अंतरराष्ट्रीय समाचार
भारत ने रूस के साथ 4 समझौते किए, 6 लाख से अधिक एके-203 राइफल्स की होगी खरीद
भारत और रूस ने सोमवार को चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिसमें छह लाख से अधिक एके-203 असॉल्ट राइफलों की खरीद का अनुबंध भी शामिल है।
राष्ट्रीय राजधानी में सैन्य और सैन्य-तकनीकी सहयोग पर अंतर-सरकारी आयोग की बैठक के दौरान निर्णय लिया गया, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके रूसी समकक्ष जनरल सर्गेई शोइगु ने की।
अपने उद्घाटन भाषण में, सिंह ने रूस को भारत के लंबे समय से स्थायी, विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदार करार दिया और कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध बहुपक्षवाद, वैश्विक शांति और समृद्धि, आपसी समझ और विश्वास में समान हितों पर आधारित हैं।
सिंह ने भारत के लिए रूस के मजबूत समर्थन की सराहना की और जोर देकर कहा कि निकट सहयोग किसी अन्य देश के खिलाफ लक्षित नहीं है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सहयोग से क्षेत्र में शांति, समृद्धि और स्थिरता आएगी और रक्षा सहयोग द्विपक्षीय साझेदारी के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है।
सिंह ने शोइगु के समक्ष कहा, सैन्य और सैन्य-तकनीकी सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग पिछले दो दशकों से एक अच्छी तरह से स्थापित तंत्र रहा है। यह रक्षा सहयोग के लिए पारस्परिक रूप से सहमत एजेंडे पर चर्चा करने और लागू करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। आप कई वर्षों से इन चचार्ओं में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। मैं हमारे द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए आपके बहुमूल्य व्यक्तिगत योगदान के सम्मान के साथ स्वीकार करना चाहता हूं।
सिंह ने आगे कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच शिखर बैठक एक बार फिर उभरती भू-राजनीतिक परिस्थितियों में भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी की गहराई और महत्वपूर्ण महत्व की पुष्टि करती है।
उन्होंने पहली बार भारत-रूस टू-प्लस-टू मंत्रिस्तरीय संवाद को दोनों देशों के नेताओं द्वारा की गई एक विशेष पहल के रूप में वर्णित किया, जो दोनों देशों के बीच सहयोग की उच्च प्रासंगिकता और आवश्यकता का संकेत देता है।
बैठक के अंत में, दोनों देशों ने चार समझौतों, अनुबंधों और प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए।
इससे पहले तीन दस्तावेजों पर दो पक्षों के अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे, प्रोटोकॉल पर भारत और रूस के रक्षा मंत्रियों द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं।
18 फरवरी, 2019 को कलाश्निकोव श्रृंखला के छोटे हथियारों के निर्माण के क्षेत्र में सहयोग पर भारत और रूस के बीच एक समझौते में सहमति बनी थी।
इस अवसर पर भारत-रूस राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से 6,01,427 एके-203 असॉल्ट राइफलों की खरीद का अनुबंध किया गया।
दोनों देशों ने 2021-2031 तक सैन्य तकनीकी सहयोग के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। दोनों रक्षा मंत्रियों ने सैन्य और सैन्य-तकनीकी सहयोग पर 20वें भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग के एक प्रोटोकॉल पर भी हस्ताक्षर किए।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
राष्ट्रपति ट्रंप का दावा- अमेरिकी सेना ने मार गिराया ‘ट्रेन डी अरागुआ’ का नेता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के अपराधी गिरोह ‘ट्रेन डी अरागुआ’ के नेता के मारे जाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के साथ मिलकर किए गए एक सैन्य ऑपरेशन में ‘ट्रेन डी अरागुआ’ के कथित नेता को मार गिराया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा, “मेरे निर्देश पर अमेरिकी सदर्न कमांड ने एक तेज और घातक हमला किया, जिसमें ट्रेन डे अरागुआ के कुख्यात नेता नीनो गुरेरो को मार गिराया गया। ट्रेन डे अरागुआ सबसे खूंखार आतंकवादी संगठनों में से एक है।”
उन्होंने पोस्ट में लिखा, “मेरे दोबारा पद संभालने से पहले, जो बाइडेन ने हमारी दक्षिणी सीमा को लाखों अवैध अपराधियों के लिए खोल दिया था और इस विदेशी गिरोह को अमेरिकी नागरिकों के साथ बलात्कार, अंग-भंग और हत्या जैसे जघन्य अपराध करने की खुली छूट दे दी थी। अपने चुनाव अभियान के दौरान मैंने वादा किया था कि मैं इन राक्षसों को हमारे देश से बाहर निकालूंगा और उन परिवारों को न्याय दिलाऊंगा जिनके प्रियजनों की उन्होंने हत्या की।”
इस दौरान, राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ लोगों के नाम गिनाए और कहा, “इस कार्रवाई से अमेरिकी सेना ने उनके, उनके परिवारों और उनके चाहने वालों के लिए बदला लिया है।”
ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की नीतियों की भी आलोचना की। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “अपने कार्यकाल की शुरुआत में ही, मैंने ‘ट्रेन डे अरागुआ’ को आतंकवादी संगठन घोषित करने, हजारों खतरनाक अपराधियों को देश से बाहर निकालने और उन गिरोहों के खिलाफ जंग छेड़ने का अपना वादा पूरा किया, जो लंबे समय से हमारे नागरिकों के खिलाफ युद्ध लड़ रहे थे, जबकि कमजोर नेताओं ने अमेरिका को बेबस और रक्षात्मक स्थिति में छोड़ दिया था।”
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि यह कार्रवाई वेनेजुएला में हमारे दोस्तों के साथ मिलकर की गई, जिनके साथ हम बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। नतीजतन, ‘ट्रेन डे अरागुआ’ के आतंकवादियों के लिए अब वेनेजुएला या कहीं और कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। राष्ट्रपति ने पोस्ट में लिखा, “मेरे नेतृत्व में, हम इन क्रूर हत्यारों और ड्रग माफियाओं को कभी भी, कहीं भी ढूंढ निकालेंगे और उन्हें उसी नरक में भेजेंगे, जिसके वे हकदार हैं।”
बता दें कि ‘ट्रेन डी अरागुआ’ की शुरुआत वेनेजुएला में हुई थी और इसने कई लैटिन अमेरिकी देशों में अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। अमेरिकी अधिकारियों ने इस ग्रुप का संबंध ड्रग तस्करी, मानव तस्करी, जबरन वसूली, अपहरण और अन्य संगठित आपराधिक गतिविधियों से जोड़ा है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
पाकिस्तान: बन्नू में हथियारबंद हमलावरों का कहर, दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में अलग-अलग घटनाओं में हथियारबंद हमलावरों की गोलीबारी में दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पाकिस्तान के अखबार द डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को एक पुलिस कांस्टेबल किसी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद घर लौट रहा था। तभी बन्नू-मीरानशाह रोड पर अज्ञात हमलावरों ने उस पर गोली चला दी। वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
एक दूसरी घटना में, एक और पुलिस कांस्टेबल को उसके घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने दोनों मामलों में हमलावरों को पकड़ने के लिए संबंधित इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
इससे पहले इसी हफ्ते, पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के किला अब्दुल्ला, पिशिन और डुकी जिलों में पुलिस ठिकानों पर हुए हमलों में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य घायल हो गए थे। स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, मोटरसाइकिलों पर सवार हथियारबंद लोगों के एक समूह ने भारी हथियारों से गिलो पुलिस चेकपोस्ट पर हमला किया और बाद में उसमें आग लगा दी। ‘डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार, किला अब्दुल्ला के पुलिस अधीक्षक अथर रशीद ने बताया कि इस हमले में किसी की जान नहीं गई।
उन्होंने कहा कि हमलावर दो एके-47 राइफलें, चेकपोस्ट पर खड़ी एक निजी कार और एक मोटरसाइकिल अपने साथ ले गए। आग लगने से चेकपोस्ट को काफी नुकसान पहुंचा और वहां मौजूद रिकॉर्ड तथा फर्नीचर पूरी तरह जल गए।
एक अन्य हमले में पिशिन के सरानान इलाके में सुल्तान पुलिस स्टेशन को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने पुलिसकर्मियों से हथियार छीन लिए और विस्फोटकों का इस्तेमाल कर इमारत को नुकसान पहुंचाया।
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार रात डुकी इलाके के एक पुलिस स्टेशन पर भी हमला किया गया। इस दौरान पुलिस और हमलावरों के बीच जमकर गोलीबारी हुई, जिसमें एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।
पिछले हफ्ते पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पीआईसीएसएस) की मासिक सुरक्षा रिपोर्ट में बताया गया था कि मई महीने में पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति और खराब हुई है। खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में उग्रवादी हमलों में बढ़ोतरी देखी गई।
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ समय की कमी के बाद मई में उग्रवादी हमले फिर बढ़ गए। हमलों, मौतों, आत्मघाती हमलों और अपहरण की घटनाओं में तेज बढ़ोतरी यह दिखाती है कि सुरक्षा चुनौतियां अभी भी गंभीर बनी हुई हैं।
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फिनलैंड राष्ट्रपति स्टब ने भारत को बताया ‘प्रभावशाली देश’, जयशंकर के साथ वैश्विक मुद्दों पर की चर्चा

फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने भारत को वैश्विक मंच पर एक ‘प्रभावशाली देश’ बताया और कहा कि नई दिल्ली की राय को सुनना बहुत जरूरी है। उन्होंने यह बात हेलसिंकी में हुए ‘कुलतारना टॉक्स’ के मौके पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ मुलाकात के दौरान कही।
मुलाकात के बाद स्टब ने ‘एक्स’ पर लिखा, “आज हमने कुलतारना में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। हमने मध्य पूर्व और फारस की खाड़ी की स्थिति, रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों और आने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन पर चर्चा की। भारत एक प्रभावशाली देश है, जिसकी राय सुनना बहुत महत्वपूर्ण है।”
दोनों नेताओं ने बदलती वैश्विक स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया और इस बात पर जोर दिया कि आज के अनिश्चित माहौल में कूटनीति बहुत जरूरी है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने भी इस मुलाकात की जानकारी ‘एक्स’ पर साझा करते हुए कहा, “कुलतारना वार्ता के मौके पर फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब से मिलकर खुशी हुई। हमने बदलती वैश्विक स्थिति पर विचार साझा किए और इस बात पर जोर दिया कि इस अनिश्चित दुनिया में कूटनीति कितनी जरूरी है।”
उन्होंने कहा, “भारत और फिनलैंड अपनी रणनीतिक साझेदारी को डिजिटल तकनीक और सतत विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और साझा हितों के मुद्दों पर बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को मजबूत कर रहे हैं।”
विदेश मंत्री जयशंकर ने फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनन और यूएई की विदेश राज्य मंत्री लाना नुसेबेह के साथ “उभरती शक्तियां और नई भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा” विषय पर चर्चा में भी हिस्सा लिया।
इस चर्चा में उन्होंने कहा कि दुनिया में चल रहे संघर्षों की वजह से असर सिर्फ उन क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर कोशिश करनी चाहिए कि इन संघर्षों के असर को कम किया जाए और बातचीत के जरिए समाधान का माहौल बने।
उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन को ज्यादा मजबूत और विविध बनाना जरूरी है, ताकि दुनिया किसी एक स्रोत पर निर्भर न रहे।
जयशंकर ने यह भी दोहराया कि भारत की ऊर्जा नीति पूरी तरह राष्ट्रीय हितों पर आधारित है, और देश अपनी जरूरत के हिसाब से सस्ती और उपलब्ध ऊर्जा खरीदता है।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत और खाड़ी देशों के बीच संबंध बहुत अहम हैं, जिनकी नींव लोगों के आपसी रिश्तों, ऊर्जा सहयोग और बढ़ते रणनीतिक और रक्षा सहयोग पर टिकी है।
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