अंतरराष्ट्रीय
फिसीपींस में भूकंप के बाद 37 हुई मृतकों की संख्या, 20 हजार लोग हुए विस्थापित
नई दिल्ली, 9 जून: दक्षिणी फिलीपींस के सारंगनी प्रांत में सोमवार सुबह आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही हुई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है, जबकि लगभग 20 हजार लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।
भूकंप में करीब 500 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है और अनेक क्षेत्रों में स्कूलों तथा उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। भूकंप के बाद जापान सहित कई देशों ने सुनामी की चेतावनी जारी की थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।
फिलीपींस के सिविल डिफेंस कार्यालय की प्रवक्ता जूनी कैस्टिलो ने बताया कि साउथ कोटाबाटो के जनरल सैंटोस शहर में 10 लोगों की मौत की सूचना मिली है। यह पोर्ट सिटी 7 लाख से अधिक आबादी वाला क्षेत्र है। यहां कम से कम 12 लोगों के लापता होने की भी सूचना है। अधिकांश मौतें मलबा गिरने, इमारतों के ढहने और भूस्खलन के कारण हुई हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, फिलीपींस नेशनल पुलिस ने पहले बताया था कि कम से कम 134 लोग घायल हुए हैं। जनरल सैंटोस में एक दो मंजिला स्कूल भवन भी ढह गया, जिसमें छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई गई। अधिकारियों ने कहा कि वे घटना से जुड़ी जानकारियों का सत्यापन कर रहे हैं।
सोशल मीडिया और ऑनलाइन वीडियो में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में यूनिवर्सिटी और रेस्टोरेंट की बिल्डिंगें गिर गईं। कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को स्ट्रक्चरल डैमेज हुआ, साइनबोर्ड गिर गए और खिड़कियों के शीशे टूट गए। भूकंप के झटकों के बाद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
फिलीपींस में गर्मी की छुट्टियां समाप्त होने के बाद स्कूल खुले ही थे कि यह शक्तिशाली भूकंप आ गया। कई स्कूलों के सर्विलांस फुटेज में भूकंप के दौरान जोरदार झटके दिखे। शिक्षकों और छात्रों को या तो तुरंत निकाला गया या वे डेस्क के नीचे छिप गए। देश के शिक्षा विभाग ने कहा कि जिन स्कूलों पर असर पड़ा है, उनमें 5,800 से ज्यादा स्टूडेंट्स हैं। इन स्टूडेंट्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्लास रोकने का आदेश दिया गया है।
जनरल सैंटोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने पूरी सुरक्षा जांच के लिए स्थानीय समय के हिसाब से सुबह 8:45 बजे से दोपहर 3 बजे तक ऑपरेशन रोक दिया। तीन एयरलाइनों ने कुल 17 घरेलू उड़ानें कैंसिल कर दीं। सिविल एविएशन अधिकारियों के मुताबिक, एयरपोर्ट पर लैंडिंग और टेकऑफ ऑपरेशन अभी सोमवार दोपहर 3 बजे से 11 जून शाम 6 बजे तक सरकारी, मिलिट्री और मानवीय मदद वाली उड़ानों तक ही सीमित हैं।
अंतरराष्ट्रीय
इजरायल में इस साल 27 अक्टूबर को होगा चुनाव, जनता करेगी नेतन्याहू की किस्मत का फैसला

तेल अवीव, 13 जुलाई: इजरायल में आम चुनाव की तारीख का ऐलान हो गया है। नेसेट के कानूनी सलाहकार सागिट अफिक ने रविवार को घोषणा की कि नेसेट 17 जुलाई को भंग हो जाएगा। इसके साथ ही इजरायल में चुनाव अपनी तय तारीख 27 अक्टूबर को होंगे। यह इजरायली कानून के तहत सबसे आखिरी तारीख है। 27 अक्टूबर को इजरायल के वर्तमान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की किस्मत का फैसला होगा।
इजरायली मीडिया टाइम्स ऑफ इजरायल की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, अफिक ने नेसेट हाउस कमेटी की चर्चा के दौरान कहा, “मौजूदा नेसेट अपना कार्यकाल पूरा करेगी और इसे जल्दी भंग नहीं किया जाएगा। चुनाव की तारीख कानून के अनुसार तय की गई है और यह 27 अक्टूबर ही रहेगी।”
बता दें, इससे 1988 के बाद पहली बार इजरायल में तय समय पर आम चुनाव होंगे। इसके साथ ही, यदि ऐसा होता है तो प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौजूदा सरकार 1973 के बाद पहली ऐसी इजरायली सरकार बन जाएगी, जिसने अपना पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा किया हो।
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब गठबंधन ने संसद भंग होने से पहले अपनी सबसे विवादित बिल पास कराने के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। संसद भंग होने पर आम तौर पर कानून तब तक नहीं बनते जब तक गठबंधन और विपक्ष दोनों सहमत न हों। इजरायल की 37वीं मौजूदा सरकार 29 दिसंबर, 2022 को नफ्ताली बेनेट-यायर लैपिड सरकार के गिरने के बाद बनी थी।
बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाली मौजूदा गठबंधन सरकार, जिसमें लिकुड, कई अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स और दक्षिणपंथी दल शामिल हैं, को व्यापक रूप से इजरायल के इतिहास की सबसे कट्टरपंथी सरकारों में से एक माना जाता है।
नेतन्याहू की सरकार के लिए हाल का समय काफी मुश्किल भरा रहा। कई बार ऐसे हालात बने, जब लगा कि इजरायली सरकार में टकराव होगा। हमास के साथ बंधक-सीजफायर डील के विरोध में, गाजा में युद्ध के दौरान कट्टर दक्षिणपंथी पार्टियों ने कई मौकों पर सरकार गिराने की धमकी दी। हालांकि, अब तक इजरायली सरकार एक साथ आगे बढ़ रही है।
इजरायली मीडिया ने बताया कि पोल के मुताबिक, अगर आज चुनाव हुए तो नेतन्याहू और उनके साथी 120 सीटों वाली नेसेट में बहुमत से काफी पीछे रह जाएंगे। वहीं, विपक्षी गुट खुद बहुमत के किनारे पर डगमगा रहा है। नेतन्याहू के खिलाफ इस गठबंधन में अरब-बहुमत वाली और अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स पार्टियां शामिल नहीं हैं।
अंतरराष्ट्रीय
वियतनाम नौका हादसा: 15 भारतीयों के पार्थिव शरीर आज लाए जाएंगे भारत

हनोई, 13 जुलाई: वियतनाम नौका हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर सोमवार को हो ची मिन्ह सिटी से भारत लाए जाएंगे। यह जानकारी वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने दी।
शनिवार को फु क्वोक द्वीप के निकट भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक पर्यटक नौका के पलट जाने से 15 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में तमिलनाडु के 10 पर्यटक शामिल थे। यह यात्रा कर्मचारियों के लिए एक पुरस्कार (रिवॉर्ड) ट्रिप के रूप में आयोजित की गई थी, जो एक भीषण हादसे में बदल गई।
वियतनाम एयरलाइंस की उड़ान वीएन979 सोमवार को स्थानीय समयानुसार शाम 6:00 बजे हो ची मिन्ह सिटी से रवाना होगी और भारतीय समयानुसार रात 9:35 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेगी।
भारतीय दूतावास ने इसे लेकर एक बयान जारी किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए बयान में कहा, “11 जुलाई को हुए नौका हादसे में दुखद रूप से जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर आज (सोमवार) वियतनाम एयरलाइंस की उड़ान वीएन979 से हो ची मिन्ह सिटी से भारत भेजे जाएंगे।”
दूतावास ने बताया कि संबंधित राज्य सरकारों को इस संबंध में सूचित कर दिया गया है और उनसे अनुरोध किया गया है कि वे प्रभावित परिवारों के साथ समन्वय कर पार्थिव शरीरों को उनके अंतिम गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था करें।
बयान में कहा गया, “हनोई स्थित भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास दिवंगतों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। किसी भी प्रकार की सहायता के लिए हम उपलब्ध हैं।”
इस बीच, दक्षिणी वियतनाम के एन जियांग प्रांत की पुलिस ने रविवार को नौका हादसे से जुड़े कथित कानूनी उल्लंघनों के आरोप में एक स्थानीय व्यक्ति को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 57 वर्षीय नौका चालक गुयेन होंग हाई के रूप में हुई है। वह एन जियांग प्रांत के सोन कियेन कम्यून के थुआन तिएन गांव का निवासी है और फिलहाल फु क्वोक विशेष क्षेत्र में रह रहा था।
प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, नौका में करीब 32 भारतीय पर्यटक सवार थे। इनमें 17 तमिलनाडु से थे, जबकि अन्य पर्यटक आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल के रहने वाले थे।
बताया गया कि नौका दक्षिणी वियतनाम के लोकप्रिय पर्यटन स्थल फु क्वोक द्वीप के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र में यात्रा के दौरान पलट गई।
हादसे के तुरंत बाद बचाव दल, स्थानीय लोग और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं और बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। कई यात्रियों को समुद्र से सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि बेहोश मिले लोगों को बचाने के लिए उन्हें मौके पर ही कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) दिया गया।
तेज बचाव अभियान के बावजूद अधिकारियों ने पुष्टि की कि हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य यात्रियों को सुरक्षित बचाकर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
फिलहाल हादसे के वास्तविक कारण का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है।
व्यापार
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला; सेंसेक्स 77,000 के नीचे फिसला

मुंबई, 13 जुलाई: मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में खुला। सुबह 9:18 पर सेंसेक्स 649 अंक या 0.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,920 और निफ्टी 184 अंक या 0.76 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,022 पर था।
बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली देखी जा रही थी। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 280 अंक या 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 62,756 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 66 अंक या 0.37 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,349 पर था।
सूचकांकों में सबसे अधिक गिरावट निफ्टी मेटल, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी कंजप्शन में थी। इसके बाद निफ्टी ऑटो, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी एफएमसीजी भी लाल निशान में थे।
दूसरी तरफ निफ्टी आईटी और निफ्टी फार्मा में हरे निशान के साथ कारोबार हो रहा है।
सेंसेक्स पैक में टीसीएस, एचसीएल टेक, पावर ग्रिड और एनटीपीसी हरे निशान में थे। टाटा स्टील, इंडिगो, मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, एचडीएफीस बैंक, एलएंडटी, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, बीईएल, टाइटन, एमएंडएम, भारती एयरटेल, एसबीआई, सन फार्मा, आईसीआईसीआई बैंक, इन्फोसिस और आईटीसी लाल निशान में थे।
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के चलते ज्यादातर एशिया के बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल लाल निशान में था। हालांकि, जकार्ता का बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहा था। वहीं, शुक्रवार को अमेरिकी बाजार मजबूती के साथ बंद हुए थे। मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 0.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 0.29 प्रतिशत की मजबूती के साथ हरे निशान में बंद हुआ।
कमर्शियल जहाजों पर हमलों के जवाब में अमेरिकी सेना की ओर से ईरान पर ताजा स्ट्राइक के बाद क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
वहीं, इन हमलों के बाद इरान भी आक्रामक बना हुआ है और कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है।
इसके चलते कच्चे तेल में भी बड़ी तेजी देखने को मिली है। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 4 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 79 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 4 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74 डॉलर प्रति बैरल के करीब था।
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