राजनीति
राज्यसभा में हंगामा, लोकसभा के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में टकराहट
नई दिल्ली, 5 फरवरी : गुरुवार को राज्यसभा में उस समय जबरदस्त हंगामा देखने को मिला, जब विपक्षी दलों ने लोकसभा से जुड़ा मामला सदन में उठाया। विपक्ष का कहना था कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने की अनुमति नहीं दी गई, और इसी के विरोध में उन्होंने राज्यसभा में अपनी बात रखी है। हालांकि सत्तापक्ष ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया। सरकार की ओर से कहा गया कि लोकसभा की कार्यवाही को राज्यसभा में उठाना नियमों के खिलाफ है, क्योंकि संसद के दोनों सदन स्वतंत्र रूप से काम करते हैं।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में कहा कि देश के लोकतांत्रिक सिद्धांत संसद से चलते हैं और संसद का मतलब सिर्फ एक सदन नहीं, बल्कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि भारत में द्विसदनीय व्यवस्था है और दोनों सदनों की बराबर अहमियत है।
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने इसका जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष जानबूझकर प्रधानमंत्री के भाषण को बाधित करने की रणनीति अपना रहा है। रिजिजू ने सवाल किया कि यह कौन-सी राजनीति है और अचानक आज ही यह मुद्दा क्यों उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह विपक्ष की एक सोची-समझी तकनीक है, जिससे सदन की कार्यवाही को ठप किया जा रहा है।
वहीं, खड़गे ने कहा कि अगर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोका जा रहा है, तो यह सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष को चुप कराने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष आज देश और अंतरराष्ट्रीय हालात जैसे गंभीर विषयों पर बोलना चाहते थे, लेकिन उन्हें मौका नहीं दिया गया।
इसके जवाब में सत्ता पक्ष ने फिर दोहराया कि लोकसभा की कार्यवाही पर राज्यसभा में चर्चा नहीं हो सकती और इस पर पहले भी सभापति और पीठ की ओर से कई बार स्पष्ट फैसले दिए जा चुके हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस विषय पर कहा कि यह कहना कि दोनों सदन साथ-साथ चलते हैं और एक सदन के स्थगित होने पर दूसरा भी अपने-आप स्थगित हो जाए, पूरी तरह गलत है।
रिजिजू ने कहा अगर विपक्ष कोई ऐसा नियम दिखा दे जिसमें लिखा हो कि लोकसभा के स्थगित होते ही राज्यसभा भी स्थगित हो जाती है, तो सरकार उसे मानने को तैयार है। उन्होंने साफ कहा कि संसद के दोनों सदन मिलकर संसद का गठन करते हैं, लेकिन उनकी कार्यवाही और नियम अलग-अलग होते हैं। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता को लेकर कहा कि उन्हें बोलने के लिए पूरा समय दिया गया था।
इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी राज्यसभा में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह राज्यसभा में विपक्ष के नेता का पूरा सम्मान करती हैं, लेकिन उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए कुछ शब्द संसदीय मर्यादा के अनुरूप नहीं हैं। वित्त मंत्री ने खास तौर पर ‘लिंचिंग’ शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई और कहा कि इस तरह की टिप्पणी करना ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि अगर लिंचिंग की बात हो रही है, तो यह भी याद रखना चाहिए कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान एक दर्जी की हत्या की घटना हुई थी। निर्मला सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस शासन के समय ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिन पर आज सवाल उठाए जा रहे हैं। लोकसभा के इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए।
विपक्षी सांसदों का कहना था कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है और अगर वहां विपक्ष की आवाज दबाई जाती है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। विपक्ष के अन्य सांसदों ने कहा कि वे इस बात का विरोध जता रहे हैं कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को देश और मौजूदा हालात पर बोलने से रोका गया।
इसी बात को लेकर सदन में शोर-शराबा तेज हो गया और विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया। पूरे घटनाक्रम के दौरान राज्यसभा में माहौल बेहद शोर व हंगामे भरा रहा। एक तरफ विपक्ष लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की आजादी और विपक्ष के अधिकारों की बात करता रहा, तो दूसरी तरफ सरकार ने नियम, परंपरा और संसदीय प्रक्रिया का हवाला देकर विपक्ष के आरोपों को खारिज किया।
अपराध
ठाणे क्राइम ब्रांच ने सुलझाई बेरहम कत्ल की गुत्थी; दोस्त की हत्या कर शव के टुकड़े फेंकने के आरोप में दो भाई गिरफ्तार

ठाणे, 16 जुलाई: अपराध की दुनिया में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए ठाणे क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को एक बेहद बेरहम मर्डर केस की गुत्थी सुलझा ली है। इस मामले में दो सगे भाइयों ने कथित तौर पर अपने ही एक करीबी दोस्त की हत्या कर दी, उसके शव के टुकड़े-टुकड़े किए और उन्हें अलग-अलग सुनसान जगहों पर फेंक दिया।
यह मामला तब सामने आया जब उल्हासनगर यूनिट-4 क्राइम ब्रांच के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर राजेश गज्जल को एक गोपनीय सूचना मिली। सूचना के मुताबिक, ऑटो-रिक्शा चालक भाइयों—फैज मलीम (24) और अल्बान मलीम (23)—ने मुंब्रा के रहने वाले अपने दोस्त अमन शेख (23) की हत्या कर दी थी। जानकारी में आगे यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ित का गला रेता, उसके शरीर को टुकड़ों में काटा और सबूत मिटाने के इरादे से उन टुकड़ों को अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगा दिया।
इस खुफिया जानकारी पर तुरंत कार्रवाई करते हुए और ठाणे पुलिस कमिश्नर आशुतोष डुम्बरे के निर्देशों पर, एडिशनल पुलिस कमिश्नर पंजाबराव उगले, डिप्टी पुलिस कमिश्नर अमर सिंह जाधव और असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर शेखर बागड़े के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में सीनियर पीआई राजेश गज्जल, एपीआई श्रीरंग गोसावी और हेड कांस्टेबल गणेश गावड़े शामिल थे।
पुलिस ने दोनों आरोपी भाइयों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया और उनसे कड़ी पूछताछ की। पूछताछ के दौरान, भाइयों ने कथित तौर पर कबूल किया कि 13 जुलाई 2026 की रात को उन्होंने अमन शेख का गला रेतकर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद, उन्होंने शव को क्षत-विक्षत कर सिर, हाथ और पैरों को अलग कर दिया और अपराध को छिपाने के लिए अवशेषों को खराड़ी गांव के सुनसान इलाकों में फेंक दिया।
जांच अधिकारी अब इस हत्याकांड के पीछे के मकसद का पता लगाने, बाकी के सभी सबूतों को बरामद करने और हत्या तक ले जाने वाले घटनाक्रम को दोबारा रीक्रिएट करने में जुटे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जांच चल रही है।
राष्ट्रीय समाचार
सरकार ने कॉर्पोरेट औसत ईंधन दक्षता 2027 मानदंड का मसौदा जारी किया, आम जनता से मांगे सुझाव

विद्युत मंत्रालय ने गुरुवार को पक्षकारों से परामर्श के लिए कॉर्पोरेट औसत ईंधन दक्षता 2027 मानदंड (सीएएफई-III) का मसौदा जारी किया। ये मानदंड 2027-28 से 2031-32 के दौरान भारत में बिक्री के लिए विनिर्मित या आयातित एम1 श्रेणी के यात्री वाहनों पर लागू करने का प्रस्ताव है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, मसौदा मानदंड एम1 श्रेणी के वाहनों पर लागू होंगे। एम1 श्रेणी में ऐसे यात्री वाहन शामिल हैं, जिनमें चालक के अलावा अधिकतम आठ लोगों के बैठने की क्षमता होती है। इसमें निजी उपयोग के लिए बेची जाने वाली सभी हैचबैक, सेडान और एसयूवी शामिल हैं। इस श्रेणी में वाणिज्यिक मालवाहक वाहन और बसें शामिल नहीं हैं।
मौजूदा सीएएफई-II (कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल इकोनॉमी) मानदंडों की अवधि 31 मार्च, 2027 को समाप्त होने की संभावना है। इसके बाद सीएएफई-III नियम लागू हो सकते हैं।
सीएएफई-III के तहत अनुपालन का आकलन दो चरणों में किया जाएगा। पहला चरण तीन वर्षों का होगा, जबकि दूसरा चरण शेष दो वर्षों का होगा। प्रत्येक वर्ष के साथ ईंधन दक्षता के लक्ष्य और अधिक कड़े होते जाएंगे।
बिजली मंत्रालय के अधीन ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (बीईई) की निगरानी में तैयार किए गए सीएएफई-III का उद्देश्य वित्त वर्ष 2032 तक वाहन बेड़े के औसत उत्सर्जन को मौजूदा स्तर से घटाकर काफी कम करना है।
नए ढांचे के तहत, कंप्लायंस क्रेडिट की कीमत 2,500 रुपए प्रति क्रेडिट तय की गई है, जो हर वर्ष 500 रुपए बढ़ेगी। अनुपालन अवधि समाप्त होने के बाद इस्तेमाल न किए गए क्रेडिट स्वतः समाप्त हो जाएंगे और जो वाहन निर्माता तय मानकों को पूरा नहीं कर पाएंगे, उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है, हालांकि जुर्माने की विस्तृत राशि का अभी उल्लेख नहीं किया गया है। वहीं, सालाना 1,000 से कम वाहन बेचने वाले निर्माताओं को इन नियमों से छूट मिलेगी।
मसौदे के पहले के संस्करणों पर उद्योग जगत की राय अलग-अलग रही है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने इस प्रस्ताव को संतुलित बताया है, जबकि कुछ वाहन निर्माताओं ने छोटी पेट्रोल कारों के लिए राहत की मांग की है और कुछ ने इस श्रेणी के लिए अलग नियम बनाए जाने का विरोध किया है।
मंत्रालय ने इस मसौदे पर हितधारकों और आम जनता से सुझाव आमंत्रित किए हैं। सुझाव ऊर्जा संरक्षण प्रभाग के अवर सचिव को नई दिल्ली स्थित मंत्रालय के कार्यालय में भेजे जा सकते हैं या ई-मेल के माध्यम से भी भेजे जा सकते हैं।
सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 6 अगस्त, 2026 निर्धारित की गई है। बयान में कहा गया है कि मसौदा मानदंड जल्द ही बिजली मंत्रालय और ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (बीईई) की वेबसाइटों पर भी अपलोड किए जाएंगे।
एम1 श्रेणी के वाहन सीएएफई मानदंडों के तहत कड़े ईंधन दक्षता और उत्सर्जन लक्ष्यों के दायरे में आते हैं। ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से इन मानदंडों को समय-समय पर अपडेट किया जाता है।
राष्ट्रीय समाचार
ई20 पेट्रोल विवाद: उपभोक्ता के पक्ष में देश का पहला फैसला, रायपुर कोर्ट ने कंपनी को वाहन बदलने का दिया आदेश

ई20 पेट्रोल से वाहन में खराबी को लेकर आए देश के पहले फैसले में अदालत ने उपभोक्ता को राहत पहुंचाई है। कार मालिक ने आरोप लगाया था कि ई20 पेट्रोल ने उसकी गाड़ी को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद रायपुर जिला उपभोक्ता अदालत ने कार मालिक के पक्ष में फैसला सुनाया है। साथ ही, अदालत ने कंपनी और संबंधित पक्षकारों को कार मालिक की शिकायत को देखते हुए वाहन बदलने या निर्धारित राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है।
रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में परिवाद की ऑनलाइन 12 मार्च 2025 को की गई थी, जबकि इसका पंजीयन 16 अप्रैल 2025 को हुआ। 14 जुलाई को आयोग ने अपना आदेश जारी किया।
उपभोक्ता प्रेमराज देवता ने आरोप लगाया था कि उनकी मारुति ग्रैंड विटारा कार में ई20 पेट्रोल के उपयोग के बाद बार-बार समस्याएं आने लगीं। शिकायत में इंजन संबंधी परेशानी, परफॉर्मेंस के खराब होने, मिसफायरिंग और लगातार माइलेज घटने जैसी समस्याओं का जिक्र किया गया। उपभोक्ता का कहना था कि ई20 पेट्रोल के उपयोग के बाद वाहन की समस्या दूर नहीं हुई, जबकि कई बार सर्विस सेंटर में जांच और मरम्मत कराई गई।
आयोग ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 35 के तहत परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार किया। आयोग ने माना कि ई20 पेट्रोल के संबंध में उपभोक्ता के पास व्यवहारिक रूप से अन्य ईंधन विकल्प उपलब्ध नहीं था, क्योंकि अधिकांश पेट्रोल पंपों पर यही ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा था।
आयोग ने संबंधित पक्षकारों को निर्देश दिया कि वे उपभोक्ता की कार वापस लेकर उसी मॉडल की नई ई20 ईंधन समर्थित कार आदेश की तारीख से 45 दिनों के भीतर उपलब्ध कराएं। अगर निर्धारित अवधि में वाहन नहीं बदला जाता है, तो विपक्षी पक्षकारों को वाहन की कीमत और संबंधित खर्चों का भुगतान (कुल राशि 20,50,494) करना होगा।
आयोग ने यह भी आदेश दिया कि संबंधित पक्षकारों को मानसिक क्षति और वाद व्यय की राशि भी अदा करनी होगी। आयोग ने उपभोक्ता को हुई मानसिक परेशानी के लिए एक लाख रुपए और मुकदमे के खर्च के लिए 10 हजार रुपए का भुगतान करने को कहा है। आदेश में कहा गया कि राशि का भुगतान 45 दिनों के भीतर नहीं किया जाता है, तो भुगतान की तारीख तक 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
-
दुर्घटना11 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
