राष्ट्रीय
एप्पल कार के प्रोजेक्ट हेड डॉउग फील्ड फोर्ड में होंगे शामिल
एप्पल के इलेक्ट्रिक कार प्रोजेक्ट के मौजूदा प्रमुख डॉउग फील्ड फोर्ड में शामिल होने जा रहे हैं। फोर्ड ने फील्ड को कंपनी के मुख्य उन्नत प्रौद्योगिकी और एम्बेडेड सिस्टम अधिकारी के रूप में नामित किया।
फील्ड एप्पल के फोर्ड में शामिल हुए, जहां उन्होंने वीपी, स्पेशल प्रोजेक्ट्स के रूप में कार्य किया। इससे पहले, वह टेस्ला में इंजीनियरिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष थे और वह फोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ जिम फार्ले को रिपोर्ट करेंगे।
फार्ले ने एक बयान में कहा,डॉउग फील्ड दुनिया के सबसे सम्मानित इंजीनियरिंग और उत्पाद डिजाइन नेताओं में से एक है और ऐप्पल, टेस्ला और सेगवे सहित ऑटो, तकनीक और गतिशीलता में सफल उत्पादों के पीछे एक प्रेरक शक्ति रहे है।
फील्ड फोर्ड के एंबेडेड सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर संगठन का नेतृत्व करेगे, जिसमें वर्तमान में वाहन नियंत्रण, उद्यम कनेक्टिविटी, विशेषताएं, एकीकरण और सत्यापन, आ*++++++++++++++++++++++++++++र्*टेक्च र प्लेटफॉर्म, ड्राइवर सहायता प्रौद्योगिकी और डिजिटल इंजीनियरिंग उपकरण शामिल हैं।
ऐप्पल ने हाल ही में दो पूर्व मर्सिडीज इंजीनियरों को वाहनों के बड़े पैमाने पर उत्पादन, स्टीयरिंग, डायनेमिक्स, सॉफ्टवेयर और परियोजना प्रबंधन में अनुभव के साथ काम किया है।
ये इंजीनियर अब एप्पल के स्पेशल प्रोजेक्ट्स ग्रुप में उत्पाद डिजाइन इंजीनियर के रूप में काम कर रहे हैं, जिसे संभवत: ‘एप्पल कार ‘प्रोजेक्ट के लिए रखा गया है।
विश्वसनीय एप्पल विश्लेषक मिंग-ची कुओ ने पहले दावा किया था कि एप्पल कार की लॉन्चिंग 2025-2027 तक होने की संभावना नहीं है।
एक शोध नोट में, कुओ ने कहा कि ऐप्पल कार विनिदेशरें को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है, यह कहते हुए कि अगर वाहन के लॉन्च की समय सीमा को 2028 या उसके बाद भी आगे बढ़ाया जा सकता है।
अपराध
बिहार: एनआईटी की तैयारी कर रही छात्रा की मौत मामले में सरकार ने की सीबीआई जांच की अनुशंसा

पटना, 31 जनवरी : बिहार की राजधानी पटना के एक छात्रावास में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार से इस मामले की जांच सीबीआई से कराने का आग्रह किया है।
इसकी जानकारी सार्वजनिक करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को सोशल नेटवर्किंग साइट पर पोस्ट में लिखा, “बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार से पटना में हुई नीट छात्रा की हत्या के मामले (कांड संख्या- 14/26) को सीबीआई से जांच का आग्रह किया है। घटना का पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से उद्भेदन निश्चित किया जाए।”
दरअसल, यह पूरा मामला पटना के छात्रावास का है और घटना के करीब एक पखवारे गुजर जाने के बाद भी पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची। बता दें कि पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में बीते दिनों नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा कमरे में बेहोश पाई गई थी। गंभीर हालत में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला बताया। हालांकि, परिजन ने आरोप लगाया कि उसके साथ हॉस्टल में यौन उत्पीड़न हुआ और फिर हत्या कर दी गई।
छात्रा जहानाबाद जिले के शकूराबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली थी। सरकार ने इस मामले में पुलिस महानिरीक्षक के नेतृत्व में एक एसआईटी गठित की है। इसके बाद इस जांच में सीआईडी का भी सहयोग लिया गया। इधर, मृत छात्रा के परिजनों ने एसआईटी की जांच पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि पुलिस सही दिशा में जांच नहीं कर रही है।
शुक्रवार को पीड़िता की मां की पुलिस महानिदेशक विनय कुमार के साथ मुलाकात हुई थी। उसके बाद उन्होंने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए। उन्होंने यहां तक कह दिया कि पुलिस बिक गई है। यहां उनकी बेटी को न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। इस मामले को लेकर प्रदेश की सियासत भी गर्म रही। विपक्ष इसे लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करती रही है।
राष्ट्रीय
बम की धमकी के बाद कुवैत-दिल्ली इंडिगो फ्लाइट की अहमदाबाद में आपात लैंडिंग

अहमदाबाद, 30 जनवरी : कुवैत से दिल्ली लौट रहे इंडिगो विमान की शुक्रवार को बम से उड़ाने की धमकी के बाद अहमदाबाद में आपात लैंडिंग कराई गई। सभी यात्रियों को नियंत्रित तरीके से विमान से बाहर निकाला गया और एयरपोर्ट के एक सुरक्षित इलाके में ले जाया गया। इस प्रक्रिया के दौरान किसी के घायल होने या मेडिकल इमरजेंसी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली।
जानकारी सामने आई कि इस विमान में 180 यात्रियों समेत 186 लोग सवार थे। शुक्रवार को विमान में मिले एक टिश्यू पेपर पर धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। हाथों से लिखे गए इस नोट में हाईजैकिंग और बम का जिक्र था, जिसके बाद फ्लाइट क्रू ने तुरंत कार्रवाई की। स्टैंडर्ड एविएशन सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को अलर्ट किया और विमान को सबसे नजदीकी अहमदाबाद एयरपोर्ट की ओर मोड़ने का फैसला किया।
फ्लाइट अहमदाबाद एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गई, जहां उसके आने से पहले ही सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया था।
एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर एन. डी. नाकुम ने कहा कि धमकी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई की। उन्होंने कहा, “धमकी मिलने के बाद सभी संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया। बम निरोधक दस्ते ने विमान की पूरी तरह से जांच की। अब तक कोई संदिग्ध या आपत्तिजनक चीज नहीं मिली है। विमान की जांच प्रक्रिया पूरी हो गई है।”
बम निरोधक दस्ते, सीआईएसएफ टीमों, डॉग स्क्वॉड और एयरपोर्ट सुरक्षा टीमों ने विमान की विस्तृत जांच की। विमान के अलावा, सभी यात्रियों के सामान की भी जांच की गई और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के अनुसार यात्रियों की व्यक्तिगत सुरक्षा जांच की गई।
ऑपरेशन के दौरान पूरे एयरपोर्ट पर भारी पुलिस बल तैनात था। एयरपोर्ट सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा जांच जारी रहने के दौरान फ्लाइट ऑपरेशन मामूली और अस्थायी बदलावों के साथ जारी रहे।
फिलहाल, अधिकारी हाथ से लिखे धमकी भरे नोट की जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इसे विमान के अंदर कैसे रखा गया था। अधिकारियों ने कहा कि जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
राजनीति
सीबीआई ने जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में पटवारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया

गांदरबल, 30 जनवरी : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग के पटवारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को सीबीआई ने जानकारी दी कि आरोपी पटवारी बुधवार को एक व्यक्ति से 15 हजार रुपए की रिश्वत ले रहा था।
जांच एजेंसी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि 28 जनवरी को आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि आरोपी सरकारी कर्मचारी ने एक व्यक्ति से जमाबंदी का एक्सट्रैक्ट जारी करने और जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में सुधार करने के लिए 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। उस व्यक्ति ने सीबीआई में अपनी शिकायत दी, जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एजेंसी ने गिरफ्तार कर लिया।
सीबीआई ने आरोपी को रिश्वत के साथ गिरफ्तार करने के लिए एक जाल बिछाया था। इसी दौरान, पटवारी 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। फिलहाल, जांच एजेंसी मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
सीबीआई ने कहा कि भ्रष्ट सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ एजेंसी की यह कड़ी कार्रवाई भ्रष्टाचार को खत्म करने की उसकी पक्की प्रतिबद्धता को दिखाती है। जो नागरिक भ्रष्टाचार के मामलों को देखते हैं या सरकारी अधिकारियों द्वारा रिश्वत की मांग का सामना करते हैं, उन्हें ऐसे मामलों की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि अगर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी भी सरकारी काम के लिए रिश्वत मांगता है, तो नागरिक सीबीआई और एसीबी को मोबाइल नंबर 9419900977 पर शिकायत कर सकते हैं।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध3 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र7 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय1 year agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध3 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
अपराध3 years agoपिता की मौत के सदमे से छोटे बेटे को पड़ा दिल का दौरा
-
राष्ट्रीय समाचार11 months agoनासिक: पुराना कसारा घाट 24 से 28 फरवरी तक डामरीकरण कार्य के लिए बंद रहेगा
