खेल
ईस्ट बंगाल ने आईएसएल में शामिल होने के लिए एफपीएआई का सहारा लिया
भारतीय फुटबाल खिलाड़ी संघ (एफपीएआई) ने इस सीजन में फुटबाल क्लब ईस्ट बंगाल को इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में शामिल करने के लिए अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) और आईएसएल के आयोजकों को शुक्रवार को एक पत्र लिखा।
आईएसएल और फुटबाल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट (एफएसडीएल) की हाल ही में हुई एक बैठक में इस बात पर फैसला किया गया कि आयोजक इस सीजन की मौजूदा योजना के अनुसार ही चलेंगे, जिसमें 10 टीमें भाग लेंगी।
एफएसडीएल ने साफ कर दिया था कि आगामी आईएसएल सीजन में 10 टीमें ही खेलेगी, जोकि पिछले सीजन का हिस्सा थी। उन्होंने कहा था कि 2021-21 सीजन में टीमों की संख्या बढ़ाने पर विचार नहीं किया गया।
एआईएफएफ के सूत्रों का कहना है कि ये रणनीति किसी भी सूरत में सफल होने वाली नहीं हैं क्योंकि एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) द्वारा निर्धारित रोडमैप का पालन किए बिना ईस्ट बंगाल को देश की शीर्ष स्तरीय लीग में शामिल नहीं किया जा सकता है।
सूत्रों ने आईएएनएस से कहा, “एएफसी रोडमैप के अनुसार, किसी भी आई-लीग टीम को बोली लगाने के लिए वित्तीय मानदंडों सहित सभी आईएसएल भागीदारी मानदंडों को पूरा करना चाहिए। मोहन बागान ने एएफसी के दिशानिर्देशों को पूरा किया है। अगर अन्य को शर्तों को पूरा किए बिना ही उन्हें आईएसएल में भाग लेने की अनुमति दी जाती है, तो यह उनके लिए बहुत अनुचित होगा।”
एक अन्य अधिकारी ने कहा, ” तथ्य यह है कि पिछले दो वर्षों में ईस्ट बंगाल को कई मौके दिए गए थे, लेकिन उन्होंने किसी भी चर्चा से इनकार किया। अब ऐसे प्रयासों का क्या मतलब है? ये सिर्फ प्रशंसकों को खुश रखने के लिए है।”
इस बीच, एफपीएआई ने एआईएफएफ और आईएसएल के आयोजक एफएसडीएल को पत्र लिखकर संबंधित शेयरधारकों से अनुरोध किया कि वे इस मामले का जल्दी हल निकालें और देश के सबसे बड़े क्लब को आईएसएल में शामिल करें।
एफपीएआई महासचिव साइरस कन्फेक्शनर हस्ताक्षरित पत्र में लिखा गया है, ” खिलाड़ियों को अपनी आजीविका के लिए खेलने-कमाने के लिए अधिक फुटबॉल क्लबों की आवश्यकता है। खिलाड़ी और क्लब दोनों ही खेल के अस्तित्व के लिए आवश्यक हैं। इसलिए हमें क्लबों का भी समर्थन करने की आवश्यकता होती है।”
उन्होंने कहा, ” संघ में हम आपसे अनुरोध करते हैं कि ईस्ट बंगाल को बिना किसी हिचकिचाहट या विलंब के आईएसएल में शामिल कर लें।”
खेल
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में स्कॉटलैंड लेगा बांग्लादेश की जगह: आईसीसी सूत्र

नई दिल्ली, 24 जनवरी : स्कॉटलैंड की क्रिकेट टीम आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश की जगह लेने के लिए पूरी तरह तैयार है। बांग्लादेशी सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट किया था कि अगर आईसीसी बांग्लादेश के मैच दूसरे देश में शिफ्ट नहीं करता, तो उसकी टीम के आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने की गुंजाइश नहीं है।
इस मामले से जुड़े एक सूत्र ने मीडिया को बताया है कि यह फैसला बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के टी20 वर्ल्ड कप 2026 खेलने भारत न आने के फैसले के बाद लिया गया है। गवर्निंग बॉडी की तरफ से जल्द ही इसकी आधिकारिक पुष्टि होगी। आगामी विश्व कप 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका की सह-मेजबानी में खेला जाना है।
आईसीसी सूत्रों ने शनिवार कोमीडिया को बताया, “चूंकि आईसीसी ने इस हफ्ते की शुरुआत में अपना बयान जारी किया था और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) भारत न जाने पर अड़ा हुआ है, इसलिए स्कॉटलैंड टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की जगह लेने के लिए तैयार है। बहुत जल्द आधिकारिक पुष्टि होने की उम्मीद है।”
बीसीबी ने पहले इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) को बताया था कि दोनों देशों के बीच बिगड़ते संबंधों के कारण सुरक्षा चिंताओं के चलते वे विश्व कप मैच खेलने भारत नहीं जाएंगे। इसी के साथ बोर्ड ने अनुरोध किया था कि उनके मैच श्रीलंका में शिफ्ट कर दिए जाएं।
यह फैसला बीसीसीआई द्वारा कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को दोनों देशों के बीच मौजूदा राजनीतिक तनाव के बीच इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के लिए तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के निर्देश के बाद आया है। हालांकि, आईसीसी ने दोहराया कि टी20 वर्ल्ड कप तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा, जिसमें बांग्लादेश के मैच भारत में आयोजित होंगे।
आईसीसी ने बीसीबी को टूर्नामेंट योजना के अनुसार खेलने पर अपना अंतिम फैसला बताने के लिए 24 घंटे की समय सीमा भी दी थी, लेकिन बांग्लादेश अपनी जिद्द पर अड़ा रहा।
स्कॉटलैंड टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालीफाई न कर पाने वाली टीमों में सबसे ऊंची रैंक वाला देश है। बांग्लादेश, भारत में न जाने के अपने रुख पर कायम है। ऐसे में स्कॉटलैंड इस देश की जगह लेने के लिए सबसे पहला विकल्प है।
अगर बांग्लादेश के स्थान पर स्कॉटलैंड को विश्व कप में मौका दिया जाता है, तो यह देश शुरुआती चरण में ग्रुप-सी में रखा जाएगा। ऐसे में बांग्लादेश 7 फरवरी को वेस्टइंडीज, 9 फरवरी को इटली और 14 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ खेलेगा। ये तीनों मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले जाएंगे। इसके बाद स्कॉटलैंड अपना आखिरी ग्रुप स्टेज मैच 17 फरवरी को मुंबई में नेपाल के खिलाफ खेलेगा।
राष्ट्रीय
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर चुनावी नवाचारों और श्रेष्ठ प्रथाओं को मिलेगा सम्मान, समारोह में शामिल होंगी राष्ट्रपति

नई दिल्ली, 24 जनवरी : भारतीय चुनाव आयोग 25 जनवरी को 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाएगा। इसी दिन 1950 में चुनाव आयोग की स्थापना हुई थी। इस अवसर पर नई दिल्ली में एक कार्यक्रम होगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी और समारोह की अध्यक्षता करेंगी।
इस साल का मुख्य विषय “मेरा भारत, मेरा वोट” है, जिसकी टैगलाइन “भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक” रखी गई है। इसका उद्देश्य हर नागरिक को मतदान के महत्व के बारे में जागरूक करना और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम में केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल सम्मानित अतिथि होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर यह कार्यक्रम संचालित होगा।
परंपरा के अनुसार, राष्ट्रपति कार्यक्रम को संबोधित करेंगी और नए नामांकित युवा मतदाताओं को मतदाता फोटो पहचान पत्र सौंपेंगी। वे विभिन्न श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ चुनावी प्रथाओं के लिए पुरस्कार भी वितरित करेंगी। इनमें प्रौद्योगिकी का उपयोग, चुनाव प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स, नवाचारी मतदाता जागरूकता अभियान, आदर्श आचार संहिता का पालन, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण, विशेष पुरस्कार और मीडिया से जुड़े पुरस्कार शामिल हैं।
इस अवसर पर दो महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन होगा – “2025: पहलों और नवाचारों का एक वर्ष” और “चुनाव का पर्व, बिहार का गर्व” जो बिहार में आम चुनावों के सफल आयोजन पर केंद्रित है। साथ ही ईसीआई के वैश्विक नेतृत्व और लोकतांत्रिक विकास को दिखाने वाला एक वीडियो भी प्रदर्शित किया जाएगा।
कार्यक्रम में चुनावी प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं को दिखाने वाली एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसमें मतदाता सूची तैयार करने, चुनाव संचालन, हाल की पहलों और 2025 में बिहार विधानसभा चुनावों की सफलता पर फोकस रहेगा।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पूरे देश में एक साथ मनाया जाता है। राज्य स्तर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला स्तर पर जिला निर्वाचन अधिकारी और बूथ स्तर पर बीएलओ अपने-अपने स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करते हैं। नए मतदाताओं का सम्मान किया जाता है और उन्हें ईपीआईसी सौंपे जाते हैं। यह दिन मतदान को एक उत्सव के रूप में मनाने और हर योग्य नागरिक को वोटर बनने के लिए प्रेरित करने का अवसर है।
राष्ट्रीय
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी को फिर मिली ए+ नेशनल रैंकिंग, विद्युत आपूर्ति में बनी देश की अग्रणी कंपनी

अहमदाबाद, 24 जनवरी : अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने एक बार फिर विद्युत वितरण कंपनियों की नेशनल रैंकिंग में ए+ रैंकिंग हासिल की है। यह रैंकिंग पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन द्वारा जारी की गई ’14वीं वार्षिक रेटिंग और रैंकिंग’ रिपोर्ट में दी गई है।
लगातार दूसरी बार शीर्ष स्थान मिलने से यह साफ होता है कि अदाणी इलेक्ट्रिसिटी बिना रुकावट विद्युत आपूर्ति, कम बिजली नुकसान और मजबूत वित्तीय अनुशासन बनाए रखने में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है।
इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने कहा कि यह शीर्ष रैंकिंग मुंबई के लोगों के भरोसे को दर्शाती है। कंपनी ने बताया कि वह बीते 100 वर्षों से मुंबई की सेवा कर रही है।
कंपनी ने कहा कि वह हर दिन घरों, अस्पतालों और जरूरी सेवाओं को बिना शोर-शराबे के लगातार और भरोसेमंद तरीके से बिजली पहुंचा रही है।
अदाणी ग्रुप की कंपनी ने कहा, “लगातार एक और साल शीर्ष स्थान प्राप्त करना मायने रखता है क्योंकि यह मुंबई वासियों के शहर की और देश की अग्रणी विद्युत कंपनी पर हर दिन रखे जाने वाले भरोसे को दर्शाता है।”
कंपनी ने आगे कहा कि मुंबई की सेवा के 100 साल पूरे होने पर हम शहर के साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।
यह रेटिंग राष्ट्रीय स्तर पर बिजली वितरण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। वित्त वर्ष 2025 में देशभर की बिजली वितरण कंपनियों ने मिलकर 2,701 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। यह पहला मौका है जब यह सेक्टर कागजी हिसाब-किताब के आधार पर मुनाफे में आया है।
यह स्थिति वित्त वर्ष 2024 के 27,022 करोड़ रुपए के नुकसान के मुकाबले बड़ा सुधार है और इसका कारण सुधारों का असर, बेहतर वित्तीय अनुशासन और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल को माना जा रहा है।
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी की बिलिंग दक्षता लगातार 95 प्रतिशत से ज्यादा रही है, जबकि बिल वसूली लगभग 100 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अदाणी इलेक्ट्रिसिटी का वित्तीय प्रबंधन बहुत मजबूत है और भुगतान वसूली के मामले में इसका प्रदर्शन देश में सबसे बेहतर है।
रिपोर्ट के अनुसार, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी की सबसे बड़ी खासियत इसका लगातार एक जैसा अच्छा प्रदर्शन है। यह सफलता किसी एक समय के फायदे की नहीं, बल्कि मजबूत व्यवस्था, डेटा और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल और बेहतर सेवा का नतीजा है।
इसी वजह से अदाणी इलेक्ट्रिसिटी महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश में शहरी बिजली वितरण के लिए एक मिसाल बन गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि डेटा आधारित काम, स्मार्ट मीटर और एनालिटिक्स अब बिजली कंपनियों की कार्यक्षमता बढ़ाने, नुकसान घटाने और वित्तीय स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
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