राजनीति
अखिलेश यादव के जन्मदिन पर खड़गे-मायावती ने दी शुभकामनाएं
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जन्मदिन पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, बसपा प्रमुख मायावती ने उन्हें बधाई दी। साथ ही उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना भी की।
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। मैं आपके उज्जवल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु जीवन की कामना करता हूं। सामाजिक न्याय, समावेशी विकास व लोकतंत्र एवं संविधान को मजबूत करने की ओर हम मिलकर अग्रसर रहेंगे।”
बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर लिखा, ”समाजवादी पार्टी के प्रमुख एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा वर्तमान में सपा सांसद अखिलेश यादव को आज उनके जन्मदिन पर उन्हें व उनके परिवार वालों को हार्दिक बधाई एवं उनके अच्छे जीवन व लंबी उम्र की शुभकामनाएं।”
अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल ने एक्स पोस्ट में लिखा, ”समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। तथागत गौतम बुद्ध जी आपको स्वास्थ्य एवं दीर्घायु प्रदान करें।”
इसके अलावा, यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा, ”सपा प्रमुख, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद अखिलेश यादव को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और ढेरों शुभकामनाएं। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और आदि देव महादेव की कृपा आप पर बरसे और आप सदैव स्वस्थ रहें और दीर्घायु हों।”
सपा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट लिखा, “समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, अपनी कार्यकुशलता और सटीक रणनीति से भाजपा को 2024 लोकसभा चुनाव में पटखनी देने वाले शानदार नेता, जनता के हितैषी, विकास के विजन से युक्त, प्रदेश और देश का भविष्य अखिलेश यादव आपको जन्मदिन की हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर आपको शक्ति दें और आप प्रदेश का आगामी चुनाव में नेतृत्व करें जनता आपको वापिस से सूबे का सुल्तान बना देखना चाहती है और जनता आपको वोट और सीट देकर जन्मदिन का तोहफा देना चाहती है। जनता के हित के लिए जितना आप करते और सोचते हैं, कार्यकर्ताओं के हित और उज्जवल भविष्य के लिए जितना आप करते और सोचते हैं उतना कोई दूसरा नेता नहीं करता इसीलिए आप सर्वश्रेष्ठ हैं और जनता और कार्यकर्ता की पहली पसंद थे और हैं एवं रहेंगे। आपको जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।”
उधर, समाजवादी पार्टी मुख्यालय समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में बुधवार सुबह से ही जन्मदिन को लेकर उत्साह का माहौल है। लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का तांता लगा है, जहां अखिलेश यादव का केक काटकर जन्मदिन मनाया जा रहा। समर्थकों में काफी उल्लास देखने को मिल रहा है। उनके स्वस्थ, दीर्घायु और सक्रिय सार्वजनिक जीवन की कामना कर रहे हैं।
ज्ञात हो 1 जुलाई 1973 को इटावा जिले के सैफई में जन्मे अखिलेश यादव वर्ष 2012 से 2017 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। वर्तमान में वह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज के सांसद के रूप में पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं।
महाराष्ट्र
24 घंटे की तेज बारिश से मुंबई बेहाल, कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित

मुंबई: लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने मुंबई की रफ्तार पर असर डाला है। पिछले 24 घंटों में शहर के कई हिस्सों में भारी वर्षा दर्ज की गई, जिससे सड़कें पानी में डूब गईं और रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हुईं। विशेष रूप से पूर्वी उपनगरों में बारिश का असर अधिक देखने को मिला।
तेज बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी, जिससे सुबह के समय वाहन चालकों को लंबा इंतजार करना पड़ा। कुछ स्थानों पर यातायात की गति धीमी रही, जबकि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर भी मौसम का असर दिखाई दिया।
स्थानीय प्रशासन ने जलभराव वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और आपातकालीन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। बारिश का पानी जल्द निकालने के लिए पंपिंग व्यवस्था और अन्य आवश्यक संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी रुक-रुककर तेज बारिश जारी रह सकती है। ऐसे में नागरिकों को मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर नजर रखने, अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
बारिश ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि मानसून के दौरान महानगर में सामान्य जीवन कितनी तेजी से प्रभावित हो सकता है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त राहत उपाय लागू किए जाएंगे।
राष्ट्रीय समाचार
यूपीआई से लेनदेन में जून में 23 प्रतिशत की वृद्धि, वैल्यू करीब 29 लाख करोड़ रुपए रही

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) से लेनदेन जून में सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 22.72 अरब पर पहुंच गया है। इस दौरान इनकी वैल्यू 20 प्रतिशत बढ़कर 28.92 लाख करोड़ रुपए हो गई है। यह जानकारी नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की ओर से बुधवार को जारी डेटा में दी गई।
औसत आधार पर यूपीआई से जून में 75.7 करोड़ लेनदेन प्रतिदिन हुए है। इस दौरान प्रतिदिन लेनदेन की औसत वैल्यू 96,405 करोड़ रुपए रही है।
मई में यूपीआई लेनदेन की संख्या 23.20 अरब थी और इनकी वैल्यू 29.90 लाख करोड़ रुपए रही थी। इस दौरान औसतन, यूपीआई ने मई में हर दिन लगभग 74.8 करोड़ लेनदेन प्रोसेस किए, और प्रतिदिन लेनदेन की औसत वैल्यू लगभग 96,465 करोड़ रुपए रही।
10 साल पहले आम आदमी को डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम से जोड़ने के लिए शुरू हुआ यूपीआई अब पूरे भारत में रोजाना करोड़ों लेनदेन को आसान बनाता है। यूपीआई लेनदेन की संख्या वित्त वर्ष 2016-17 में सिर्फ 2 करोड़ थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 24,162 करोड़ से अधिक हो गई है।
यूपीआई अब यूएआई, सिंगापुर, फ्रांस, मॉरिशस और श्रीलंका समेत आठ से अधिक देशों में उपलब्ध है, जिससे ग्लोबल फिनटेक सेक्टर में भारत की मौजूदगी मजबूत हुई है।
हाल ही में ग्रीस में यूपीआई के शुरू होने के बाद ग्राहक तुरंत, सुरक्षित और आसानी से पैसे भेज सकते हैं और लेनदेन की लागत पारंपरिक तरीकों की तुलना में बहुत कम हो गई है।
पिछले महीने, अमेरिका के पेमेंट सिस्टम के भविष्य पर चर्चा करते हुए अमेरिकी सांसदों ने भारत के यूपीआई का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि कैसे आधुनिक पब्लिक पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट सेक्टर में इनोवेशन को बढ़ावा दे सकता है। इस दौरान फिनटेक कंपनियों ने कांग्रेस से अमेरिका के पेमेंट नेटवर्क तक पहुंच से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव करने की मांग की।
भारत के साथ यह तुलना ‘हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी’ की ‘फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस पर बनी सब-कमेटी’ की सुनवाई के दौरान की गई। इसमें सांसदों ने इस बात पर विचार किया कि क्या अमेरिका को अपने रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को आधुनिक बनाना चाहिए, ताकि योग्य नॉन-बैंक पेमेंट कंपनियों को पारंपरिक बैंकिंग बिचौलियों पर निर्भर रहने के बजाय सीधे फेडरल रिजर्व के पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच मिल सके।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
एमओयू की शर्तें पूरी न होने तक अमेरिका के साथ अंतिम समझौता नहीं करेगा ईरान: स्पीकर कालीबाफ

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने अमेरिका के साथ हुए शांति समझौते पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक दोनों पक्षों के बीच हस्ताक्षरित शांति समझौता ज्ञापन के कुछ प्रावधान लागू नहीं किए जाते, तब तक ईरान अंतिम समझौते के लिए अमेरिका के साथ बातचीत शुरू नहीं करेगा।
स्पीकर मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने सरकारी आईआरआईबी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में ये बातें कहीं। उन्होंने शांति समझौते को लागू करने और अमेरिका के साथ बातचीत से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि ईरान प्रतिनिधिमंडल की हालिया स्विट्जरलैंड यात्रा का उद्देश्य लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने, ईरानी कच्चे तेल के निर्यात के लिए अमेरिकी छूट जारी करने और ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को जारी करने से जुड़े एमओयू (समझौता ज्ञापन) की शर्तों को लागू करना था।
कालिबाफ ने कहा कि जब तक इन पांच शुरुआती प्रावधानों की शर्तें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक बाकी प्रावधानों को लागू करने का काम शुरू नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि ईरान, अमेरिका और लेबनान युद्धविराम लागू करने, लेबनान में युद्ध खत्म करने और लेबनान की संप्रभुता बनाए रखने के लिए एक संयुक्त समिति बनाने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि तीन पक्षों में से दो, ईरान और अमेरिका ने पहले ही अपने प्रतिनिधि चुन लिए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत का रास्ता भी अपनाता है और जहां जरूरी हो, वहां बलपूर्वक जवाब भी देता है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि दोहा में होने वाली अगली वार्ता से पहले ईरान परमाणु हथियार न बनाने पर सहमत हो गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि अमेरिका कूटनीतिक और सैन्य, दोनों स्तरों पर प्रगति कर रहा है और साथ ही कहा कि तेहरान को परमाणु हथियार विकसित करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
ट्रंप ने कहा कि अधिकारी मंगलवार को प्रस्तावित वार्ता के लिए पहले ही कतर रवाना हो चुके हैं। ट्रंप ने कहा, “दोहा में इस बारे में एक बैठक होगी। देखते हैं कि वह कैसी रहती है। दोहा की बैठक शायद अहम हो, या शायद न हो। यह हमें पता चल जाएगा।”
राष्ट्रपति ने बातचीत को लेकर उम्मीद जताई और कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिका का पलड़ा भारी हो गया है।
बता दें कि 18 जून को ईरान और अमेरिका ने क्षेत्र में युद्ध खत्म करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए। पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता से ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडलों के बीच हुई उच्च-स्तरीय बातचीत के बाद, 22 जून को स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू हुई।
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