Connect with us
Sunday,02-August-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

चीन के साथ सीमा मुद्दे से गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है : मनमोहन

Published

on

Manmohan-Singh

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कांग्रेस कार्यकारिणी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में चीन पर पार्टी के दृष्टिकोण को दोहराते हुए कहा कि अगर इस मुद्दे से उचित तरीके से नहीं निपटा गया तो इससे गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के इस विचार का समर्थन करते हुए कि लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर आमना-सामना एक पूर्ण विकसित संकट है, मनमोहन सिंह ने कहा, “सीमा पर बने संकट से अगर ²ढ़ता से नहीं निपटा गया, तो इससे गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सर्वदलीय बैठक में भाग ले चुके पूर्व रक्षामंत्री ए.के. एंटनी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने सीडब्ल्यूसी को सीमा की स्थिति पर जानकारी दी।

सर्वदलीय बैठक में मोदी के बयान और बाद में पीएमओ द्वारा स्पष्टीकरण के बाद मनमोहन सिंह ने सोमवार को प्रधानमंत्री की निंदा की थी और उन पर “गलत सूचना” देने का आरोप लगाया था। सिंह ने कहा था कि प्रधानमंत्री को अपने शब्दों के असर के बारे में पता होना चाहिए।

सिह ने कहा था, “प्रधानमंत्री अपने शब्दों का इस्तेमाल अपने रुख के एक अनुमोदन के रूप में नहीं कर सकते और उन्हें यह हर हाल में सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकार के सभी अंग इस संकट से निपटने और इसे और बढ़ने से रोकने के लिए एकसाथ मिलकर काम करें।”

मनमोहन सिंह ने सोमवार को अपने बयान में कहा था, “हम सरकार को याद दिलाते हैं कि गलत सूचना कूटनीति या निर्णायक नेतृत्व का कोई विकल्प नहीं है।”

मनमोहन सिंह शुक्रवार की सर्वदलीय बैठक में, वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गलवान घाटी में 15 जून की रात की घटना, जिसमें एक कमांडिंग ऑफिसर सहित 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे, पर मोदी के बयान और बाद में पीएमओ के स्पष्टीकरण की आलोचना कर रहे थे।

प्रधानमंत्री के उस बयान का इस्तेमाल चीन ने गलवान घाटी में अपने कुकृत्यों से इंकार करने के लिए किया था।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

राष्ट्रीय समाचार

भारत का कोयला उत्पादन जुलाई में 7.5 प्रतिशत बढ़कर 69.75 मिलियन टन रहा

Published

on

भारत का कोयला उत्पादन जुलाई 2026 में सालाना आधार पर 7.51 प्रतिशत बढ़कर 69.75 मिलियन टन (प्रोविजनल) हो गया। इस वृद्धि में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के अधिक उत्पादन और पूरे क्षेत्र में लगातार दर्ज की गई बढ़ोतरी का अहम योगदान रहा। यह जानकारी केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने रविवार को दी।

मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, जुलाई 2025 में देश का कोयला उत्पादन 64.88 मिलियन टन था।

जुलाई के दौरान कोयले का डिस्पैच भी बेहतर रहा और यह सालाना आधार पर 17.34 प्रतिशत बढ़कर 86.33 मिलियन टन (प्रोविजनल) पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह 73.57 मिलियन टन था।

मंत्रालय ने कहा कि उत्पादन और डिस्पैच में लगातार हो रही वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि वह देश में कोयले की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने और पूरे क्षेत्र में परिचालन दक्षता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।

चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में देश का संचयी कोयला उत्पादन 302.24 मिलियन टन (प्रोविजनल) रहा, जबकि संचयी कोयला डिस्पैच 354.70 मिलियन टन (प्रोविजनल) दर्ज किया गया। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 5.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

देश के कुल उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का रहा। कंपनी ने जुलाई में 50.35 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 8.42 प्रतिशत अधिक है। वहीं, कंपनी ने जुलाई के दौरान 63.67 मिलियन टन कोयले का डिस्पैच किया, जो जुलाई 2025 की तुलना में 17.43 प्रतिशत ज्यादा रहा।

वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जुलाई अवधि में सीआईएल का संचयी कोयला डिस्पैच भी पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 6.81 प्रतिशत बढ़ा।

कोयला मंत्रालय ने कहा कि वह क्षेत्र में विकास की गति बनाए रखने, कोयले की उपलब्धता बढ़ाने और आयात पर भारत की निर्भरता कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्पादन और डिस्पैच में लगातार हो रही वृद्धि देश की आर्थिक प्रगति और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में कोयला क्षेत्र की अहम भूमिका को और सुदृढ़ करती है।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

भारत का कोयला उत्पादन जुलाई में 7.5 प्रतिशत बढ़कर 69.75 मिलियन टन रहा

Published

on

भारत का कोयला उत्पादन जुलाई 2026 में सालाना आधार पर 7.51 प्रतिशत बढ़कर 69.75 मिलियन टन (प्रोविजनल) हो गया। इस वृद्धि में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के अधिक उत्पादन और पूरे क्षेत्र में लगातार दर्ज की गई बढ़ोतरी का अहम योगदान रहा। यह जानकारी केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने रविवार को दी।

मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, जुलाई 2025 में देश का कोयला उत्पादन 64.88 मिलियन टन था।

जुलाई के दौरान कोयले का डिस्पैच भी बेहतर रहा और यह सालाना आधार पर 17.34 प्रतिशत बढ़कर 86.33 मिलियन टन (प्रोविजनल) पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह 73.57 मिलियन टन था।

मंत्रालय ने कहा कि उत्पादन और डिस्पैच में लगातार हो रही वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि वह देश में कोयले की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने और पूरे क्षेत्र में परिचालन दक्षता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।

चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में देश का संचयी कोयला उत्पादन 302.24 मिलियन टन (प्रोविजनल) रहा, जबकि संचयी कोयला डिस्पैच 354.70 मिलियन टन (प्रोविजनल) दर्ज किया गया। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 5.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

देश के कुल उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का रहा। कंपनी ने जुलाई में 50.35 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 8.42 प्रतिशत अधिक है। वहीं, कंपनी ने जुलाई के दौरान 63.67 मिलियन टन कोयले का डिस्पैच किया, जो जुलाई 2025 की तुलना में 17.43 प्रतिशत ज्यादा रहा।

वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जुलाई अवधि में सीआईएल का संचयी कोयला डिस्पैच भी पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 6.81 प्रतिशत बढ़ा।

कोयला मंत्रालय ने कहा कि वह क्षेत्र में विकास की गति बनाए रखने, कोयले की उपलब्धता बढ़ाने और आयात पर भारत की निर्भरता कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्पादन और डिस्पैच में लगातार हो रही वृद्धि देश की आर्थिक प्रगति और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में कोयला क्षेत्र की अहम भूमिका को और सुदृढ़ करती है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

जापान में आए भूकंप के बाद लगभग 80 हजार घरों में पानी की किल्लत, मृतकों की संख्या बढ़कर 38 हुई

Published

on

जापान के कुमामोटो प्रांत में आए शक्तिशाली भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 38 हो गई है। प्रांत सरकार ने रविवार को यह जानकारी दी।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार सुबह हुई आपदा प्रबंधन मुख्यालय की मीटिंग में, कुमामोटो प्रांत के अधिकारियों ने बताया कि 38 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जिनकी मौत की जांच अभी भी चल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनकी मौत 7.1 तीव्रता के भूकंप की वजह से हुई थी या नहीं।

यात्सुशिरो शहर में निप्पॉन पेपर फैक्ट्री में, जहां भूकंप की वजह से धुएं का गुबार गिर गया था, रेस्क्यू टीम ने 10 लोगों को वहां से निकाला। उनमें से आठ की मौत की पुष्टि हो गई, जबकि दो घायल हो गए। एक और व्यक्ति जो लापता था, गुरुवार को दोपहर के बाद मलबे में मिला। हालांकि उस व्यक्ति की हालत अभी तक पता नहीं चली है।

काशिमा टाउन के एऑन मॉल कुमामोटो में, जहां भूकंप के बाद एक बड़ा धमाका हुआ था, 12 लोगों को बचाया गया। उनमें से सात की मौत की पुष्टि हो गई है और पांच घायल हैं। पुलिस और फायरफाइटर्स यह पता लगाने के लिए सर्च ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं कि बिल्डिंग के अंदर कोई और फंसा हुआ है या नहीं।

अधिकारियों ने बताया कि अभी पूरे इलाके में 406 इवैक्यूएशन शेल्टर में 9,400 से ज्यादा लोग रह रहे हैं।

भूकंप की वजह से करीब 79,700 घरों में पानी नहीं है। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि अभी किसी भी प्रभावित नगर पालिका में पानी की सर्विस ठीक करने का कोई टाइमटेबल नहीं है।

इस बीच, गुरुवार दोपहर तक करीब 19,000 घरों में बिजली नहीं थी। क्यूशू इलेक्ट्रिक पावर के मुताबिक, अगर रिपेयर का काम प्लान के अनुसार हुआ तो शुक्रवार शाम तक बिजली ठीक होने की उम्मीद है।

बुधवार को जापान की प्रधानमंत्री साने तकाइची ने कुमामोटो भूकंप को लेकर दूसरी आपदा नियंत्रण मुख्यालय बैठक की। कुमामोटो प्रांत के गवर्नर किमुरा और कैबिनेट ऑफिस के उप मंत्री त्सुशिमा भी इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए।

तकाइची ने पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई। उन्होंने आश्वासन दिया कि जापान सरकार भूकंप से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए तेजी से काम कर रही है, वहीं संबंधित मंत्रालय और एजेंसियां शुरुआती राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार10 minutes ago

भारत का कोयला उत्पादन जुलाई में 7.5 प्रतिशत बढ़कर 69.75 मिलियन टन रहा

राष्ट्रीय समाचार1 hour ago

भारत का कोयला उत्पादन जुलाई में 7.5 प्रतिशत बढ़कर 69.75 मिलियन टन रहा

अंतरराष्ट्रीय समाचार2 hours ago

जापान में आए भूकंप के बाद लगभग 80 हजार घरों में पानी की किल्लत, मृतकों की संख्या बढ़कर 38 हुई

खेल2 hours ago

सीडब्ल्यूजी 2026: एक दिन में 16 मेडल जीतकर भारत ने लगाई मेडल टैली में लंबी छलांग, टॉप पर काबिज ऑस्ट्रेलिया

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

‘नशा मुक्त युवा’ अभियान की शुरुआत, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री बोले- इससे युवाओं का जीवन बदलेगा

खेल3 hours ago

‘बस खुद पर विश्वास रखा’, ‘गोल्डन पंच’ लगाने पर बोले मुक्केबाज अंकुश पंघाल

मनोरंजन3 hours ago

कुछ अफवाह और एक्टर असल जिंदगी से ज्यादा दिलचस्प होती हैं: राज कुंद्रा

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 hours ago

अमेरिका के इडाहो में रेस्टोरेंट में हुई गोलीबारी, अंधाधुंध फायरिंग में तीन की मौत और कई घायल

मनोरंजन3 hours ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता, 6 महीने में 17,590 गुमशुदा महिलाएं और बच्चे खोजे गए

खेल3 weeks ago

मिकेल मेरिनो ने रचा इतिहास, फीफा वर्ल्ड कप में यह कारनामा करने वाले बने विश्व के पहले खिलाड़ी

अपराध5 days ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

मनोरंजन2 weeks ago

रणदीप हुड्डा की बेटी न्योमिका की पहली चावल रस्म, परिवार के साथ मनाया खास जश्न

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

सोना इस हफ्ते 6 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ, चांदी 2.3 लाख के पार

महाराष्ट्र3 weeks ago

महाराष्ट्र: पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके में गिरी इमारत के बाद बचाव जारी, 9 लोगों को बाहर निकाला गया

अपराध4 weeks ago

मुंबई: ईओडब्ल्यू ने 30 करोड़ के शेयर बाज़ार निवेश घोटाले में कार्रवाई की, आरोपी गिरफ़्तार, 1 करोड़ बरामद।

महाराष्ट्र4 weeks ago

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे अस्पताल में भर्ती, अत्यधिक थकान के बाद बिगड़ी तबीयत, हालत स्थिर

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

ई20 पेट्रोल विवाद: उपभोक्ता के पक्ष में देश का पहला फैसला, रायपुर कोर्ट ने कंपनी को वाहन बदलने का दिया आदेश

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 11 डांस बारों के लाइसेंस एक महीने के लिए निलंबित

राजनीति2 weeks ago

टीएमसी के बागी सांसदों को बुलाने पर भड़का विपक्ष, सर्वदलीय बैठक से कांग्रेस, सपा और ‘आप’ का वॉकआउट

रुझान