अपराध
कैरेबियन देश की नागरिकता से लेकर कराची में दाऊद इब्राहिम ने खरीदी कई संपत्तियां
पाकिस्तान के विदेश मामलों के मंत्रालय की मदद से अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम ने कैरेबियाई के खूबसूरत विंडवर्ड आइलैंड्स में स्थित कॉमनवेल्थ ऑफ डोमिनिका (सीओडी) देश का पासपोर्ट हासिल किया था।
यह बात भारतीय खुफिया एजेंसियों द्वारा डी-कंपनी के कराची स्थित किंगपिन पर तैयार किए गए नए डोजियर से पता चली, जिसमें उल्लेख किया गया है कि 80 हजार से भी कम की आबादी वाले इस देश में दाउद को आर्थिक नागरिक कार्यक्रम के तहत ये पासपोर्ट दिया गया था। इसके बाद जैसे ही भारत ने सीओडी को सतर्क किया था, डॉन के कैरिबियन सहयोगी ने भागने की योजना बना ली।
संयुक्त राष्ट्र को सौंपे गए इस डोजियर में दाऊद के कराची में छह ठिकानों समेत आठ पते को भी सूचीबद्ध किया गया है, हालांकि पाकिस्तान ने इन आठ पते में से केवल तीन को ही स्वीकार किया है। ये पते क्लिफ्टन में व्हाइट हाउस, डिफेंस हाउसिंग अथॅरिटी में 30 वीं स्ट्रीट पर एक घर और कराची में नूराबाद के पहाड़ी इलाके में एक महलनुमा बंगले के हैं।
डोजियर में एक नए पते का भी उल्लेख किया गया है जहां दाऊद ने कराची में क्लिफ्टन क्षेत्र के मेहरान स्क्वायर में एक पूरी मंजिल खरीदी है। इसके अलावा क्लिफ्टन में जियाउद्दीन अस्पताल के पास शिरीन जिन्ना कॉलोनी में एक और नया घर खरीदा गया है। दरअसल, दाऊद का स्वास्थ्य अक्सर खराब रहता है और वह आमतौर पर जियाउद्दीन अस्पताल में भर्ती होता है। दाऊद ने इस्लामाबाद के पॉश मारगला रोड पर दो बंगले भी खरीदे हैं।
डोजियर में कहा गया है कि डी-कंपनी के वित्तीय साम्राज्य को नियंत्रित करने वाला दाऊद का छोटा भाई अनीस इब्राहिम अपने परिवार के साथ क्लिफ्टन रोड पर ब्लॉक 4 में स्थित डीसी -13 बंगले में रहता है। वहीं अंडरवर्ल्ड की गतिविधियां कंट्रोल करने वाला छोटा शकील डिफेंस अथॉरिटी एरिया में रहता है। दाऊद के दो अन्य भाई हुमायूं और मुस्तकीन सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच लगातार यात्रा करते हैं। हुमायूं डी-कंपनी के कुछ वैध व्यवसायों की देखभाल करता है और ज्यादातर कराची में रहता है।
डोजियर से पता चलता है कि डी-कंपनी की अंडरवल्र्ड गतिविधियों का फोकस नशीले पदार्थों के सौदे, गोलीबारी, मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला ऑपरेशन पर होता है। दुनिया की शीर्ष दस क्राइम गैंग में से एक इस कंपनी के पास अरबों रुपये की अचल संपत्ति है। डी-कंपनी की मध्य पूर्व में पाकिस्तान, यूएई, सऊदी अरब और अन्य देशों में संपत्ति है। वह दुबई से क्रिकेट में सट्टेबाजी का सिंडिकेट भी चलाता है।
इसके आतंकी नेटवर्क के बारे में भी जगजाहिर है। दाऊद 1993 के मुंबई के सीरियल बम धमाकों का मास्टरमाइंड था। इसके अलावा 2008 के मुंबई हमलों सहित कई अन्य हमलों में भी उसका नाम आया। जिसके चलते 2003 में भारतीय और अमेरिकी सरकारों ने दाऊद को “वैश्विक आतंकवादी” घोषित कर दिया था।
इतना ही नहीं अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने भी दाऊद को आतंकवादी के रूप में नामित किया है।
अपराध
पंजाब: पुलिस ने ड्रग्स और नशे की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ की कार्रवाई, एक गिरफ्तार

पंजाब पुलिस ने ड्रग्स और नशे की तस्करी में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस अभी इनसे पूछताछ कर मामले के बारे में पूरी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस का स्पष्ट कहना है कि इस मामले से जुड़े अगर किसी आरोपी के बारे में जानकारी प्रकाश में आएगी, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस ने इस कार्रवाई के बारे में अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर जानकारी दी है।
पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों के पास से 5.775 किलोग्राम हेरोइन, 1,33,640 प्रतिबंधित कैप्सूल/गोलियां, 39 कारतूस और 36,600 नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।
पुलिस ने बताया कि जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनसे पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है, ताकि इस बात की जानकारी सामने आ सके कि इसमें कौन लोग शामिल हैं और किस-किस प्रकार की भूमिकाओं का निर्वहन कर रहे हैं। अगर कोई अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होकर रहेगी।
पुलिस का कहना है कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने की दिशा में इस तरह की कार्रवाई जरूरी है। हमारा एकमात्र उद्देश्य पंजाब को नशा मुक्त करना है और इस दिशा में हमारी पूरी कार्रवाई जारी रहेगी। हम नहीं चाहते हैं कि पंजाब के युवा किसी भी प्रकार की नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाए जाए।
बता दें कि पंजाब में सीमा पार से लगातार नशीले पदार्थों की तस्करी की जाती है। पुलिस अब तक इस मामले में कई बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। इससे पहले पंजाब पुलिस ने 11 जून को कार्रवाई के दौरान 30 किलोग्राम हेरोइन बरामद की थी। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी दुबई में बैठे तस्करों के संपर्क में रहते थे और उनकी मदद से पंजाब में नशीले पदार्थों की तस्करी किया करते थे।
अपराध
बेंगलुरु में लिव-इन पार्टनर ने महिला की गला घोंटकर हत्या की

बेंगलुरु के मल्लेश्वरम में एक किराए के घर में 20 वर्षीय युवती की उसके लिव-इन पार्टनर ने कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी। पीड़िता की पहचान अनुषा के तौर पर हुई है और आरोपी 25 साल का शरथ है। दोनों हासन जिले के सकलेशपुर के रहने वाले थे।
पुलिस ने बताया कि दोनों की मुलाकात इंस्टाग्राम पर हुई थी और वे पिछले छह महीनों से मल्लेश्वरम में साथ रह रहे थे। शनिवार रात निजी मामलों को लेकर हुई बहस कथित तौर पर बढ़ गई। इसके बाद शरथ पर अनुषा का गला घोंटकर हत्या करने का आरोप है। वह शहर में पानी के टैंकर का ड्राइवर था।
यह घटना सोमवार को तब सामने आई जब शरथ ने कथित तौर पर अपने वकील को हत्या के बारे में बताया। वकील ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद शेषद्रिपुरम पुलिस स्टेशन के अधिकारी घर पहुंचे और शव बरामद किया। मामला दर्ज कर लिया गया है और तलाशी अभियान के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अनुषा का शव उसके परिवार को सौंप दिया गया, जबकि पुलिस जांच के तहत शरथ से पूछताछ कर रही है।
इसके पहले 13 जून को बेंगलुरु में अपने किराए के घर में महिला मृत पाई गई थी। मृतका की पहचान भवानी एस. के तौर पर हुई है। उसने बीएससी की डिग्री पूरी की थी और टिगारापाल्या में एक मोबाइल फोन की दुकान पर बिलिंग एग्जीक्यूटिव के तौर पर काम कर रही थी। वह जी. होसाहल्ली रोड पर ऑर्किड्स स्कूल के पास एक किराए के घर में अकेली रहती थी।
पिता श्रीनिवास ने बताया कि 13 जून की सुबह उनकी भाभी ने परिवार को एक इंस्टाग्राम स्टोरी के बारे में बताया, जिसमें भवानी एक अनजान युवक के साथ दिख रही थी। जब भवानी को बार-बार कॉल करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला, तो परिवार ने उसके एम्प्लॉयर की पत्नी से संपर्क किया और उनसे भवानी का हाल-चाल लेने का अनुरोध किया।
महिला को घर अंदर से बंद मिला। दरवाजा खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं मिलने पर उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मी दरवाजा तोड़कर घर के अंदर घुस तो भवानी जमीन पर मृत पाई गई, जबकि चंद्रशेखर (उर्फ चंदन या चंदू) नाम का एक व्यक्ति बेहोश था, लेकिन उसकी सांसें चल रही थीं। पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
अपराध
मुंबई : अंधेरी में 60 लाख रुपये से ज़्यादा कीमत के गहने चोरी का ड्रामा करने के आरोप में दो आरोपी गिरफ्तार

मुंबई पुलिस ने दो ऐसे चालाक आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है, जिन्होंने चोरी और सड़क हादसे की कहानी रची थी और 60 लाख रुपये के गहने चोरी होने का नाटक किया था। हालांकि, पुलिस जांच में पता चला कि सोने के गहने पहुंचाने वाला व्यक्ति ही चोर था और उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर चोरी की थी। एमआईडीसी पुलिस ने गोल्ड स्टार कंपनी की कंचन पवार की शिकायत पर चोरी का मामला दर्ज किया था। जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने अपने कर्मचारी अविनाश गंगाधर कदम (26) को सोने के गहने पहुंचाने के लिए भेजा था। उसी समय उसने बताया कि उसकी मोटरसाइकिल एक्टिवा का एक्सीडेंट हो गया था और इस दौरान सोने के गहने और बैग भी चोरी हो गए। उसने बिना किसी चोट या घाव के अस्पताल में भर्ती होने का नाटक किया। इस दौरान पुलिस ने कई सीसीटीवी फुटेज की जांच की और पता चला कि संदिग्ध, जिसका नाम मनोज हेमंत जोगदंड (41) है, एक्सीडेंट से पहले संदिग्ध तरीके से यहां गश्त कर रहा था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दोनों ने चोरी का नाटक किया था और घटना को एक्सीडेंट बताकर लूट की योजना बनाई थी। इसके बाद पुलिस ने अविनाश को भी हिरासत में ले लिया। इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रहस्य सुलझा लिया। यह ऑपरेशन मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती के निर्देश पर डीसीपी दत्ता नलावड़े ने किया।
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