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Monday,12-October-2026
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नेपाल बाढ़ त्रासदी में 160 से ज्यादा मौतें, भारत हर संभव मदद के लिए तैयार: संजय निरुपम

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शिवसेना नेता संजय निरुपम ने नेपाल में आई भीषण बाढ़, महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के पेपर लीक, गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा प्रशिक्षण, कॉमेडियन समय रैना के सम्मान और कर्नाटक में ‘वंदे मातरम’ के दो छंद गाए जाने के फैसले को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नेपाल की त्रासदी पर चिंता जताते हुए भारत की ओर से हरसंभव मदद की बात कही, जबकि पेपर लीक मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।

नेपाल में आई भीषण बाढ़ को लेकर संजय निरुपम ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में 160 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब एक हजार लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई तीर्थयात्री भी इस आपदा में फंसे हैं और कुछ के हताहत होने की आशंका है। नेपाल का दुख भारत का भी दुख है और भारत सरकार तथा देश नेपाल के साथ खड़ा रहेगा। नेपाल को जितनी सहायता की जरूरत होगी, भारत सरकार मदद करेगी।

बाढ़ के कारणों पर उन्होंने ग्लेशियरों और प्राकृतिक व्यवस्थाओं से छेड़छाड़ को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन प्राकृतिक संतुलन के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। नेपाल की नदियों का सीधा संबंध बिहार और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल से है। नेपाल में भारी बारिश या बाढ़ आने पर कोसी, गंडक और घाघरा जैसी नदियों में भी जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारें अलर्ट मोड में हैं और बाढ़ से पहले जान-माल की सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं।

एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का पेपर लीक होने और परीक्षा रद्द किए जाने पर निरुपम ने कहा कि पेपर लीक एक गंभीर अपराध है। यह समस्या किसी एक राज्य या सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे अंतरराज्यीय स्तर पर आपराधिक नेटवर्क काम कर रहा है। पेपर लीक करने वाले माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। अलग-अलग राज्यों की सरकारों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर ऐसे नेटवर्क को खत्म करना चाहिए। साथ ही कोचिंग और करियर गाइडेंस के नाम पर चल रहे उन संस्थानों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जो परीक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाते हैं।

निरुपम ने कहा कि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले सामान्य परिवारों के युवा वर्षों तक मेहनत करते हैं। पेपर लीक उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है, इसलिए दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा चालकों को मराठी सीखने के लिए दिए जा रहे प्रशिक्षण और इस मुद्दे पर दाखिल पीआईएल पर निरुपम ने कहा कि सरकार की स्थिति स्पष्ट है। जो लोग मराठी सीख चुके हैं, उनका स्वागत किया जाना चाहिए और जो अभी भाषा नहीं सीख पाए हैं, उन्हें पर्याप्त समय मिलना चाहिए। किसी चालक का लाइसेंस रद्द करना, परमिट जब्त करना या बैज रद्द करना उचित नहीं होगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी जरूरत के अनुसार समय देने की बात कही है।

साइबर सिक्योरिटी से जुड़े एक कार्यक्रम में समय रैना को सम्मानित किए जाने पर विपक्ष के सवालों पर निरुपम ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम की पूरी जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री को बढ़ावा देना गलत है और ऐसी गतिविधियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अच्छा काम करता है तो सरकार द्वारा उसके काम को प्रोत्साहित करने के लिए सम्मानित किया जा सकता है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के ‘वंदे मातरम’ के केवल दो छंद गाने संबंधी बयान पर निरुपम ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रगीत है और इसे संसद से कानूनी दर्जा प्राप्त है। संसद ने इसके सभी छह छंद गाने के लिए कानून बनाया है। यदि कोई व्यक्ति, संस्था, सरकार या मुख्यमंत्री अपनी ओर से केवल दो छंद गाने की जिद करता है, तो यह संसद द्वारा बनाए गए कानून का उल्लंघन होगा।

उन्होंने कांग्रेस नेताओं से इस विषय को समझने की अपील करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा गीत है और हजारों-लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने इसे गाते हुए आजादी की लड़ाई लड़ी। इसलिए इसके सम्मान और कानूनी प्रावधानों का पालन किया जाना चाहिए।

राष्ट्रीय समाचार

जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने पर अभिजीत दिपके का हमला, बोले-सरकार को विरोध की आवाज से दिक्कत

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके ने निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र को लोगों के विरोध करने के विचार से दिक्कत थी।

अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आज पीएम मोदी ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की तय जगह के तौर पर हटा दिया। कल वे लोकतंत्र को ही खत्म कर देंगे। तानाशाह को कभी विरोध-प्रदर्शन की जगह से दिक्कत नहीं थी। दिक्कत तो लोगों के विरोध करने के विचार से थी।”

दरअसल, गृह मंत्रालय की कमेटी की सिफारिश के आधार पर दिल्ली पुलिस ने नई गाइडलाइंस जारी करते हुए जंतर-मंतर को तय विरोध स्थल की सूची से हटा दिया है। अब विरोध प्रदर्शन के लिए तीन नई जगहें; रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबी मैदान (पूर्वी दिल्ली) तय की गई है।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने नागरिकों के विरोध-प्रदर्शन के अधिकार के लिए मौजूदा तय जगह के अलावा अन्य उपयुक्त स्थानों की जांच के लिए एक समिति बनाई थी। समिति की सिफारिशों के आधार पर यह फैसला किया गया है। इन तीनों जगहों पर प्रदर्शन के लिए विस्तृत और संशोधित एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) अलग से जारी की जाएगी। दिल्ली पुलिस का यह आदेश 28 अप्रैल 2022 के पुराने स्टैंडिंग ऑर्डर में आंशिक बदलाव है।

जंतर-मंतर लंबे समय से देश में लोकतांत्रिक विरोध का केंद्र रहा है। लगातार किसी न किसी मुद्दे को लेकर वहां प्रदर्शन होते रहे हैं। हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन करने की कोशिश की थी। उस दौरान पुलिस और प्रशासन ने कई सख्त कदम उठाए थे। सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया था।

उस प्रदर्शन के दौरान स्थिति ऐसी बनी थी कि दिल्ली सरकार को करीब 45 मेट्रो स्टेशन बंद करने पड़े थे और कई ट्रेनों को भी रद्द करना पड़ा था, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सरकार का कहना है कि जंतर-मंतर पर बार-बार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों से मध्य दिल्ली में यातायात और जनजीवन प्रभावित होता है। इसी को देखते हुए प्रदर्शन स्थलों को शहर के बाहरी इलाकों में शिफ्ट किया गया है। वहीं विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने इसे विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश बताया है।

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राष्ट्रीय समाचार

वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में मिले-जुले रह सकते हैं नतीजे, चुनिंदा क्षेत्रों में मांग मजबूत : रिपोर्ट

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वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में कॉरपोरेट नतीजे अलग-अलग सेक्टर्स में मिले-जुले रह सकते हैं। हालांकि, इस दौरान लागत पर दबाव बने रहने के बावजूद, कुछ खास इंडस्ट्रीज को मजबूत मांग से सहारा मिलेगा। यह जानकारी सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।

पीएल कैपिटल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) को मौजूदा अच्छे औसत इक्विटी एसेट्स से फायदा होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट के अनुसार, कवरेज दायरे में आने वाली कंपनियों की मुख्य आय में तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 3.6 प्रतिशत और साल-दर-साल आधार पर 11.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है।

इसके अलावा, बैंकों में लोन ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है, जबकि शुद्ध ब्याज मार्जिन पर निगरानी रखनी होगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑटो और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की तरफ से लोन बांटने की स्थिर वृद्धि से ग्रोथ को सहारा मिल सकता है, लेकिन बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, ऑटो सेक्टर में रिटेल मांग और त्योहारों के लिए स्टॉक जमा करने से आपूर्ति को बढ़ावा मिला, लेकिन कच्चे माल की ऊंची लागत और सप्लाई-चेन में रुकावटों से मुनाफे पर असर पड़ने की उम्मीद है।

इसके अलावा, बिल्डिंग मटीरियल सेक्टर में अलग-अलग ट्रेंड देखने को मिल सकते हैं। पाइप का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहने की उम्मीद है, जबकि वुड पैनल को निर्यात से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सीमेंट इंडस्ट्री के वॉल्यूम में सालाना आधार पर लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है, हालांकि ईंधन की ऊंची लागत से मुनाफे पर दबाव पड़ने की संभावना है।

इसी तरह, कंज्यूमर स्टेपल्स में दोहरे अंकों की ग्रोथ का अनुमान है, हालांकि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में महंगाई और बारिश की अनिश्चितताओं का असर पड़ सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वायर और केबल की ग्रोथ से कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर को फायदा होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट के अनुसार, इंडस्ट्रियल सेक्टर में ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन पर फोकस करने वाली कैपिटल गुड्स कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है, जबकि इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर काम पूरा करने से जुड़ी चुनौतियों का असर पड़ सकता है।

इसमें आगे कहा गया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम की रफ्तार स्थिर रहने की उम्मीद है, हालांकि नए ऑर्डर मिलने की गति धीमी हुई है।

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अपराध

ओडिशा से रायपुर लाया जा रहा 23.5 किलो गांजा जब्त, चार तस्कर गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट पर बड़ी सफलता हासिल की है।

पुलिस ने एक कार से 23.500 किलोग्राम गांजा बरामद कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में करीब 19.95 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई है।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि किआ कैरेंस कार (ओडी 02 सीटी 3301) में अवैध गांजा लेकर कुछ तस्कर ओडिशा से छत्तीसगढ़ की ओर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने एनएच-53 स्थित अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट पर नाकेबंदी की। कुछ देर बाद संदिग्ध वाहन को रोककर उसकी जांच की गई।

कार में सवार चारों व्यक्तियों से पूछताछ के दौरान उनके जवाब संदिग्ध पाए गए। पूछताछ करने पर उन्होंने कार में गांजा होने की बात स्वीकार की। तलाशी लेने पर वाहन की पिछली सीट के पीछे रखी सफेद रंग की बोरी से 23.500 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 11.75 लाख रुपए बताई गई है।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे गांजा ओडिशा के बौध जिले से लेकर रायपुर (छत्तीसगढ़) पहुंचाने जा रहे थे।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गांजे के अलावा तस्करी में प्रयुक्त किआ कैरेंस कार (कीमत 8 लाख रुपए) और चार मोबाइल फोन (कीमत 20,500 रुपए) भी जब्त कर लिए। कुल जब्त संपत्ति की कीमत 19,95,500 रुपए आंकी गई है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान केशव गाई गौउरिया (32), स्वागत महाकुल (26), मनतोष पौड (28) और रविन्द्र बस्तिया (26) के रूप में हुई है। सभी आरोपी ओडिशा के बौध जिले के निवासी हैं।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना सिंघोडा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) II(बी) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब गांजे की सप्लाई चेन, सोर्स प्वाइंट, डेस्टिनेशन प्वाइंट और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है।

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