अंतरराष्ट्रीय
8 महीने बाद फिर से शुरू होंगी भारत-बांग्लादेश के बीच उड़ानें
कोरोनावायरस महामारी के बीच बांग्लादेशियों के लिए ऑनलाइन वीजा आवेदन सेवाओं को फिर से शुरू करने के बाद भारत अब द्विपक्षीय व्यवस्था के तहत 28 अक्टूबर से दोनों निकटतम पड़ोसी देशों के बीच उड़ान सेवा शुरू करने जा रहा है।
भारत ने वायरस फैलने के डर से इन उड़ानों को पिछले करीब 8 महीने पहले बंद कर दिया था। ये उड़ानें 5 भारतीय शहरों को ढाका से जोड़ेंगी। इसे लेकर ढाका में भारतीय उच्चायोग ने शनिवार को ट्वीट भी किया था।
रविवार को नागरिक उड्डयन प्राधिकरण बांग्लादेश (सीएएबी) के अध्यक्ष एयर वाइस मार्शल एम. मफीदुर रहमान ने कहा कि शुरूआत में दोनों देशों के लगभग 5,000 यात्री हर हफ्ते उड़ान भर सकेंगे। वहीं यात्रियों को किसी तीसरे देश के लिए उड़ान भरने की सुविधा नहीं होगी। साथ ही यात्रियों को उड़ान भरने से पहले कोविड-19 परीक्षण कराना अनिवार्य होगा।
इससे पहले 9 अक्टूबर को बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग ने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए ऑनलाइन वीजा आवेदन सेवाओं को फिर से शुरू करने की घोषणा की थी। जिसके तहत अब, चिकित्सा, व्यवसाय, रोजगार, पत्रकार और राजनयिक सहित नौ श्रेणियों में वीजा दिया जाएगा।
बांग्लादेश की तीन एयरलाइन कंपनियां एक हफ्ते में 28 उड़ानों का संचालन करेंगी, वहीं 5 भारतीय एयरलाइन कंपनियां भी इतनी ही उड़ानें संचालित करेंगी।
भारत के दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, मुंबई से ढाका के बीच उड़ानें संचालित होंगी। इतने महीनों से यात्रा सुविधा न मिलने के कारण कई बंगलादेशियों को समस्याएं हो रही थीं क्योंकि उन्हें विशेष रूप से इलाज के लिए यहां आना होता है।
सामान्य दिनों में औसतन 3,500 से अधिक बांग्लादेशी प्रतिदिन भारत आते हैं, जिनमें से 10 प्रतिशत से ज्यादा लोग चिकित्सा के लिए यात्रा करते हैं।
जनवरी 2018 से मार्च 2019 के बीच 13.7 मिलियन यानि कि 1.37 करोड़ से अधिक विदेशियों ने भारत में इलाज कराया, जिसमें से 2.8 मिलियन यानि कि 28 लाख बांग्लादेशी हैं।
अक्टूबर में ढाका पहुंचे भारतीय उच्चायुक्त विक्रम कुमार दोराईस्वामी ने कहा था कि अगस्त में ढाका यात्रा के दौरान भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने वादा किया था कि जल्द ही विमानन सेवाएं शुरू की जाएंगी, लिहाजा हम इसे शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध थे।
व्यापार
भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे दिन हरे निशान में बंद, सेंसेक्स 509 अंक उछला

मुंबई : भारतीय शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 509.73 अंक या 0.69 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,616.58 और निफ्टी 155.40 अंक या 0.68 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,123.65 पर था।
बाजार में तेजी का नेतृत्व आईटी शेयरों ने किया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.5 प्रतिशत की तेजी के साथ सूचकांकों में टॉप गेनर था। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी, निफ्टी मेटल, निफ्टी डिफेंस, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी पीएसई, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी प्राइवट बैंक बढ़त के साथ बंद हुए। केवल निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी पीएसयू बैंक लाल निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में एचसीएल टेक, टीसीएस, इन्फोसिस, भारती एयरटेल, सन फार्मा, टेक महिंद्रा, एचयूएल, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज फाइनेंस टॉप गेनर्स थे। इंडिगो, एमएंडएम, टाइटन, ट्रेंट, एसबीआई, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी और इटरनल लूजर्स थे।
लार्जकैप के अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला कारोबार हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 107.90 अंक या 0.20 प्रतिशत की तेजी के साथ 54,600.55 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 9.75 की कमजोरी के साथ 15,843.30 पर था।
एसबीआई सिक्योरिटीज के फंडामेंटल रिसर्च हेड सन्नी अग्रवाल ने कहा कि मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार उतार-चढ़ाव भरे सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स में करीब 500 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और निफ्टी 50 ने दिनभर की भारी गिरावट से उबरते हुए 23,100 के ऊपर बंद होने का रिकॉर्ड बनाया।
अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण बाजार कमजोर खुले, लेकिन विप्रो, इंफोसिस और टीसीएस के नेतृत्व में आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी और धातु एवं रियल एस्टेट शेयरों के सपोर्ट से बाजार में रिकवरी देखने को मिली।
अग्रवाल ने आगे कहा कि कल आने वाला आरबीआई की मौद्रिक नीति कमेटी का फैसला और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए अमेरिका द्वारा ईरान को दी गई डेडलाइन, जो भारतीय समयानुसार सुबह 5:30 बजे समाप्त हो रही है, बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
व्यापार
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, बाजार में अस्थिरता का दौर

gold
नई दिल्ली, 7 अप्रैल : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को लेकर हाल ही में दिए गए आक्रामक बयानों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच मंगलवार के सत्र में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर 5 जून कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना पिछले बंद भाव 1,49,981 रुपए के मुकाबले 222 रुपए गिरकर 1,49,759 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला, तो वहीं 5 मई कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी अपने पिछले बंद भाव 2,33,379 के मुकाबले 1,379 रुपए गिरकर 2,32,000 प्रति किलोग्राम पर खुली।
वहीं, खबर लिखे जाने तक (दोपहर करीब 12.13 बजे) एमसीएक्स पर सोना (5 जून वायदा) 175 रुपए यानी 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,49,806 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। दिन के कारोबार में एक समय यह 1,50,474 रुपए के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था, जबकि 1,49,201 रुपए दिन का निम्नतम स्तर रहा।
इसी तरह, चांदी (5 मई वायदा) खबर लिखे जाने तक 813 रुपए यानी 0.35 प्रतिशत गिरकर 2,32,566 रुपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी। इंट्रा-डे ट्रेडिंग में चांदी ने 2,35,547 रुपए का उच्चतम स्तर और 2,31,503 रुपए का निम्नतम स्तर छुआ।
विश्लेषकों के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद सोने-चांदी में मजबूत ‘सेफ-हेवन (सुरक्षित निवेश)’ की मांग नहीं दिख रही है।
एमसीएक्स पर चांदी फिलहाल 2,31,000 से 2,33,000 रुपए के दायरे में उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रही है, जहां 2,33,000 से 2,34,000 रुपए के स्तर पर रेजिस्टेंस है।
विश्लेषकों का कहना है कि अगर यह स्तर टूटता है तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं, जबकि 2,30,000 रुपए के नीचे गिरने पर तेज गिरावट आ सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुएं लगभग स्थिर रहीं। कॉमेक्स गोल्ड 3.36 डॉलर या 0.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,681.34 डॉलर पर था, जबकि कॉमेक्स सिल्वर 0.09 डॉलर या 0.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72.94 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था।
स्पॉट मार्केट में सोना 3 डॉलर या 0.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,653 डॉलर पर था, जबकि स्पॉट सिल्वर 0.02 डॉलर या 0.04 प्रतिशत की हल्की गिरावट के साथ 72.78 डॉलर पर रहा।
कीमती धातुओं में यह उतार-चढ़ाव उस समय देखने को मिला, जब निवेशक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए दी गई समयसीमा पर नजर बनाए हुए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव को स्थायी रूप से खत्म करना चाहता है, लेकिन स्ट्रेट खोलने के दबाव को स्वीकार नहीं किया है। वहीं ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर समयसीमा तक समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और ब्रेंट क्रूड 1.69 प्रतिशत बढ़कर 111.63 डॉलर तक पहुंच गया, तो वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड 3 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 116.56 डॉलर पर पहुंच गया।
व्यापार
मध्य पूर्व संघर्ष के तेज होने की चिंताओं के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स 300 अंक टूटा

share maket
मुंबई, 7 अप्रैल : पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान युद्ध के तेज होने की चिंताओं के बीच सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भी भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। इसके पहले सोमवार को भी बाजार लाल रंग में खुला था।
इस दौरान, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 372.49 अंक या 0.50 प्रतिशत गिरकर 73,734.36 पर खुला, तो वहीं निफ्टी 50 129.55 अंक या 0.56 प्रतिशत गिरकर 22,838.70 पर खुला। इसके अलावा, बैंक निफ्टी 350.40 अंक या 0.67 प्रतिशत गिरकर 52,258.70 पर खुला।
खबर लिखे जाने तक (सुबह 9:28 बजे के करीब) सेंसेक्स 0.43 प्रतिशत यानी 315.64 अंक गिरकर 73,791.21 पर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं निफ्टी50 0.38 प्रतिशत या 87.40 अंक गिरकर 22,880.85 पर कारोबार कर रहा था।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.47 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.23 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
वहीं सेक्टरवार देखें तो निफ्टी आईटी में 0.93 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी में 0.15 प्रतिशत की उछाल देखने को मिली। जबकि निफ्टी ऑटो में 1.33 प्रतिशत, निफ्टी बैंक में 0.82 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.61 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी 50 में हिंडाल्को, विप्रो, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, एचसीएल टेक, ओएनजीसी, आईटीसी और टीसीएस में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली, जबकि इसके विपरीत मैक्स हेल्थ, इंडिगो, एमएंडएम, इटरनल, आयशर मोटर, एक्सिस बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर सबसे ज्यादा गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजार इस समय बेहद सतर्क हैं, क्योंकि एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक समयसीमा नजदीक आ रही है। निवेशकों की नजर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दिए गए अल्टीमेटम पर टिकी हुई है, जिसकी समयसीमा भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 6:30 बजे (अमेरिकी समयानुसार रात 8:00 बजे) है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोलता, तो सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है और डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जिसकी मुख्य वजह यह है कि ट्रंप ने अपने अल्टीमेटम को दोहराते हुए ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमले की चेतावनी दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई गुजरती है, 28 फरवरी से जारी संघर्ष के कारण बाधित है, जिससे इस साल अब तक कच्चे तेल की कीमतों में करीब 90 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है।
वहीं, ईरान ने अमेरिका समर्थित 45 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसे पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये जैसे देशों ने समर्थन दिया था। ईरान का कहना है कि वह स्थायी शांति, प्रतिबंधों में राहत और युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई चाहता है।
एक मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, तकनीकी रूप से निफ्टी के लिए निकट अवधि का रेजिस्टेंस 23,465 पर है, जबकि सपोर्ट लेवल 22,800 और 22,540 पर देखा जा रहा है।
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