महाराष्ट्र
मुंबई एनसीबी को डी कंपनी और पठान गैंग के लीडर चिंको पठान को दोषी ठहराने में बड़ी कामयाबी मिली। मामले में पांच आरोपियों को मौत की सज़ा और जुर्माना लगाया गया है।
मुंबई केंद्रीय नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को उस समय बड़ी सफलता मिली जब कोर्ट ने दाऊद इब्राहिम गिरोह और पठान गिरोह के प्रमुख चिंको पठान को दोषी ठहराया। एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने इन आरोपियों को गिरफ्तार किया था और चिंको पठान को डोंगरी से हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था, यही वजह है कि इस मामले में आरोपी को दोषी ठहराया गया है। केंद्रीय एंटी-नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) मुंबई ने एक बड़े सिंथेटिक ड्रग तस्करी मामले में पांच आरोपियों को दोषी ठहराया। जब्त दवाओं का मूल्य 6.5 करोड़ रुपये है। संगठित सिंथेटिक ड्रग तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता में, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की मुंबई जोनल यूनिट ने मेफेड्रोन (एमडी), मेथामफेटामाइन और प्रीकर्सर रसायनों की तस्करी के साथ-साथ बड़े पैमाने पर ड्रग लॉन्ड्रिंग और हथियारों के अवैध कब्जे से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल एनडीपीएस एक्ट मामले में पांच आरोपियों को दोषी ठहराया है। 19 मई को, स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट, ठाणे, महाराष्ट्र ने मोहम्मद आरिफ याकूब भुजवाला (आर/ओ-चिंचबंदर, मुंबई) को 15 साल की कैद और 2 लाख रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई। परवेज़ खान उर्फ ”चुनको पठान” और मोहम्मद सलमान खान (दोनों चिंचबंदर, मुंबई के रहने वाले) और विक्रांत जैन (भिवंडी, ठाणे के रहने वाले) को 5 साल की कैद और 50,000 रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है। एक और दोषी हारिस फैजुल्लाह खान (मुर्शिद) को एक साल की कैद और 10,000 रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है।
यह केस 20 जनवरी, 2021 को शुरू हुआ जब एनसीबी मुंबई के अधिकारियों ने खास इंटेलिजेंस पर कार्रवाई करते हुए, नवी मुंबई के घनसोली में एक सर्च ऑपरेशन किया और एक बदनाम हिस्ट्रीशीटर और ड्रग स्मगलर परवेज़ नसरुल्लाह खान उर्फ ”चुनको पठान” को गिरफ्तार किया। ऑपरेशन के दौरान, एनसीबी अधिकारियों ने उसके पास से 52.2 ग्राम मेफेड्रोन (एमडी) बरामद किया। तलाशी में एक बिना लाइसेंस वाली पिस्तौल, पांच ज़िंदा राउंड, 12,500 रुपये कैश, ड्रग तस्करी से मिले पैसे और लगभग 3.57 लाख रुपये मिले। 10 लाख रुपये के कीमती मेटल के गहने भी मिले, जो कथित तौर पर गैर-कानूनी ड्रग की कमाई से मिले थे।
जांच में पता चला कि ज़ब्त किया गया कॉन्ट्राबैंड एक और बदनाम तस्कर और फाइनेंसर, मोहम्मद आरिफ भुजवाला ने सप्लाई किया था, जो मुंबई के चिंचबंदर इलाके से सिंथेटिक ड्रग तस्करी का एक ऑर्गनाइज़्ड नेटवर्क चला रहा था। खुलासे और टेक्निकल जांच के आधार पर, एनसीबी टीमों ने आरिफ भुजवाला से जुड़े कई ठिकानों पर बड़ी तलाशी ली।
मुंबई के चिंचबंदर में नूर मंज़िल में तलाशी के बाद एनसीबी मुंबई द्वारा सिंथेटिक ड्रग मामले में अब तक की सबसे बड़ी ज़ब्ती हुई। अधिकारियों ने 5.375 kg मेफेड्रोन, 990 gm मेथामफेटामाइन और 6.126 kg इफेड्रिन बरामद किया, जो एक कंट्रोल्ड प्रीकर्सर केमिकल है जिसका इस्तेमाल सिंथेटिक ड्रग्स बनाने में बड़े पैमाने पर होता है। इसके अलावा, 2,18,25,600 रुपये कैश के साथ एक और बिना लाइसेंस वाली बंदूक ज़ब्त की गई, जिसके बारे में शक है कि उसे गैर-कानूनी ड्रग तस्करी से बनाया गया था। एनसीबी ने जिस जगह की तलाशी ली, वहां सिंथेटिक नशीले पदार्थों को स्टोर करने और प्रोसेस करने की जगहें थीं। ऑपरेशन के दौरान कई तरह के पैकेजिंग मटीरियल, वज़न करने वाली मशीनें, सीलिंग इक्विपमेंट और प्रतिबंधित सामान की प्रोसेसिंग और डिस्ट्रीब्यूशन में इस्तेमाल होने वाली चीज़ें भी बरामद की गईं। जांच के हिस्से के तौर पर कई बैंक डॉक्यूमेंट, मोबाइल फ़ोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और फाइनेंशियल रिकॉर्ड ज़ब्त किए गए और बाद में उनका एनालिसिस किया गया।
आगे की जांच में एक और आरोपी, मोहम्मद सलमान खान का रोल सामने आया, जो परवेज़ खान @ चिंको पठान से नशीले पदार्थ खरीदता था और उन्हें लोकल ड्रग नेटवर्क में बांटता था। चिंचबंदर में उसके घर की तलाशी में 10.5 ग्राम मेफेड्रोन के साथ-साथ डिस्ट्रीब्यूशन में इस्तेमाल होने वाले पैकेजिंग मटीरियल और वज़न करने के इक्विपमेंट बरामद हुए।
एनसीबी जांचकर्ताओं ने आरोपी विक्रांत जैन उर्फ “विक्की जैन” का भी रोल पता लगाया, जो ड्रग तस्करी के कामों का फाइनेंशियल सपोर्टर था। गैर-कानूनी तस्करी में मदद कर रहा था। भिवंडी में उसके ठिकानों पर तलाशी ली गई, जिसमें 52.8 ग्राम मेफेड्रोन ज़ब्त हुआ, जिसमें रजनी गंधा और तंबाकू प्रोडक्ट्स में मिला हुआ बैन पदार्थ भी शामिल था। तलाशी के दौरान मिले फाइनेंशियल रिकॉर्ड और बैंकिंग इंस्ट्रूमेंट्स से ड्रग के धंधे को फाइनेंस करने और उसे आसान बनाने में उसकी भूमिका साबित हुई।
लगातार जांच और निगरानी के सिलसिले में, एनसीबी टीमों ने एक और आरोपी, हारिस फैजुल्लाह खान की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया, जिसके पास से 3 ग्राम मेफेड्रोन बरामद किया गया। जांच में सिंथेटिक ड्रग तस्करी के एक बड़े नेटवर्क के साथ उसके एक्टिव जुड़ाव का पता चला।
जांच “बॉटम-अप” और “नेटवर्क-सेंट्रिक” तरीके से की गई, जिसमें तस्करों के सभी आगे और पीछे के लिंक्स को सिस्टमैटिक तरीके से एनालाइज किया गया। कड़ी मेहनत से इंटेलिजेंस डेवलपमेंट, टेक्निकल एनालिसिस और फाइनेंशियल जांच के ज़रिए, एनसीबी ने मुख्य ऑपरेटर्स, सप्लायर्स की पहचान की और इस ऑपरेशन से आखिरकार मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में चल रहे एक अच्छी तरह से जमे-जमाए सिंथेटिक ड्रग तस्करी सिंडिकेट को खत्म कर दिया गया। नेटवर्क के बड़े फैलाव और फाइनेंशियल गहराई को देखते हुए, एनसीबी मुंबई ने गैर-कानूनी ड्रग ट्रैफिकिंग से बने एसेट्स की पहचान करने और उन्हें जोड़ने के लिए एक पूरी फाइनेंशियल जांच भी शुरू की थी।
महाराष्ट्र
मुंबई में गणेश विसर्जन के दौरान दो गुटों में हुआ विवाद, 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

मुंबई के मालवणी (मलाड) इलाके में गणपति विसर्जन के दौरान विवाद, मारपीट, गाली-गलौज और जुलूस में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मालवाणी पुलिस ने शिकायतकर्ता के आधार पर आदिल (24), सुनील शेख (25), गौस (22), अजगर (23), जाकिर (26), जुबेर (25) और हुसेन (24) के खिलाफ का मामला दर्ज कर इनकी तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार, 25 सितंबर की शाम करीब 7:15 बजे निरंकार नगर, एनटीसी स्कूल रोड, गेट नंबर 7, मालवणी, मालाड पश्चिम में गणपति विसर्जन के दौरान गणपति मंडप के प्रवेश द्वार के पास कोल्ड पायरो उपकरण लगाया गया था। इससे निकलने वाले कृत्रिम आग जैसे प्रभाव को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और कहा कि इससे सामने स्थित दुकान में आग लग सकती है। इसी बात को लेकर आदिल, सुनील शेख, गौस, अजगर और जाकिर ने गणपति मंडल के कार्यकर्ताओं से विवाद करने लगे।
पुलिस के मुताबिक, जुबेर और हुसैन ने रोहित ठाकुर और सुशील महतो के साथ हाथापाई की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अयान शेख नामक व्यक्ति हाथ में एक मटका लेकर आया और महिला कार्यकर्ताओं के सामने गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने के लिए दौड़ा।
अनंत चतुर्दशी के दिन शुक्रवार सुबह, लालबाग, परेल, गिरगांव और अन्य क्षेत्रों के पूजनीय गणपति प्रतिमाओं की विसर्जन यात्रा शुरू हुई। ढोल-ताशा, नासिक बाजा और बैंजो की थापों पर लाउडस्पीकर के साथ-साथ गुलाल उड़ाते हुए और भीलतू वाद्ययंत्रों (बीम) का प्रयोग करते हुए जुलूस रवाना हुआ। ‘लालबागचा राजा,’ ‘मुंबईचा राजा,’ ‘परेलचा राजा,’ ‘गिरगांवचा राजा,’ ‘गिरगांवचा महाराजा,’ ‘भगवान गणपति’ और गणेशोत्सव मंडलों की गणेश प्रतिमाएं सुबह की ध्वनि के साथ विसर्जन स्थलों की ओर रवाना हुईं। ‘लालबागचा राजा’ के दर्शन के लिए लालबाग बाजार के बाहर भक्तों की भारी भीड़ जमा थी। पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। भगदड़ से बचने के लिए ‘सड़क अवरोध’ लगाकर भीड़ को नियंत्रित किया गया।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के 265 तालुकों को सीएम फडणवीस ने किया सूखा घोषित, और सूखे से निपटने के कई उपायों की घोषणा

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूखे से प्रभावित किसानों और नागरिकों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य के 358 तालुकों (तहसील) में से 265 में सूखा घोषित किया गया है। जिन 265 तालुकों में ‘ट्रिगर-1’ के मानक पूरे हुए हैं, उन्हें सूखा-प्रभावित घोषित किया गया है। इससे पता चलता है कि राज्य के लगभग 75 प्रतिशत तालुकों में अब सूखे जैसे हालात हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सूखे से निपटने के कई उपायों की घोषणा की है। इसके तहत लैंड रेवेन्यू में छूट, फसल लोन का रीस्ट्रक्चर, खेती से जुड़े लोन की रिकवरी पर रोक, खेती के पंपों के मौजूदा बिजली बिल में छूट (7.5 हॉर्सपावर कैपेसिटी वाले इलेक्ट्रिक पंपों का बिजली बिल पहले ही माफ है, अब उससे ज़्यादा कैपेसिटी वाले इलेक्ट्रिक पंपों को भी छूट), स्कूल-कॉलेज के छात्रों की परीक्षा शुल्क में छूट, एम्प्लॉयमेंट गारंटी स्कीम के तहत नियमों में ढील देकर अधिक से अधिक काम शुरू किए जाएंगे।
इसके अलावा, जहां जरूरी होगा वहां पीने के टैंकर पहुंचाए जाएंगे। किसानों के खेती के पंपों का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा, खेती पर निर्भर किसानों-खेती मजदूरों को अनाज मिलेगा, जानवरों के लिए चारे का इंतजाम, बड़े पैमाने पर पानी बचाने का काम किया जाएगा। पिछले आदेश के मुताबिक, पेयजल और जानवरों के लिए पानी की प्लानिंग जारी रहेगी। सभी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को पंचनामा प्रक्रिया तुरंत पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही फसलों की हालत दिखाने वाली तस्वीरें और जीपीएस से डेटा इकट्ठा करने के आदेश जारी किए गए हैं।
इसके पहले 24 सितंबर वाशिम दौरे पर पहुंचे देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार जल्द ही प्रभावित इलाकों में गंभीर सूखा घोषित करने के लिए एक सरकारी आदेश (जीआर) जारी करेगी। साथ ही, खेती-किसानी के बढ़ते संकट से जूझ रहे राज्य में उन सभी पात्र किसानों को फसल कर्ज माफी का लाभ दिया जाएगा, जो पिछली योजनाओं में छूट गए थे।
सीएम ने गांव में किसानों को संबोधित करते हुए लोगों को भरोसा दिलाया था कि सरकारी तंत्र ग्रामीण राहत कार्यों को प्राथमिकता देगा। मुख्यमंत्री ने कहा था कि आर्थिक मदद के अलावा, राज्य प्रशासन पीने के पानी की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने, मवेशियों के लिए चारा बांटने और फसल के नुकसान का आकलन (पंचनामा) तेजी से करने के लिए आपातकालीन उपाय कर रहा है।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र यूसीसी कमेटी से पूर्व जज के इस्तीफे पर जयराम रमेश बोले-‘हर राज्य का अलग यूसीसी संविधान की भावना के खिलाफ’

महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए गठित समिति से हाईकोर्ट के एक पूर्व जज के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव (संचार) और सांसद जयराम रमेश ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि इस इस्तीफे ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं और समिति के कामकाज पर भी गंभीर चिंताएं जताई गई हैं।
जयराम रमेश ने कहा कि क्या संविधान सभा ने कभी ऐसी स्थिति की कल्पना की थी, जिसमें हर राज्य अपना अलग-अलग समान नागरिक संहिता बनाए? इसका जवाब है बिल्कुल नहीं। क्या डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नेतृत्व में संविधान निर्माताओं ने कभी सोचा था कि एक राजनीतिक दल की राजनीतिक चालों के हिसाब से राज्य अलग-अलग यूसीसी बनाने की होड़ करेंगे? इसका जवाब भी नहीं है।
कांग्रेस नेता ने 21वें विधि आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 17 जून 2016 को मोदी सरकार ने ही यूसीसी के सवाल को विस्तृत अध्ययन के लिए विधि आयोग के पास भेजा था। आयोग ने व्यापक रिसर्च के बाद 31 अगस्त 2018 को अपना कंसल्टेशन पेपर प्रकाशित किया था। इसके पेज 7 के पैराग्राफ 1.15 में स्पष्ट कहा गया था कि “इस स्तर पर समान नागरिक संहिता बनाना न तो आवश्यक है और न ही वांछनीय।” आयोग ने अलग-अलग पारिवारिक कानूनों में मौजूद भेदभाव को दूर करने की सिफारिश की थी।
रमेश ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने उसी आयोग की सिफारिशों को नजरअंदाज कर दिया, जिसे उसने खुद जिम्मा सौंपा था क्योंकि तथ्य उसके राजनीतिक एजेंडे से मेल नहीं खाते थे। पिछले तीन वर्षों में भाजपा शासित राज्यों ने यूसीसी के अपने-अपने वर्जन जबरन पारित कराए हैं। उत्तराखंड में 27 जनवरी 2025 से यूसीसी लागू हो गया जबकि गुजरात में 24 मार्च 2026, असम में 27 मई 2026 और मध्य प्रदेश में 21 जुलाई 2026 को विधानसभा में विधेयक पारित किया गया।
उन्होंने कहा कि ये राज्यस्तरीय यूसीसी एक जैसे भी नहीं हैं। इनमें अलग-अलग प्रावधान, अलग-अलग दंड और कई छूट हैं। उत्तराखंड का यूसीसी कई पितृसत्तात्मक परंपराओं को आज भी जारी रखे हुए है और कानून का पालन करने वाले निवासियों के लिए भी समस्याएं पैदा कर रहा है।
जयराम रमेश ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने घोषणा की है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए शासित सभी राज्यों में यूसीसी लागू कर दिया जाएगा। एनडीए के बाकी दलों की आवाज को दबा दिया गया है। कांग्रेस के अनुसार, मोदी सरकार के लिए यूसीसी कोई कानूनी सुधार नहीं बल्कि विभाजन, व्यवधान और ध्यान भटकाने का औजार है, जो समाज को स्थायी ध्रुवीकरण में बनाए रखने का साधन है।
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