राष्ट्रीय समाचार
एनआईए ने बंगाल में पकड़े गए आईएसआई से जुड़े पाकिस्तानी नागरिक के मामले की जांच शुरू की
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पाकिस्तानी नागरिक वहाब आलम के बारे में जानकारी एकत्र करना शुरू कर दिया है। उसे इस हफ्ते की शुरुआत में पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नॉर्थ 24 परगना जिले के हाबरा से गिरफ्तार किया था।
यह कदम एसटीएफ की शुरुआती जांच में आलम के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) से जुड़े होने का पता चलने के बाद उठाया गया है। एनआईए ने जांच की डिटेल और अब तक इकट्ठा की गई जानकारी हासिल करने के लिए पश्चिम बंगाल एसटीएफ से संपर्क किया है।
इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि एनआईए अधिकारी एसटीएफ के पास मौजूद जानकारी में खास तौर पर दिलचस्पी ले रहे हैं। इसमें वे लोग शामिल हैं जिनसे आलम लगातार संपर्क में था और 2012 में नकली भारतीय दस्तावेजों का इस्तेमाल करके भारत में गैरकानूनी तरीके से घुसने के बाद पश्चिम बंगाल में उसकी गतिविधियां कैसी थीं।
केंद्रीय एजेंसी ने गिरफ्तार सह आरोपी मोहम्मद इजाज के बारे में भी जानकारी मांगी है, जिसने आलम को भारत में बसने में मदद की थी। इजाज अभी एसटीएफ की कस्टडी में है।
सूत्रों ने बताया कि एनआईए जांच की अगली दिशा तय करने के लिए राज्य पुलिस द्वारा इकट्ठा की गई जानकारी का आकलन कर रही है। जांचकर्ता आलम और इजाज से जुड़े कम्युनिकेशन नेटवर्क की जांच कर रहे हैं, जिसमें ऐसे संपर्क भी शामिल हो सकते हैं जो इन दोनों आरोपियों से आगे तक फैले हों।
एनआईए अधिकारी जल्द ही आलम और इजाज से पूछताछ कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर दोनों से एक साथ भी पूछताछ की जा सकती है, ताकि उनके बयानों की तुलना की जा सके और अलग-अलग स्रोतों से मिली जानकारी के बीच संभावित लिंक का पता लगाया जा सके। जांचकर्ताओं का मानना है कि इन जानकारियों को जोड़ने से आरोपियों के नेटवर्क और उनकी गतिविधियों के दायरे का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
इस बीच, राज्य एसटीएफ आलम के मोबाइल फोन और गिरफ्तारी के दौरान जब्त किए गए अन्य डिजिटल डिवाइस खासकर उसकी नेटबुक से किए गए कम्युनिकेशन की जांच कर रही है।
पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि जांचकर्ताओं को पता चला है कि आलम नेपाल के रास्ते गैरकानूनी तरीके से पश्चिम बंगाल में दाखिल हुआ था। यह जानकारी भी सामने आई है कि नेपाल में रहने के दौरान उसने शिलू नाम की एक स्थानीय महिला से शादी की थी।
बंगाल पुलिस नेपाल सरकार से आलम की पत्नी के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करने के लिए डिप्लोमैटिक चैनलों के जरिए विदेश मंत्रालय से संपर्क कर रही है। एसटीएफ की शुरुआती जांच से पता चला है कि आईएसआई ने आलम को पश्चिम बंगाल भेजा था, ताकि वह देश के पूर्वी इलाके में भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और रेलवे के बारे में जानकारी जुटा सके।
राजनीति
16 अगस्त से आम जनता के लिए खुलेगा राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान, घूमने के लिए होगी ऑनलाइन बुकिंग

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को ‘अमृत उद्यान समर एनुअल्स एडिशन 2026’ का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति भवन परिसर के इस प्रमुख उद्यान को 16 अगस्त से 15 सितंबर तक आम जनता के लिए खोला जाएगा।
समर एनुअल्स (गर्मियों के फूलों के मौसम) के दौरान अमृत उद्यान सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहेगा और आखिरी एंट्री शाम 5 बजे होगी। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, रखरखाव के काम के लिए उद्यान हर सोमवार को बंद रहेगा।
विजिटर्स के लिए एंट्री और एग्जिट नॉर्थ एवेन्यू रोड के पास बने गेट नंबर 35 से होगा।
बयान में कहा गया है, “अमृत उद्यान में एंट्री फ्री होगी। विजिटर्स को विजिट.राष्ट्रपतिभवनडॉटगॉवडॉटइन पर पहले से ही अपने एंट्री स्लॉट ऑनलाइन बुक करने होंगे।”
किसी खास दिन के लिए स्लॉट की बुकिंग एक दिन पहले सुबह 10 बजे बंद हो जाएगी। मौके पर कोई बुकिंग नहीं होगी।
बयान में आगे कहा गया है कि विजिटर्स की सुविधा के लिए, घूमने के रास्ते में पीने के पानी के स्टॉल, फर्स्ट एड पोस्ट, बारिश से बचने की जगह और टॉयलेट जैसी सुविधाएं होंगी।
सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन से अमृत उद्यान के एंट्री पॉइंट तक हर 30 मिनट के अंतराल पर सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे के बीच शटल बस सर्विस भी उपलब्ध होगी।
इससे पहले, राष्ट्रपति भवन में अमृत उद्यान विंटर एनुअल्स एडिशन 2026 3 फरवरी से 31 मार्च 2026 तक जनता के लिए खोला गया था।
विजिटर्स के लिए तय आम रास्ते में बाल वाटिका, प्लमेरिया गार्डन, बरगद गार्डन, बोन्साई गार्डन, बैबलिंग ब्रुक, सेंट्रल लॉन, लॉन्ग गार्डन और सर्कुलर गार्डन शामिल हैं।
फूलों की कई किस्मों के अलावा विजिटर्स बैबलिंग ब्रुक (झरनों वाली पानी की धारा) और रिफ्लेक्सोलॉजी पथ वाले बरगद गार्डन को भी देख सकेंगे।
विजिटर्स को मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक चाबियां, पर्स या हैंडबैग, पानी की बोतलें और छोटे बच्चों के लिए दूध की बोतलें साथ ले जाने की इजाजत है।
आम रास्ते पर पीने का पानी, टॉयलेट और फर्स्ट एड या मेडिकल सर्विस जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
बयान में कहा गया है कि अमृत उद्यान के अलावा, लोग मंगलवार से रविवार तक राष्ट्रपति भवन और राष्ट्रपति भवन म्यूजियम भी जा सकते हैं और हर शनिवार को राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में ‘चेंज-ऑफ-गार्ड’ सेरेमनी देख सकते हैं।
राष्ट्रीय समाचार
ऑयल ग्रीन एनर्जी में लीगल ऑफिसर सहित कई पदों पर नौकरी का मौका, 12 सितंबर तक करें आवेदन

ऑयल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (ओजीईएल) में नौकरी करने की इच्छा रखने वालों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। ओजीईएल ने संविदा के आधार पर लीगल ऑफिसर सहित अन्य कई खाली पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके वैकेंसी की घोषणा की है।
ओजीईएल की ओर से जारी रिक्तियों में फाइनेंस ऑफिसर, लीगल ऑफिसर, एग्जीक्यूटिव ऑफिसर से सीईओ, सिविल इंजीनियर और कंपनी सेक्रेटरी के 1-1; और कॉन्ट्रैक्ट और प्रोक्योरमेंट ऑफिसर के 2 पद शामिल हैं।
इन सभी रिक्तियों के लिए ऑनलाइन (ईमेल) माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 13 अगस्त से शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम 12 सितंबर तय की गई है। ऐसे में एप्लीकेशन फॉर्म भरने के इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे तय समय सीमा के अंदर अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर लें।
आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से फाइनेंस ऑफिसर के लिए सीए/सीएमए/एमबीए (फाइनेंस); लीगल ऑफिसर के लिए कम से कम 60 प्रतिशत अंकों के साथ फुल-टाइम एलएलबी (3 वर्ष या 5 वर्ष का इंटीग्रेटेड कोर्स) या एलएलएम; कॉन्ट्रैक्ट और प्रोक्योरमेंट ऑफिसर के लिए किसी भी विषय में इंजीनियरिंग डिग्री या एमबीए के साथ कॉमर्स ग्रेजुएट; एग्जीक्यूटिव ऑफिसर से सीईओ के लिए कम से कम 2 वर्ष की अवधि वाली किसी भी स्ट्रीम में मास्टर्स (पीजी) पास; सिविल इंजीनियर के लिए सिविल इंजीनियरिंग में बीई/बीटेक; और कंपनी सेक्रेटरी के लिए आईसीएसआई द्वारा आयोजित सीएस फाइनल परीक्षा पास के साथ इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) का एसोसिएट सदस्य होना चाहिए। इसके अलावा, सभी पोस्ट के लिए कैंडिडेट्स के पास प्रासंगिक क्षेत्र में 2 से 3 या उससे अधिक वर्षों का अनुभव होना भी जरूरी है।
आवेदकों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 45 वर्ष तय की गई है, जिसकी गणना आवेदन के अंतिम तिथि के आधार पर की जाएगी। वहीं, आरक्षित श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।
योग्य अभ्यर्थियों का चयन आवेदनों की स्क्रीनिंग और पर्सनल इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी पोस्ट के अनुसार 60,000 से 80,000 रुपए के बीच प्रति माह होगी। इसके अलावा कैंडिडेट्स को अन्य लाभ और भत्ते भी दिए जाएंगे।
आवेदन करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले ओजीईएल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर जाने के बाद संबंधित पोस्ट के लिए जारी अधिसूचना लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद नोटिफिकेशन में दिए गए एप्लीकेशन फॉर्म को डाउनलोड कर उसका प्रिंट आउट निकाल लें। फिर फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियों को दर्ज करें। इसके बाद संबंधित सभी डॉक्यूमेंट्स के साथ भरे हुए आवेदन पत्र को स्कैन कर एक ही पीडीएफ फाइल में अधिसूचना में दिए गए आधिकारिक ईमेल आईडी पर तय अंतिम तिथि तक या उससे पहले मेल कर दें।
कैंडिडेट्स ध्यान दें कि यह कॉन्ट्रैक्ट शुरुआती तौर पर 3 वर्ष के लिए हो सकता है, जिसे परफॉर्मेंस और जरूरत के आधार पर एक वर्ष तक और बढ़ाया जा सकता है या फिर यह प्रोजेक्ट की अवधि तक ही सीमित रहेगा, इनमें से जो भी पहले हो।
राजनीति
राहुल गांधी को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने वीर सावरकर पर टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले को किया रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को हिंदुत्व विचारक वीर सावरकर पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ निचली अदालत में चल रही कार्यवाही को रद्द किया। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने शुक्रवार को यह फैसला दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि इस मामले में राहुल गांधी पर मुकदमा चलाने के लिए कानून के तहत जरूरी मंजूरी नहीं ली गई थी। प्रक्रिया में इस कमी पर ध्यान देते हुए शुक्रवार को शीर्ष अदालत ने कांग्रेस नेता के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही और जारी किए गए समन को रद्द कर दिया।
यह मामला 2022 में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान राहुल गांधी के महाराष्ट्र में दिए गए विवादित बयान से जुड़ा है। इसमें उन्होंने वीर सावरकर को ‘अंग्रेजों का नौकर’ बताया था। साथ ही, कांग्रेस सांसद ने कहा था कि सावरकर ‘अंग्रेजों से पेंशन लेते थे।’
वकील नृपेंद्र पांडे ने इसको लेकर निकली अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने राहुल गांधी पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153ए (दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 505 (सार्वजनिक उपद्रव) के तहत आरोप लगाए थे।
नृपेंद्र पांडे का दावा था कि ये टिप्पणियां समाज में नफरत फैलाने के इरादे से की गई थीं। पांडे की शिकायत में यह भी कहा गया था कि महात्मा गांधी ने पहले सावरकर को देशभक्त माना था। जून 2023 में, मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पांडे की शिकायत खारिज कर दी, जिसके बाद वकील नृपेंद्र पांडे ने सेशंस कोर्ट में इसे चुनौती दी।
सेशंस कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली और मामले को वापस मजिस्ट्रेट कोर्ट भेज दिया। इसके बाद, दिसंबर 2024 में निचली अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ पहली नजर में आईपीसी 153(ए) और 505 के तहत केस मानते हुए उन्हें समन जारी किया था। इसी मामले में 4 अप्रैल 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल को कोई राहत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।
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