Connect with us
Friday,28-August-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

स्पेसएक्स के आईपीओ से एलन मस्क की संपत्ति 970 अरब डॉलर के पार पहुंची, दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बनने के करीब

Published

on

एलन मस्क की अंतरिक्ष और सैटेलाइट कंपनी स्पेस एक्सप्लोरेशन टेक्नोलॉजीज कॉर्प (स्पेसएक्स) ने अपने अब तक के सबसे बड़े प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के साथ इतिहास रच दिया है, जिससे यह सबसे बड़ी सार्वजनिक कंपनियों के टॉप लिस्ट में पहुंच गई है, और इसी के साथ कई रिपोर्टों के अनुसार, इसके संस्थापक एलन मस्क की कुल संपत्ति बढ़कर 970 अरब डॉलर से ज्यादा हो गई है, जिससे वह दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर (1 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति वाले व्यक्ति) बनने के और करीब आ गए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पेसएक्स ने अपने शेयरों की कीमत 135 डॉलर प्रति शेयर तय की है। इस आईपीओ के जरिए कंपनी ने लगभग 75 अरब डॉलर जुटाए हैं, जिसे इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बताया जा रहा है, जिसके बाद कंपनी का कुल मूल्यांकन करीब 1.77 ट्रिलियन डॉलर हो गया है।

स्पेसएक्स के शेयर 12 जून को नैस्डैक स्टॉक एक्सचेंज पर ‘एसपीसीएक्स’ टिकर नाम से लिस्ट होकर कारोबार शुरू करेंगे।

आईपीओ की कीमत तय होने के बाद एलन मस्क की संपत्ति में लगभग 275 अरब डॉलर की बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जिससे उनकी कुल संपत्ति 971 अरब डॉलर तक पहुंच गई है (ब्लूमबर्ग बिलियनर्स इंडेक्स के अनुसार)।

आईपीओ मूल्यांकन के आधार पर स्पेसएक्स में एलन मस्क की हिस्सेदारी और शेयर विकल्पों का मूल्य लगभग 688 अरब डॉलर आंका गया है।

नियामकीय दस्तावेजों के अनुसार, 1 मई तक मस्क के पास 84.94 करोड़ क्लास-ए शेयर और 557 करोड़ क्लास-बी शेयर थे। दोनों श्रेणियों को मिलाकर उनके पास कुल लगभग 642 करोड़ शेयर हैं।

आईपीओ पूरा होने से पहले स्पेसएक्स की दोहरी शेयर संरचना के कारण एलन मस्क कंपनी की लगभग 85 प्रतिशत वोटिंग पावर को नियंत्रित करते हैं।

कंपनी की शेयर संरचना के तहत क्लास-बी शेयर को 10 वोट का अधिकार मिलता है, जबकि क्लास-ए शेयर के पास केवल एक वोट का अधिकार होता है।

नियामकीय दस्तावेजों में कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और बोर्ड सदस्यों की हिस्सेदारी की जानकारी भी दी गई है।

एलन मस्क ने वर्ष 2002 में स्पेसएक्स की स्थापना की थी, और आज यह दुनिया की सबसे प्रमुख अंतरिक्ष कंपनियों में शामिल है।

कंपनी ने अपने पुन: उपयोग किए जा सकने वाले फाल्कन-9 और फाल्कन हेवी रॉकेट, ड्रैगन अंतरिक्ष यान और स्टारशिप लॉन्च कार्यक्रम के जरिए वैश्विक पहचान बनाई है।

स्पेसएक्स ने अपने सैटेलाइट इंटरनेट कारोबार स्टारलिंक के जरिए भी तेजी से विस्तार किया है, जिसने कंपनी की आय और वैश्विक पहुंच को मजबूत किया है।

राष्ट्रीय समाचार

यूपीआई लेनदेन की संख्या बीते एक दशक में 13,000 गुना बढ़कर 24,162 करोड़ से अधिक हुई : केंद्र

Published

on

भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई)पर वार्षिक लेनदेन की संख्या बीते एक दशक में 13,000 गुना बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 24,162 करोड़ हो गई है, जबकि वित्त वर्ष 2016-17 में इनकी संख्या 1.78 करोड़ थी। यह जानकारी वित्त मंत्रालय की ओर से सोमवार को दी गई।

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की ओर से 25 अगस्त, 2016 को यूपीआई को लॉन्च किया था। आज के समय में यह देश के डिजिटल भुगतान प्रणाली की रीढ़ बन गया है।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक, यूपीआई लेनदेन की कुल वैल्यू वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 314 लाख करोड़ रुपए हो गई है, जो कि वित्त वर्ष 2016-17 में 0.07 लाख करोड़ रुपए थी। यह बीते एक दशक में करीब 4,000 गुना की बढ़ोतरी दिखाता है।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि यूपीआई के बड़े पैमाने, भरोसे और इंटरऑपरेबिलिटी को दुनिया भर में पहचान मिली है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड ने इसे ट्रांजैक्शन वॉल्यूम के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम माना है। 2025 तक, दुनिया भर में होने वाले रियल-टाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में यूपीआई की हिस्सेदारी लगभग 49 प्रतिशत थी।

2026 में यूपीआई की ग्रोथ की रफ्तार और तेज हो गई है। मई में पहली बार यूपीआई लेनदेन की संख्या 2,300 करोड़ के आंकड़े को पार कर 2,320 करोड़ पर पहुंच गई। इसके बाद जुलाई में प्लेटफॉर्म पर रिकॉर्ड 2,366 करोड़ लेनदेन हुए, जो इसके दस साल के सफर में सबसे अधिक मासिक लेनदेन का आंकड़ा है।

संस्थागत भागीदारी में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। यूपीआई पर लाइव बैंकों की संख्या वित्त वर्ष 2016-17 में 44 से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 तक 703 हो गई, जिसमें पब्लिक सेक्टर बैंक, प्राइवेट बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट बैंक और कोऑपरेटिव बैंक शामिल हैं।

मंत्रालय ने कहा कि मर्चेंट पेमेंट में यूपीआई को काफी ज्यादा अपनाया गया है। कुल लेनदेन की संख्या में पर्सन-टू-मर्चेंट (पी2एम) लेनदेन का हिस्सा 63 प्रतिशत था, जबकि कुल लेनदेन वैल्यू में पर्सन-टू-पर्सन का योगदान 71 प्रतिशत था।

डेटा से यह भी पता चलता है कि रोजमर्रा के छोटे-मोटे भुगतान के लिए यूपीआई का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। वित्त वर्ष 26 में लगभग 86 प्रतिशत पी2एम लेनदेन 500 रुपए से कम के थे, जबकि 59 प्रतिशत पी2पी लेनदेन भी 500 रुपए से कम के थे।

Continue Reading

व्यापार

भारतीय शेयर बाजार मजबूत वैश्विक संकेतों से हरे निशान में खुला, आईटी स्टॉक्स में खरीदारी

Published

on

मजबूत वैश्विक संकेतों से भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में तेजी के साथ खुला। सुबह 9:21 पर सेंसेक्स 226 अंक या 0.28 प्रतिशत की मजबूती के साथ 77,765 और निफ्टी 52 अंक या 0.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,305 पर था।

शुरुआती कारोबार में बाजार की तेजी को सहारा आईटी शेयर ने दिया। सूचकांकों में निफ्टी आईटी और निफ्टी मीडिया करीब एक प्रतिशत की तेजी के साथ टॉप गेनर्स थे। निफ्टी मेटल, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी प्राइवेट बैंक हरे निशान में थे।

वहीं, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी ऑटो और निफ्टी पीएसयू बैंक लाल निशान में थे।

लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में तेजी के साथ कारोबार हो रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 166 अंक या 0.26 प्रतिशत की तेजी के साथ 63,900 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 96 अंक या 0.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ 20,068 पर था।

सेंसेक्स पैक में इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, टेक महिंद्रा, इंडिगो, आईसीआईसीआई बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचयूएल, एनटीपीसी, ट्रेंट, आईटीसी, मारुति सुजुकी, एसबीआई और सन फार्मा गेनर्स थे। एशियन पेंट्स, बीईएल, टाइटन, अदाणी पोर्ट्स, इटरनल, पावर ग्रिड, बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल और एमएंडएम लूजर्स थे।

जानकारों के मुताबिक, अमेरिका बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने जैसे सकारात्मक संकेतों से बाजार में तेजी को सहारा मिला है।

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी सरकार की ओर से लंबी अवधि के बॉन्ड बायबैक की लिमिट को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर 4 अरब डॉलर करने से 30 साल के अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में करीब आधा प्रतिशत की कमी आई है।

खबर लिखे जाने तक कच्चे तेल का बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 91.35 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.60 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 85.68 डॉलर प्रति बैरल पर था।

वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार के सत्र में बढ़त के साथ बंद हुआ था, जिसमें डाओ जोन्स 0.98 प्रतिशत और नैस्डैक 0.43 प्रतिशत की उछाल के साथ बंद हुआ।

Continue Reading

व्यापार

इस सप्ताह निफ्टी में गिरावट के बीच एफआईआई ने निकाले 1,602 करोड़ रुपए, घरेलू निवेशकों ने संभाला मोर्चा

Published

on

ऊंची कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे सप्ताह दबाव देखने को मिला। इस दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय बाजार से 1,602 करोड़ रुपए की शुद्ध निकासी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने खरीदारी जारी रखते हुए बाजार को सहारा दिया।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, एफआईआई तीन सप्ताह की लगातार खरीदारी के बाद फिर से बिकवाली के रुख में लौट आए। पूरे सप्ताह के दौरान उनका निवेश व्यवहार मिश्रित रहा। सप्ताह के पहले कारोबारी सत्र में उन्होंने बिकवाली की, इसके बाद अगले दो सत्रों में खरीदारी की और फिर अंतिम दो कारोबारी दिनों में दोबारा बिकवाली शुरू कर दी।

यदि 20 जुलाई से 21 अगस्त की अवधि को देखा जाए, तो एफआईआई पहले सप्ताह में विक्रेता रहे, उसके बाद लगातार तीन सप्ताह खरीदार बने और इस सप्ताह में फिर से बिकवाली की। इसके बावजूद पिछले एक महीने में उनकी कुल गतिविधि का परिणाम 1,282 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी के रूप में सामने आया।

दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशक लगातार मजबूती से खरीदारी करते रहे। उन्होंने पिछले एक महीने के दौरान हर सप्ताह शुद्ध निवेश किया और कुल मिलाकर 48,390 करोड़ रुपए का निवेश किया। केवल इस सप्ताह ही डीआईआई ने 17,320 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की।

अगस्त महीने के अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो दोनों श्रेणियों के निवेशक कुल मिलाकर खरीदार बने हुए हैं। इस अवधि में एफआईआई ने 2,510 करोड़ रुपए और डीआईआई ने 34,370 करोड़ रुपए का निवेश किया है।

सप्ताह के दौरान प्रमुख सूचकांकों में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 92 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रही और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।

निफ्टी ने सप्ताह की शुरुआत कमजोरी के साथ की और मध्य सप्ताह में 24,026 का निचला स्तर छुआ। हालांकि अंतिम दो कारोबारी सत्रों में रिकवरी देखने को मिली, जिससे सूचकांक निचले स्तरों से उबर गया। इसके बावजूद सप्ताह के अंत में निफ्टी 24,252 के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले सप्ताह की तुलना में लगभग 0.5 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है।

व्यापक बाजार का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स लगभग सपाट स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने नया सर्वकालिक उच्च स्तर छूते हुए सप्ताह में 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की रुचि अभी भी मध्यम और छोटी कंपनियों के शेयरों में बनी हुई है।

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिका-ईरान भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। यदि तेल कीमतों में और तेजी आती है, तो भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों की मजबूत खरीदारी बाजार को समर्थन देती रह सकती है।

Continue Reading
Advertisement
राजनीति13 hours ago

नेपाल बाढ़ त्रासदी में 160 से ज्यादा मौतें, भारत हर संभव मदद के लिए तैयार: संजय निरुपम

राष्ट्रीय समाचार13 hours ago

योगी सरकार को महिलाओं की याद देर से आई, योजनाएं जमीन पर दिखें: इमरान मसूद

महाराष्ट्र13 hours ago

महाराष्ट्र: सुप्रिया सुले पर ओबीसी प्रमाणपत्र के आरोप को लेकर मचा बवाल

मनोरंजन13 hours ago

नेपाल में बाढ़ की तबाही देख भावुक हुए अनुपम खेर, कहा- ‘ऐसे समय में शब्द बहुत छोटे पड़ जाते हैं’

मनोरंजन14 hours ago

गुजरात के सीएम का 14 महिला विधायकों को राखी का तोहफा, उनके क्षेत्रों में 28 करोड़ की स्पेशल ग्रांट

अंतरराष्ट्रीय समाचार14 hours ago

जापान दौरे के दौरान पीयूष गोयल ने अधिक निवेश और मजबूत औद्योगिक साझेदारियों का किया आह्वान, भारत-जापान आर्थिक सहयोग को मिली नई गति

राष्ट्रीय समाचार14 hours ago

नेपाल में 21 भारतीयों को बचाया गया, सभी तमिलनाडु से: विदेश मंत्रालय

महाराष्ट्र14 hours ago

मुंबई के लालबाग परेल में ईद मिलाद-उन-नबी जुलूस से लौटते समय हिंसा

मनोरंजन15 hours ago

अमिताभ बच्चन ने शादीशुदा पुरुषों को दी मजेदार सलाह, बोले-‘विवाह की तिथि कभी मत भूलिएगा’

राष्ट्रीय समाचार15 hours ago

2026 की दूसरी छमाही की शुरुआत में भारत में कई आर्थिक संकेतों ने दिखाई मजबूती : रिपोर्ट

महाराष्ट्र3 weeks ago

महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक पाबंदी, मंत्री नितेश राणे ने गोवा से मांगा सहयोग

मनोरंजन4 weeks ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

व्यापार3 weeks ago

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

मनोरंजन3 weeks ago

‘खतरनाक स्टंट करने की हिम्मत देते हैं’, फरहाना भट्ट ने रोहित शेट्टी को बताया मजबूत सपोर्ट

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत का लक्ष्य 2030 तक 10,000 जीआई पंजीकरण और एफटीए के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाना

महाराष्ट्र2 weeks ago

महाराष्ट्र: टीईटी पेपर लीक मामले में पुलिस प्रशिक्षण संस्थान का संचालक गिरफ्तार, भिवंडी कोर्ट में किया जा सकता है पेश

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता, 6 महीने में 17,590 गुमशुदा महिलाएं और बच्चे खोजे गए

राजनीति3 weeks ago

केजरीवाल के कार्यकाल में सरकार को भारी जीएसटी नुकसान, रिश्वत-वसूली के लिए नहीं की गई कार्रवाई: प्रवेश वर्मा

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

सरकारी योजनाओं के दम पर भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार मजबूत, 10.88 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़ रहा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर

रुझान