Connect with us
Wednesday,01-July-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय समाचार

छत्रपति शिवाजी की जयंती के बीच पीएम मोदी की पुरानी तस्वीर वायरल

Published

on

महान वीर योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज की सोमवार को 394वीं जन्म जयंती है। इस मौके पर कई जगहों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। खासकर महाराष्ट्र में शिवाजी महाराज की जयंती बड़े धूमधाम के साथ मनाई जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

खास बात यह है कि छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी की पुरानी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें वह शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि दे रहे हैं, इसके अलावा उनकी प्रतिमा का अनावरण भी कर रहे हैं। यह फोटो उस समय की है, जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

यह फोटो सोशल मीडिया पर @मोदीआर्काइव एक्स अकाउंट से शेयर की गई है। फोटो शेयर करते हुए बताया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी बचपन से ही महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रशंसक रहे हैं। इतना ही नहीं उनकी मां हीराबेन प्रसिद्ध लोरी ‘शिवाजी नु हालरडु’ गाती थीं। इसका जिक्र पीएम मोदी ने खुद एक ब्लॉग के जरिए भी किया था, जब उनकी मां हीराबेन का 100वां जन्मदिन था।

उन्होंने अपने ब्लॉग में बताया था कि अक्सर उनकी मां ‘शिवाजी नु हालरडु’ लोरी गुनगुनाती रहती थी। पीएम मोदी अपने पूरे जीवनकाल में हमेशा शिवाजी महाराज की विरासत को बनाए रखने के लिए समर्पित रहे हैं, और अक्सर उनकी स्मृति का सम्मान करते हुए उन्हें देखा गया है।

बता दें कि पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ”छत्रपति शिवाजी महाराज को उनकी जयंती पर श्रद्धाजंलि। दूरदर्शी नेता, निडर योद्धा, संस्कृति के संरक्षक और सुशासन के प्रतीक, उनका जीवन पीढ़ियों के लिए प्रेरणा से भरा रहा।”

2 मिनट के इस वीडियो में पीएम मोदी कह रहे हैं, आज से करीब 350 वर्ष पूर्व, जब छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ था। तो उसमें स्वराज की ललकार और राष्ट्रीयता की जय-जयकार समाहित थी। उन्होंने हमेशा भारत की एकता और अखंडता को सर्वोपरि रखा। आज एक भारत, श्रेष्ठ भारत के विजन में छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों का प्रतिबिंब देखा जा रहा है।

राष्ट्रीय समाचार

कैबिनेट ने द्वारका एक्सप्रेसवे को दिल्ली के नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ने के लिए 6,969.67 करोड़ रुपए के टनल प्रोजेक्ट को दी मंजूरी

Published

on

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने बुधवार को एनएच-148एई पर 6 लेन की रोड़ टनल को मंजूरी दे दी है। इसके जरिए द्वारका एक्सप्रेसवे को दिल्ली के वंसतकुज में मौजूद नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ा जाएगा।

कैबिनेट की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इस 8.1 किलोमीटर लंबी टनल को हाइब्रिड एनुटी मोड (एचएएम) पर बनाया जाएगा। इसकी कुल लागत 6,969.67 करोड़ रुपए होगी।

यह प्रोजेक्ट पश्चिम और दक्षिण दिल्ली के बीच आवाजाही को तेज करेगा। यह द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज से जोड़ेगा, जिससे गुरुग्राम, द्वारका, आईजीआई एयरपोर्ट और पश्चिम दिल्ली से साउथ की ओर आने वाले ट्रैफिक को फायदा होगा।

जमीन के नीचे बनने वाली ट्विन-ट्यूब टनल से जमीन के ऊपर होने वाली दिक्कतें कम होंगी और दक्षिणी रिज वन क्षेत्र भी सुरक्षित रहेगा, क्योंकि 1.98 किलोमीटर लंबी टनल रिज के नीचे से गुजरेगी। एनएचएआई, एम्स और महिपालपुर के बीच एक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का भी प्रस्ताव दे रहा है। यह लिंक टनल को बारापुल्ला एलिवेटेड रोड से जोड़ेगा, जिससे पश्चिमी और दक्षिणी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा से जुड़ जाएंगे।

प्रस्तावित टनल रंगपुरी (दक्षिणी दिल्ली) रिज ​​से होकर गुजरेगी। इसे ट्विन-ट्यूब टनल के तौर पर डिजाइन किया गया है। यह शिवमूर्ति इंटरचेंज से शुरू होगी और नेल्सन मंडेला मार्ग और महिपालपुर-छतरपुर रोड के चौराहे से पहले खत्म होगी।

बयान में कहा गया है कि इस चौराहे पर भीड़ कम करने के लिए, नेल्सन मंडेला मार्ग के साथ 1.8 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा, मौजूदा फ्लाईओवर के साथ छतरपुर से महिपालपुर की ओर एक और फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव है। छतरपुर की ओर राइट-टर्न ट्रैफिक को आसान बनाने के लिए एक एलिवेटेड यू-टर्न का भी प्रस्ताव है।

मुख्य कैरिजवे की लंबाई 6.3 किलोमीटर है। महिपालपुर-छतरपुर रोड पर प्रस्तावित फ्लाईओवर और एलिवेटेड यू-टर्न को मिलाकर, प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 8.1 किलोमीटर हो जाती है। इसमें 3.14 किलोमीटर की टनल, 0.98 किलोमीटर का टनल अप्रोच रैंप, आरई वॉल के साथ 0.554 किलोमीटर का अप्रोच, 2.556 किलोमीटर का एलिवेटेड हिस्सा और 0.870 किलोमीटर की एट-ग्रेड रोड शामिल है।

Continue Reading

राजनीति

दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश ऑनलाइन मानहानि के संगठित अभियान पर रोक की दिशा में अहम कदम : राघव चड्ढा के वकील

Published

on

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की ओर से पैरवी कर रहे वकीलों ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश का स्वागत किया है, जिसमें अदालत ने उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर प्रसारित पांच प्रथमदृष्टया मानहानिकारक पोस्ट हटाने का निर्देश दिया है। वकीलों ने कहा कि यह फैसला स्पष्ट करता है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल किसी व्यक्ति के खिलाफ “पैसों से प्रायोजित और सुनियोजित मानहानि तथा चरित्र हनन अभियान” चलाने के लिए नहीं किया जा सकता।

इससे पहले बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने राघव चड्ढा के खिलाफ सोशल मीडिया पर प्रसारित पांच पोस्ट को प्रथमदृष्टया मानहानिकारक मानते हुए उन्हें हटाने का आदेश दिया। हालांकि, अदालत ने चड्ढा की उस मांग को स्वीकार नहीं किया, जिसमें उन्होंने अपने द्वारा चिह्नित सभी ऑनलाइन सामग्री हटाने और अपने व्यक्तित्व (पर्सनैलिटी) तथा प्रचार (पब्लिसिटी) अधिकारों की व्यापक सुरक्षा के लिए अंतरिम राहत मांगी थी।

फैसले के बाद जारी बयान में राघव चड्ढा की ओर से पेश अधिवक्ता सतत्य आनंद और निखिल अराधे ने कहा, “दिल्ली हाईकोर्ट के माननीय एकल न्यायाधीश का आज का आदेश स्वागतयोग्य है। अदालत ने राघव चड्ढा के खिलाफ मानहानिकारक सामग्री हटाने का निर्देश देकर सोशल मीडिया पर संगठित तरीके से चलाई जा रही मानहानि से व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।”

उन्होंने कहा, “यह आदेश इस सिद्धांत को भी मजबूत करता है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में भुगतान लेकर सुनियोजित तरीके से किसी की छवि खराब करने और चरित्र हनन का अभियान नहीं चलाया जा सकता।”

वकीलों के अनुसार, सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की सार्वजनिक छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से कई पेशेवर एजेंसियों के माध्यम से एक समन्वित और कथित रूप से भुगतान आधारित सोशल मीडिया अभियान चलाया जा रहा था।

बयान में कहा गया कि अदालत के समक्ष प्रस्तुत सामग्री से यह स्पष्ट हुआ कि कई सोशल मीडिया अकाउंट और इन्फ्लुएंसर, जिन्हें इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसियों के जरिए भुगतान किया गया था, कुछ ही मिनटों के भीतर अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर समान प्रकार की मानहानिकारक पोस्ट साझा कर रहे थे। इससे झूठे तथ्यों को व्यापक रूप से फैलाने और सांसद की प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुंचाने के लिए सुनियोजित प्रयास का संकेत मिलता है।

राघव चड्ढा के वकीलों ने कहा कि यह आदेश संगठित ऑनलाइन मानहानि के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने और सार्वजनिक विमर्श की गरिमा की रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इससे पहले बुधवार को न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की एकल पीठ ने कहा कि प्रथमदृष्टया यह मामला व्यक्तित्व अधिकारों (पर्सनैलिटी राइट्स) के उल्लंघन का नहीं बनता। हालांकि, अदालत ने पांच ऑनलाइन पोस्ट को प्रथमदृष्टया मानहानिकारक मानते हुए उन्हें हटाने का निर्देश दिया।

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति प्रसाद ने कहा, “इस मामले में व्यक्तित्व अधिकारों का प्रश्न नहीं उठता। हालांकि, मैंने केवल पांच दस्तावेज हटाने का आदेश दिया है। शेष सामग्री प्रथमदृष्टया मानहानिकारक नहीं है।”

राघव चड्ढा ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने नाम, तस्वीर, पहचान और व्यक्तित्व के कथित अनधिकृत उपयोग और दुरुपयोग से सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि ऑनलाइन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार, डीपफेक और मॉर्फ्ड सामग्री के जरिए यह झूठा प्रचार किया जा रहा है कि उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के लिए “पैसों के बदले खुद को बेच दिया”।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि प्रथमदृष्टया चिह्नित सामग्री किसी राजनीतिक निर्णय की आलोचना प्रतीत होती है, न कि व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन का मामला। हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि आलोचना और मानहानि के बीच की रेखा काफी पतली होती है।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

अदाणी ग्रीन एनर्जी 20 गीगावाट की ऑपरेशनल क्षमता वाली भारत की पहली रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी बनी

Published

on

अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) ने बुधवार को घोषणा की कि उसने 20 गीगावाट की ऑपरेशनल रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही, वह ग्रीनफील्ड डेवलपमेंट के जरिए यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की पहली रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी बन गई है।

बयान के अनुसार, अदाणी ग्रीन हर साल 52 अरब यूनिट से ज्यादा क्लीन एनर्जी बना रही है और यह उत्पादन भारत की कुल बिजली खपत का लगभग 3 प्रतिशत है।

एजीईएल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने कहा, “20 गीगावाट का आंकड़ा पार करना यह दिखाता है कि अनुशासित काम और दूर की सोच से क्या हासिल किया जा सकता है। आज, एजीईएल अपनी कुशल टीम और लंबे समय से साथ काम कर रहे पार्टनर्स के साथ मिलकर इतनी रिन्यूएबल बिजली पैदा कर रहा है जो लगभग मुंबई और नई दिल्ली की सालाना बिजली की कुल जरूरत के बराबर है। इससे देश की एनर्जी सिक्योरिटी मजबूत हो रही है और साथ ही क्लीन एनर्जी की ओर बढ़ने की रफ्तार भी तेज़ हो रही है।”

यह उपलब्धि 2016 में तमिलनाडु के कामुथी में एजीईएल के पहले रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट के शुरू होने के एक दशक के भीतर हासिल हुई है, जो इसे भारत की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ने वाली ग्रीनफील्ड रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता बनाती है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 26 में 5,051 मेगावाट क्षमता जोड़ी, जो चीन के बाहर किसी भी कंपनी द्वारा सालाना जोड़ी गई सबसे अधिक रिन्यूएबल क्षमता है।

एजीईएल के ऑपरेशनल पोर्टफोलियो में लगभग 14.2 गीगावाट सोलर, 2.7 गीगावाट विंड और 3.3 गीगावाट विंड-सोलर हाइब्रिड क्षमता शामिल है।

इसके अलावा, एजीईएल ने 3.55 गीगावाट का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) शुरू किया है, जो चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा डिप्लॉयमेंट है और दुनिया भर में सबसे तेजी से पूरा किए गए प्रोजेक्ट्स में से एक है।

सागर अदाणी ने कहा, “जैसे-जैसे भारत के पावर मिक्स में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी बढ़ रही है, भरोसेमंद और जरूरत के हिसाब से उपलब्ध होने वाली क्लीन पावर देने के लिए बैटरी स्टोरेज अहम होता जा रहा है।”

एजीईएल की योजना वित्त वर्ष 27 में 10 गीगावाट बैटरी स्टोरेज जोड़ने और अगले पांच वर्षों में अपने पोर्टफोलियो को 50 गीगावाट तक बढ़ाने की है, ताकि 2030 तक 50 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी के लक्ष्य को पूरा किया जा सके।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र3 hours ago

सड़क कंक्रीटिंग प्रोजेक्ट के तहत बारिश के पानी के मैनेजमेंट के लिए 681 सोक पिट पूरे हुए

महाराष्ट्र4 hours ago

वोटर लिस्ट प्रोग्राम के स्पेशल रिविज़न (एसआईआर) के लिए रजिस्ट्रेशन न करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए: नगर आयुक्त

महाराष्ट्र5 hours ago

मुंबई: कुर्ला में भूस्खलन के कारण पांच निवासियों को सुरक्षित निकाला गया, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव के कारण निवासियों को समस्याओं का सामना है।

राष्ट्रीय समाचार5 hours ago

कैबिनेट ने द्वारका एक्सप्रेसवे को दिल्ली के नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ने के लिए 6,969.67 करोड़ रुपए के टनल प्रोजेक्ट को दी मंजूरी

महाराष्ट्र6 hours ago

भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में बंद, सेंसेक्स 444 अंक उछला, निफ्टी ने छुआ 24,000 का स्तर

राजनीति6 hours ago

दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश ऑनलाइन मानहानि के संगठित अभियान पर रोक की दिशा में अहम कदम : राघव चड्ढा के वकील

राष्ट्रीय समाचार8 hours ago

अदाणी ग्रीन एनर्जी 20 गीगावाट की ऑपरेशनल क्षमता वाली भारत की पहली रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी बनी

महाराष्ट्र9 hours ago

24 घंटे की तेज बारिश से मुंबई बेहाल, कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित

राष्ट्रीय समाचार9 hours ago

यूपीआई से लेनदेन में जून में 23 प्रतिशत की वृद्धि, वैल्यू करीब 29 लाख करोड़ रुपए रही

अंतरराष्ट्रीय समाचार10 hours ago

एमओयू की शर्तें पूरी न होने तक अमेरिका के साथ अंतिम समझौता नहीं करेगा ईरान: स्पीकर कालीबाफ

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल में देश में क्या-क्या बदल गया, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गिनाईं उपलब्धियां

अंतरराष्ट्रीय3 weeks ago

फिसीपींस में भूकंप के बाद 37 हुई मृतकों की संख्या, 20 हजार लोग हुए विस्थापित

राजनीति4 weeks ago

मालवीय नगर अग्निकांड: पीएम मोदी ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा

व्यापार3 weeks ago

स्पेसएक्स के आईपीओ से एलन मस्क की संपत्ति 970 अरब डॉलर के पार पहुंची, दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बनने के करीब

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

फिलीपींस के विनाशकारी भूकंप में अब तक 47 की मौत, सैकड़ों घायल

राजनीति3 weeks ago

कर्नाटक: देवेगौड़ा के राज्यसभा नामांकन मुद्दे पर भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया मगरमच्छ के आंसू बहाने का आरोप

अंतरराष्ट्रीय3 weeks ago

मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव: ईरान के समर्थन में उतरा इराकी ‘कताइब हिज्‍बुल्लाह’, अमेरिका को चेताया

खेल3 weeks ago

फीफा वर्ल्ड कप: भारत में मेक्सिको बनाम साउथ अफ्रीका मैच कब और कहां देखें? जानें सभी जानकारी

अंतरराष्ट्रीय4 weeks ago

ट्रंप का बड़ा दावा-सप्ताह के अंत तक हो सकता है ईरान से समझौता, परमाणु सामग्री भी होगी नष्ट

अपराध3 weeks ago

सिरसा में युवक की चाकुओं से गोदकर हत्या, लड़की के भाई और उसके साथी ने दिया वारदात को अंजाम

रुझान