राजनीति
संयुक्त राष्ट्र विश्वसनीयता के संकट से जूझ रहा है, सुधार की जरूरत : मोदी
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 मिनट के वीडियो संदेश में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) को आईना दिखाते हुए कहा कि यह विश्वसनीयता के संकट से जूझ रहा है और उन्होंने इस पर गौर करने का आग्रह किया। संयुक्त राष्ट्र के ‘हाई लेवल वीक’ के पहले दिन के मीटिंग का न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय से लाइव स्ट्रीम किया गया।
मोदी की टिप्पणी संयुक्त राष्ट्र महासभा की 75 वीं वर्षगांठ मनाने के लिए आयोजित एक ‘उच्च स्तरीय बैठक’ में आई।
मोदी ने एक प्री-रिकॉर्डेड संदेश में ये बात कही जो ईस्टर्न टाइम जोन के हिसाब से शाम 5: 30 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह 3 बजे ) लाइव हुआ। उन्होंने कहा, “हम व्यापक सुधारों के बिना पुराने ढांचे के साथ आज की चुनौतियों का मुकाबला नहीं कर सकते। संयुक्त राष्ट्र विश्वसनीयता के संकट का सामना कर रहा है।”
मोदी ने कहा, “आज की परस्पर संबद्ध दुनिया के लिए, हमें एक दुरुस्त बहुपक्षवाद की जरूरत है जो आज की वास्तविकताओं को दर्शाए, सभी हितधारकों को आवाज दे, समकालीन चुनौतियों का सामना करे और मानव कल्याण पर ध्यान केंद्रित करे।”
आत्मनिरीक्षण मनोदशा संयुक्त राष्ट्र के लिए नया नहीं है, यह वास्तव में युगचेतना को दर्शाता है। सोमवार को, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सुरक्षा परिषद ढांचे में रुके हुए सुधार को ‘नया जीवन’ देने के लिए खुद को प्रतिबद्ध किया।
मोदी 180 से अधिक अन्य देशों के नेताओं की पंक्ति में 104 वें नंबर भाषण देने आए।
भारतीय प्रधानमंत्री के भाषण से पहले संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी.एस. तिरूमूर्ति ने स्वागत भाषण दिया।
संयुक्त राष्ट्र ने इस साल जून में अपनी 75 वीं वर्षगांठ को कोरोनावायरस के मद्देनजर भव्य पैमाने पर नहीं मनाया। 26 जून, 1945 को सैन फ्रांसिस्को में यूएन चार्टर पर लगभग 50 देशों ने हस्ताक्षर किए थे।
टेलिकॉम कनेक्टिविटी, टेलीप्रॉम्पटर और सोशल प्लेटफॉर्म के प्रमुख संयोजन ने यह सुनिश्चित किया कि यूएनजीए का वर्चुअल संस्करण सुचारु रूप से शुरू हो सके।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को स्पीकर की सूची में पहले स्थान पर थे, लेकिन वह इससे दूर रहे।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका की मांगों के आधार पर ईरान पर प्रतिबंधों का समर्थन नहीं करेगा जब तक कि उसे सुरक्षा परिषद से हरी झंडी नहीं मिल जाती।
ट्रम्प प्रशासन शनिवार से बार-बार घोषणा कर रहा है कि ईरान के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के सभी प्रतिबंधों को बहाल कर दिया गया है, एक ऐसा कदम जो निस्संदेह इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र की उच्च-स्तरीय बैठकों के दौरान नए विवाद को जन्म देगा।
महाराष्ट्र
मुंबई में सनसनीखेज घटना: सायन अस्पताल के आईसीयू के बाहर सिर में चाकू धंसा व्यक्ति, इलाज में लापरवाही के आरोप

मुंबई से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोकमान्य तिलक नगर निगम सामान्य अस्पताल (सायन अस्पताल) के ट्रॉमा इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) के बाहर एक व्यक्ति सिर में चाकू धंसे हुए अवस्था में खड़ा दिखाई दिया। इस भयावह दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह व्यक्ति गंभीर रूप से घायल था, लेकिन कुछ समय तक उसे तुरंत आपातकालीन उपचार नहीं मिला। आरोप है कि वह इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा था, लेकिन किसी भी डॉक्टर ने उसे तत्काल इमरजेंसी केस के रूप में नहीं देखा और कथित रूप से उसे नजरअंदाज किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद घायल व्यक्ति को आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टर उसकी जान बचाने के प्रयास कर रहे हैं।
इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर उचित उपचार मिल जाता, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
राजनीति
बंगाल चुनाव : सुजापुर में टीएमसी की बड़ी जीत, सबीना यास्मीन ने कांग्रेस गढ़ में फिर मारी बाजी

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले की बेहद अहम और हाई-प्रोफाइल सुजापुर विधानसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा है। 2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की उम्मीदवार और राज्य सरकार में मंत्री सबीना यास्मीन ने शानदार जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ में लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है।
चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सबीना येस्मीन को कुल 1,12,795 वोट मिले और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के अब्दुल हन्नान को 60,287 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार अभिजीत रजक 20,066 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
सुजापुर विधानसभा सीट (सीट नंबर 53) का राजनीतिक इतिहास काफी समृद्ध और दिलचस्प रहा है। 1957 में गठित इस सीट को लंबे समय तक कांग्रेस का अभेद्य किला माना जाता रहा। दिग्गज कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ए.बी.ए. गनी खान चौधरी (बरकत दा) के परिवार का इस क्षेत्र पर वर्षों तक प्रभाव रहा। 1967 से 1977 तक गनी खान चौधरी की लगातार जीत, और बाद में रूबी नूर, मौसम नूर और ईशा खान चौधरी जैसे नेताओं ने इस विरासत को आगे बढ़ाया।
हालांकि, 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने पहली बार इस किले में सेंध लगाते हुए जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में मोहम्मद अब्दुल गनी ने टीएमसी को ऐतिहासिक सफलता दिलाई थी। 2026 में पार्टी ने रणनीतिक बदलाव करते हुए उनकी जगह मोथाबाड़ी की पूर्व विधायक और मंत्री सबीना यास्मीन को चुनावी मैदान में उतारा और यह दांव पूरी तरह सफल साबित हुआ।
इस बार सुजापुर में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला, जिसमें टीएमसी की सबीना यास्मीन, कांग्रेस के अब्दुल हन्नान और भाजपा के अभिजीत रजक आमने-सामने थे। मालदा को पारंपरिक रूप से कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, ऐसे में यह मुकाबला खास तौर पर टीएसी और कांग्रेस के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया था।
जनसांख्यिकीय दृष्टि से यह सीट काफी अहम है। सुजापुर एक अल्पसंख्यक (मुस्लिम) बहुल क्षेत्र है, जहां के मतदाता चुनावी नतीजों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
सुजापुर विधानसभा क्षेत्र ‘मालदा दक्षिण’ लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है, टीएमसी की यह बड़ी जीत इस बात का संकेत है कि पार्टी ने इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।
सबीना यास्मीन की निर्णायक जीत न सिर्फ उनके व्यक्तिगत राजनीतिक कद को मजबूत करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ में अपनी स्थिति को और सुदृढ़ कर लिया है।
महाराष्ट्र
धुलिया मुस्लिम बस्ती के खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह से गलत है, अबू आसिम आज़मी ने माइनॉरिटी कमीशन को चिट्ठी लिखकर कार्रवाई और नोटिस पर रोक लगाने की मांग की

मुंबई महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के नेता अबू आसिम आज़मी ने माइनॉरिटी कमीशन के चेयरमैन प्यारे खान से धुलेया में मुस्लिम बस्तियों से गैर-कानूनी तरीके से घर खाली कराने और तोड़फोड़ की कार्रवाई के नोटिस पर रोक लगाने की मांग की है। अनहुसन ने कहा कि धुलेया में 275 मुसलमानों को बेदखल करना पूरी तरह से गलत है, जबकि सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के ज़रिए उनके पुनर्वास के लिए GR भी जारी किया था। यह परिवार धुलेया लाल सरदारनगर चींटी बत्ती इलाके में 40 से 50 साल से रह रहा था, लेकिन प्रशासन ने अचानक तोड़फोड़ की कार्रवाई करके उन्हें बेदखल कर दिया है। उन्हें 21 अप्रैल को गैर-कानूनी तरीके से नोटिस दिया गया था। राज्य सरकार ने 26 मार्च, 2026 के GR के संबंध में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निवासियों के पुनर्वास के लिए एक योजना भी तैयार की थी। प्रशासन की अचानक की गई कार्रवाई अमानवीय और गैर-कानूनी है, इसलिए माइनॉरिटी कमीशन से अनुरोध है कि इस गैर-कानूनी नोटिस पर रोक लगाई जाए और निवासियों को न्याय दिलाया जाए। इस बारे में धुले के एडवोकेट जुबैर और वहां के लोगों ने रिक्वेस्ट की है कि उन्हें इंसाफ मिले और गैर-कानूनी तोड़-फोड़ के नोटिस पर स्टे लगाया जाए। अबू आसिम आज़मी ने वहां के लोगों की मांग पर माइनॉरिटी कमीशन को लेटर भेजकर कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।
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