।
डिप्टी कमिश्नर (ज़ोन-2) प्रशांत सपकाले के मार्गदर्शन में और असिस्टेंट कमिश्नर (एफ-साउथ वार्ड) के नेतृत्व में, ‘F-साउथ’ वार्ड द्वारा दादर (ईस्ट) इलाके में यह ड्राइव चलाई गई। इस ड्राइव के दौरान, दादर (ईस्ट) में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर रोड के किनारे फुटपाथ पर रुकावट डाल रही 04 बिना इजाज़त की दुकानें, 12 टेम्परेरी तिरपाल शेड, 06 बिना इजाज़त के प्लेटफॉर्म (कट*) और 15 फेरीवालों को हटाया गया।
डिप्टी कमिश्नर (ज़ोन-3) विश्वास मोटे के गाइडेंस और असिस्टेंट कमिश्नर (एच-ईस्ट), मृदुला एंडे की लीडरशिप में, ‘एच-ईस्ट’ वार्ड ने आज सांताक्रूज़ (ईस्ट) इलाके में अतिक्रमण हटाने की ड्राइव चलाई। इस ड्राइव में टीपीएस-3 इलाके में रोड 6, 7 और 11 के किनारे बनी छह बिना इजाज़त की दुकानों के साथ-साथ नानासाहेब धर्माधिकारी मार्ग के किनारे फुटपाथ पर बनी पांच बिना इजाज़त की दुकानों को गिराना शामिल था। इस ऑपरेशन में एक फूड वैन भी शामिल थी। इस ड्राइव से लगभग 500 मीटर फुटपाथ की जगह खाली हो गई है, जिससे पैदल चलने वालों के लिए चलना आसान हो गया है। इस बीच, नगर निगम पैदल चलने वालों के लिए साफ और आसानी से पहुंचने लायक फुटपाथ पक्का करने के लिए कई कदम उठा रहा है। इसलिए, एडमिनिस्ट्रेशन ने फुटपाथ पर बिना इजाज़त कंस्ट्रक्शन या कोई भी ऐसा मटीरियल रखने के खिलाफ चेतावनी दी है जो उन्हें रुकावट डालता हो। अगर ऐसा उल्लंघन देखा गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र
मुंबई: होटल बिल पेमेंट को लेकर हुए विवाद के बाद हत्या से सनसनी, पुलिस ने किया ऑपरेशन, 24 घंटे के अंदर मर्डर मिस्ट्री सुलझाई, दो गिरफ्तार आरोपियों ने किया कबूल

मुंबई के एक होटल में बिल पेमेंट को लेकर हुए विवाद के बाद एक युवक की हत्या की सनसनीखेज घटना हुई, जिसके बाद यहां तनाव फैल गया, वहीं पुलिस ने 24 घंटे के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। 11 अगस्त की रात गोरेगांव पुलिस स्टेशन की सीमा में सलमान होटल के पास एक युवक की बुरी तरह पिटाई की गई। 30 साल के अजीज मुहम्मद अतीक खान को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने हत्या की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित के भाई ने पुलिस को बताया कि अजीज खान ने सलमान होटल के मालिक दानिश खान से दो लोगों को होटल का बिल देने के लिए कहा। इस दौरान दोनों ने पीड़ित से बहस की और कहा कि हमें नहीं पता कि तुम्हारा इससे क्या लेना-देना है। हम तुम्हें देख लेंगे… फिर उन दोनों ने पीड़ित पर हमला कर दिया और अजीज खान के सिर पर लकड़ी के बक्से से वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए छह टीमें बनाई गई हैं। टिप-ऑफ़ मिलने के बाद, पुलिस ने आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपियों की पहचान अजय मणि उपाध्याय, 39, और विकास देवराज पासवान, 32, जो एक ऑफिस बॉय है, के तौर पर हुई है। 24 घंटे के अंदर, पुलिस ने मर्डर की गुत्थी सुलझा ली और आरोपियों को गिरफ़्तार करने में कामयाबी हासिल की। यह ऑपरेशन मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती के कहने पर डीसीपी पुरुषोत्तम कराड ने किया।
-
दुर्घटना11 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
