व्यापार
डॉलर में तेजी से सोना और चांदी धराशाई, एक प्रतिशत से अधिक फिसले
सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को कमजोरी देखी जा रही है। दोनों कीमती धातुओं का दाम एक प्रतिशत से अधिक फिसल गया है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 05 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,59,080 रुपए के मुकाबले 106 रुपए की मामूली गिरावट के साथ 1,58,974 रुपए पर खुला।
हालांकि, शुरुआती कारोबार में ही गिरावट बढ़ गई और सुबह 10 बजे यह 736 रुपए या 0.46 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,58,344 रुपए पर था।
सोने ने अब तक के कारोबार में 1,57,959 रुपए का न्यूनतम स्तर और 1,60,378 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ।
सोने के साथ चांदी में भी गिरावट देखी जा रही है। चांदी के 3 जुलाई 2026 के कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,70,119 रुपए के मुकाबले 2,889 रुपए या 1.06 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,67,230 रुपए पर खुला।
खबर लिखे जाने तक चांदी 2,894 या 1.07 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,67,225 रुपए पर थी।
चांदी ने अब तक के कारोबार में 2,66,850 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,68,464 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखी जा रही है। सोना 0.49 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,462 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73.868 डॉलर प्रति औंस पर थी।
सोने और चांदी में कमजोरी की वजह डॉलर इंडेक्स का ऊपर जाना है और यह 99.29 के स्तर पर पहुंच गया है।
डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी मुद्रा डॉलर की दुनिया की छह बड़ी मुद्राओं- यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक- के मुकाबले स्थिति को दिखाता है।
दूसरी तरफ, भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई थी। दोनों मुख्य सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में आधा प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा। इस गिरावट का नेतृत्व रियल्टी और बैंकिंग शेयर कर रहे थे।
राष्ट्रीय समाचार
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कीमती धातुओं ने पकड़ी रफ्तार, सोने-चांदी में 2 प्रतिशत से ज्यादा तक की बढ़ोतरी

GOLD
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते तनाव के बीच हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को घरेलू कमोडिटी मार्केट में कीमती धातुओं की कीमतों (सोने-चांदी) में तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबारी में पीले धातु (सोने) की कीमतों में 1.5 प्रतिशत यानी 2,000 रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि चांदी की कीमतों में 2 प्रतिशत से ज्यादा यानी 5,000 रुपए से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।
मंगलवार को अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना अपने पिछले बंद 1,53,099 रुपए से 1.04 प्रतिशत यानी 1,600 रुपए की बढ़त के साथ 1,54,699 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला। वहीं सत्र के दौरान इसने 2,338 रुपए यानी 1.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,55,437 रुपए का इंट्रा-डे हाई टच किया।
हालांकि खबर लिखे जाने तक पीली धातु 895 रुपए यानी 0.58 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,53,994 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करते हुए नजर आई।
वहीं, सितंबर डिलीवरी वाली चांदी अपने पिछले बंद 2,36,867 रुपए से 3,132 रुपए यानी 1.32 प्रतिशत की उछाल के साथ 2,39,999 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली और दिन के दौरान इसने 5,132 रुपए यानी 2.16 प्रतिशत का उच्चतम स्तर छुआ।
हालांकि खबर लिखे जाने तक यह सफेद धातु 371 रुपए यानी 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,36,496 रुपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती नजर आई।
दरअसल, सोने और चांदी की कीमतों पर वैश्विक व्यापक आर्थिक बदलावों, भू-राजनीतिक जोखिमों और घरेलू मांग में परिवर्तन का गहरा प्रभाव पड़ रहा है।
अमेरिका की उदार मौद्रिक नीति की उम्मीदें बढ़ने से सोने की कीमतों में नई मजबूती आई है, वहीं डॉलर के कमजोर होने से इसकी मांग और भी बढ़ गई है।
वहीं, सिल्वर में निवेश में रुचि और उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं के समर्थन से इसकी कीमतों को सपोर्ट मिला। हालांकि, मुद्रास्फीति के आंकड़ों और केंद्रीय बैंक के संकेतों के प्रति दृष्टिकोण संवेदनशील बना हुआ है, जिससे कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव की संभावना है। साथ ही, सोने की ऊंची कीमतों का असर व्यापक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है।
इन सभी कारकों के संयोजन से आने वाले दिनों में कीमती धातुओं के बाजार की दिशा तय होने की उम्मीद है।
व्यापार
त्योहारी मांग और मजबूत वैश्विक संकेतों से चमका सोना-चांदी, एक हफ्ते में सोना 8,600 रुपए और चांदी 15,000 रुपए से ज्यादा महंगी

त्योहारी सीजन से पहले बढ़ती खरीदारी और वैश्विक बाजारों से मिल रहे मजबूत संकेतों के बीच सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स पर दोनों कीमती धातुओं में मजबूत खरीदारी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ती दिखाई दी।
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को खबर लिखे जाने तक एमसीएक्स पर अक्टूबर 2026 डिलीवरी वाला सोना 0.69 प्रतिशत यानी 1,050 रुपए उछलकर 1,52,870 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान इसने 1,52,946 रुपए का दिन का हाई टच किया। वहीं दिन का निचला स्तर 1,51,461 रुपए रहा।
पिछले एक सप्ताह में सोने की कीमतों में उल्लेखनीय उछाल देखने को मिला है। 31 जुलाई को एमसीएक्स पर 24 कैरेट सोना 1,43,376 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जबकि पिछले शुक्रवार को इसका भाव बढ़कर 1,51,985 रुपए पर पहुंच गया। इस तरह केवल पांच कारोबारी सत्रों में सोने की कीमत में 8,609 रुपए प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई। सोमवार के भाव के आधार पर देखें तो 31 जुलाई की तुलना में सोना कुल 8,644 रुपए प्रति 10 ग्राम महंगा हो चुका है।
वहीं चांदी ने सोने से भी बेहतर प्रदर्शन किया। सोमवार को एमसीएक्स पर सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी 1.50 प्रतिशत यानी 3,473 रुपए की उछाल के साथ 2,34,939 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,35,221 रुपए का उच्चतम स्तर और 2,31,660 छुआ।
चांदी में तेजी का रुख पिछले एक सप्ताह से लगातार बना हुआ है। 31 जुलाई को एमसीएक्स पर चांदी की कीमत 2,18,295 रुपए प्रति किलोग्राम थी, जो पिछले शुक्रवार को बढ़कर 2,31,381 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। यानी पांच कारोबारी दिनों में चांदी 13,086 रुपए प्रति किलो महंगी हुई। सोमवार के भाव को आधार मानें तो 31 जुलाई के मुकाबले चांदी की कीमत में कुल 15,435 रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारी सीजन से पहले ज्वेलरी और निवेश दोनों श्रेणियों में मांग बढ़ने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूती का असर घरेलू कीमतों पर दिखाई दे रहा है। इसके अलावा बाजार में लॉन्ग बिल्डअप भी देखने को मिल रहा है, जिससे आने वाले दिनों में कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूती बनी रह सकती है।
हालांकि चांदी में हालिया तेजी के बावजूद यह अभी भी अपने ऐतिहासिक उच्च स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रही है। 29 जनवरी 2026 को चांदी ने 4,20,048 रुपए प्रति किलोग्राम का ऑल टाइम हाई बनाया था। मौजूदा भाव 2,33,730 रुपए प्रति किलो के हिसाब से देखें तो चांदी अभी भी अपने रिकॉर्ड स्तर से 1,86,318 रुपए प्रति किलोग्राम सस्ती है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और त्योहारी मांग मजबूत रहती है, तो आने वाले दिनों में सोना और चांदी दोनों में तेजी का रुख जारी रह सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के रुख पर बनी हुई है, जो आगे की दिशा तय करेंगे।
व्यापार
मिले-जुले वैश्विक संकेतों के चलते शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ खुला, सेंसेक्स 177 अंक चढ़ा

होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर अनिश्चितता के बीच हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ फ्लैट खुला। इस दौरान बेंचमार्क सूचकांक, निफ्टी50 और सेंसेक्स में मामूली वृद्धि दर्ज की गई।
सोमवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,499.17 से मामूली 2.41 अंक बढ़कर 78,501.59 पर खुला, तो वहीं एनएसई निफ्टी अपने पिछले बंद 24,570.65 से 10.59 अंक की बढ़त के साथ 24,581.25 पर खुला।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 177 अंक यानी 0.22 प्रतिशत चढ़कर 78,676 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी50 0.2 प्रतिशत बढ़कर 24,620 पर पहुंच गया। हालांकि बाद के सत्र में बाजार में थोड़ी गिरावट देखने को मिली।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप में 0.21 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी ऑटो, निफ्टी आईटी, निफ्टी मेटल, निफ्टी फार्मा और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी मीडिया, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी ऑयल एंड गैस का प्रदर्शन खराब रहा।
निफ्टी50 इंडेक्स में टाइटन कंपनी, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, ग्रासिम, सिप्ला, इंफोसिस और ट्रेंट सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शेयर रहे, जबकि एसबीआई, एचडीएफसी लाइफ, हिंडाल्को, पावरग्रिड, इटरनल और रिलायंस के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
ईरान द्वारा जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के संबंध में वाशिंगटन के साथ सीधी बातचीत करने के दावों को खारिज करने के बाद, इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से माल ढुलाई की स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। पिछले सप्ताह अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट द्वारा समझौते के निकट होने के संकेत देने के बाद आशावाद बढ़ा था, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बाद में कहा कि अमेरिका तेहरान के साथ केवल “आंशिक रूप से बातचीत” कर रहा है और आर्थिक दबाव बनाए रखने का इरादा रखता है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भू-राजनीतिक तनावों में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों की जोखिम लेने की धारणा बेहतर हुई है। हालांकि, इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिका के प्रमुख महंगाई आंकड़ों को लेकर निवेशकों के बीच सतर्कता बनी हुई है।
एक एक्सपर्ट ने कहा कि बीते शुक्रवार के कारोबारी सत्र में निफ्टी 50 65.35 अंकों यानी 0.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,570.65 पर बंद हुआ था। बावजूद इसके, निफ्टी अभी भी अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है, जिससे बाजार की व्यापक संरचना सकारात्मक बनी हुई है। वहीं, आरएसआई 59.89 पर है, जो अभी भी तेजी वाले क्षेत्र में माना जाता है।
एक्सपर्ट ने आगे कहा कि तकनीकी विश्लेषण के अनुसार 24,450 से 24,500 का क्षेत्र निफ्टी के लिए निकटतम सपोर्ट जोन माना जा रहा है। वहीं 24,750 से 24,800 का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस के रूप में सामने है। निकट अवधि में सूचकांक में सीमित दायरे में कारोबार और कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है। यदि निफ्टी सपोर्ट स्तरों के ऊपर बना रहता है तो बाजार की सकारात्मक संरचना कायम रह सकती है। दूसरी ओर, रेजिस्टेंस जोन के ऊपर निर्णायक बढ़त मिलने पर नई खरीदारी देखने को मिल सकती है।
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