अंतरराष्ट्रीय
ट्रंप की हत्या की साजिश के आरोप में पाकिस्तानी को दोषी ठहराया गया
न्यूयॉर्क, 7 मार्च : पाकिस्तान के एक व्यक्ति को ईरान के साथ मिलकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की साजिश रचने का दोषी ठहराया गया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान युद्ध की स्थिति में आमने-सामने हैं।
एक संघीय जूरी ने शुक्रवार को आसिफ मर्चेंट को दोषी ठहराया। उस पर आरोप था कि उसने ट्रंप और संभवतः अन्य नेताओं की हत्या के लिए सुपारी किलर रखने की कोशिश की। अभियोजन के अनुसार वह इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड काप्स के निर्देश पर काम कर रहा था।
47 वर्षीय पाकिस्तानी नागरिक को सजा सुनाए जाने पर आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। यह साजिश 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान अंजाम दी जानी थी, लेकिन इसे इसलिए नाकाम कर दिया गया क्योंकि जिस पाकिस्तानी व्यक्ति से उसने मदद मांगी, वह वास्तव में एफबीआई का मुखबिर था।
फैसले के बाद एफबीआई के निदेशक काश पटेल ने कहा, “एफबीआई और हमारे साझेदारों ने उस घातक साजिश को रोक दिया।” यह पहली बार नहीं था जब ईरान ने अमेरिकी जमीन पर हमारे नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की हो, उसकी अन्य कोशिशें भी असफल रही हैं।
मर्चेंट को जुलाई 2024 में तब गिरफ्तार किया गया था जब वह अमेरिका से बाहर जाने की कोशिश कर रहा था और अगले महीने उस पर इस मामले में आरोप तय किए गए। अमेरिका के युद्ध सचिव पेटे ने कहा कि अमेरिका ने इस साजिश के ईरानी मास्टरमाइंड को मार गिराया है। हालांकि उन्होंने उसका नाम नहीं बताया।
न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन की संघीय अदालत में पिछले सप्ताह शुरू हुए इस मुकदमे की तारीखें ईरान से जुड़े मौजूदा संघर्ष से काफी पहले तय हो चुकी थीं। मुकदमे की अध्यक्षता कर रहे न्यायाधीश एरिक कोमिटी ने इस संयोग पर टिप्पणी करते हुए कहा, “यह मुकदमा दिलचस्प समय में हो रहा है।”
सुनवाई के दौरान मर्चेंट ने साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की लेकिन दावा किया कि उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि ईरान में उसके परिवार को धमकियां दी गई थीं।
उसने बताया कि उसे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड काप्स से जासूसी प्रशिक्षण मिला था और संभावित हमलों के लिए ट्रंप के अलावा दो और नाम जो बिडेन और निक्की हेले के दिए गए थे।
मर्चेंट की दो पत्नियां थीं-एक पाकिस्तान में और दूसरी ईरान में। वह अक्सर ईरान जाता था और वहीं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड काप्स ने उसे भर्ती किया था।
अभियोजन के अनुसार उसने 2022 या 2023 में पाकिस्तान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड काप्स के लिए काम शुरू किया और 2023 के अंत में उसे अमेरिका भेजा गया ताकि वह उसके लिए नए लोगों की भर्ती कर सके।
इस मामले की अभियोजक नीना गुप्ता ने अदालत को बताया कि मर्चेंट ने अपने ऑपरेशन के लिए कपड़ों के व्यापार को आड़ के रूप में इस्तेमाल किया। उसका लक्ष्य उन लोगों पर हमला करना था जिन्हें वह “पाकिस्तान और मुस्लिम दुनिया के खिलाफ” मानता था।
उसने अदालत को बताया कि अगले वर्ष उसका मिशन बदल दिया गया और उसे फिर अमेरिका भेजा गया ताकि वह “माफिया” के लोगों को पैसे देकर दस्तावेज चोरी करवाने, विरोध प्रदर्शन आयोजित कराने और तीन लक्षित नेताओं में से किसी एक की हत्या की व्यवस्था कर सके।
अभियोजन के अनुसार उसने न्यूयॉर्क में अपने एक परिचित नदीम अली से संपर्क किया। अली एफबीआई का मुखबिर था, उसने एजेंसी को इसकी जानकारी दे दी। इसके बाद अंडरकवर अधिकारी सुपारी किलर बनकर इस ऑपरेशन में शामिल हो गए।
मर्चेंट ने हत्या को अंजाम देने के लिए अंडरकवर अधिकारियों को 5,000 डॉलर अग्रिम भुगतान भी दिया और न्यूयॉर्क के एक होटल के कमरे में नैपकिन पर साजिश का खाका बनाते हुए रिकॉर्ड किया गया।
अदालत में चलाए गए एक गुप्त रिकॉर्डिंग में मर्चेंट ने एजेंटों से कहा, “शायद आप किसी को मार सकते हैं।” शायद वह कोई राजनीतिक व्यक्ति हो। अभियोजन ने बताया कि उसने इंटरनेट पर उन जगहों की भी तलाश की जहां ट्रंप रैलियां कर रहे थे।
एक अन्य संयोग में, जो मर्चेंट की साजिश से पूरी तरह अलग था, उसकी गिरफ्तारी के एक दिन बाद ट्रंप की पेन्सिलवेनिया में एक रैली के दौरान एक व्यक्ति ने उन पर गोली चलाने की कोशिश की थी। गोली उनके कान को छूते हुए निकल गई थी।
अंतरराष्ट्रीय
ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट को इजरायली हमले से नुकसान, नेतन्याहू ने बुलाई सुरक्षा कैबिनेट बैठक

तेल अवीव/तेहरान, 8 जून: लेबनान में हिज्बुल्लाह पर हमले के जवाब में ईरान ने रविवार रात से इजरायल के कई इलाकों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जवाबी कार्रवाई में ईरान के खुजेस्तान प्रांत के माहशहर स्थित कारून पेट्रोकेमिकल कंपनी को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इससे प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है। इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक बुलाई।
फार्स समाचार एजेंसी ने खुजेस्तान प्रांत के एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि हमले में संयंत्र का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। अधिकारी के पास नुकसान और हताहतों का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं था।
ईरानी शहर माहशहर प्रमुख पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है। यहां मौजूद ऊर्जा और रासायनिक उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
वहीं, इजरायली सेना ने पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमले की पुष्टि की है। सैन्य बयान में कहा गया कि इजरायली वायुसेना ने परिसर के कई लक्ष्यों को निशाना बनाया। सेना ने संक्षिप्त बयान में कहा कि अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी। फिलहाल हमले के दायरे और उसके प्रभाव को लेकर अधिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस तरह 7 जून को ईरान-इजरायल के अप्रैल में हुए सीजफायर के 2 महीने बाद ही दोबारा सैन्य अभियान शुरू कर दिया गया। ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने कहा कि यह कार्रवाई लेबनान में हिजबुल्लाह पर इजरायली हमलों के जवाब में की गई है। हमलों के बाद इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गया।
इसके जवाब में कुछ घंटों बाद इजरायल ने ईरान में जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। आईडीएफ के अनुसार उसने पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, तेहरान, तबरीज और इस्फहान में कई धमाके हुए। आईआरजीसी ने दावा किया कि इजराइल ने हमलों में एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
ईरान का दावा है कि उसने इजरायल के नेवातिम और तेल नोफ एयर बेस पर हमला किया। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा, “यह ऑपरेशन इजरायली शासन के ईरान में तीन अलग-अलग जगहों पर कई रडार साइटों पर किए मिसाइल हमले के जवाब में किया गया था।”
आईडीएफ का कहना है कि उसने सोमवार सुबह ईरान की ओर से छोड़ी गई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।
वर्तमान हालात के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई। यह बैठक भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे होनी तय की गई।
इजरायली मीडिया के अनुसार, बैठक में केवल चुनिंदा वरिष्ठ मंत्री और सुरक्षा मामलों से जुड़े शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में ईरान के हमलों, इजरायल की जवाबी कार्रवाई और आगे की सैन्य रणनीति पर चर्चा की संभावना जताई गई।
अंतरराष्ट्रीय
हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”
वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।
सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय
चीनी राज्य परिषद ने ‘भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ की जारी

बीजिंग, 10 अप्रैल : चीनी राज्य परिषद द्वारा जारी ‘चीन (भीतरी मंगोलिया) पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ 9 अप्रैल को सार्वजनिक की गई। इसके साथ ही चीन में पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्रों की कुल संख्या 23 हो गई है।
समग्र योजना भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र को सुधारों में अधिक स्वायत्तता प्रदान करती है, जिससे इसे प्रायोगिक परियोजनाएं संचालित करने और व्यापक क्षेत्रों में गहन स्तर पर मौलिक, एकीकृत और विशिष्ट अन्वेषण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इसमें 19 सुधार और नवाचार उपायों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें सीमा व्यापार में नवाचार और विकास, अंतरराष्ट्रीय रसद सेवाओं को मजबूत करना, वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के रूपांतरण और अनुप्रयोग की दक्षता में सुधार करना और विभिन्न क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान का विस्तार करना शामिल है।
-
दुर्घटना9 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र12 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
