Connect with us
Friday,19-June-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

बढ़ते वैश्विक तनावों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स में 200 अंकों की गिरावट

Published

on

मुंबई, 20 जनवरी : बढ़ते वैश्विक तनावों के बीच सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार एक बार फिर गिरावट के साथ खुले। हालांकि, तीसरी तिमाही के नतीजों के चलते घरेलू बाजार में कुछ शेयरों में हलचल देखने को मिली।

खबर लिखे जाने तक 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 214 अंक यानी 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,032 पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं निफ्टी 77 अंक यानी 0.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,508 पर था।

व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.51 प्रतिशत की गिरावट और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.65 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई।

सेक्टरवार बात करें तो, निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत की गिरावट आई, निफ्टी आईटी में 0.77 प्रतिशत की गिरावट तो निफ्टी फार्मा में 0.45 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

इसके विपरीत, निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.86 प्रतिशत की उछाल और निफ्टी मेटल इंडेक्स में 0.48 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।

सेंसेक्स पैक में इटरनल, बजाज फाइनेंस, इंडिगो, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। तो वहीं कोटक महिंद्रा, एसबीआई, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एनटीपीसी टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे।

मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक, कमजोर तिमाही नतीजों के संकेत, जारी बिकवाली और एक बार फिर उभरते भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों की धारणा पर असर डाल सकते हैं। सोमवार को दिग्गज शेयरों और व्यापक बाजार में कमजोरी देखने के बाद, बड़े वैश्विक और घरेलू घटनाक्रमों से पहले बाजार का रुख फिलहाल जोखिम से बचने वाला बना हुआ है।

बाजार के जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए अब 25,700–25,750 का स्तर एमीडिएट रेजिस्टेंस है, जहां हर बार तेजी की कोशिश नाकाम हो रही है। नीचे की तरफ 25,400–25,450 का दायरा अहम सपोर्ट जोन है। अगर यह स्तर टूटता है, तो बाजार में और बिकवाली बढ़ सकती है और निफ्टी 25,300 से 25,350 तक फिसल सकता है।

एक्सपर्ट ने आगे बताया कि उतार-चढ़ाव के मोर्चे पर इंडिया वीआईएक्स में हल्की बढ़त दर्ज की गई है, जो यह संकेत देता है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों और जोखिम से बचने की रणनीति के बीच बाजार में आगे भी हल्का तेज उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

राष्ट्रीय समाचार

लगातार दूसरे दिन सोने की चमक पड़ी फीकी; चांदी में भी छाई सुस्ती

Published

on

सोने और चांदी की कीमत में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। इससे सोने का दाम 1.45 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी का दाम 2.32 लाख रुपए प्रति किलो से नीचे आ गया है।

इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम 3,123 रुपए कम होकर 1,44,970 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,48,093 रुपए प्रति 10 ग्राम था।

22 कैरेट सोने का दाम 1,35,653 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,32,793 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है। 18 कैरेट सोने की कीमत कम होकर 1,08,728 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,11,070 रुपए प्रति 10 ग्राम थी।

सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है।

चांदी का दाम 8,218 रुपए कम होकर 2,31,93 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,40,191 रुपए प्रति किलो था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। कॉमेक्स पर सोना 1.68 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,174.47 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 64.91 डॉलर प्रति औंस पर थी।

एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा कि फेडरल रिजर्व की ओर से 2026 में ब्याज दरें एक बार बढ़ाने के संकेत के बाद सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है। इससे अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ और सोने जैसी बिना रिटर्न वाली संपत्तियों का आकर्षण कम हो गया। फेड के सख्त रुख के कारण बुलियन बाजारों में बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग देखी गई।

उन्होंने आगे कहा कि फेड की पॉलिसी के ऐलान के बाद पिछले कुछ सेशन में कॉमेक्स गोल्ड की कीमत लगभग 4375 डॉलर प्रति औंस से गिरकर 4150 डॉलर प्रति औंस हो गई है, जबकि एमसीएक्स गोल्ड का दाम लगभग 1,54,000 रुपए से घटकर 1,47,200 रुपए पर आ गया। डॉलर के मजबूत होने की संभावना और ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदों का असर मार्केट सेंटीमेंट पर पड़ रहा है।

Continue Reading

व्यापार

एससी और ओबीसी छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए अब नहीं देना होगा डोमिसाइल प्रमाण पत्र

Published

on

केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) छात्रों के छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया को ज्यादा आसान बना दिया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए डोमिसाइल (निवास) प्रमाण पत्र जमा करने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है।

इस फैसले से छात्रों पर दस्तावेजों का बोझ कम होगा और छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करना पहले की तुलना में अधिक सरल हो जाएगा। खास तौर पर उन हजारों छात्रों को इसका लाभ मिलेगा जो अपने गृह राज्य के बाहर स्थित शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं।

सरकार के अनुसार, एससी और ओबीसी वर्ग के लिए संचालित प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत हर वर्ष लगभग 1.2 करोड़ छात्रों को लाभ मिलता है। डोमिसाइल प्रमाण पत्र की अनिवार्यता हटने से आवेदन प्रक्रिया अधिक छात्र-अनुकूल बनेगी, दस्तावेजी औपचारिकताएं घटेंगी और छात्रों का समय और खर्च दोनों बचेंगे।

डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए विभाग ने उमंग प्लेटफॉर्म पर एसईटीयू (शैक्षिक बदलाव और उत्थान के लिए स्कॉलरशिप) भी शुरू किया है। यह छात्रवृत्ति से जुड़ी सभी सेवाओं के लिए एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म है।

इस प्लेटफॉर्म के जरिए पात्र छात्र, संस्थागत नोडल अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी और राज्य स्तरीय अधिकारी एक ही जगह पर आवेदन पंजीकरण, आवेदन की निगरानी, सत्यापन और अन्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।

मंत्रालय ने कहा कि ये पहल सरकार के उस व्यापक लक्ष्य का हिस्सा हैं, जिसके तहत समावेशी विकास को बढ़ावा देना, अनावश्यक प्रक्रियागत बाधाओं को कम करना और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना शामिल है।

विभाग ने यह भी दोहराया कि वह तकनीक आधारित सुधारों के माध्यम से अधिक से अधिक छात्रों तक पहुंच बनाने और उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

वित्त वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जाति वर्ग के 75 लाख से अधिक लाभार्थियों को 7,981.47 करोड़ रुपए की सहायता राशि वितरित की गई थी। छात्रवृत्ति योजनाओं पर खर्च में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 21 प्रतिशत, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 11.23 प्रतिशत और टॉप क्लास एजुकेशन छात्रवृत्ति योजना के तहत 13.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

Continue Reading

व्यापार

टाटा मोटर्स ने कमर्शियल वाहनों के दाम 2.5 प्रतिशत तक बढ़ाए, 1 जुलाई से लागू होंगी नई कीमतें

Published

on

टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स (टीएमसीवी) ने अपने कमर्शियल वाहनों की कीमतों में 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है और नई कीमतें 1 जुलाई से लागू होंगी। यह जानकारी गुरुवार को कंपनी की ओर से दी गई।

एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने कहा कि इस बढ़ोतरी की वजह कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी होना और लागत का बढ़ना है। यह बढ़ोतरी अलग-अलग मॉडल पर विभिन्न होगी और 2.5 प्रतिशत तक सीमित होगी।

इस बढ़ोतरी से टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स भी उन कंपनियों में शामिल हो गई है, जिन्होंने मध्य पूर्व संकट के चलते कच्चे माल और लागत में बढ़ोतरी के कारण कीमतों में इजाफा किया है।

इससे पहले, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल (टीएमपीवी) ने 12 जून को अपनी ईंधन (पेट्रोल, डीजल और सीएनजी) और इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में 1.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया। नई कीमतें एक जुलाई से लागू होंगी।

कंपनी की ओर से जारी की गई एक्सचेंज फाइलिंग में कहा गया कि कीमतों में बढ़ोतरी की वजह इनपुट लागत में बढ़ोतरी होना था।

टीएमपीवी ने कहा कि वह लागत में हुई बढ़ोतरी का एक बड़ा हिस्सा खुद वहन कर रही है, जबकि हालिया कीमत संशोधन के जरिए बढ़ोतरी का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डाल रही है।

कंपनी ने कहा कि कीमत में बढ़ोतरी अलग-अलग मॉडल और वैरिएंट के हिसाब से अलग-अलग होगी। वहीं, मध्य पूर्व तनाव के चलते मारुति सुजुकी और हुंडई मोटर इंडिया जैसी कंपनियां गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी कर चुकी हैं।

इसके अतिरिक्त, वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में, टीएमसीवी के मुनाफे में सालाना आधार पर 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई जबकि आय 22 प्रतिशत बढ़कर 24,452 करोड़ रुपए हो गया। इस दौरान कंपनी का एबिटा मार्जिन 13.90 प्रतिशत रहा है। कंपनी ने प्रति शेयर 4 रुपए का डिविडेंड भी घोषित किया।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार6 hours ago

नीट-2026 पुनर्परीक्षा: 20 जून को राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल, 2.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर तैनात

महाराष्ट्र6 hours ago

मुंबई: म्युनिसिपल कमिश्नर ने भांडुप में हाई वोल्टेज पावर टावरों को हटाने के काम के लिए प्रोजेक्ट डिपार्टमेंट के इंजीनियरों की तारीफ़ की।

राष्ट्रीय समाचार6 hours ago

लगातार दूसरे दिन सोने की चमक पड़ी फीकी; चांदी में भी छाई सुस्ती

खेल7 hours ago

ईरान वर्ल्ड कप 2026 के दौरान यात्राओं पर लगी रोक की फीफा से शिकायत करेगा

खेल7 hours ago

फीफा वर्ल्ड कप में परफॉर्मेंस के बाद नोरा फतेही ने कहा, मैं खुशकिस्मत रही कि मुझे करियर में यादगार पल मिले

महाराष्ट्र9 hours ago

मुंबई की सड़कों पर गड्ढों को वैज्ञानिक तरीकों और तय मानकों के अनुसार भरा जाना चाहिए : अतिरिक्त नगर आयुक्त

महाराष्ट्र9 hours ago

मुंबई : अंधेरी इलाके में फुटपाथ पर बनी 9 अवैध दुकानों को हटाया गया, नगर निगम ने कार्रवाई की।

मनोरंजन9 hours ago

सलमान खान की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में टली सुनवाई, ‘काला हिरण’ मामले में अगली तारीख 1 जुलाई तय

व्यापार9 hours ago

एससी और ओबीसी छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए अब नहीं देना होगा डोमिसाइल प्रमाण पत्र

अंतरराष्ट्रीय समाचार10 hours ago

बराक ओबामा ने प्रेसिडेंशियल सेंटर का किया उद्घाटन, अमेरिकी लोकतांत्रिक आदर्शों पर दिया जोर

अंतरराष्ट्रीय समाचार1 week ago

पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल में देश में क्या-क्या बदल गया, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गिनाईं उपलब्धियां

अंतरराष्ट्रीय1 week ago

फिसीपींस में भूकंप के बाद 37 हुई मृतकों की संख्या, 20 हजार लोग हुए विस्थापित

राजनीति2 weeks ago

मालवीय नगर अग्निकांड: पीएम मोदी ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा

व्यापार1 week ago

स्पेसएक्स के आईपीओ से एलन मस्क की संपत्ति 970 अरब डॉलर के पार पहुंची, दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बनने के करीब

राजनीति1 week ago

कर्नाटक: देवेगौड़ा के राज्यसभा नामांकन मुद्दे पर भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया मगरमच्छ के आंसू बहाने का आरोप

अंतरराष्ट्रीय समाचार1 week ago

फिलीपींस के विनाशकारी भूकंप में अब तक 47 की मौत, सैकड़ों घायल

अपराध3 weeks ago

अग्रीपारा के हाई-प्रोफाइल घर में बड़े पैमाने पर एमडी ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़, आरोपियों की जांच, कथित बांग्लादेशी पर भी शक, 51 करोड़ रुपये की एमडी जब्त

अंतरराष्ट्रीय2 weeks ago

मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव: ईरान के समर्थन में उतरा इराकी ‘कताइब हिज्‍बुल्लाह’, अमेरिका को चेताया

महाराष्ट्र3 weeks ago

भाजपा सरकार मुसलमानों और विपक्ष को निशाना बना रही है, कानून से सज़ा देने के बजाय बुलडोज़र और एनकाउंटर चला रही है: अबू आसिम आज़मी

अंतरराष्ट्रीय3 weeks ago

अंतहीन प्रक्र‍िया की ओर बढ़ रहा ईरान-अमेरिका समझौता, दोनों देश नई शर्तों के साथ कर रहे संशोधन की तैयारी

रुझान