राजनीति
बंगाल चुनाव : सुजापुर में टीएमसी की बड़ी जीत, सबीना यास्मीन ने कांग्रेस गढ़ में फिर मारी बाजी
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले की बेहद अहम और हाई-प्रोफाइल सुजापुर विधानसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा है। 2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की उम्मीदवार और राज्य सरकार में मंत्री सबीना यास्मीन ने शानदार जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ में लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है।
चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सबीना येस्मीन को कुल 1,12,795 वोट मिले और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के अब्दुल हन्नान को 60,287 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार अभिजीत रजक 20,066 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
सुजापुर विधानसभा सीट (सीट नंबर 53) का राजनीतिक इतिहास काफी समृद्ध और दिलचस्प रहा है। 1957 में गठित इस सीट को लंबे समय तक कांग्रेस का अभेद्य किला माना जाता रहा। दिग्गज कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ए.बी.ए. गनी खान चौधरी (बरकत दा) के परिवार का इस क्षेत्र पर वर्षों तक प्रभाव रहा। 1967 से 1977 तक गनी खान चौधरी की लगातार जीत, और बाद में रूबी नूर, मौसम नूर और ईशा खान चौधरी जैसे नेताओं ने इस विरासत को आगे बढ़ाया।
हालांकि, 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने पहली बार इस किले में सेंध लगाते हुए जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में मोहम्मद अब्दुल गनी ने टीएमसी को ऐतिहासिक सफलता दिलाई थी। 2026 में पार्टी ने रणनीतिक बदलाव करते हुए उनकी जगह मोथाबाड़ी की पूर्व विधायक और मंत्री सबीना यास्मीन को चुनावी मैदान में उतारा और यह दांव पूरी तरह सफल साबित हुआ।
इस बार सुजापुर में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला, जिसमें टीएमसी की सबीना यास्मीन, कांग्रेस के अब्दुल हन्नान और भाजपा के अभिजीत रजक आमने-सामने थे। मालदा को पारंपरिक रूप से कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, ऐसे में यह मुकाबला खास तौर पर टीएसी और कांग्रेस के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया था।
जनसांख्यिकीय दृष्टि से यह सीट काफी अहम है। सुजापुर एक अल्पसंख्यक (मुस्लिम) बहुल क्षेत्र है, जहां के मतदाता चुनावी नतीजों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
सुजापुर विधानसभा क्षेत्र ‘मालदा दक्षिण’ लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है, टीएमसी की यह बड़ी जीत इस बात का संकेत है कि पार्टी ने इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।
सबीना यास्मीन की निर्णायक जीत न सिर्फ उनके व्यक्तिगत राजनीतिक कद को मजबूत करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ में अपनी स्थिति को और सुदृढ़ कर लिया है।
महाराष्ट्र
पंजरपुर पंपिंग स्टेशन पर काम शुरू, शहर के कुछ पश्चिमी और पूर्वी इलाकों में 15% पानी की सप्लाई में कटौती की संभावना

मुंबई मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) का हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट, पंजरापुर में मुंबई-3ए पंपिंग स्टेशन पर मौजूदा 6.6 केवी हाई टेंशन (एचटी) कंट्रोल पैनल को बदलने के लिए एक बड़ा प्रोजेक्ट शुरू कर रहा है। इस वजह से, पंजरापुर से भांडुप वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी की सप्लाई 20 घंटे के लिए बंद रहेगी, यानी मंगलवार, 28 जुलाई, 2026 को सुबह 9:00 बजे से बुधवार, 29 जुलाई, 2026 को सुबह 5:00 बजे तक। इस वजह से, शहर के कुछ हिस्सों और सब-पार्टी में पानी की सप्लाई 15% तक कम हो सकती है। ईस्टर्न सबर्ब्स म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एडमिनिस्ट्रेशन लोगों से इस पर ध्यान देने और अपना सहयोग देने की रिक्वेस्ट करता है। इस प्रोजेक्ट में पंजरापुर में मुंबई-3ए पंपिंग स्टेशन पर 6.6 केवी एचटी कंट्रोल पैनल को बदलना शामिल है। इस पहल के तहत, 10 मौजूदा पुराने एचटी कंट्रोल पैनल को 10 नए, मॉडर्न और कुशल एचटी कंट्रोल पैनल से बदला जाएगा। पहले फेज़ में, कुल 10 एचटी कंट्रोल पैनल में से 4 बदले जाएंगे। यह काम मंगलवार, 28 जुलाई, 2026 को सुबह 9:00 बजे से बुधवार, 29 जुलाई, 2026 को सुबह 5:00 बजे तक किया जाना है। काम को सुरक्षित और सही तरीके से करने के लिए, ‘मुंबई 3ए पंपिंग स्टेशन’ को लगभग 20 घंटे के लिए बंद करना ज़रूरी है। इस वजह से, पंजरापुर से भांडुप वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी की सप्लाई इस 20 घंटे के समय के लिए, यानी 28 जुलाई, 2026 को सुबह 9:00 बजे से 29 जुलाई, 2026 को सुबह 5:00 बजे तक, बंद रहेगी। इससे पूरे शहर में पानी की सप्लाई में 15% की कमी आ सकती है और कुछ इलाकों में पानी की सप्लाई कम हो सकती है। सबर्ब्स म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एडमिनिस्ट्रेशन नागरिकों से इस पर ध्यान देने और सहयोग करने की ज़ोरदार अपील करता है।
राष्ट्रीय समाचार
एयर इंडिया बोइंग विमान हादसे की जांच में कोई देरी नहीं, तय प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही जांच: सरकार

केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में स्पष्ट किया कि अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया बोइंग ड्रीमलाइनर विमान हादसे की जांच में किसी तरह की कोई देरी नहीं हुई है। नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि दुर्घटना की जांच तय प्रक्रियाओं के अनुसार आगे बढ़ रही है और फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्रालय ने कहा कि बड़े विमान हादसों की जांच कई तकनीकी और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर निर्भर करती है। ऐसे मामलों में कई तरह के कारकों की विस्तृत जांच की जाती है, इसलिए अंतिम जांच रिपोर्ट कब तक तैयार होगी, इसके लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की जा सकती। मंत्रालय ने कहा कि किसी बड़े विमान हादसे की जांच पूरी होने का समय पहले से बताना संभव नहीं है।
सरकार ने यह भी बताया कि दुर्घटना के पीछे मौजूद सभी संभावित कारणों और योगदान देने वाले सभी कारकों की व्यापक जांच की जा रही है। इसका मतलब है कि जांच अभी जारी है और अब तक किसी भी संभावित वजह को अंतिम रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।
मंत्रालय ने संसद को यह भी जानकारी दी कि जांच के तहत विमान के थ्रस्ट कंट्रोल मॉड्यूल की मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) की सुविधा में विस्तृत जांच की जा रही है। यह प्रक्रिया भी चल रही जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इससे पहले भी नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने संसद में बताया था कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) 12 जून को हुए एयर इंडिया बोइंग विमान हादसे की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कर रहा है और दुर्घटना के सभी संभावित कारणों की जांच की जा रही है।
मंत्रालय ने बताया कि एएआईबी ने 12 जुलाई 2025 को दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की थी, जो उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) के एनेक्स-13 के प्रावधानों के तहत 12 जून 2026 को अंतरिम बयान भी जारी किया गया। अंतिम जांच रिपोर्ट पूरी जांच प्रक्रिया समाप्त होने के बाद सार्वजनिक की जाएगी।
गौरतलब है कि 12 जून को अहमदाबाद से लंदन-गैटविक जा रही एयर इंडिया की एआई-171 बोइंग 787 ड्रीमलाइनर उड़ान टेकऑफ के महज 35 सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में विमान में सवार 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित कुल 260 लोगों की मौत हुई थी। जमीन पर मौजूद 19 लोगों ने भी अपनी जान गंवाई थी, जबकि विमान में सवार एक यात्री चमत्कारिक रूप से बच गया था।
एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान के दोनों इंजनों की शक्ति उस समय समाप्त हो गई थी, जब दोनों फ्यूल कट-ऑफ स्विच ‘रन’ से ‘कटऑफ’ स्थिति में चले गए। हालांकि, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) से यह भी सामने आया कि एक पायलट ने दूसरे से कहा था कि उसने फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद नहीं किए थे। दुर्घटना से ठीक पहले इन स्विचों को फिर से ‘रन’ स्थिति में लाया गया था, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि एएआईबी की रिपोर्ट केवल प्रारंभिक निष्कर्षों पर आधारित है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अंतिम जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी भी तरह के निष्कर्ष पर न पहुंचें।
अपराध
मुंबई: काला चौकी से एक अपराधी को पिस्तौल और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया

मुंबई: मुंबई के काला चौकी पुलिस स्टेशन की सीमा में एक ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने आरिफ मोहम्मद असलम शेख नाम के एक 32 साल के क्रिमिनल को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस ने उसके पास से एक पिस्टल और 6 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। मोहम्मद असलम शेख पर मारपीट के 8 केस दर्ज हैं, साथ ही बांद्रा और सहार पुलिस स्टेशन में एक-एक केस दर्ज है। आरोपी को दो बार शहर से निकाला भी जा चुका है। यह ऑपरेशन मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती, जॉइंट पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार शर्मा और डीसीपी अनुराग जैन के निर्देश पर किया गया।
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