राष्ट्रीय
एलआईसी आईपीओ के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजरों में गोल्डमैन सैक्स, जेपी मॉर्गन शामिल
केंद्र सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर्स (बीआरएलएम) को अंतिम रूप दे दिया है। चयनित बीआरएलएम में कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड, गोल्डमैन सैक्स सिक्योरिटीज, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज और जेएम फाइनेंशियल शामिल हैं।
अन्य हैं सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया, नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया), एक्सिस कैपिटल, डीएसपी मेरिल लिंच और एसबीआई कैपिटल मार्केट।
निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव के ट्विटर हैंडल से कहा गया है, “सरकार ने एलआईसी के आईपीओ के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर्स और कुछ अन्य सलाहकारों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है।”
इसके अलावा, सरकार ने प्रस्तावित आईपीओ के लिए केफिनटेक लिमिटेड को रजिस्ट्रार और शेयर ट्रांसफर एजेंट के रूप में चुना है।
कॉन्सेप्ट कम्युनिकेशन लिमिटेड को विज्ञापन एजेंसी के रूप में चुना गया है।
जून में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीईए) ने आईपीओ को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी।
केंद्रीय बजट, 2022 के बाद सरकार ने मेगा आईपीओ का मार्ग प्रशस्त करने के लिए कई विधायी और कार्यकारी कदम उठाए हैं।
वित्त विधेयक 2021 के तहत प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार, एलआईसी की अधिकृत शेयर पूंजी 25,000 करोड़ रुपये होगी, जिसे प्रत्येक 10 रुपये के 2,500 करोड़ शेयरों में विभाजित किया जाएगा।
पूंजी बाजार नियामक सेबी ने भी एलआईसी आईपीओ का मार्ग प्रशस्त करने के लिए न्यूनतम सार्वजनिक पेशकश मानदंडों में ढील दी है।
फरवरी में, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के बोर्ड ने नियमों में बदलाव की सिफारिश करने का फैसला किया है और कहा है कि बाजार पूंजी 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के लिए, न्यूनतम सार्वजनिक पेशकश (एमपीओ) की आवश्यकता को इश्यू के बाद की बाजार पूंजी का 10 प्रतिशत 10,000 करोड़ रुपये के साथ-साथ 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धिशील राशि का 5 प्रतिशत कम कर दिया जाएगा।
सरकार को इस साल दिवाली के आसपास आईपीओ लाने की उम्मीद है।
मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) के.वी. सुब्रमण्यम, एलआईसी के आईपीओ से सरकार को करीब 1 लाख करोड़ रुपये मिल सकते हैं।
भारतीय जीवन बीमा निगम, एलआईसी अधिनियम 1956 के तहत गठित एक वैधानिक निगम, भारत का एक प्रमुख जीवन बीमाकर्ता है जो पूर्ण रूप से सरकार के स्वामित्व में है। भारत के बाहर इसकी तीन शाखाएं इन देशों हैं – ब्रिटेन, फिजी और मॉरीशस में, सिंगापुर में पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, और बहरीन, केन्या, श्रीलंका, नेपाल, सऊदी अरब और बांग्लादेश में संयुक्त उद्यम। भारत में इसकी सहायक कंपनियों में एलआईसी पेंशन फंड लिमिटेड और एलआईसी कार्डस सर्विसेज लिमिटेड शामिल हैं।
इसके सहयोगियों में आईडीबीआई बैंक लिमिटेड, एलआईसी म्यूचुअल फंड और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड शामिल हैं।
राजनीति
कांग्रेस ने ममता बनर्जी के धरने को अधिकार बताया तो भाजपा ने ‘जनता के गुस्से का आईना’

नई दिल्ली, 2 जून: कांग्रेस ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी के धरने का समर्थन किया। यह धरना उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कथित हमलों और रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले फेरीवालों को हटाए जाने के विरोध में था।
कांग्रेस ने इसे ममता बनर्जी का ‘संवैधानिक अधिकार’ बताया। वहीं, भाजपा ने कहा कि इस तरह के विरोध प्रदर्शन का पश्चिम बंगाल के लोगों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, जो टीएमसी से नाराज हो चुके हैं।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने समाचार एजेंसी मिडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अगर लोकतंत्र में कहीं भी अन्याय होता है तो संविधान उसके खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार देता है और ममता बनर्जी भी यही कर रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सबने देखा है कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला किया गया। वह टीएमसी में दूसरे नंबर के नेता हैं और सांसद हैं। अगर वह भाजपा सरकार के राज में सुरक्षित नहीं हैं तो मैं कहूंगा कि यह भाजपा द्वारा सोची-समझी साजिश के तहत उनके खिलाफ किया गया हमला है।
प्रमोद तिवारी ने तृणमूल कांग्रेस के एक और सांसद कल्याण बनर्जी पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि वह पार्टी के एक वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन इस हमले में उनके सिर पर चोट लगी। तृणमूल कांग्रेस के दर्जनों दफ्तरों में तोड़फोड़ की गई और उन्हें आग के हवाले कर दिया गया।
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि आजाद भारत में अब तक ऐसी घटनाएं कभी नहीं हुई थीं। यह भारतीय जनता पार्टी का तानाशाही वाला चेहरा है।
उन्होंने सभी विपक्षी पार्टियों से अपील की कि वे एक साथ आएं और भाजपा की कथित गुंडागर्दी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करें।
दूसरी ओर, भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है।
उन्होंने कहा कि वह हताश, परेशान और निराश हैं। तृणमूल के सदस्य, चाहे वह सांसद कल्याण बनर्जी हों या सांसद अभिषेक बनर्जी, सब के सब राजनीतिक नौटंकी में लगे हुए हैं। ममता बनर्जी आज जिस विरोध प्रदर्शन की योजना बना रही हैं, उसका कोई असर नहीं होगा। उन्हें अपनी पार्टी पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता राज्य में तृणमूल कांग्रेस के कुशासन के लिए उनसे जवाब मांग रही है।
भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने कहा कि एक महीने के अंदर ही हालात पूरी तरह से बदल गए हैं। ममता बनर्जी ने कभी नहीं सोचा था कि लोगों के लिए उन्होंने जो मुश्किलें खड़ी की थीं, वे इतनी जल्दी जनता के गुस्से के रूप में उनकी पार्टी के सामने वापस आ जाएंगी। आज, वह एक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही हैं। अगर उनकी पार्टी ने इतने सालों तक लोगों के लिए काम किया होता तो शायद आज ऐसी स्थिति पैदा ही नहीं होती।
उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनावों में हार के बाद टीएमसी पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। अब उनके पास ज्यादा कार्यकर्ता भी नहीं बचे हैं।
अपराध
कोलकाता में युवक-युवती की ड्रग्स ओवरडोज से हुई थी मौत, फ्लैट में रेव पार्टियां होने का खुलासा

कोलकाता, 2 जून: दक्षिण कोलकाता के गोल्फ ग्रीन इलाके में स्थित एक बिल्डिंग के फ्लैट में युवक और युवती की मौत का खुलासा हो गया है। पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि मौत ड्रग्स के ओवरडोज के कारण हुई थी।
कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला है कि मोहम्मद दिलशाद द्वारा किराए पर लिया गया फ्लैट अक्सर युवा पुरुषों और महिलाओं की हाउस पार्टियों के लिए इस्तेमाल किया जाता था। फ्लैट में नशीले पदार्थों और शराब का सेवन किया जाता था और कथित तौर पर अश्लील रीलें फिल्माई जाती थीं।
मोहम्मद दिलशाद और उसकी प्रेमिका मेहुली सान्याल के शव रविवार को गोल्फ ग्रीन स्थित एक फ्लैट से बरामद हुए थे। दक्षिण कोलकाता के रामगढ़ निवासी मेहुली की मां ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की हत्या की गई थी।
उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने रविवार को मुश्ताक अली मोल्लाह उर्फ रोहित और अंजली बंगिरो नाम के एक कपल को गिरफ्तार कर लिया। मुश्ताक का घर दक्षिणी उपनगर हरिदेवपुर में है।
झारखंड निवासी अंजली कोलकाता में कॉलेज की छात्रा है। पुलिस ने चंदन पासवान नाम के एक युवक को भी गिरफ्तार किया है। मुश्ताक, अंजली और चंदन ने शनिवार रात भर ‘हाउस पार्टी’ की थी। दिलशाद और मेहुली भी उनके साथ शामिल हुए थे।
पुलिस को पता चला है कि मेहुली 2023 में शाहबाज नाम के एक युवक के साथ घर छोड़कर चली गई थी, तब से वह कई लिव-इन पार्टनर के साथ रही। आखिरी बार उसे मुश्ताक के साथ लिव-इन पार्टनर के रूप में देखा गया था। मेहुली दक्षिण कोलकाता में हाउस और रेव पार्टियों में नियमित रूप से जाती थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात कॉलेज छात्रा अंजली से हुई। मुश्ताक ज्यादातर समय दिलशाद के साथ उसी फ्लैट में रहता था।
पुलिस ने बताया कि ये युवक-युवतियां एक या दो रात साथ रहते थे। इस दौरान वे खुलकर शराब और ड्रग्स का सेवन करते थे। इसके बदले में उन्हें दिलशाद को एक मोटी रकम ‘पैकेज’ के रूप में देनी पड़ती थी। पुलिस ने आगे की जानकारी जुटाने के लिए जांच जारी रखी है।
अपराध
फेमा उल्लंघन मामला: दिल्ली-मुंबई में वेदांता से जुड़े परिसरों पर ईडी ने मारा छापा

नई दिल्ली, 2 जून: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत चल रही जांच के सिलसिले में दिल्ली और मुंबई में वेदांता समूह से जुड़े दो ठिकानों पर तलाशी ली है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, ये तलाशी अभियान कथित तौर पर समूह की कंपनियों द्वारा अपनी मूल कंपनी को किए गए ‘ब्रांड फीस भुगतान’ से जुड़े हैं।
उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी ने उन कथित लेन-देन से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड एकत्र किए हैं, जिनकी जांच फेमा के प्रावधानों के तहत की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, ईडी की टीमों ने दिल्ली और मुंबई में एक-एक स्थान पर तलाशी ली। यह अभियान सोमवार को शुरू हुआ था और अब पूरा हो चुका है।
अधिकारी इन भुगतानों से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड और समझौतों की समीक्षा कर रहे हैं।
जांचकर्ता कथित तौर पर ब्रांड के उपयोग के लिए किए गए भुगतानों की जांच कर रहे हैं और यह पता लगा रहे हैं कि क्या ये लेन-देन विदेशी मुद्रा नियमों के अनुरूप थे।
वेदांता के एक प्रवक्ता ने कहा, “हम अधिकारियों को पूरा सहयोग दे रहे हैं और मांगी गई सभी जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। कंपनी सभी लागू कानूनों और नियमों का पालन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई पूरी हो चुकी है और अधिकारी अब इस मामले में आगे की कार्रवाई तय करने से पहले अभियान के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों और रिकॉर्ड का विश्लेषण करेंगे। जांचकर्ता एकत्र की गई सामग्री की समीक्षा कर रहे हैं, इसलिए आगे की जानकारी का इंतजार है।
ईडी की ओर से इस कार्रवाई को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इस बीच, वेदांता लिमिटेड ने पिछले महीने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया था कि भारत के सुप्रीम कोर्ट ने बिजली की उपलब्धता के बारे में कथित गलत जानकारी देने से जुड़े एक मामले में उसकी सहायक कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएसपीएल) के खिलाफ फैसला सुनाया है। इसके परिणामस्वरूप कंपनी को लगभग 127 करोड़ रुपये का जुर्माना और लागू विलंब भुगतान अधिभार (लेट पेमेंट सरचार्ज) देना होगा।
एक रेगुलेटरी फाइलिंग में वेदांता ने कहा कि उसे टीएसपीएल से 20 मई के एक फैसले के संबंध में जानकारी मिली है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) और पंजाब स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (पीएसएलडीसी) की ओर से दायर अपीलों पर सुनाया था।
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