व्यापार
मजबूत विदेशी संकेतों से सेंसेक्स 249 अंक उछला, निफ्टी 10500 के ऊपर खुला
मजबूत विदेशी संकेतों से घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत बुधवार को तेजी के साथ हुई। सेंसेक्स 35680 के करीब खुला और निफ्टी भी 10500 के ऊपर खुला। सेंसेक्स सुबह 9.26 बजे पिछले सत्र से 186.34 अंकों यानी 0.53 फीसदी की तेजी के साथ 35616.77 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी पिछले सत्र से 44.90 अंकों यानी 0.43 फीसदी की तेजी के साथ 10515.90 पर बना हुआ था।
वैश्विक शेयर बाजारों से मिले मजबूत संकेतों से भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें सत्र में तेजी का रुझान बना हुआ था।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज ;बीएसई के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सत्र से 249.31 अंकों की बढ़त के साथ 35,679.74 पर खुलाए लेकिन जल्द ही फिसलकर 35515.76 पर आ गया।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज; एनएसई के 50 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक निफ्टी भी पिछले सत्र से 58.25 अंकों की तेजी के साथ 10529.25 पर खुला और 10541.30 तक उछला जबकि आरंभिक कारोबार के दौरान निफ्टी का निचला स्तर 10497.95 रहा।
महाराष्ट्र
मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार सपाट खुला, फार्मा स्टॉक्स में खरीदारी

मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर की शुरुआत सोमवार को सपाट हुई। इस दौरान सेंसेक्स 45 अंक की मामूली कमजोरी के साथ 77,055 अंक और निफ्टी 5 अंक की मामूली बढ़त के साथ 24,061 पर था।
शुरुआती कारोबार में खरीदारी फार्मा और हेल्थकेयर क्षेत्र में देखी जा रही थी। सूचकांकों में निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर टॉप गेनर थे। निफ्टी फिन सर्विस, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी पीएसयू बैंक में भी हरे निशान में कारोबार हो रहा था।
दूसरी तरफ, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी ऑयलएंडगैस, निफ्टी आईटी, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी पीएसई, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी ऑटो लाल निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में इटरनल, सन फार्मा, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, ट्रेंट, टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, एचयूएल, मारुति सुजुकी, एनटीपीसी और अल्ट्राटेक सीमेंट गेनर्स थे। कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो, इन्फोसिस, टीसीएस, एमएंडएम, बीईएल, भारती एयरटेल और एलएंडटी लूजर्स थे।
एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार हो रहा है। टोक्यो, सोल और जकार्ता लाल निशान में थे, जबकि शंघाई, हांगकांग और बैंकॉक में तेजी थी। अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार को लाल निशान में बंद हुए थे। इस दौरान मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 0.09 प्रतिशत की कमजोरी के साथ और नैस्डैक 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ था।
भारत के साथ एशियाई बाजारों के मिलाजुला कारोबार करने की वजह अमेरिका-ईरान के बीच फिर से युद्ध शुरू होना है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब दोनों देश एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए है। दोनों पक्ष मंगलवार को कतर में बैठक कर सकते हैं।
मध्य पूर्व में तनाव फिर बढ़ने से कच्चे तेल में मजबूती देखी जा रही है। खबर लिखे जाने तक डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.23 प्रतिशत की तेजी के साथ 70.07 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 0.98 प्रतिशत की मजबूती के साथ 73.30 डॉलर प्रति बैरल पर था।
व्यापार
सरकार ने मेडिकल डिवाइस बनाने के लाइसेंस के लिए मंजूरी की प्रक्रिया को तेज करने का दिया प्रस्ताव

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने रविवार को चिकित्सा उपकरण नियम, 2017 में संशोधन का प्रस्ताव दिया है। इसका उद्देश्य गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रदर्शन से संबंधित निर्धारित मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हुए चिकित्सा उपकरणों की लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाना और उसमें तेजी लाना है।
मंत्रालय ने प्रस्तावित बदलावों पर लोगों की राय जानने के लिए सरकारी गजट में एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
मौजूदा ढांचे के तहत चिकित्सा उपकरणों को जोखिम के आधार पर चार श्रेणियों—क्लास ए, क्लास बी, क्लास सी और क्लास डी—में वर्गीकृत किया गया है। इनमें क्लास डी में सबसे अधिक जोखिम वाले चिकित्सा उपकरण शामिल हैं। इन नियमों में प्रत्येक श्रेणी के चिकित्सा उपकरणों के लाइसेंस बनाने के लिए प्राप्त आवेदनों के निपटारे के लिए वैधानिक समय-सीमा निर्धारित है।
प्रस्तावित संशोधनों में इन समय-सीमाओं को कम करने की बात कही गई है, ताकि गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रदर्शन के स्थापित मानकों से समझौता किए बिना नियंत्रक स्वीकृतियां अधिक तेजी से प्रदान की जा सकें।
मंत्रालय ने मुताबिक, प्रस्तावित संशोधनों में क्लास बी चिकित्सा उपकरणों, जिनमें निम्न से मध्यम जोखिम वाले उपकरण जैसे ब्लड प्रेशर मॉनिटर, हाइपोडर्मिक सुइयां और पल्स ऑक्सीमीटर शामिल हैं, के लाइसेंस बनाने की समय-सीमा को 140 दिनों से घटाकर 115 दिन करने का प्रस्ताव किया गया है।
इसी तरह, क्लास सी और क्लास डी के चिकित्सा उपकरणों, जिनमें उच्च जोखिम वाले उपकरण जैसे हृदय स्टेंट, कूल्हे और घुटने के प्रत्यारोपण तथा अन्य हड्डी रोगों से संबंधित प्रत्यारोपण शामिल हैं, के लाइसेंस बनाने की समय-सीमा को 105 दिनों से घटाकर 90 दिन करने का प्रस्ताव है।
मंत्रालय के बयान के मुताबिक, प्रस्तावित मसौदे के संशोधनों में लाइसेंसिंग प्रक्रिया के प्रत्येक चरण के लिए भी स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसमें आवेदनों की जांच, अधिसूचित निकायों द्वारा ऑडिट, अनुपालन का सत्यापन तथा लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शामिल है। इससे नियामक व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता, पूर्वानुमान लगाने और दक्षता आने की उम्मीद है। इसका लाभ चिकित्सा उपकरण उद्योग के साथ-साथ रोगियों को भी मिलेगा, क्योंकि उनकी गुणवत्ता वाले चिकित्सा उपकरणों तक अधिक तेजी से पहुंच उपलब्ध हो सकेगी।
मंत्रालय ने कहा कि मसौदे की अधिसूचना को सभी हितधारकों से सुझाव और टिप्पणियां आमंत्रित करने के लिए सार्वजनिक किया गया है। राजपत्र तथा केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की वेबसाइट पर यह अधिसूचना उपलब्ध है। सभी हितधारकों से निर्धारित अवधि के भीतर अपने सुझाव और टिप्पणियां भेजने का अनुरोध किया गया है।
राष्ट्रीय समाचार
मार्केट आउटलुक: भारत-अमेरिका ट्रेड डील, कच्चे तेल की कीमत और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से तय होगी शेयर बाजार की चाल

भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होने वाला है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील, कच्चे तेल की कीमत, एफआईआई का रुझान और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से शेयर बाजार की चाल निर्धारित होगी।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अगले हफ्ते निवेशकों की निगाहें रहेंगी। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा था कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं।
उनका यह बयान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से मुलाकात के बाद आया था। इस प्रस्तावित समझौते से दोनों देशों के व्यापारिक संबंध मजबूत होने की उम्मीद है।
अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान पर स्ट्राइक की थी। इसकी वजह ईरान द्वारा हॉर्मुज स्ट्रेट पर मालवाहक जहाज को निशाना बनाना था। हालांकि, हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमत में बड़ी गिरावट देखने को मिली है और ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर के आसपास बना हुआ है।
घरेलू आर्थिक डेटा भी बाजार की चाल को प्रभावित करेगा। 29 जून को इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट का डेटा जारी होगा। 30 जून को मई का राजकोषीय घाटे और व्यापार संतुलन, 1 जुलाई को जीएसटी, ऑटो सेल्स एवं मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई और 2 जुलाई को सर्विसेज और कंपोजिट पीएमआई और विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े आएगा।
इस हफ्ते सेंसेक्स 0.39 प्रतिशत बढ़कर 77,100.47 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,056 पर बंद हुआ।
इसके अतिरिक्त, कच्चे तेल की कम कीमतों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश में सुधार के संकेतों के कारण इस हफ्ते भारतीय रुपया मजबूत हुआ। हालांकि, निवेशक यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बदलाव की संभावना को लेकर सतर्क बने रहे, क्योंकि इससे ग्लोबल कैपिटल फ्लो पर असर पड़ सकता है।
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