Connect with us
Monday,26-October-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

अदाणी ग्रुप निवेशकों को आकर्षित करने में रहा सफल, एईएल क्यूआईपी की मांग 38,000 करोड़ रुपए रही

Published

on

अदाणी ग्रुप वैश्विक संस्थागत निवेशकों और भारत के बड़े म्यूचुअल फंड्स को आकर्षित करने में सफल रहा है और यह ग्रुप को लेकर निवेशकों के सेंटीमेंट में स्पष्ट बदलाव को दिखाता है।

अदाणी ग्रुप की मुख्य कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एआईएल) बीते एक वर्ष में निवेशकों से फ्रैश इक्विटी के जरिए करीब 40,000 करोड़ रुपए जुटाने सफल रही है। वहीं, कई बड़े वैश्विक और घरेलू निवशकों ने समूह की कई सूचीबद्ध कंपनियों में हिस्सेदारी को बढ़ाया है।

अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) ने इस हफ्ते अपने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (क्यूआईपी) का साइज बढ़ाकर 15,000 करोड़ रुपए कर दिया था। कंपनी को इसके लिए लगभग 38,000 करोड़ रुपए की बोलियां मिलीं, जो बेस इश्यू साइज का 3.8 गुना है। यह फंड जुटाने की प्रक्रिया कंपनी के 25,000 करोड़ रुपए के राइट्स इश्यू के एक साल से भी कम समय में हुई है, जिससे पिछले एक साल में जुटाई गई कुल इक्विटी कैपिटल लगभग 40,000 करोड़ रुपए हो गई है।

ताजा फंड जुटाने की प्रक्रिया में कई बड़े संस्थागत निवशकों ने भाग लिया, जिनमें कैपिटल ग्रुप, गोल्डमैन सैश, ब्लैकरॉक, ब्लैकस्टोन और नोमुरा शामिल हैं। घरेलू स्तर पर भी बड़ी संख्या में निवेशकों ने भाग लिया। इसमें एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, कोटक म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, एसबीआई म्यूचुअल फंड और टाटा म्यूचुअल फंड शामिल थे।

इस डील से जुड़े लोगों ने बताया कि इश्यू के औपचारिक रूप से खुलने से पहले ही ऑर्डर बुक पूरी तरह भर गई थी। बैंकरों का कहना था कि निवेशक शेयर पाने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। कंपनी ने पहले 10,000 करोड़ रुपए के बेस साइज के साथ क्यूआईपी लॉन्च किया था, लेकिन जबरदस्त मांग को देखते हुए इसे बढ़ाकर 15,000 करोड़ रुपए कर दिया।

फंड जुटाने की यह प्रक्रिया अदाणी ग्रुप के प्रति निवेशकों की सोच में आए बड़े बदलाव का ताजा संकेत है। एक समय ऐसा भी था जब कई संस्थागत निवेशक अदाणी ग्रुप के शेयरों को पसंद नहीं करते थे, लेकिन अब ये शेयर ग्लोबल फंड और घरेलू एसेट मैनेजरों के बीच सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले शेयरों में से एक बन गए हैं।

पिछले एक साल में, अदाणी एंटरप्राइजेज के साथ-साथ अदाणी पावर, अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और अदाणी ग्रीन एनर्जी जैसी कंपनियों में फंड जुटाने और सेकेंडरी ट्रांजैक्शन में बड़े संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया है। निवेशकों की इस लिस्ट में लगातार दुनिया के कुछ सबसे बड़े एसेट मैनेजर और लगभग सभी बड़े घरेलू म्यूचुअल फंड शामिल रहे हैं, जो ग्रुप के लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट पाइपलाइन में बढ़ते भरोसे को दिखाता है।

यह नई मांग तब आई है जब अमेरिका के एक फेडरल जज ने अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी के खिलाफ आपराधिक आरोपों को औपचारिक रूप से हटाने पर रोक लगा दी है और डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस को केस वापस लेने के अपने फैसले को सही ठहराने का निर्देश दिया है। संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी से पता चलता है कि निवेशक ग्रुप के ऑपरेटिंग बिजनेस, कैपिटल एलोकेशन और ग्रोथ की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं।

ग्रुप की मुख्य कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज एयरपोर्ट, एआई और डेटा सेंटर, सोलर और विंड इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग, सड़क, पीवीसी, मेटल और माइनिंग जैसे क्षेत्रों में अपने बिजनेस का विस्तार कर रही है। क्यूआईपीसे एक दिन पहले, कंपनी ने भारत का सबसे बड़ा एल्युमीनियम मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए आईएचसी के साथ 11.5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की, जो भारत के मेटल और माइनिंग सेक्टर में घोषित अब तक का सबसे बड़ा विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) है।

व्यापार

मार्केट आउटलुक: फेड बैठक, तिमाही नतीजों और कच्चे तेल से तय होगी शेयर बाजार की चाल

Published

on

भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। इस दौरान फेड बैठक, तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमते औरअमेरिका-ईरान तनाव बाजार की चाल निर्धारित करेंगे।

ब्याज दरों की समीक्षा के लिए अमेरिकी फेड की बैठक 27-28 अक्टूबर होगी। यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक स्तर पर अस्थिरता से कारण महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। इस बैठक के फैसलों का ऐलान 28 अक्टूबर को किया जाएगा, जिस पर दुनियाभर के निवेशकों की निगाहें टिकी हुई हैं।

इसके अलावा, अमेरिका-ईरान तनाव भी बाजार के लिए काफी अहम होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी ईरान पर नई एयर स्ट्राक्स को लेकर बयान दे चुके हैं। इससे कच्चे तेल भी ऊपरी स्तरों पर बना हुआ हैं। अगले हफ्ते बाजार में यह फैक्टर्स अहम भूमिका निभाएंगे।

इसके अलावा, 26-30 अक्टूबर के कारोबारी सत्र में कई बड़ी कंपनियां नतीजे जारी करेंगी। इंडियन ओवरसीज बैंक, महाराष्ट्र बैंक, मैनकाइंड, पेटीएम, एनडीटीवी, टाटा कंज्यूमर, एसीसी, बजाज ऑटो, मारुति सुजुकी, जेएसडब्ल्यू सीमेंट, जेएसडब्ल्यू इन्फ्रा, एलएंडटी, सेल, टाटा कैपिटल, अदाणी एटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स जैसी कंपनियां शामिल हैं।

भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता हफ्ता काफी नुकसान वाला रहा। इस दौरान व्यापक बाजार में गिरावट देखने को मिली।

19-23 अक्टूबर के कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 1,605.44 अंक या 2.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,123.83 और निफ्टी 546.15 अंक या 2.36 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,600.00 पर था।

लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में अधिक बिकवाली देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 3,329.10 अंक या 5.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 55,800.65 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1,390.35 अंक या 7.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17,739.45 पर था।

सूचकांकों में सबसे ज्यादा गिरावट डिफेंस में देखी गई। निफ्टी इंडिया डिफेंस 7.05 प्रतिशत की कमजोरी के साथ टॉप लूजर था। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 6.42 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 5.40 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 5.15 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 5.04 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी 4.62 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी 4.34 प्रतिशत और निफ्टी पीएसई 3.91 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।

Continue Reading

व्यापार

एलन मस्क ने एक्स मनी पर नए फीचर का किया ऐलान, लाइक बटन से यूजर भेज पाएंगे डॉलर

Published

on

एलन मस्क ने रविवार को एक्स मनी के प्रस्तावित फीचर का ऐलान किया। इसमें कोई भी यूजर, किसी अन्य यूजर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केवल लाइक बटन को लॉन्ग प्रेस करके आसानी से एक डॉलर भेज पाएगा।

सोशल मीडिया पर इस फीचर का ऐलान करते हुए मस्क ने कहा कि इससे कोई भी यूजर आसानी से एक्स प्लेटफॉर्म पर छोटी राशि किसी अन्य यूजर को भेज सकता है।

इस फीचर से यूजर्स के लिए कंटेंट क्रिएटर्स को टिप देना और अपनी पसंद की पोस्ट को सपोर्ट करना आसान हो जाएगा और इसके लिए उन्हें ऐप से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

यह प्रस्तावित पेमेंट सिस्टम, मस्क की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके जरिए वे एक्स को एक “एवरीथिंग ऐप” (सब कुछ करने वाला ऐप) में बदलना चाहते हैं। इस ऐप में सोशल नेटवर्किंग, मैसेजिंग, पेमेंट और अन्य डिजिटल सेवाओं को एक ही इकोसिस्टम में शामिल किया जाएगा।

मस्क ने एक्स पर लिखा, “हम ‘लाइक’ बटन को लॉन्ग प्रेस करके, किसी को एक्स मनी के जरिए 1 डॉलर भेजने की सुविधा जोड़ रहे हैं।”

इस प्रस्तावित सिस्टम के तहत, यूजर्स किसी पोस्ट के लेखक को 1 डॉलर का भुगतान कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें बस सामान्य ‘लाइक’ बटन को दबाकर रखना होगा, और यह ट्रांजैक्शन एक्स मनी के जरिए पूरा होगा।

हालांकि इस कॉन्सेप्ट ने यूजर्स और क्रिएटर्स के बीच काफी दिलचस्पी जगाई है, लेकिन कंपनी ने अभी तक इसे लागू करने की विस्तृत समय-सीमा या इसके लिए जरूरी शर्तों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।

एक्स मनी को हाल ही में अमेरिका में लॉन्च किया गया है। यह पीयर-टू-पीयर (एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को) पैसे भेजने की सुविधा देता है, साथ ही इसमें एक एक्स वीजा डेबिट कार्ड भी मिलता है, जिसका इस्तेमाल फिजिकल और डिजिटल दोनों तरह के ट्रांजैक्शन के लिए किया जा सकता है। इस डेबिट कार्ड को एप्पल पे से भी जोड़ा जा सकता है, जिससे उन जगहों पर कॉन्टैक्टलेस पेमेंट किया जा सकता है जहां यह सुविधा उपलब्ध है।

प्लेटफॉर्म ने ऐसे फीचर्स को भी बढ़ावा दिया है जो अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन को आसान बनाते हैं। हालांकि, इसके सटीक फायदे और शर्तें यूजर की पात्रता और लागू नियमों के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं।

फिलहाल, एक्स मनी का पूरा ध्यान अमेरिकी बाजार पर है। कंपनी ने अभी तक यह नहीं बताया है कि यह सर्विस या ‘लाइक’ बटन के जरिए भुगतान करने का नया फीचर भारत सहित अन्य देशों में कब उपलब्ध होगा, जबकि भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल पेमेंट बाजारों में से एक है।

Continue Reading

व्यापार

25,000 रुपए की मासिक एसआईपी या 5 लाख रुपए का लंपसम निवेश, 20 साल में किससे बनेगा ज्यादा फंड?

Published

on

म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि एक साथ बड़ी रकम निवेश करना बेहतर है या हर महीने थोड़ी-थोड़ी राशि लगाना। दोनों तरीकों के अपने फायदे और जोखिम होते हैं। अगर आपके पास 5 लाख रुपए हैं, तो आप इस रकम को एकमुश्त निवेश कर सकते हैं। वहीं, नियमित आय होने पर 25,000 रुपए की मासिक एसआईपी भी शुरू कर सकते हैं। लेकिन 20 साल में किस विकल्प से कितना बड़ा निवेश फंड बन सकता है? चलिए कैलकुलेशन के जरिए समझते हैं।

एकमुश्त निवेश का मतलब है कि आप अपनी पूरी रकम एक ही बार में म्यूचुअल फंड में लगा देते हैं। इस तरीके में शुरुआत से ही पूरी राशि निवेशित रहती है और उसे लंबे समय तक बाजार में बढ़ने का अवसर मिलता है। हालांकि, अगर निवेश के समय बाजार ऊंचे स्तर पर हो और उसके बाद गिरावट आए, तो आपको शुरुआती वर्षों में नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

मान लीजिए कि आप किसी इक्विटी म्यूचुअल फंड में 5 लाख रुपए का एकमुश्त निवेश करते हैं और अगले 20 साल तक आपको सालाना औसतन 12 प्रतिशत का रिटर्न मिलता है। इस स्थिति में आपका निवेश बढ़कर लगभग 48.23 लाख रुपए हो सकता है।

इसमें आपकी मूल निवेश राशि 5 लाख रुपए होगी, जबकि अनुमानित लाभ करीब 43.23 लाख रुपए होगा। यानी दो दशक तक निवेश बनाए रखने पर आपकी शुरुआती रकम में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट स्कीम यानी एसआईपी के जरिए आप हर महीने एक निश्चित राशि म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। इसमें एक साथ बड़ी रकम लगाने की जरूरत नहीं होती, बल्कि नियमित अंतराल पर छोटी-छोटी रकम निवेश करके लंबे समय में बड़ा निवेश कोष बनाने का प्रयास किया जाता है।

नियमित वेतन या कारोबार से आय प्राप्त करने वाले लोगों के लिए यह तरीका सुविधाजनक हो सकता है। बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान एसआईपी के जरिए अलग-अलग कीमतों पर फंड की इकाइयां खरीदी जाती हैं, जिससे निवेश की औसत खरीद लागत को संतुलित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इससे नुकसान से बचने या निश्चित रिटर्न मिलने की गारंटी नहीं होती।

अब मान लीजिए कि आप हर महीने 25,000 की एसआईपी शुरू करते हैं और 20 साल तक इसे जारी रखते हैं। इस दौरान आपका कुल निवेश 60 लाख रुपए होगा। वहीं अगर आपको सालाना औसतन 12 प्रतिशत का अनुमानित रिटर्न मिलता है, तो आपका निवेश कोष लगभग 2.49 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।

इसमें आपकी ओर से जमा की गई मूल राशि 60 लाख रुपए होगी, जबकि अनुमानित लाभ करीब 1.89 करोड़ रुपए हो सकता है। इस तरह नियमित निवेश और चक्रवृद्धि वृद्धि के प्रभाव से लंबी अवधि में बड़ा निवेश कोष तैयार हो सकता है।

अब दोनों विकल्पों की तुलना करें, तो दिए गए अनुमानों के आधार पर 25,000 की मासिक एसआईपी से 20 साल में लगभग 2.49 करोड़ रुपए का निवेश कोष बन सकता है। वहीं, 5 लाख का एकमुश्त निवेश बढ़कर लगभग 48.23 लाख रुपए हो सकता है। इस तरह, दोनों के अंतिम मूल्य में करीब 2 करोड़ का अंतर दिखाई देता है।

लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। इन दोनों विकल्पों में कुल निवेश की रकम समान नहीं है। एकमुश्त निवेश में आप केवल 5 लाख रुपए लगाते हैं, जबकि मासिक एसआईपी में 20 साल के दौरान कुल 60 लाख रुपए जमा करते हैं। यानी एसआईपी में आप 55 लाख रुपए अधिक निवेश करते हैं। इसलिए केवल अंतिम निवेश कोष की तुलना करके यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि एसआईपी हर स्थिति में एकमुश्त निवेश से बेहतर है।

एकमुश्त निवेश में पूरी रकम पहले दिन से बाजार में काम करने लगती है, जबकि एसआईपी में पैसा धीरे-धीरे निवेश होता है। यदि बाजार लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन करता है, तो शुरुआत में पूरी रकम निवेश करने से फायदा मिल सकता है। दूसरी ओर, एसआईपी नियमित आय वाले निवेशकों को अनुशासित तरीके से निवेश करने और बाजार के उतार-चढ़ाव के दौरान निवेश जारी रखने में मदद कर सकती है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, एकमुश्त निवेश और एसआईपी में से किसी एक को चुनने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति, निवेश की अवधि, जोखिम उठाने की क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों को समझना जरूरी है। यदि आपके पास पहले से बड़ी रकम उपलब्ध है, तो एकमुश्त निवेश पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, बाजार में गलत समय पर निवेश करने का जोखिम भी ध्यान में रखना चाहिए।

वहीं, यदि आप हर महीने वेतन या कारोबार से नियमित आय प्राप्त करते हैं और लंबे समय में संपत्ति बनाना चाहते हैं, तो एसआईपी आपके लिए सुविधाजनक विकल्प हो सकती है। निवेश शुरू करने से पहले आपातकालीन जरूरतों के लिए पर्याप्त बचत रखना और महंगे कर्ज से बचना भी महत्वपूर्ण है।

Continue Reading
Advertisement
अंतरराष्ट्रीय समाचार1 hour ago

ब्रिक्स संसदीय मंच से वैश्विक व्यवस्था को दिशा देने में संसद की भूमिका पर जोर, ओम बिरला ने बताई अहमियत

राजनीति2 hours ago

ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के बारे में जिलावार मांगी रिपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय समाचार2 hours ago

हूती ने रियाद हवाई अड्डे पर ‘सटीक’ हमले का दावा किया

राजनीति2 hours ago

सर्बिया संसदीय चुनाव: छात्र आंदोलन ने पलटी बाजी, अलेक्जेंडर वुसिच ने स्वीकारी हार

राजनीति3 hours ago

यूपी के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां आपस में टकराईं, कई घायल

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 hours ago

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘डियर फ्रेंड’ लूला को ब्राजील का राष्ट्रपति चुनाव जीतने पर दी बधाई

महाराष्ट्र3 hours ago

महाराष्ट्र: 500 करोड़ लेनदेन और ऑडियो क्लिप मामले में संजय राउत ने अमित शाह को लिखा पत्र, ईडी जांच की मांग

अंतरराष्ट्रीय समाचार22 hours ago

ईरानी सेना का दावा, बंदर अब्बास के ऊपर उड़ रहे एक अमेरिकी ‘लुकास’ ड्रोन को मार ग‍िराया

व्यापार22 hours ago

मार्केट आउटलुक: फेड बैठक, तिमाही नतीजों और कच्चे तेल से तय होगी शेयर बाजार की चाल

खेल23 hours ago

शाहीन अफरीदी के नाम जुड़ी बड़ी उपलब्धि, वनडे में सबसे तेज 150 विकेट लेने वाले बने पाकिस्तानी तेज गेंदबाज

बॉलीवुड4 weeks ago

टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला

अपराध2 weeks ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

राजनीति2 weeks ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से विरोध-प्रदर्शन के कारण यात्रा की योजना पहले से बनाने की दी सलाह

खेल3 weeks ago

‘आपकी जीत बेहतरीन प्रदर्शन, दृढ़ संकल्प और टीम वर्क की भावना का सबूत,’ गोल्ड जीतने पर राष्ट्रपति मुर्मु ने टीम इंडिया को सराहा

राजनीति4 weeks ago

अखिलेश यादव का चुनावी ऐलान : सत्ता में आए तो पुरानी पेंशन बहाल, शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने का वादा

व्यापार3 weeks ago

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

मनोरंजन3 weeks ago

‘तुम झूठे हो गौतम गुलाटी’, प्रियंका चाहर चौधरी से भिड़े गौतम, ‘राइज एंड फॉल 2’ में छिड़ी तीखी जंग

मनोरंजन4 weeks ago

बर्थडे बॉय रणबीर कपूर पर बॉलीवुड ने बरसाया प्यार, मां नीतू और रवि दुबे ने भी दी बधाई

मनोरंजन2 weeks ago

कनिका-लव की लड़ाई में कूदी आम्रपाली, गुल्लू से हुई बहस

रुझान