Connect with us
Tuesday,29-September-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

कमजोर वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच शेयर बाजार की धीमी शुरुआत

Published

on

घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को सुस्त शुरुआत के साथ खुले। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच बेंचमार्क इंडेक्स में लगभग 0.2 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

सेंसेक्स 138.04 अंक या 0.19 प्रतिशत गिरकर 72,633.68 पर खुला। इसी तरह, निफ्टी 47.80 अंक या 0.21 प्रतिशत गिरकर 22,732.45 पर खुला।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो मंगलवार सुबह के कारोबार में निफ्टी ऑटो, निफ्टी मीडिया, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी सीमेंट में 0.64 प्रतिशत तक की गिरावट आई। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल और केमिकल इंडेक्स भी नीचे कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर, फार्मास्यूटिकल्स और हेल्थकेयर शेयरों में बढ़त देखी गई, जिसमें निफ्टी फार्मा और निफ्टी 500 हेल्थकेयर में लगभग 1 प्रतिशत तक की तेजी आई।

जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण ग्लोबल मैक्रो माहौल इक्विटी के लिए प्रतिकूल बना हुआ है, जिससे चिंताएं बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा, “ब्रेंट क्रूड के 106 डॉलर से ऊपर रहने और अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड के 5.23 प्रतिशत पर होने के कारण ग्लोबल मैक्रो स्थिति इक्विटी बाजारों के लिए प्रतिकूल बनी हुई है।”

हालांकि, विशेषज्ञों ने कहा कि लार्ज-कैप ग्रोथ शेयरों के आकर्षक वैल्यूएशन से लॉन्ग-टर्म निवेशकों को खरीदारी के मौके मिल सकते हैं।

उनके अनुसार, 23,000 के स्तर से नीचे आने के बाद शॉर्ट-टर्म स्थिति मंदी वाली (बेयरिश) बनी हुई है और डेरिवेटिव्स की स्थिति भी अधिक सावधानी का संकेत दे रही है।

निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 22,650-22,700 के स्तर पर देखा गया, जबकि रेजिस्टेंस 22,950-23,000 के स्तर पर था।

इसके अलावा, एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों से पता चला है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लगातार तीसरे सत्र में नेट सेलर बने रहे और सोमवार को 5,353 करोड़ रुपए से अधिक के शेयर बेचे।

हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने समर्थन जारी रखा और नेट बायर बने रहे, साथ ही 5,189 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। इसके अलावा, इंटरनेशनल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ 106.87 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी 1 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 93.99 डॉलर पर था।

एशियाई शेयर बाजार भी दबाव में थे; शुरुआती कारोबार में जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का केओएसपीआई 1 प्रतिशत तक गिरे।

सोमवार रात यूएस शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए, जिसमें एसएंडपी 500 में 0.77 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.92 प्रतिशत की गिरावट आई।

व्यापार

ऊंची बॉन्ड यील्ड और वैश्विक अनिश्चितताओं से कीमती धातुओं पर दबाव, सोने-चांदी में 1 प्रतिशत से ज्यादा तक की गिरावट

Published

on

ऊंचे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव के चलते मंगलवार के सत्र में सोने-चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दोनों कीमती धातुओं में 1 प्रतिशत से ज्यादा तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे बुलियन बाजार पर दबाव बना रहा।

एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना वायदा 487 रुपए या 0.33 प्रतिशत गिरकर 1,48,410 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान सोना 747 रुपए या 0.50 प्रतिशत टूटकर 1,48,150 रुपए के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया। वहीं इसका दिन का उच्चतम स्तर 1,49,034 रुपए रहा।

दूसरी ओर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी वायदा में अधिक दबाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान चांदी 2,942 रुपए या 1.29 प्रतिशत गिरकर 2,24,500 रुपए प्रति किलोग्राम के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गई। बाद में यह 2,104 रुपए या 0.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,25,338 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखाई दी।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमती धातुओं में यह गिरावट मुख्य रूप से अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव के कारण आई। इस तनाव ने वैश्विक ऊर्जा कीमतों को ऊंचा बनाए रखा है, जबकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी ने सोने और चांदी जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों को कम आकर्षक बना दिया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट गोल्ड दबाव में रहा। पिछले कारोबारी सत्र में इसमें लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट आई थी, जिससे यह सात सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले वॉशिंगटन के साथ किसी समझौते की संभावना को लेकर निराशा जताई है।

यह स्थिति तब और जटिल हो गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सात दिनों के भीतर फिर से खोलने संबंधी ईरान के ताजा प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इससे ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और निवेशकों का रुझान सुरक्षित परिसंपत्तियों के बजाय यील्ड-आधारित निवेशों की ओर बढ़ा है।

कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, सोने के लिए निकट अवधि में 1,50,000 से 1,50,700 रुपए का स्तर पहला प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) क्षेत्र है। इसके ऊपर 1,52,000 से 1,52,600 रुपए का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं नीचे की ओर 1,48,000 से 1,47,300 रुपए का दायरा प्रमुख समर्थन (सपोर्ट) क्षेत्र है। यदि सोना 1,48,000 रुपए के नीचे मजबूती से फिसलता है, तो इसमें और गिरावट देखने को मिल सकती है।

वहीं, चांदी के लिए 2,27,000 से 2,28,000 रुपए प्रति किलोग्राम का स्तर निकटतम प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) माना जा रहा है। इसके ऊपर अगला प्रतिरोध 2,32,000 से 2,33,000 रुपए के क्षेत्र में है। वहीं नीचे की ओर 2,24,000 से 2,23,000 रुपए और उसके बाद 2,20,000 से 2,19,000 रुपए का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल सोना और चांदी दोनों में रुख सतर्क से नकारात्मक बना हुआ है। सोने को मजबूती के संकेत देने के लिए 1.50 लाख रुपए के ऊपर टिकना होगा, जबकि चांदी के लिए 2.28 लाख रुपए का स्तर पार करना जरूरी होगा। दूसरी ओर, समर्थन स्तरों के टूटने पर दोनों धातुओं में और गिरावट की आशंका बनी रहेगी।

Continue Reading

व्यापार

ओपनएआई ने सुरक्षा चिंताओं के चलते नए मॉडल का लॉन्च रोका

Published

on

अमेरिकी एआई कंपनी ओपनएआई ने अपने नए एआई मॉडल के लॉन्च को रोक दिया है। आंतरिक परीक्षणों में मॉडल के व्यवहार को लेकर सुरक्षा और ‘अलाइनमेंट’ से जुड़ी चिंताएं सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, एस्ट्रा जीपीटी-6.1 एस्ट्रा को चैटजीपीटी और कोडेक्स में शामिल किया जाना था और इसे ऐसे जटिल काम करने के लिए तैयार किया जा रहा था, जिनमें इंसानी हस्तक्षेप अपेक्षाकृत कम हो। लेकिन परीक्षणों के दौरान मॉडल ने कुछ मामलों में अपने पिछले संस्करण की तुलना में ज्यादा भ्रामक व्यवहार दिखाया।

ओपन एआई की सुरक्षा प्रमुख साची जैन ने वॉल स्ट्रीट जरनल को बताया कि एस्ट्रा ने कुछ अलाइनमेंट परीक्षणों में कंपनी के तय मानकों को पूरा नहीं किया। खास तौर पर मॉडल के अपने काम के बारे में सही जानकारी देने और यूजर की अनुमति की सीमा में रहने को लेकर समस्याएं सामने आईं।

रॉयटर्स के अनुसार, परीक्षणों में यह भी पाया गया कि एस्ट्रा कभी-कभी यूजर की अनुमति लिए बिना किसी काम को आगे बढ़ाता था। कुछ स्थितियों में उसने बाहरी टूल या सेवाओं का इस्तेमाल करने की कोशिश की, जबकि ऐसा करना असुरक्षित हो सकता था। यह चिंता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एजेंटिक एआई मॉडल केवल सवालों के जवाब देने के बजाय कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर और बाहरी सेवाओं के साथ कार्रवाई भी कर सकते हैं।

यह घटनाक्रम अगस्त में सामने आई उन चिंताओं के बाद आया है, जब ओपनएआई ने एस्ट्री की साइबर सुरक्षा क्षमताओं को लेकर अलग से सुरक्षा उपाय कड़े किए थे। कंपनी ने कहा था कि शुरुआती परीक्षणों में एस्ट्रा में साइबर सुरक्षा से जुड़ी क्षमताओं में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी देखी गई और कुछ क्षमताएं उसके निर्धारित ‘क्रिटिकल’ स्तर तक पहुंच सकती हैं। इसके बाद कंपनी ने अतिरिक्त निगरानी, अलग परीक्षण वातावरण, सीमित नेटवर्क और टूल एक्सेस तथा मजबूत सुरक्षा नियंत्रण लागू करने की बात कही थी।

ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडेई समेत उद्योग के कुछ प्रमुख लोगों ने हाल में एआई विकास की गति और सुरक्षा उपायों के बीच संतुलन पर चिंता जताई है।

ओपनएआई के लिए यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी का डेवलपर सम्मेलन सैन फ्रांसिस्को में होने वाला है, जहां वह आम तौर पर नए एआई उत्पाद और डेवलपर टूल पेश करती है। फिलहाल एस्ट्रा को सार्वजनिक रूप से जारी करने के बजाय कंपनी ने आंतरिक परीक्षणों में सामने आई समस्याओं को दूर करने को प्राथमिकता दी है।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

भारत की औद्योगिक वृद्धि दर अगस्त में बढ़कर 8 प्रतिशत हुई, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर शीर्ष पर रहा

Published

on

भारत का औद्योगिक उत्पादन अगस्त में सालाना आधार पर 8 प्रतिशत बढ़ा है। इसकी वजह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का मजबूत प्रदर्शन करना था। यह जानकारी सोमवार को सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों में दी गई।

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में तीन-चौथाई से अधिक हिस्सेदारी रखने वाले मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अगस्त के दौरान 9 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।

आधिकारिक बयान के अनुसार, “रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने लगातार तीन महीनों में 8 प्रतिशत या उससे अधिक की वृद्धि दर्ज की है।”

यह अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है, क्योंकि देश के इंजीनियरिंग संस्थानों और विश्वविद्यालयों से पढ़ाई पूरी करने वाले युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार उपलब्ध कराने में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के भीतर 23 में से 18 उद्योग समूहों ने अगस्त में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। इस दौरान सबसे अधिक योगदान देने वाले तीन प्रमुख उद्योगों में मोटर वाहनों का विनिर्माण, जिसमें 25.2 प्रतिशत वृद्धि हुई, इलेक्ट्रिकल उपकरणों का विनिर्माण, जिसमें 30.9 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, और मशीनरी एवं उपकरणों का विनिर्माण, जिसमें 25.3 प्रतिशत वृद्धि हुई, शामिल हैं।

बिजली और गैस आपूर्ति क्षेत्र में अगस्त के दौरान 12.3 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि जल आपूर्ति, सीवरेज और अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

हालांकि, खनन क्षेत्र में अगस्त के दौरान 5.6 प्रतिशत की नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।

उपयोग-आधारित वर्गीकरण के आंकड़ों के अनुसार, कैपिटल गुड्स, यानी कारखानों में इस्तेमाल होने वाली मशीनों के उत्पादन में अगस्त में 16.9 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि हुई। यह खंड अर्थव्यवस्था में हो रहे वास्तविक निवेश को दर्शाता है, जिसका आगे चलकर रोजगार और आय के सृजन पर व्यापक प्रभाव पड़ता है।

अगस्त के दौरान कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान, रेफ्रिजरेटर और टीवी के उत्पादन में भी 11.1 प्रतिशत की दोहरे अंक की वृद्धि हुई। यह बढ़ती आय के बीच इन वस्तुओं की उपभोक्ता मांग में वृद्धि को दर्शाता है। वहीं, साबुन और कॉस्मेटिक्स जैसे कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स के उत्पादन में महीने के दौरान 2.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन गुड्स सेक्टर में भी 6.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि हाईवे, बंदरगाह और रेलवे परियोजनाओं में सरकार के बड़े निवेश से प्रेरित रही। ऐसी परियोजनाएं बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने के साथ-साथ समग्र आर्थिक विकास दर को बढ़ावा देती हैं।

Continue Reading
Advertisement
व्यापार2 minutes ago

ऊंची बॉन्ड यील्ड और वैश्विक अनिश्चितताओं से कीमती धातुओं पर दबाव, सोने-चांदी में 1 प्रतिशत से ज्यादा तक की गिरावट

महाराष्ट्र19 minutes ago

मुंबई में गणेश विसर्जन के दौरान चोर सक्रिय, भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी, 192 शिकायतें दर्ज, 18 गिरफ्तार

व्यापार29 minutes ago

ओपनएआई ने सुरक्षा चिंताओं के चलते नए मॉडल का लॉन्च रोका

राजनीति36 minutes ago

चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर कांग्रेस बनाएगी रणनीति, ज्ञानेश कुमार को जाना होगा : मीरा कुमार

राजनीति42 minutes ago

केजरीवाल के तिलक नगर दौरे के दौरान ‘आप’ समर्थकों ने दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल पर किया हमला

मनोरंजन48 minutes ago

रवि किशन की अगली फिल्म में दिखेगा आस्था का अनोखा रंग, इमोशन और कॉमेडी से भरपूर होगी कहानी

व्यापार59 minutes ago

कमजोर वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच शेयर बाजार की धीमी शुरुआत

राष्ट्रीय समाचार1 hour ago

‘ये नया भारत है घर में घुसकर मारता है’, सर्जिकल स्ट्राइक दिवस पर नेताओं ने वीर सपूतों को किया नमन

अंतरराष्ट्रीय समाचार1 hour ago

सऊदी अरब भारत का भरोसेमंद और अहम रणनीतिक साझेदार: वित्त मंत्री सीतारमण

महाराष्ट्र1 hour ago

सूखे से निपटने के लिए मदद का खर्च आम नागरिकों से नहीं बल्कि बिचौलियों से वसूला जाए: शिवसेना (यूबीटी)

महाराष्ट्र4 weeks ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

राजनीति2 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल2 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

खेल4 weeks ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

अपराध4 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

खेल4 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

व्यापार4 weeks ago

सोने में बड़ी तेजी की संभावना, बुल केस में साल के अंत तक 5,600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है: रिपोर्ट

मनोरंजन3 weeks ago

अदनान सामी का कहना है कि एक पाकिस्तानी के तौर पर भारत में काम मिलना कभी मुश्किल नहीं था: ‘भारतीय नागरिकता मिलने के बाद बहुत कुछ बदल गया’

रुझान