राजनीति
रविशंकर प्रसाद लॉ स्कूलों पर ग्लोबल वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे
जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल (जेजीएलएस), ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (जेजीयू) 25 से 27 नवंबर तक सही मायने में अपनी तरह का पहला वैश्विक शैक्षणिक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू करने जा रहा है जो ‘रीइमेजनिंग एंड ट्रांसफॉर्मिग द फ्यूचर ऑफ लॉ स्कूल्स एंड लीगल एडुकेशन : कॉन्फ्लयूएंस ऑफ आइडियाज ड्यूरिंग एंड बियॉन्ड कोविड-19’ थीम पर आधारित है। सम्मेलन का उद्घाटन संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी और कानून और न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद करेंगे। उद्घाटन समारोह में सिरिल श्रॉफ द्वारा दिया गया एक मुख्य भाषण भी होगा। श्रॉफ भारत की प्रमुख कानून फर्मों में से एक सिरिल अमरचंद मंगलदास के मैनेजिंग पार्टनर हैं।
इस सम्मेलन का उद्देश्य कानूनी शिक्षा के भविष्य को पुन: प्राप्त करने के लिए 6 महाद्वीपों के लगभग 170 विचारशील नेताओं और 30 से अधिक विषयगत सत्रों और 35 से अधिक देशों को और दो मुख्य संबोधनों को एक साथ लाना है।
सुप्रीम कोर्ट के जज न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड 26 नवंबर को संविधान दिवस पर व्याख्यान देंगे। साथ ही जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल 26 नवंबर को ही संविधान दिवस फोरम में मुख्य भाषण देंगे।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति यू.यू. ललित, प्रेसीडेंशियल अभिभाषण देंगे और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता व सांसद अभिषेक मनु सिंघवी 27 नवंबर को विदाई भाषण देंगे।
ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के संस्थापक वाइस चांसलर और जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल के संस्थापक डीन सी. राजकुमार ने कहा, “चल रहे कोविड-19 महामारी के संदर्भ में, कानूनी शिक्षा के भविष्य को फिर से परिभाषित करने के लिए दुनिया भर के कानूनी शिक्षा के लीडर्स के लिए एक साथ आना महत्वपूर्ण है जो छात्रों, शिक्षाविदों और संस्थानों के भविष्य को प्रभावित करेगा। जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल एक वैश्विक परिप्रेक्ष्य के साथ महत्वपूर्ण संवाद उत्पन्न करने की अपनी प्रतिबद्धता पर खरा उतरना चाहता है। यह सम्मेलन उसी विजन का एक परिणाम है।”
भारत के संविधान दिवस के विशेष अवसर पर, न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़, एक विशेष संविधान दिवस व्याख्यान देंगे। इस व्याख्यान की अध्यक्षता जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल के रिसर्च लॉ प्रोफेसर उपेंद्र बक्सी करेंगे, जो प्रेसीडेंशियल अभिभाषण देंगे। इसके अलावा, संविधान दिवस फोरम कानून की दुनिया में महिला लीडर्स को एक विशेष श्रद्धांजलि अर्पित करेगा, जिसके एक हिस्से के रूप में न्यायमूर्ति गीता मित्तल का महत्वपूर्म संबोधन, शार्दुल अमरचंद मंगलदा की मैनेजिंग पार्टनर पल्लवी श्रॉफ का विशेष संबोधन और मद्रास हाईकोर्ट की एडवोकेट गीता रामशेषन का एक प्रेसिडेंशियल संबोधन होगा।
सम्मेलन का समापन भारतीय न्यायपालिका और कानूनी पेशे के विशिष्ट सदस्यों की सम्मानित उपस्थिति में होगा। अभिषेक मनु सिंघवी, न्यायमूर्ति यू.यू. ललित का अभिभाषण होगा।
जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल के एग्जक्यूटिव डीन एस.जी. श्रीजीत ने कहा कि हम इस सम्मेलन में हमारे साथ कानून की दुनिया के सभी क्षेत्रों के नेताओं की उपस्थिति को लेकर वास्तव में उत्साहित और आभारी हैं। इस सम्मेलन में भारत, सिंगापुर, तंजानिया और अमेरिका के 8 न्यायाधीशों की उपस्थिति होगी जिसमें सुप्रीम कोर्ट और अमेरिका के 6 पूर्व और वर्तमान न्यायाधीश शामिल हैं।
राष्ट्रीय समाचार
पश्चिम बंगाल में बनेंगे चार नए रीजनल एयरपोर्ट, 23 सितंबर को साइन होगा एमओयू

पश्चिम बंगाल में एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए राज्य में चार और रीजनल एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। इसके लिए अगले हफ्ते केंद्र सरकार, पश्चिम बंगाल सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होगा।
यह एमओयू साइनिंग प्रोग्राम 23 सितंबर को राज्य सचिवालय नबन्ना के मुख्य सभागार नबन्ना सभागार में आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी मौजूद रहेंगे। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
प्रस्तावित चार रीजनल एयरपोर्ट पुरुलिया जिले के छर्रा, दक्षिण दिनाजपुर के बालुरघाट, अलीपुरद्वार के हासीमारा और पश्चिम मिदनापुर के कलाईकुंडा में बनेंगे। इनमें हासीमारा और कलाईकुंडा भारतीय वायुसेना के महत्वपूर्ण बेस भी हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “राज्य सरकार इन प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन, बिजली, पानी और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराएगी। केंद्र सरकार एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे का विकास करेगी और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया एयर ट्रैफिक की जिम्मेदारी संभालेगी।”
इस मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू, पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह, मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन और संबंधित जिलों के सांसद व विधायक भी मौजूद रहेंगे।
यह एमओयू केंद्र सरकार की संशोधित ‘उड़ान 6.0’ योजना के तहत साइन किया जाएगा। बता दें कि मॉडिफाइड उड़ान योजना भारत की रीजनल एयर कनेक्टिविटी स्कीम का अगला चरण है।
अधिकारी के अनुसार, इस एमओयू के साइन होने से पुरुलिया, दक्षिण दिनाजपुर, अलीपुरद्वार और पश्चिम मिदनापुर में हवाई संपर्क के बुनियादी ढांचे और रीजनल हवाई सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
केंद्र की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत समझौते के अनुसार राज्य सरकार जरूरी जमीन, संपर्क सड़कें, बिजली आपूर्ति, पानी की आपूर्ति और बुनियादी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगी, जबकि केंद्र सरकार एयरपोर्ट का बुनियादी ढांचा तैयार करेगी।
महाराष्ट्र
मेरा शरीर अब साथ नहीं दे रहा, बिगड़ती सेहत के बीच जरांगे पाटिल ने मुंबई मार्च रद्द करने का दिया संकेत

मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने महाराष्ट्र के बीड जिले के पटोडा में रात 2:00 बजे एक बड़ी सभा को संबोधित किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अत्यधिक शारीरिक थकान के कारण उन्हें मुंबई की ओर अपनी आगे की यात्रा रद्द करनी पड़ सकती है।
अपनी भूख हड़ताल के 18वें दिन जरांगे पाटिल ने कहा कि अगर समर्थक उनके पीछे गाड़ियों का काफिला लेकर चलते रहे, तो वह अपनी यात्रा रोक देंगे और या तो स्थानीय स्तर पर धरना शुरू करेंगे या अंतरवाली सराटी लौट जाएंगे।
रात करीब 1:30 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बावजूद मराठा समुदाय के हजारों लोग, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, उनकी बात सुनने के लिए पूरी रात इंतजार करते रहे।
भीड़ को संबोधित करते हुए शारीरिक रूप से काफी कमजोर दिख रहे जरांगे पाटिल ने कहा कि 12 सितंबर को आईवी फ्लूइड (नसों के जरिए दी जाने वाली दवा/तरल पदार्थ) लेना बंद करने के बाद से वह बमुश्किल अपने हाथ-पैर हिला पा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “अपने समुदाय के बच्चों के लिए लड़ने का असर मेरे शरीर पर पड़ा है, लेकिन मैंने आप लोगों के लिए सरकार से टक्कर ली है। सरकार चाहती है कि मैं घुटने टेक दूं, लेकिन क्या मुझे अपनी मांग छोड़ देनी चाहिए? मेरा समुदाय किसी भी सरकार से बड़ा है – यह मेरे पिता के समान है। मेरे समुदाय में किसी भी सरकार को गिराने और नई सरकार बनाने की ताकत है।”
जरांगे पाटिल ने आंदोलन की प्रगति के बारे में बताया कि 58 लाख पुराने रिकॉर्ड (नोंदी) मिल गए हैं, जिससे लगभग 2.5 करोड़ समुदाय के लोगों के लिए आरक्षण का लाभ पाने का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अभी मुख्य मकसद सरकारी गजट हासिल करना है।
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी सीधा हमला किया और दावा किया कि उन्होंने हर कदम पर राजनीतिक चालों का मुकाबला किया है। साथ ही, उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेज पेन ड्राइव में सुरक्षित रख लिए गए हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस पर “उनकी जान लेने की साजिश रचने” का आरोप भी लगाया। पश्चिमी महाराष्ट्र में फलों के बागों के मालिकों से जुड़े तर्क का जवाब देते हुए उन्होंने सवाल किया, “सरकार का कहना है कि पश्चिमी महाराष्ट्र में फलों के बाग है लेकिन क्या ओबीसी समुदायों के पास बाग नहीं हैं? फिर उन्हें आरक्षण क्यों मिलता है?”
जरांगे पाटिल ने कहा कि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान रैली या दौरा करना मुमकिन नहीं है। उन्होंने समर्थकों से कहा कि वे पटोडा से उनकी गाड़ी के पीछे न आएं बल्कि सीधे खोपोली में मिलें, वरना वे या तो अंतरवाली लौट जाएंगे या बीड जिले के पटोडा में ही अपनी भूख हड़ताल फिर से शुरू कर देंगे।
अपने परिवार के लिए एक संदेश में जरांगे पाटिल ने कहा, “मैंने अपने परिवार से आत्मसम्मान के साथ जीने को कहा है। मैंने अपने बेटे से कहा है कि अगर मैं समाज के लिए अपनी जान दे दूं, तो वह हिम्मत के साथ आगे आए। भले ही इस मकसद के लिए एक जान चली जाए, लेकिन हमारी जाति की गरिमा कभी कम नहीं होनी चाहिए।”
पुलिस से सीधे बात करने की इच्छा जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि अगर उनकी शारीरिक हालत ठीक रही, तो वे पटोडा से सीधे मुंबई जाना पसंद करेंगे, न कि लोगों के बड़े हुजूम के साथ।
राष्ट्रीय समाचार
यूपीआई में एमडीआर आने से इंडस्ट्री को 20,000 करोड़ रुपए तक का हो सकता है फायदा: ब्रोकरेज

यूपीआई भुगतान में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लागू करने से बैंकों और भुगतान कंपनियों के लिए आय के नए स्रोत खुल जाएंगे और इससे पूरी इंडस्ट्री का रेवेन्यू पूल 10,000 करोड़ रुपए से 20,600 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। यह जानकारी ब्रोकरेज फर्मों की ओर से दी गई।
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) का संचालन करने वाली नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने 2,000 रुपए से अधिक के पर्सन-टू-मर्चेंट (पीटूएम) यूपीआई के लिए 0.4 प्रतिशत का एमडीआर 15 अक्टूबर से लगाने का ऐलान किया है। हालांकि, इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपए प्रति लेनदेन निर्धारित की गई है। इसका भुगतान मर्चेंट करेगा, न कि ग्राहक।
यूबीएस का अनुमान है कि बैंकों और भुगतान कंपनियों के लिए सालाना रेवेन्यू पूल 10,000–15,000 करोड़ रुपए का होगा। ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि बैंक इसमें से लगभग 60–70 प्रतिशत हिस्सा अपने पास रखेंगे, जबकि बाकी हिस्सा भुगतान कंपनियों को मिलेगा। मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि फिनटेक कंपनियों की कमाई पर इसका असर ज्यादा होगा।
गोल्डमैन सैश का अनुमान है कि इंडस्ट्री का संभावित रेवेन्यू पूल 20,600 करोड़ रुपए का हो सकता है। यह अनुमान इस कैलकुलेशन पर आधारित है कि कुल यूपीआई ट्रांजैक्शन वैल्यू का लगभग आधा हिस्सा पूरे 40 आधार अंक एमडीआर के दायरे में आ सकता है। जेपी मॉर्गन के अनुसार, अधिकतम रेवेन्यू पूल लगभग 17,000 करोड़ रुपए का हो सकता है, जिसमें इश्यूइंग और एक्वायरिंग बैंकों के लिए लगभग 11,700 करोड़ रुपए शामिल हैं। यह रकम लिस्टेड कमर्शियल बैंकों के वित्त वर्ष 26 के शुद्ध मुनाफे का 2.1 प्रतिशत है।
सिटी का अनुमान है कि सालाना इंडस्ट्री रेवेन्यू पूल 16,000-17,000 करोड़ रुपए का होगा, जिसमें से लगभग 60 प्रतिशत बैंकों को, 25 प्रतिशत यूपीआई एप्लिकेशन प्रोवाइडर्स को और 15 प्रतिशत नॉन-बैंक पेमेंट एग्रीगेटर्स को मिलेगा।
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