राजनीति
सामान्य कामकाज के बीच सरकार ने लोकसभा में पेश किए पांच बिल
सदन में एक सप्ताह तक चले हंगामे के बाद, सोमवार को लोकसभा का कामकाज सुचारु रहा, जिसमें सरकार को पांच विधेयकों को पेश करने का मौका मिला। इन बिलों में एक ऐसा भी बिल शामिल है जो बच्चों को बेहतर सुरक्षा प्रदान करता है। इस विधेयक में दिल्ली सरकार के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (संशोधन) विधेयक, 2021 को शामिल किया गया है, जिसके तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम, 1991 को संशोधित किया गया।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने सदन में विधेयक पेश किया।
इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 में संशोधन के लिए खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2021 को पेश किया।
कैबिनेट मंत्री सदानंद गौड़ा ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च एक्ट, 1998 में संशोधन के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (अमेंडमेंट) बिल, 2021 भी पेश किया।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बच्चों की बेहतर सुरक्षा के उद्देश्य से किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 में संशोधन करने के लिए किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2021 को पेश किया।
केंद्रीय मंत्री मनसुख लाल मंडाविया ने बाद में भारत में नेविगेशन के विकास, रखरखाव और प्रबंधन के लिए मेरीन एड्स टू नेविगेशन बिल, 2021 पेश किया।
महाराष्ट्र
बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन पुनर्विकास : अतिक्रमण हटाने का 85 प्रतिशत काम पूरा, 1,200 कर्मचारी तैनात

मुंबई के बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और पुनर्विकास कार्य तेज गति से चल रहे हैं। रेलवे प्रशासन के अनुसार, अब तक अतिक्रमण हटाने का 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। रात भर भी अभियान चलाए जाने के कारण कार्य प्रगति में तेजी आई है।
इस अभियान में करीब 1,200 कर्मचारियों को तैनात किया गया है। बुधवार को एक धार्मिक ढांचे को गिराने के दौरान पत्थरबाजी की एक छोटी घटना हुई थी, जिसमें पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। हालांकि, स्थिति अब नियंत्रण में है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि अब क्षेत्र में कोई अन्य धार्मिक ढांचा शेष नहीं बचा है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, कुल 500 अवैध निर्माणों को हटाने का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से अधिकांश को पहले ही ध्वस्त कर दिया गया है। इस समय कुछ कब्जेदार अभी भी जगह छोड़ने से मना कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें कानूनी तरीके से हटाने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
1.31 एकड़ (लगभग 5,300 वर्ग मीटर) की इस अहम जगह पर पुनर्विकास कार्य पूरा होने के बाद आधुनिक रेलवे स्टेशन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस भूमि की अनुमानित कीमत 600 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है।
रेलवे का अनुमान है कि इस अभियान में अभी दो दिन का काम और शेष है। तोड़फोड़ का कार्य आज भी उसी ताकत के साथ जारी रहेगा। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
बांद्रा ईस्ट स्टेशन पुनर्विकास परियोजना मुंबई शहर के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद स्टेशन क्षेत्र में बेहतर यात्री सुविधाएं, पार्किंग, फुट ओवर ब्रिज और वाणिज्यिक विकास की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।
स्थानीय प्रशासन और रेलवे ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करें और अवैध कब्जे वाले किसी भी ढांचे को खुद न बनाएं। रेलवे का कहना है कि पुनर्विकास कार्य पूरी तरह कोर्ट के आदेश और कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ट्रंप ने क्यूबा को लेकर अमेरिकी नीति में बदलाव के दिए संकेत, बोले-वहां के लोग बहुत अच्छे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को लेकर अपनी नीति में संभावित बदलाव के संकेत दिए हैं। साथ ही उन्होंने अपनी सरकार की क्षेत्रीय संघर्षों और घरेलू जांच मामलों को संभालने के तरीके का बचाव भी किया। उन्होंने ये भी कहा कि ईरान के साथ उसकी बातचीत अंतिम चरण में है। अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका कड़ा रुख अपना सकता है।
क्यूबा को लेकर बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने क्यूबा क्रांति के नेता राउल कास्त्रो पर आरोप तय किए हैं। इसी बीच अमेरिकी सदर्न कमांड ने यह भी घोषणा की कि निमित्ज कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (जिसमें एयरक्राफ्ट कैरियर, उसका एयर विंग और कम से कम एक गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर शामिल है) कैरेबियन क्षेत्र में पहुंच चुका है।
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने क्यूबा को एक असफल देश बताया और कहा कि जल्द ही इस द्वीपीय देश को लेकर बड़ी घोषणा की जा सकती है।
ट्रंप ने कहा कि वे लोग पिछले 65 वर्षों से इस पल का इंतजार कर रहे हैं। उनका इशारा क्यूबा मूल के अमेरिकियों और उन परिवारों की तरफ था जो दशकों से वॉशिंगटन और हवाना के बीच तनाव का असर झेलते आए हैं।
उन्होंने कहा कि क्यूबा मूल के अमेरिकियों ने उन्हें 94 प्रतिशत तक समर्थन’ दिया और यह मुद्दा फ्लोरिडा के कई परिवारों के लिए बेहद भावनात्मक है। वहां न खाना है, न बिजली और न ऊर्जा बची है लेकिन वहां के लोग बहुत अच्छे हैं।”
जब उनसे पूछा गया कि क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंध कितने समय तक जारी रहेंगे तो उन्होंने जवाब दिया, “देखते हैं। हम बहुत जल्द इसकी घोषणा करेंगे।”
राष्ट्रपति ने कहा कि क्यूबा को लेकर किसी तरह का तनाव बढ़ने वाला नहीं है। वहां के हालात पहले ही खराब हैं। पूरा देश बिखरा हुआ है।
ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही बातचीत पर कहा कि अब ईरान की तरफ से बातचीत करने वाले लोग पहले के अधिकारियों से ज्यादा व्यावहारिक हैं। हम ऐसे लोगों से बात कर रहे हैं जो पहले वालों की तुलना में ज्यादा समझदार और व्यवहारिक हैं। उनमें अच्छी सोच और समझ है। वे युद्ध की बजाय बातचीत को बेहतर मानते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर मैं कुछ दिन इंतजार करके युद्ध टाल सकता हूं और लोगों की जान बचा सकता हूं, तो यह बहुत अच्छी बात है।
अमेरिका की ओर से ईरान को बातचीत के दौरान प्रतिबंधों में राहत देने की खबरों को खारिज करते हुए ट्रंप ने कहा कि जब तक वे समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करते, मैं कोई राहत नहीं दूंगा।”
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नौकरियों पर उसके असर को लेकर ट्रंप ने कहा कि दुनिया में तनाव के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस समय अमेरिका में पहले से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं। हमारे पास रिकॉर्ड स्तर पर नौकरियां हैं।
ट्रंप ने ईरान से जुड़े हालिया सैन्य अभियानों का भी बचाव किया और दावा किया कि अमेरिका की नाकेबंदी की वजह से स्ट्रेट इलाके से तेल की कोई खेप नहीं गुजर पाई है।
राष्ट्रीय समाचार
अमेरिका में अदाणी ग्रुप के मामले के सुलझने से भारत को न्यूक्लियर एनर्जी में आगे बढ़ने में मिलेगी मदद : यूएस बिजनेस लीडर

अमेरिका में अदाणी ग्रुप का मामला सुलझने से न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में भारत को तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। यह बयान दिग्गज अमेरिकी इंडस्ट्री लीडर डॉ क्रिस सिंह ने दिया। साथ ही कहा, समूह देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास में बड़ा योगदान देने के लिए तैयार है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए अमेरिकी कंपनी होल्टेक इंटरनेशनल के सीईओ और संस्थापक सिंह ने कहा, “मुझे खुशी है कि मामला सुलझ गया है। इस कारण अब अदाणी समूह उस न्यूक्लियर प्रोग्राम में भाग ले सकता है जो अभी-अभी शुरू हुआ था।”
सिंह ने अदाणी को “एक शानदार व्यापारिक समूह” और “भारत का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक घराना” बताया।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि वे न्यूक्लियर प्रोग्राम में बहुत बड़ा योगदान देंगे, जिस तरह से वे काम करते हैं, वह बिल्कुल उनके अनुरूप है। उन्होंने बंदरगाह बनाए हैं। उन्होंने काफी बड़ी अवसंरचना परियोजनाएं बनाई हैं।”
होलटेक प्रमुख ने कहा कि भारत की तेजी से बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के लिए सौर और पवन ऊर्जा के अलावा एक स्थिर और विश्वसनीय ऊर्जा स्रोत की आवश्यकता है।
सिंह ने कहा, “किसी भी देश के गहन औद्योगीकरण के लिए परमाणु ऊर्जा एक अनिवार्य घटक है।”
भारत द्वारा सौर ऊर्जा में किए गए निवेश की प्रशंसा करते हुए, उन्होंने चेतावनी दी कि केवल नवीकरणीय प्रणालियां ही स्थिर आधार-भार बिजली प्रदान नहीं कर सकतीं।
उन्होंने आईएएनएस को बताया,“सौर ऊर्जा के साथ समस्या यह है कि इसकी बैटरियों का जीवनकाल बहुत कम होता है। इनमें आग लगने का खतरा रहता है।”
उन्होंने उन देशों द्वारा सामना की जाने वाली ग्रिड अस्थिरता की चुनौतियों की ओर भी इशारा किया जो अनिश्चित नवीकरणीय ऊर्जा पर निर्भर हैं।
सिंह ने कहा,“न्यूक्लियर एनर्जी आधार भार प्रदान करती है। भार स्थिर रहता है। 24×7, आपके पास एक आधार भार होता है। इसलिए न्यूक्लियर एनर्जी जरूरी है।”
सिंह ने भारत में लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों (एसएमआर) के विकास का पुरजोर समर्थन किया और कहा कि देश को बिजली उत्पादन के विकेंद्रीकरण के लिए इन्हें जिलों में व्यापक रूप से तैनात करना चाहिए।
सिंह के अनुसार, स्थानीय स्तर पर स्थापित एसएमआर विशाल पारेषण ग्रिड और महंगी उच्च-वोल्टेज अवसंरचना पर निर्भरता को कम करेंगे।
उन्होंने कहा, “आपको गीगावाट ऊर्जा ले जाने वाली बड़ी, विशाल उच्च-वोल्टेज लाइनों की आवश्यकता नहीं है क्योंकि वे बहुत महंगी हो जाती हैं।”
सिंह ने कहा कि होल्टेक पहले से ही अपने भारत संचालन के माध्यम से भारतीय अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहा है।
उन्होंने कहा, “हम सरकार से बातचीत कर रहे हैं,” और बताया कि उनकी कंपनी का भारत स्थित नेतृत्व इस सप्ताह अधिकारियों से मिलने वाला है।
उन्होंने कहा कि भारत को परमाणु क्षेत्र में विदेशी निवेश के प्रति अधिक खुलापन अपनाना चाहिए।
सिंह ने कहा, “देश को ऐसी स्थिति में पहुंचना होगा जहां अगर कोई देश, जैसे कि रूस, यहां आकर रिएक्टर बनाना चाहता है, तो उसे ऐसा करने की अनुमति मिलनी चाहिए।”
मूल रूप से बिहार के रहने वाले सिंह ने 1986 में होल्टेक इंटरनेशनल की स्थापना की थी, जो अब कई देशों में कार्यरत एक वैश्विक परमाणु और स्वच्छ ऊर्जा कंपनी के रूप में उभरी है।
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