राजनीति
पीएम मोदी मंगलवार को जाएंगे मोरबी
गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यालय ने यहां मीडिया को सूचित किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार दोपहर मोरबी केबल पुल ढहने वाली जगह का दौरा करेंगे और पीड़ितों से भी मुलाकात करेंगे। मीडिया को सूचित किया गया कि मंगलवार के लिए उनके अन्य सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।
रविवार शाम को केबल ब्रिज गिर गया था, जिसमें 56 बच्चों और 76 वयस्कों सहित 141 लोगों की मौत हो गई। मच्छू नदी में तलाशी अभियान चल रहा है।
पुलिस ने मरम्मत/नवीकरण एजेंसी, एजेंसी प्रबंधक के साथ-साथ प्रबंधन के खिलाफ दर्ज शिकायत की जांच शुरू कर दी है।
सोमवार सुबह तक पुलिस ने एजेंसी के नौ लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें इंजीनियर, प्रबंधक, बुकिंग क्लर्क और सुरक्षाकर्मी शामिल थे। उनसे पूछताछ की जा रही है और उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही आधिकारिक गिरफ्तारी दिखाई जाएगी।
पुलिस विभाग के सूत्रों के अनुसार केबल ब्रिज के जीर्णोद्धार के ठेके व कार्य के संबंध में 22 टीमों का गठन कर अजंता मैन्युफैक्च रिंग कंपनी के कार्यालय से दस्तावेज व अन्य साक्ष्य जुटाए गए हैं।
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम भी ग्राउंड जीरो पर पहुंच गई है और हादसे की जांच शुरू कर दी है। टीम के तकनीकी विशेषज्ञ संरचनात्मक डिजाइन, सामग्री की गुणवत्ता और अन्य पहलुओं पर गौर करेंगे।
राजनीति
असम के आदर्श विद्यालयों से बच्चों को मिल रहा ‘बेस्ट’ जैसा माहौल : हिमंता बिस्वा सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि उनकी सरकार ने आदर्श विद्यालय पहल के जरिए राज्य में सरकारी स्कूलों की पूरी सोच ही बदल दी है। इन स्कूलों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि छात्रों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि आदर्श विद्यालय सिर्फ नई इमारतें नहीं हैं, बल्कि इन्हें एक पूरे शैक्षिक इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया गया है, जहां छात्रों को बड़े और नामी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हमने असम में सरकारी स्कूल का मतलब ही बदल दिया है। आदर्श विद्यालय सिर्फ नई इमारतें नहीं हैं।”
मुख्यमंत्री ने इन स्कूलों में बनाई जा रही सुविधाओं के बारे में भी बताया। इनमें स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और खेल के मैदान शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी, खेल के मैदान, एक ऐसा इकोसिस्टम जहां किसी भी ब्लॉक का बच्चा बेस्ट स्कूलों के बच्चों के साथ मुकाबला कर सके।”
उनके मुताबिक इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे चाहे किसी भी ब्लॉक या इलाके से आते हों, उन्हें देश के बेहतरीन शिक्षण संस्थानों के छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिले।
आदर्श विद्यालय कार्यक्रम असम सरकार की सरकारी स्कूल शिक्षा को मजबूत करने की कोशिशों में से एक है। इसके तहत बुनियादी ढांचे में सुधार और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाया जा रहा है, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में।
इस पहल के तहत मॉडल स्कूल बनाए जा रहे हैं जो आधुनिक पढ़ाई-लिखाई की सुविधाओं से लैस हैं। सिर्फ बिल्डिंग ही नहीं, बल्कि ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है जो बच्चों के शैक्षणिक विकास, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी और उनके एक्सपोजर को बढ़ावा दे।
सरकार राज्य के जिलों में आदर्श विद्यालयों का नेटवर्क लगातार बढ़ा रही है, ताकि स्कूल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा सके और सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच मिल सके।
यह पहल असम में सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने और राज्य के अलग-अलग हिस्सों के छात्रों के बीच शिक्षा के अवसरों में जो असमानता है, उसे कम करने के लिहाज से भी अहम है।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि फोकस इस बात पर है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा भी बेहतर संसाधनों वाले संस्थानों के छात्रों के बराबर खड़ा होकर मुकाबला करने की सोच सके।
मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब असम सरकार राज्य भर में शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार और आधुनिकीकरण कर रही है। आदर्श विद्यालय मॉडल का मकसद सरकारी स्कूलों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के साथ छात्रों और अभिभावकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना है।
सरकार अपनी बड़ी शिक्षा सुधार योजना के तहत स्कूलों में लैब, डिजिटल लर्निंग और दूसरी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है। आदर्श विद्यालय पहल के जरिए सरकार सरकारी स्कूलों को सिर्फ बुनियादी शिक्षा देने वाले संस्थान के बजाय एक आधुनिक लर्निंग स्पेस के रूप में स्थापित करना चाहती है, जो छात्रों को आगे की पढ़ाई और प्रतिस्पर्धी अवसरों के लिए तैयार कर सके।
अपराध
पुणे में इन्फ्लुएंसर संतोष पंडित के खिलाफ शिकायत करने वाली महिला को निशाना बनाने वाले ट्रोलर्स पर कार्रवाई की मांग

पुणे पुलिस के पास लोगों का एक समूह पहुंचा है। उन्होंने उन सोशल मीडिया यूज़र्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने कथित तौर पर उस महिला के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिसने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर संतोष पंडित के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पंडित पर महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रकांत पाटिल और पुणे नगर निगम की कॉर्पोरेटर मिताली कुलदीप साल्वेकर के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है। पुणे नगर निगम में काम करने वाली सारिका कांबले की शिकायत के बाद, कोथरुड पुलिस स्टेशन में पंडित के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
यह मामला तब और आगे बढ़ा जब सोमवार को ‘भाऊ फाउंडेशन’ के सदस्य कोथरुड पुलिस स्टेशन पहुंचे और उन सोशल मीडिया यूज़र्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने इन्फ्लुएंसर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद कांबले को निशाना बनाया था। संगठन का आरोप है कि कांबले सोशल मीडिया पर अपमानजनक और अभद्र टिप्पणियों का शिकार इसलिए बनीं क्योंकि उन्होंने उन टिप्पणियों के खिलाफ पुलिस से संपर्क किया था जिन्हें वह आपत्तिजनक मानती थीं। भाऊ फाउंडेशन की तनीषा पाटिल ने सोशल मीडिया के जरिए कांबले के खिलाफ की गई अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणियों की निंदा की और ट्रोलर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पाटिल ने कहा, “हम सोशल मीडिया के जरिए की गई अपमानजनक टिप्पणियों की निंदा करते हैं। पुलिस को ऐसे ट्रोलर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। हम इस संबंध में मेटा (Meta) के पास भी शिकायत दर्ज कराएंगे।” संगठन ने कहा कि कानून लागू करने वाले अधिकारियों से संपर्क करने और आपत्तिजनक लगने वाली टिप्पणियों पर चिंता जताने के लिए लोगों को ऑनलाइन दुर्व्यवहार या व्यक्तिगत हमलों का शिकार नहीं बनाया जाना चाहिए। इसने पुलिस से आग्रह किया कि वे कांबले को ऑनलाइन परेशान करने में शामिल सोशल मीडिया यूज़र्स के खिलाफ उचित कार्रवाई करें। भाऊ फाउंडेशन ने कहा कि वह मेटा (जो फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की मूल कंपनी है) के साथ भी इस मामले को आगे बढ़ाएगा और कांबले को निशाना बनाने वाले कथित आपत्तिजनक कंटेंट पर कार्रवाई की मांग करेगा।
मंत्री पाटिल और कॉर्पोरेटर मिताली कुलदीप साल्वेकर को निशाना बनाकर अश्लील और यौन रूप से उकसाने वाला कंटेंट पोस्ट करने के मामले में संतोष पंडित को 3 सितंबर को पुणे में उनके घर से गिरफ्तार किया गया था। शिकायत के अनुसार, पंडित ने कथित तौर पर अपने यूट्यूब अकाउंट ‘@SantoshPandit6278’ पर चंद्रकांत पाटिल और मिताली साल्वेकर को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो अपलोड किए थे। अधिकारियों ने कहा कि कानूनी कार्यवाही चल रही है और आगे की जानकारी का इंतजार है।
महाराष्ट्र
एजेंटिक एआई और क्वांटम टेक्नोलॉजी के जरिए फाइनेंशियल सेक्टर में बदलाव लाने का मौका: सीएम फडणवीस

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र आम नागरिकों, किसानों, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप्स और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) तक उभरती डिजिटल वित्तीय तकनीकों का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम देवेंद्र फणडवीस ने कहा कि एजेंटिक एआई और क्वांटम टेक्नोलॉजी फाइनेंशियल इन्क्लूजन (वित्तीय समावेशन) को एक नई दिशा देंगे।
यहां ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने फाइनेंशियल सेक्टर में क्रांति लाने के लिए एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन और क्वांटम टेक्नोलॉजी की अपार संभावनाओं पर जोर दिया।
सीएम फडणवीस ने याद दिलाया कि पिछले साल के ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के दौरान, राज्य ने महाराष्ट्र को देश का पहला ‘टोकनाइज्ड स्टेट’ बनाने का संकल्प लिया था। उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ते हुए राज्य सरकार ने ‘महाराष्ट्र डिजिटाइजेशन एंड एक्सचेंज ऑफ लैंड टोकन एसेट एक्ट (डेल्टा एक्ट)’ का ड्राफ्ट तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। यह कानून जमीन और रियल एस्टेट एसेट्स के ब्लॉकचेन-आधारित टोकनाइजेशन के लिए जरूरी कानूनी ढांचा तैयार करेगा। सेबी, बीएसई, एनएसई, इंडस्ट्री, टेक्नोलॉजी, कानून और एकेडेमिया के एक्सपर्ट इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
उन्होंने बताया कि टोकनाइजेशन रियल एस्टेट में फंसी पूंजी को प्रोडक्टिव आर्थिक अवसरों में बदलता है, जिससे पारदर्शिता, लिक्विडिटी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है और इलिक्विड एसेट्स (आसानी से नकद में न बदले जा सकने वाले एसेट्स) का लाभ उठाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल फाइनेंस का भविष्य भारत में, खासकर मुंबई में, आकार ले रहा है। देश की फाइनेंशियल राजधानी के तौर पर, मुंबई तेजी से एक उभरती हुई ग्लोबल फिनटेक राजधानी बनने की ओर बढ़ रही है।
इस साल की थीम ‘पोटेंशियल ऑफ इम्पैक्ट’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी की क्षमताओं को असल दुनिया में असरदार बदलाव में बदलना आज की जरूरत है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए एक ग्लोबल बेंचमार्क स्थापित करने के बाद, भारत को अब क्रेडिट, निवेश, मालिकाना हक और वित्तीय जानकारी तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
सीएम फडणवीस ने कहा कि आधुनिक टेक्नोलॉजी में कोल्हापुर की किसी इंडस्ट्री, विदर्भ के किसी किसान या पुणे की किसी महिला उद्यमी को बड़े फाइनेंशियल संस्थानों के बराबर ही हाई-क्वालिटी वित्तीय जानकारी देने की क्षमता है।
एजेंटिक एआई के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री ने एक ऐसे भविष्य की कल्पना की जहां किसी उद्यमी का एआई असिस्टेंट वित्तीय जरूरतों का आकलन कर सके और सबसे अच्छे समाधान सुझा सके, जबकि किसानों को उनकी मातृभाषा में वित्तीय सलाह मिल सके।
हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भले ही एआई नागरिकों के लिए काम करे, लेकिन अंतिम नियंत्रण इंसानों के हाथों में ही रहना चाहिए।
महाराष्ट्र की वित्तीय, तकनीकी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी ताकतों पर प्रकाश डालते हुए सीएम फडणवीस ने बताया कि मुंबई में देश का सबसे बड़ा फाइनेंशियल इकोसिस्टम है, पुणे तकनीकी टैलेंट का हब है, और नवी मुंबई डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल कनेक्टिविटी के केंद्र के रूप में उभर रहा है। राज्य सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), स्टार्टअप और यूनिवर्सिटीज के आस-पास एक मजबूत इकोसिस्टम बना रही है।
उन्होंने इंडस्ट्री लीडर्स से कहा कि वे महाराष्ट्र को सिर्फ एक बाजार के तौर पर न देखें, बल्कि इनोवेशन की एक प्रयोगशाला के तौर पर देखें। मुख्यमंत्री ने खेती, एमएसएमई, शहरी विकास, हेल्थकेयर, मोबिलिटी, फाइनेंशियल इन्क्लूजन, धोखाधड़ी रोकने और पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में समाधान मांगे और बड़े पैमाने पर टेस्टिंग के लिए राज्य की ओर से पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने डिजिटल फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक ग्लोबल स्टैंडर्ड सेट किया है और दुनिया भारत की अगली फाइनेंशियल क्रांति को उत्सुकता से देख रही है।
राज्य की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने भरोसा दिलाया कि महाराष्ट्र एक पायनियर के तौर पर काम करेगा, जो अगली पीढ़ी के फिनटेक समाधानों के लिए सबसे बड़े ‘रियल-वर्ल्ड टेस्टबेड’ के रूप में काम करेगा और मुंबई को दुनिया की फिनटेक राजधानी बनाने के पीएम मोदी के विजन को साकार करने की दिशा में प्रयास करेगा।
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की मौजूदगी में, बीकेसी में अपने विस्तार को लेकर मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए), सेबी, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई), और एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) के बीच समझौते के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया।
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