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Friday,28-August-2026
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राजनीति

मोदी डॉक्यूमेंट्री विवाद: बीबीसी दफ्तरों में आईटी सर्वे 58 घंटे बाद खत्म

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BBC

मुंबई: दिल्ली और मुंबई में ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) के कार्यालयों में आयकर विभाग का मैराथन “सर्वेक्षण” कुल मिलाकर 58 घंटे से अधिक समय तक चलने के बाद गुरुवार को समाप्त हो गया। अधिकारियों ने चुनिंदा कर्मचारियों से वित्तीय आंकड़ों की एक सूची तैयार की और डिजिटल और पेपर डेटा एकत्र किया।

आईटी अधिकारी 2012 से पुराने खातों की जांच कर रहे हैं
आयकर विभाग के अधिकारी मुनाफे में हेराफेरी, कीमतों में कथित हेराफेरी, अनाधिकृत लाभ और कर लाभ के लिए 2012 तक के वित्तीय विवरणों और खातों की जांच कर रहे हैं। कर अधिकारी ने बीबीसी से उसके वित्तीय लेन-देन, कंपनी की संरचना और संगठन के बारे में कई अन्य विवरणों के बारे में पूछा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बीबीसी टीवी, रेडियो और संपादकीय कर्मचारियों का काम प्रतिबंधित नहीं है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “संपादकीय कार्य में कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया है और कर्मचारियों के आने-जाने पर रोक नहीं लगाई गई है।” आईटी विभाग मंगलवार सुबह 11.30 बजे बीबीसी के दफ्तर पहुंचा था. कर विशेषज्ञों के अनुसार, आईटी अधिनियम की धारा 133ए के तहत किया गया सर्वेक्षण आमतौर पर तलाशी और जब्ती कार्रवाई का अग्रदूत होता है; यह केवल व्यावसायिक परिसर में होता है। एक कर विशेषज्ञ ने कार्रवाई के बारे में बताया, “आईटी अधिकारी एक सर्वेक्षण के दौरान खातों, बैंक खातों, नकदी, स्टॉक और गैर-मूल्यवान दस्तावेजों की जांच करते हैं।”

आईटी विभाग का आरोप है कि बीबीसी टैक्स नोटिस के साथ अवज्ञाकारी और गैर-अनुपालन कर रहा था
अधिकारियों ने आरोप लगाया कि ब्रॉडकास्टर को अतीत में नोटिस दिया गया था, लेकिन वह “अवज्ञाकारी और गैर-अनुपालन” कर रहा था। बीबीसी के सांताक्रूज़ कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा, “शेल कंपनियों, फ़ंड ट्रांसफ़र और विदेशी ट्रांसफ़र के लिए डेटा विश्लेषण जारी था.” बीबीसी न्यूज़ प्रेस टीम ने एक आधिकारिक ट्विटर पोस्ट में कहा, “हम इस समय के दौरान अपने कर्मचारियों का समर्थन कर रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि यह स्थिति जल्द से जल्द हल हो जाएगी। हमारा आउटपुट और पत्रकारिता सामान्य रूप से जारी है और हम भारत में अपने दर्शकों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

अपराध

टोरेस ज्वैलर्स घोटाला : 177 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले का मुख्य आरोपी दुबई में गिरफ्तार

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दुबई में कथित टोरेस ज्वैलर्स पोंजी स्कीम से जुड़े 177 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वांछित आरोपी सागर मेहता की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

मेहता के वकील ने ईडी के कहने पर उनके खिलाफ शुरू की गई उद्घोषणा की कार्यवाही को वापस लेने के लिए अदालत का रुख किया। अदालत को बताया गया कि भारतीय एजेंसी के अनुरोध पर जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर दुबई अधिकारियों ने गुरुवार को मेहता को गिरफ्तार कर लिया था।

मेहता इस मामले में मुख्य आरोपी है और उस पर कथित धोखाधड़ी से मिली रकम को इकट्ठा करने और ट्रांसफर करने में भूमिका निभाने का आरोप है। ईडी ने विशेष पीएमएलए अदालत को बताया कि वह कई महीनों तक फरार रहने के बाद गिरफ्तार किया गया।

अदालत ने पहले मेहता और तीन यूक्रेनी नागरिक ओलेना स्टोइयन, ओलेक्जेंडर जापिचेंको और विक्टोरिया कोवालेन्को के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए थे। जांचकर्ताओं के अनुसार, जापिचेंको और स्टोइयन ने कथित तौर पर इस योजना के वित्तीय ढांचे और मनी-लॉन्ड्रिंग के तरीकों को तैयार करने में मदद की थी। इन पर अवैध तरीकों से शुरुआती फंड का इंतजाम करने और बिना हिसाब-किताब वाले पैसे को वैध निवेश में बदलने में मदद करने का भी आरोप है।

टोरेस ज्वैलर्स का मामला इस आरोप से जुड़ा है कि कंपनी ने सिंथेटिक मोइसैनाइट को कीमती रत्न बताकर और निवेशकों को बहुत ज़्यादा रिटर्न का वादा करके एक धोखाधड़ी वाली इन्वेस्टमेंट स्कीम चलाई।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, टोरेस ज्वैलर्स का संचालन करने वाली कंपनी प्लेटिनम हर्न प्राइवेट लिमिटेड ने अच्छे रिटर्न और इनाम का लालच देकर निवेशकों को आकर्षित किया। कंपनी ने कथित तौर पर सोना, चांदी, हीरे के गहनों और कीमती रत्नों में निवेश पर हर हफ्ते 2 से 9 फीसदी तक रिटर्न देने का वादा किया था।

ईडी ने यह भी आरोप लगाया है कि स्कीम में नए लोगों को लाने पर निवेशकों को 20 फीसदी का “इन्वेस्टमेंट बोनस” दिया जाता था, जिससे एक रेफरल-आधारित सिस्टम बन गया था।

जांचकर्ताओं का आरोप है कि यह ऑपरेशन निवेशकों को लुभाने के लिए गुमराह करने वाले विज्ञापनों, आकर्षक बोनस और अवास्तविक रिटर्न के वादों पर निर्भर था, ये सभी पोंजी स्कीम की आम विशेषताएं हैं।

अभियोजन पक्ष का आरोप है कि मेहता इस धोखाधड़ी वाले ऑपरेशन में शामिल थे, लेकिन 24 दिसंबर 2024 को भारत से भाग गए। दुबई में उसकी गिरफ्तारी, कथित मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क और इस मामले से जुड़े फंड के लेन-देन की चल रही जांच के लिए अहम मानी जा रही है।

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राष्ट्रीय समाचार

रक्षाबंधन पर ‘भारत रक्षा पर्व’ स्कूली बच्चों ने थल सेनाध्यक्ष को बांधी राखी

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रक्षाबंधन के मौके पर स्कूली छात्राओं ने भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ को राखी बांधी है। यह कार्यक्रम ‘भारत रक्षा पर्व’ के तहत आयोजित किया गया। छात्राओं ने थल सेनाध्यक्ष को राखी बांधकर भारतीय सेना के प्रति अपना प्यार, सम्मान और आभार जताया। इस दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह नजर आया।

दरअसल रक्षाबंधन के इस कार्यक्रम ने देशवासियों और सेना के बीच विश्वास, स्नेह और सम्मान के मजबूत रिश्ते को सामने रखा है। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर भारतीय सेना की ओर से ‘भारत रक्षा पर्व’ के तहत ये स्कूली बच्चियां थल सेनाध्यक्ष से मिलीं और देश के सैनिकों के प्रति अपना प्रेम, सम्मान व आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर छात्राओं के नन्हे हाथों से बांधी गई राखियों और उनके चेहरे पर झलकती मासूम मुस्कान ने देश की रक्षा में जुटे जवानों के प्रति नागरिकों की भावनाओं को बेहद खूबसूरत तरीके से सामने रखा। छात्राओं ने राखी बांधकर सेना के जवानों और अधिकारियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया तथा देश की सुरक्षा के लिए उनके समर्पण को नमन किया।

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई औपचारिकता भर नहीं है बल्कि यह कार्यक्रम देश की जनता और भारतीय सेना के बीच विश्वास, स्नेह और आत्मीयता के उस शाश्वत रिश्ते को रेखांकित करता है। सेना के जवान देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए कठिन परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं।

रक्षाबंधन का यह अवसर उनके और देशवासियों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत करने वाला रहा। बच्चों द्वारा थल सेनाध्यक्ष को राखी बांधना इसी भावना का प्रतीक है कि देश का हर नागरिक अपने सैनिकों को परिवार के सदस्य की तरह देखता है। ‘भारत रक्षा पर्व’ के माध्यम से रक्षाबंधन के पर्व को देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले रक्षकों के सम्मान से जोड़ा गया।

कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि भारतीय सेना और देश की जनता के बीच रिश्ता केवल सुरक्षा और जिम्मेदारी का नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव का भी है।

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राजनीति

नेपाल बाढ़ त्रासदी में 160 से ज्यादा मौतें, भारत हर संभव मदद के लिए तैयार: संजय निरुपम

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शिवसेना नेता संजय निरुपम ने नेपाल में आई भीषण बाढ़, महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के पेपर लीक, गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा प्रशिक्षण, कॉमेडियन समय रैना के सम्मान और कर्नाटक में ‘वंदे मातरम’ के दो छंद गाए जाने के फैसले को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नेपाल की त्रासदी पर चिंता जताते हुए भारत की ओर से हरसंभव मदद की बात कही, जबकि पेपर लीक मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।

नेपाल में आई भीषण बाढ़ को लेकर संजय निरुपम ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में 160 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब एक हजार लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई तीर्थयात्री भी इस आपदा में फंसे हैं और कुछ के हताहत होने की आशंका है। नेपाल का दुख भारत का भी दुख है और भारत सरकार तथा देश नेपाल के साथ खड़ा रहेगा। नेपाल को जितनी सहायता की जरूरत होगी, भारत सरकार मदद करेगी।

बाढ़ के कारणों पर उन्होंने ग्लेशियरों और प्राकृतिक व्यवस्थाओं से छेड़छाड़ को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन प्राकृतिक संतुलन के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। नेपाल की नदियों का सीधा संबंध बिहार और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल से है। नेपाल में भारी बारिश या बाढ़ आने पर कोसी, गंडक और घाघरा जैसी नदियों में भी जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारें अलर्ट मोड में हैं और बाढ़ से पहले जान-माल की सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं।

एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का पेपर लीक होने और परीक्षा रद्द किए जाने पर निरुपम ने कहा कि पेपर लीक एक गंभीर अपराध है। यह समस्या किसी एक राज्य या सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे अंतरराज्यीय स्तर पर आपराधिक नेटवर्क काम कर रहा है। पेपर लीक करने वाले माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। अलग-अलग राज्यों की सरकारों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर ऐसे नेटवर्क को खत्म करना चाहिए। साथ ही कोचिंग और करियर गाइडेंस के नाम पर चल रहे उन संस्थानों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जो परीक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाते हैं।

निरुपम ने कहा कि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले सामान्य परिवारों के युवा वर्षों तक मेहनत करते हैं। पेपर लीक उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है, इसलिए दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा चालकों को मराठी सीखने के लिए दिए जा रहे प्रशिक्षण और इस मुद्दे पर दाखिल पीआईएल पर निरुपम ने कहा कि सरकार की स्थिति स्पष्ट है। जो लोग मराठी सीख चुके हैं, उनका स्वागत किया जाना चाहिए और जो अभी भाषा नहीं सीख पाए हैं, उन्हें पर्याप्त समय मिलना चाहिए। किसी चालक का लाइसेंस रद्द करना, परमिट जब्त करना या बैज रद्द करना उचित नहीं होगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी जरूरत के अनुसार समय देने की बात कही है।

साइबर सिक्योरिटी से जुड़े एक कार्यक्रम में समय रैना को सम्मानित किए जाने पर विपक्ष के सवालों पर निरुपम ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम की पूरी जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री को बढ़ावा देना गलत है और ऐसी गतिविधियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अच्छा काम करता है तो सरकार द्वारा उसके काम को प्रोत्साहित करने के लिए सम्मानित किया जा सकता है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के ‘वंदे मातरम’ के केवल दो छंद गाने संबंधी बयान पर निरुपम ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रगीत है और इसे संसद से कानूनी दर्जा प्राप्त है। संसद ने इसके सभी छह छंद गाने के लिए कानून बनाया है। यदि कोई व्यक्ति, संस्था, सरकार या मुख्यमंत्री अपनी ओर से केवल दो छंद गाने की जिद करता है, तो यह संसद द्वारा बनाए गए कानून का उल्लंघन होगा।

उन्होंने कांग्रेस नेताओं से इस विषय को समझने की अपील करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा गीत है और हजारों-लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने इसे गाते हुए आजादी की लड़ाई लड़ी। इसलिए इसके सम्मान और कानूनी प्रावधानों का पालन किया जाना चाहिए।

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