राजनीति
पीएम मोदी के ‘लाल टोपी’ वाले बयान पर अखिलेश का पलटवार, कहा- ‘ लाल टोपी’ की चमक से घबरा कर भाजपा बोल रही है ऐसी भाषा
अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लाल टोपी’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि ‘लाल टोपी’ की चमक दिल्ली तक पहुंच गई है। इससे घबरा कर भाजपा की भाषा बदल गई है। उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, प्रधानमंत्री मोदी के यूपी दौरे और भाजपा के सरकार बनाने के दावों सहित कई मुद्दों पर आईएएनएस के वरिष्ठ सहायक संपादक ने समाजवादी पार्टी सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ खास बातचीत की।
सवाल – लाल टोपी पहन कर आप संसद आए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इसी लाल टोपी पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि आप लोग सत्ता के लिए लालायित रहते हैं, भ्रष्टाचार करते हैं, दबंगई करते हैं।
जवाब – लाल रंग क्रांति का है , लाल रंग बदलाव का है । ये लाल रंग भावनाओं का रंग है। भाजपा भावनाओ को नहीं समझती है। लाल रंग सबसे वाइब्रेंट कलर है और ये लाल रंग उन्हें आगाह कर रहा है कि सावधान हो जाइए , उत्तर प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है। लाल टोपी की चमक दिल्ली तक पहुंच गई है इसलिए घबरा कर भारतीय जनता पार्टी की भाषा बदली है। आने वाले समय में बदलाव तय है।
सवाल – इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लाल रंग की टोपी को लेकर कटाक्ष करते रहे हैं और अब प्रधानमंत्री भी निशाना साध रहे हैं
जवाब – बाबा मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से जा रहे हैं। यह पहली बार हुआ होगा कि मुख्यमंत्री की भाषा को प्रधानमंत्री ने रट कर बोला हो।
सवाल – आप लगातार भाजपा को हराने का दावा कर रहे हैं लेकिन उनकी तरफ से कहा जा रहा है कि 2014, 2017 और 2019 में लगातार तीन बार आपको हरा चुके है और 2022 में चौथी बार हराने जा रहे हैं।
जवाब – वो परिस्थितियां अलग थी, इस बार भाजपा घबराई हुई है। इस बार उत्तर प्रदेश का किसान,नौजवान , व्यापारी और प्रदेश की जनता इनको हटा कर दिखाएगी।
सवाल – प्रधानमंत्री लगातार उत्तर प्रदेश में शिलान्यास और उद्घाटन कार्यक्रम कर रहे हैं, प्रदेश की जनता को सौगातें दे रहे हैं।
जवाब – इनकी विज्ञापन की तस्वीरें झूठी है, इनके विकास के दावे झूठे हैं। जब फ्लाईओवर का विकास दिखाना था तो बंगाल की तस्वीर चोरी कर की, जिस समय कारखाने दिखाने थे तो अमेरिका की फैक्ट्री की तस्वीर चोरी कर ली। अभी हाल में एयरपोर्ट का जो शिलान्यास किया है तो चीन की तस्वीर चोरी कर ली। इसलिए इनका विज्ञापन भी चोरी का है और विकास भी झूठा है।
सवाल – उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में आप लोग कितनी सीटें जीतने जा रहे हैं ?
जवाब – हो सकता है कि उत्तर प्रदेश की जनता इस बार भारतीय जनता पार्टी का सफाया कर दे।
राष्ट्रीय समाचार
जमुई कांड पर प्रियंका गांधी वाड्रा का हमला, बोलीं- महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर सकते तो बड़ी योजनाओं का क्या मतलब

बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ को कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भयानक बताया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती, तो बड़ी योजनाओं की बात करने का कोई मतलब नहीं है।
वायनाड पहुंची कांग्रेस सांसद से जब मीडिया ने जमुई की घटना के बारे में सवाल किया तो उन्होंने कहा कि यह बहुत भयानक है। महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। महिलाओं के लिए माहौल असुरक्षित हो गया है। पहले भी यह असुरक्षित था, लेकिन अब महिलाओं के खिलाफ हिंसा और ज्यादा बढ़ गई है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि मुझे लगता है कि अगर हम सड़कों पर महिलाओं की सुरक्षा ही सुनिश्चित नहीं कर सकते, तो बड़ी-बड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों की बात करने का कोई मतलब नहीं है। इसलिए यह एक ऐसी बात है जिस पर हम सभी को सोचने की जरूरत है। राज्य सरकारों और केंद्र को इस बारे में सोचना होगा कि वे कैसे यह सुनिश्चित करेंगी कि महिलाएं सुरक्षित महसूस करें।
प्रियंका गांधी का बयान ऐसे समय में आई है, जब जमुई में छेड़छाड़ की घटना ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। यह घटना शनिवार देर शाम जमुई जिले के मडवा पहाड़ इलाके में हुई, जहां एक नाबालिग छात्रा को युवकों के एक समूह ने रोका और उसके साथ छेड़छाड़ की। एफआईआर के अनुसार, छात्रा के साथ मौजूद एक छात्र की पिटाई भी की गई।
यह मामला तब सामने आया, जब रविवार शाम को घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद जिला प्रशासन ने पीड़िता के परिवार से संपर्क किया और मामला दर्ज किया।
अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि जमुई पुलिस ने नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ और उत्पीड़न के मुख्य आरोपी नंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया है। उसे पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।
जांचकर्ताओं ने घटना के वायरल वीडियो के जरिए यादव की पहचान की। पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर सामने आए फुटेज में गमछा पहने जो युवक दिख रहा था, वह नंदन यादव था।
ताजा गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में अब तक पांच लोगों को पकड़ा गया है, जिनमें तीन नाबालिग भी शामिल हैं।
इसके अलावा पुलिस ने बताया कि कंटेंट फैलाने से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन के लिए कई प्लेटफॉर्म पर 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल चलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई हैं।
राष्ट्रीय समाचार
भारत आएंगे अमेरिकी एफ-35 लड़ाकू विमान, फ्रांस के राफेल भी आएंगे नजर

अमेरिका के एफ-35 और फ्रांस के राफेल जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान भारतीय लड़ाकू विमानों के साथ हवाई अभियानों में हिस्सा लेंगे। ये लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना के बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ का हिस्सा बनेंगे। अभ्यास में करीब 40 देशों के शामिल होने की जानकारी है। इनमें कुछ देश अपने लड़ाकू विमानों और अन्य वायु परिसंपत्तियों के साथ हिस्सा लेंगे, जबकि अन्य देश पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल होंगे।
इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास में भारत के अलावा अमेरिका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, जर्मनी, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात अपने विमान और वायुसेना संसाधन लेकर भारत पहुंचेंगे। भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ इस बार बेहद व्यापक स्तर पर आयोजित होने जा रहा है। राजस्थान के जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर यह अभ्यास 28 सितंबर से 11 अक्टूबर तक होगा। यहां अमेरिका छह एफ-35 लड़ाकू विमानों और दो केसी-135 विमान लेकर शामिल होगा।
फ्रांस की ओर से सात राफेल, तीन ए400एम और दो एमआरटीटी विमान अभ्यास में हिस्सा लेंगे। ऑस्ट्रेलिया एक सी-130 विमान के साथ और बांग्लादेश एक सी-130 विमान के साथ अभ्यास में शामिल होगा। जर्मनी दो ए400एम विमान भेजेगा। श्रीलंका एक किंग एयर 350 विमान के साथ भाग लेगा। संयुक्त अरब अमीरात की ओर से छह एफ-16 और एक ग्लोबल 6000 विमान अभ्यास में शामिल होंगे।
भारतीय वायुसेना भी अपने प्रमुख लड़ाकू विमानों के साथ अभ्यास में हिस्सा लेगी। इसमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, एलसीए तेजस, जगुआर, मिराज और मिग-29 शामिल हैं। इस तरह भारतीय और विदेशी वायु सेनाओं के लड़ाकू विमानों को एक साथ जटिल हवाई अभियानों का अभ्यास करने का अवसर मिलेगा।
‘तरंग शक्ति-2026’ का उद्देश्य विभिन्न देशों की वायु सेनाओं के बीच परिचालन सहयोग, आपसी समन्वय और संयुक्त सामरिक प्रक्रियाओं को मजबूत करना है। अभ्यास के दौरान भाग लेने वाली वायु सेनाएं एक-दूसरे की परिचालन प्रक्रियाओं और अनुभवों को समझेंगी। अलग-अलग परिस्थितियों में हवाई अभियानों के संचालन, सामरिक समन्वय और मिशन से जुड़ी क्षमताओं का अभ्यास किया जाएगा। अभ्यास में करीब 40 देशों की भागीदारी इसे व्यापक अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान करेगी। इनमें सात देश लड़ाकू विमानों और अन्य वायु परिसंपत्तियों के साथ सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे, जबकि बाकी देश पर्यवेक्षक के रूप में भाग लेंगे।
इससे विभिन्न वायु सेनाओं के बीच पेशेवर आदान-प्रदान और परिचालन अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा। 10 अक्टूबर को विशिष्ट आगंतुक दिवस और मीडिया दिवस आयोजित किया जाएगा। इस दौरान अभ्यास में शामिल विभिन्न देशों के वायुसेना दल और उनके विमानों की गतिविधियों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
28 सितंबर से 11 अक्टूबर तक चलने वाला ‘तरंग शक्ति-2026’ भारतीय वायुसेना और मित्र देशों की वायु सेनाओं के बीच संयुक्त प्रशिक्षण और परिचालन अनुभव साझा करने का महत्वपूर्ण मंच होगा। इसमें अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की भागीदारी के कारण हवाई युद्धाभ्यास और संयुक्त सामरिक प्रशिक्षण का दायरा भी काफी व्यापक रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
दक्षिण कोरिया: किम जोंग उन ने ‘वैचारिक तौर-तरीकों में बदलाव’ का किया आह्वान

उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन ने पार्टी पदाधिकारियों से कहा है कि वे “समय की मांग” के मुताबिक पार्टी के प्रचार और वैचारिक अभियान को नए सिरे से तैयार करें।
योनहाप ने कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के हवाले से बताया कि सोमवार को सूचना क्षेत्र के अधिकारियों के लिए पार्टी की तीसरी कार्यशाला के समापन भाषण में किम ने “वैचारिक कामकाज की सामग्री, स्वरूप, तरीकों और साधनों” को आधुनिक बनाने के लिए “सिद्धांतों से जुड़े मुद्दों” और कार्यों को रेखांकित किया।
उन्होंने “सूचना और प्रेरणा के काम में नवाचार और संस्कृति के निर्माण” का आह्वान किया और जोर दिया कि ये “समय, क्रांति और लोगों की उम्मीदों” के अनुरूप हों।
खासकर, किम ने “प्रतिक्रियावादी वैचारिक संस्कृति के प्रसार को पूरी तरह से रोकने” के लिए “आधुनिक सूचना और तकनीकी साधनों” के इस्तेमाल का आह्वान किया; इस कदम को बाहरी विचारों और प्रभावों के प्रवाह को अधिक प्रभावी ढंग से रोकने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
केसीएनए की रिपोर्ट के अनुसार, चार दिन तक चली यह कार्यशाला सोमवार को संपन्न हुई। यह कार्यशाला किम के “क्रांतिकारी विचारों” और “पार्टी की क्रांतिकारी विरासतों और नेतृत्व की उपलब्धियों” पर आधारित वैचारिक शिक्षा पर केंद्रित थी।
प्रतिभागियों से आग्रह किया गया कि वे “वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के नौवें कांग्रेस के फैसलों को लागू करने के लिए जनता को प्रेरित करने हेतु सूचना और प्रचार अभियान को तेज करें” और हर क्षेत्र व इकाई के हिसाब से वैचारिक कामकाज को तैयार करें।
कार्यशाला में “वैचारिक कामकाज के नए स्वरूपों और तरीकों,” “यथार्थवादी और आकर्षक ढंग से सूचना का काम करने” के तरीकों को प्रभावी बनाने की नीति के अनुसार विजुअल एड्स (दृश्य साधनों) के इस्तेमाल” पर भी चर्चा की गई।
इस साल का सत्र 2022 में शुरू हुई ऐसी कार्यशालाओं की श्रृंखला में तीसरी कार्यशाला थी। किम ने उद्घाटन और समापन, दोनों समारोहों में हिस्सा लिया और हर बार भाषण दिया।
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