Connect with us
Tuesday,29-September-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय समाचार

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद से बड़ी उछाल के साथ हरे निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स में 967 अंकों की बढ़त

Published

on

पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों से उपजे सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार बड़ी तेजी के साथ हरे निशान में खुला।

इस दौरान घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क निफ्टी50 और सेंसेक्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 73,832.55 से 876.72 अंक उछलकर 74,709.27 पर खुला, तो वहीं निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,161.60 से 250.95 अंक उछलकर 23,412.55 पर खुला।

खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 9:18 बजे) सेंसेक्स 967.34 अंकों यानी 1.31 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,799.89 पर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं निफ्टी50 275.85 अंक या 1.19 प्रतिशत बढ़कर 23,437.45 पर पहुंच गया।

व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.38 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 1.61 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

सेक्टरवार देखें तो निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा 2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके साथ ही, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1.37 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो में 1.30 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.23 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया में 1.15 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.14 प्रतिशत और निफ्टी प्राइवेट बैंक में 1.13 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।

निफ्टी50 इंडेक्स में इंडिगो, इटरनल, लार्सन एंड टुब्रो, श्रीराम फाइनेंस और बजाज फाइनेंस के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली, जबकि ओएनजीसी, टेक महिंद्रा, हिंडाल्को, डॉ. रेड्डी, बजाज-ऑटो और कोल इंडिया के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन ने ईरान के साथ एक बड़ा समझौता कर लिया है और अब सिर्फ दस्तावेज को अंतिम रूप देना बाकी है। समझौते पर अगले कुछ दिनों में हस्ताक्षर हो जाएंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा।

इस खबर से बाजार में पिछले कुछ दिनों से जारी गिरावट पर विराम लग गया और बाजार बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।

एक मार्केट एक्सपर्ट ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव को लेकर चिंताओं में कमी आने से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता में सुधार देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे सकारात्मक संकेतों और प्रमुख कमोडिटी कीमतों में स्थिरता से बाजार की धारणा मजबूत बनी हुई है।

एक्सपर्ट के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,000 से 23,100 का दायरा मजबूत सपोर्ट बना हुआ है, जबकि 23,600 से 23,650 के बीच अहम रेजिस्टेंस देखा जा रहा है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बीते कारोबारी दिन 11 जून को लगातार 12वें कारोबारी सत्र में बिकवाली जारी रखी और करीब 1,987 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। हालांकि हाल के दिनों में बिकवाली की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है, जिससे विदेशी निवेशकों के दबाव में कमी के संकेत मिल रहे हैं।

एक्सपर्ट ने आगे कहा कि दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार बाजार को मजबूती दे रहे हैं। उन्होंने लगातार 18वें सत्र में खरीदारी जारी रखते हुए 4,224 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। डीआईआई की मजबूत खरीदारी ने बाजार में स्थिरता बनाए रखने और निवेशकों का भरोसा मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।

एक्सपर्ट ने कहा कि यदि सूचकांक इस रेजिस्टेंस को पार कर मजबूती बनाए रखता है, तो बाजार में आगे और तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं निचले स्तरों पर 23,000 का दायरा फिलहाल महत्वपूर्ण सपोर्ट बना हुआ है।

राष्ट्रीय समाचार

विपक्ष दल साथ आए या अलग-अलग लड़े, 2027 में भाजपा सरकार बनेगी : केशव प्रसाद मौर्य

Published

on

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर विपक्षी एकजुटता की कवायद पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बसपा एक साथ मिलकर लड़ेंगे तब भी हारेंगे, अलग-अलग लड़ेंगे फिर भी हारेंगे। भाजपा उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने राज्यसभा चुनाव में सपा के तीसरे प्रत्याशी को लेकर भी भाजपा की ओर से नौवां उम्मीदवार उतारने का संकेत दिया।

लखनऊ में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस भाजपा की विरोधी पार्टियां हैं। इन दलों की बैठकों और उनके आपसी निर्णयों से भाजपा को कोई लेना-देना नहीं है। विपक्ष साथ लड़े या अलग-अलग, वर्ष 2027 में भाजपा की सरकार बनेगी। चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर मौर्य ने कहा कि विपक्ष का रुख राजनीतिक सुविधा के अनुसार बदलता है। उन्होंने कहा कि जब चुनाव में विपक्षी दलों को जीत मिलती है तो व्यवस्था सही दिखाई देती है, लेकिन भाजपा या एनडीए के जीतने पर उसी व्यवस्था पर सवाल उठाए जाते हैं।

उन्होंने वर्ष 2004 और 2009 में कांग्रेस के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने तथा 2012 में उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में, जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, भाजपा गठबंधन ने उत्तर प्रदेश की 80 में से 73 सीटें जीती थीं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन को 325 सीटें मिली थीं, जबकि सपा 47 सीटों पर सिमट गई थी।

केशव मौर्य ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “मीठा-मीठा गप-गप और तीखा-तीखा थू-थू” वाली राजनीति नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों की व्याख्या राजनीतिक सुविधा के अनुसार करना उचित नहीं है। राज्यसभा चुनाव को लेकर मौर्य ने कहा कि भाजपा पूरी तरह तैयार है। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश में भाजपा की ओर से आठ प्रत्याशी मैदान में उतर सकते हैं। यदि सपा तीसरा प्रत्याशी उतारती है तो भाजपा की ओर से नौवां प्रत्याशी भी मैदान में आ सकता है। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है।

राम-कृष्ण-विश्वनाथ से जुड़े अपने वैचारिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वह ”राम, कृष्ण, विश्वनाथ तीनों देव हमारे साथ” के संकल्प के साथ आंदोलन से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीरामलला का भव्य मंदिर बन चुका है, जबकि भगवान श्रीकृष्ण और भगवान विश्वनाथ से जुड़े विषय अभी शेष हैं।

तेलंगाना के संदर्भ में कांग्रेस नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इससे भाजपा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। भाजपा का संगठन देशभर में विस्तार और जनसेवा के संकल्प के साथ काम कर रहा है।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

केरल स्थानीय निकाय उपचुनाव : सतीशन के नेतृत्व में यूडीएफ की सीटें घटी, लेफ्ट को मिली बढ़त

Published

on

वीडी सतीशन सरकार के सत्ता में आने के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को अपनी पहली चुनावी परीक्षा में झटका लगा है। 28 सितंबर को पूरे केरल में हुए स्थानीय निकाय उपचुनावों में उसे एलडीएफ के मुकाबले नुकसान उठाना पड़ा है।

मंगलवार को वोटों की गिनती हुई। 38 वार्डों के नतीजों में यूडीएफ की मौजूदा 22 सीटें घटकर 19 रह गईं जबकि एलडीएफ की सीटें 15 से बढ़कर 18 हो गईं। भाजपा के नेतृत्व वाले एलडीए की सहयोगी पार्टी ‘ट्वेंटी20’ ने अपनी एकमात्र सीट बरकरार रखी।

कुल आंकड़ों से ज्यादा अहम बात यह थी कि दोनों गठबंधनों के बीच मौजूदा सीटों की अदला-बदली हुई। एलडीएफ ने यूडीएफ के कब्जे वाले सात वार्ड अपने नाम किए जबकि यूडीएफ ने लेफ्ट के कब्जे वाले चार वार्ड जीते।

स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों को सरकार की राज्यस्तरीय स्थिति का सीधा पैमाना नहीं माना जा सकता क्योंकि इसमें बहुत कम वार्ड शामिल थे। ये 38 वार्ड 12 जिलों में फैले हुए थे और इनमें स्थानीय निकाय के अलग-अलग स्तर शामिल थे।

विधानसभा चुनावों में बुरी तरह हारने वाली एलडीएफ के लिए ये जीत कुछ हद तक राजनीतिक राहत लेकर आई है।लेफ्ट ने विधानसभा चुनावों में हार के बाद अपनी स्थिति सुधारने के मकसद से ये उपचुनाव लड़े थे। लेफ्ट का खास ध्यान उन वार्डों पर था जो उनके पूर्व स्थानीय प्रतिनिधियों के विधानसभा में जाने से खाली हुए थे।

यूडीएफ को कुछ इलाकों में खास तौर पर नुकसान हुआ, जहां मुकाबला आपसी मतभेदों और स्थानीय कारकों से प्रभावित था।

तिरुवनंतपुरम जिले में एलडीएफ ने जिला पंचायत के मंगलम-मुंडाक्कल वार्ड और अंचुथेंगु ब्लॉक पंचायत डिवीजन पर कब्जा किया, जिससे मंगलम पंचायत में उनकी स्थिति मजबूत हुई।

एलडीएफ ने पलक्कड़ में चित्तूर-परुथिक्कावु वार्ड भी जीता, जिसका प्रतिनिधित्व विधायक बनने से पहले सुरेश अच्युथन करते थे। मुकाबला बराबरी पर छूटा और बाद में लॉटरी में एलडीएफ उम्मीदवार की जीत हुई।

साथ ही, यूडीएफ ने यह भी साबित किया कि उनमें लेफ्ट से सीटें छीनने की क्षमता अभी भी बरकरार है। इसने कोझिकोड की मुट्टम पंचायत का नौवां वार्ड जीता और कुछ ऐसी सीटें भी अपने पास बनाए रखीं जो सदस्यों के विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद खाली हो गई थी। इनमें से कई वार्डों में यूडीएफ की जीत का अंतर काफी कम हो गया।

मानंतवाडी ब्लॉक पंचायत के पल्लीक्कल डिवीजन में जिसे पहले उषा विजयन ने 1,055 वोटों के अंतर से जीता था, यूडीएफ ने इस बार सिर्फ 331 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।

कोझिकोड कॉर्पोरेशन के कुट्टीचिरा वार्ड में आईयूएमएल उम्मीदवार फर्जीना अरक्कल ने 436 वोटों से जीत हासिल की जबकि इससे पहले फातिमा तह्लिया ने 2,273 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी।

यूडीएफ के लिए, अपनी पिछली सीटों की संख्या में तीन सीटों का नुकसान और कई जगहों पर जीत के अंतर में कमी आना, विधानसभा चुनाव में जीत के बाद पहला चुनावी झटका है।

एलडीएफ के लिए यूडीएफ के कब्जे वाले सात वार्डों को वापस जीतना कुछ उम्मीद जगाता है क्योंकि वह विधानसभा चुनाव में हार के बाद फिर से मजबूत होने की कोशिश कर रही है।

Continue Reading

राजनीति

चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर कांग्रेस बनाएगी रणनीति, ज्ञानेश कुमार को जाना होगा : मीरा कुमार

Published

on

दिल्ली में मंगलवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हो रही है। बैठक से पहले पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और कांग्रेस नेता मीरा कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर पार्टी की रणनीति बैठक के दौरान तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को ‘जाना होगा’।

सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस के कई नेता, कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेता सीडब्ल्यूसी की बैठक में शामिल हो रहे हैं।

आईएएनएस से ​​बात करते हुए मीरा कुमार ने कहा, “सीडब्ल्यूसी की बैठक में रणनीति बनाई जाएगी और बाकी चीजों पर ‘इंडिया’ ब्लॉक के सहयोगियों के साथ बैठकर चर्चा की जाएगी। सीईसी ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा, उन्हें हटाना बहुत जरूरी है।”

पश्चिम बंगाल के लिए एआईसीसी प्रभारी प्रकाश जोशी ने भी सीईसी की आलोचना करते हुए कहा, “आज की वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद ही अंतिम रणनीति सामने आएगी। यह सच है कि ज्ञानेश कुमार जिस तरह की हरकतें लगातार कर रहे थे, वे देशद्रोह की श्रेणी में आती हैं। उन पर न सिर्फ मुकदमा चलना चाहिए, बल्कि उन्हें जेल में होना चाहिए।”

कांग्रेस ने वोटर लिस्ट के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर), नए वोटरों को जोड़ने के लिए ‘फॉर्म 6’ से जुड़े बदलावों, वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने, और वोटर लिस्ट डेटाबेस पर सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल को लेकर चिंता जताई है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि दो चुनाव आयुक्तों द्वारा जताई गई चिंताओं ने चुनाव आयोग के कामकाज की पोल खोल दी है और उन्होंने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

इस बीच, विपक्षी इंडिया ब्लॉक की बैठक बुधवार को होने की उम्मीद है, जिसमें इस मुद्दे पर संयुक्त रणनीति पर चर्चा की जाएगी। सीईसी को हटाने की मांग को लेकर संसद में एक और नोटिस दिया जा सकता है।

हालांकि, चुनाव आयोग ने आंतरिक फैसले लेने की प्रक्रिया पर जताई गई चिंताओं को खारिज कर दिया है। आयोग का कहना है कि किसी संस्था के भीतर चर्चा के दौरान अलग-अलग राय और विचार होना सामान्य बात है। चुनाव आयोग का कहना है कि उसके आदेशों को कानूनी मान्यता प्राप्त है और वे तय कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार ही जारी किए जाते हैं।

26 सितंबर को चुनाव आयोग ने कहा था कि देशव्यापी एसआईआर आदेश को तीनों आयुक्तों- सीईसी ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की सर्वसम्मति से मंजूरी मिली थी। आयोग ने कहा कि ‘फॉर्म 6’ से जुड़े बदलावों को सुप्रीम कोर्ट ने भी सही ठहराया था।

यह विवाद एसआईआर प्रक्रिया और वोटर लिस्ट से जुड़ी प्रक्रियाओं के कुछ पहलुओं पर चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों की खबरों के बाद शुरू हुआ है। तब से यह मुद्दा कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच विवाद का एक बड़ा कारण बन गया है और विपक्षी पार्टियां इस प्रक्रिया की और ज्यादा बारीकी से जांच की मांग कर रही हैं।

Continue Reading
Advertisement
व्यापार6 minutes ago

आईओसीएल में अप्रेंटिस के 58 पदों पर आवेदन जारी, युवाओं के पास 18 अक्टूबर तक अवसर

राष्ट्रीय समाचार37 minutes ago

विपक्ष दल साथ आए या अलग-अलग लड़े, 2027 में भाजपा सरकार बनेगी : केशव प्रसाद मौर्य

राष्ट्रीय समाचार1 hour ago

हेड कॉन्स्टेबल से मारपीट पर सौरभ भारद्वाज-जरनैल सिंह समेत ‘आप’ कार्यकर्ताओं पर एफआईआर

मनोरंजन1 hour ago

उदिति सिंह ने करण वाही से रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- ब्रेकअप के बाद जिंदगी बदल गई

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

केरल स्थानीय निकाय उपचुनाव : सतीशन के नेतृत्व में यूडीएफ की सीटें घटी, लेफ्ट को मिली बढ़त

महाराष्ट्र2 hours ago

महाराष्ट्र एफडीए प्रमुख ने संजय राउत से उगाही के आरोपों के बीच भ्रष्टाचार के सबूत पेश करने को कहा

मनोरंजन3 hours ago

काजी तौकीर और माही विज के सपोर्ट में उतरीं शिल्पा शिंदे, बाकियों को बताया डबल फेस

व्यापार3 hours ago

ऊंची बॉन्ड यील्ड और वैश्विक अनिश्चितताओं से कीमती धातुओं पर दबाव, सोने-चांदी में 1 प्रतिशत से ज्यादा तक की गिरावट

महाराष्ट्र3 hours ago

मुंबई में गणेश विसर्जन के दौरान चोर सक्रिय, भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी, 192 शिकायतें दर्ज, 18 गिरफ्तार

व्यापार3 hours ago

ओपनएआई ने सुरक्षा चिंताओं के चलते नए मॉडल का लॉन्च रोका

महाराष्ट्र4 weeks ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

राजनीति2 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल2 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

खेल4 weeks ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

अपराध4 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

खेल4 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

व्यापार4 weeks ago

सोने में बड़ी तेजी की संभावना, बुल केस में साल के अंत तक 5,600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है: रिपोर्ट

मनोरंजन3 weeks ago

अदनान सामी का कहना है कि एक पाकिस्तानी के तौर पर भारत में काम मिलना कभी मुश्किल नहीं था: ‘भारतीय नागरिकता मिलने के बाद बहुत कुछ बदल गया’

रुझान