Connect with us
Monday,30-March-2026
ताज़ा खबर

खेल

ईस्ट बंगाल ने आईएसएल में शामिल होने के लिए एफपीएआई का सहारा लिया

Published

on

भारतीय फुटबाल खिलाड़ी संघ (एफपीएआई) ने इस सीजन में फुटबाल क्लब ईस्ट बंगाल को इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में शामिल करने के लिए अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) और आईएसएल के आयोजकों को शुक्रवार को एक पत्र लिखा।

आईएसएल और फुटबाल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट (एफएसडीएल) की हाल ही में हुई एक बैठक में इस बात पर फैसला किया गया कि आयोजक इस सीजन की मौजूदा योजना के अनुसार ही चलेंगे, जिसमें 10 टीमें भाग लेंगी।

एफएसडीएल ने साफ कर दिया था कि आगामी आईएसएल सीजन में 10 टीमें ही खेलेगी, जोकि पिछले सीजन का हिस्सा थी। उन्होंने कहा था कि 2021-21 सीजन में टीमों की संख्या बढ़ाने पर विचार नहीं किया गया।

एआईएफएफ के सूत्रों का कहना है कि ये रणनीति किसी भी सूरत में सफल होने वाली नहीं हैं क्योंकि एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) द्वारा निर्धारित रोडमैप का पालन किए बिना ईस्ट बंगाल को देश की शीर्ष स्तरीय लीग में शामिल नहीं किया जा सकता है।

सूत्रों ने आईएएनएस से कहा, “एएफसी रोडमैप के अनुसार, किसी भी आई-लीग टीम को बोली लगाने के लिए वित्तीय मानदंडों सहित सभी आईएसएल भागीदारी मानदंडों को पूरा करना चाहिए। मोहन बागान ने एएफसी के दिशानिर्देशों को पूरा किया है। अगर अन्य को शर्तों को पूरा किए बिना ही उन्हें आईएसएल में भाग लेने की अनुमति दी जाती है, तो यह उनके लिए बहुत अनुचित होगा।”

एक अन्य अधिकारी ने कहा, ” तथ्य यह है कि पिछले दो वर्षों में ईस्ट बंगाल को कई मौके दिए गए थे, लेकिन उन्होंने किसी भी चर्चा से इनकार किया। अब ऐसे प्रयासों का क्या मतलब है? ये सिर्फ प्रशंसकों को खुश रखने के लिए है।”

इस बीच, एफपीएआई ने एआईएफएफ और आईएसएल के आयोजक एफएसडीएल को पत्र लिखकर संबंधित शेयरधारकों से अनुरोध किया कि वे इस मामले का जल्दी हल निकालें और देश के सबसे बड़े क्लब को आईएसएल में शामिल करें।

एफपीएआई महासचिव साइरस कन्फेक्शनर हस्ताक्षरित पत्र में लिखा गया है, ” खिलाड़ियों को अपनी आजीविका के लिए खेलने-कमाने के लिए अधिक फुटबॉल क्लबों की आवश्यकता है। खिलाड़ी और क्लब दोनों ही खेल के अस्तित्व के लिए आवश्यक हैं। इसलिए हमें क्लबों का भी समर्थन करने की आवश्यकता होती है।”

उन्होंने कहा, ” संघ में हम आपसे अनुरोध करते हैं कि ईस्ट बंगाल को बिना किसी हिचकिचाहट या विलंब के आईएसएल में शामिल कर लें।”

अंतरराष्ट्रीय

पाकिस्तान की अपनी पहल, हमारी अमेरिका से नहीं हो रही सीधी बात: ईरान

Published

on

तेहरान : ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत से इनकार किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि अब तक दोनों देशों के बीच सिर्फ मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है। उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान ने अपनी ओर से बातचीत की पहल की है इसमें ईरान शामिल नहीं है।

अर्द्ध सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम ने उनके हवाले से बताया कि अमेरिका ने बातचीत की इच्छा जताई है, लेकिन उसकी ओर से भेजी गई शर्तें अतार्किक हैं। बघाई ने कहा कि ईरान का रुख शुरू से स्पष्ट रहा है, जबकि अमेरिका अपने रवैए में लगातार बदल लाता रहा है।

ईरान ने यह भी कहा कि उसे पूरी तरह पता है कि “वह किस ढांचे में बातचीत पर विचार करेगा।” प्रवक्ता ने अमेरिकी कूटनीति पर तंज कसते हुए कहा कि वहां खुद लोग उनके (ट्रंप) दावों को कितनी गंभीरता से लेते हैं, यह सोचने वाली बात है।

पाकिस्तान में हुई बैठकों पर ईरान ने स्पष्ट किया कि ये उनकी अपनी पहल है, लेकिन तेहरान इसमें शामिल नहीं है। उसने मध्य-पूर्व के देशों से कहा कि वे संघर्ष खत्म करने की कोशिश करें, लेकिन यह भी ध्यान रखें कि इसकी शुरुआत किसने की थी।

ट्रंप के इस दावे पर कि ईरान, यूएस के प्रस्तावों पर सहमत हो गया है, बघाई ने कहा कि अमेरिकी अधिकारी जो चाहें बोल सकते हैं, लेकिन ईरान ने यूएस के साथ कोई बातचीत नहीं की है।

उन्होंने आगे कहा कि अ्मेरिका से बातचीत के लिए सिर्फ तीसरे देशों के जरिए अनुरोध किया गया था।

बघाई ने कहा कि ईरान की स्थिति साफ है: हमलों के खिलाफ ईरान की कोशिशें खुद को बचाने पर ही केंद्रित है। उन्होंने कहा कि कि अमेरिका के दावे भरोसे लायक नहीं है। हमने पहले भी देखा है कि बातचीत की आड़ में उन्होंने हमला कर हमें धोखे में रखा।

इस बीच, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गलीबाफ ने भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ट्रंप के बयानों को मार्केट की चाल से जोड़ा है। उन्होंने निवेशकों से अपील की है कि वो ट्रंप की कही पर तुरंत भरोसा न करें। उन्होंने एक्स पर कहा कि जब अमेरिकी बयान से बाजार तेजी से ऊपर-नीचे हो, तो उसी दिशा में चलने के बजाय उल्टा सोचकर कदम उठाना बेहतर हो सकता है।

गालीबाफ का इशारा ट्रंप के हालिया बयानों को लेकर है। जब ट्रंप ने 22 मार्च को कहा कि ईरान के साथ अच्छी बातचीत और उसके एनर्जी ठिकानों पर हमले टाल दिए गए हैं। इससे बाजार में राहत आई, अमेरिकी शेयर बाजार चढ़े और तेल की कीमतें गिर गईं।

कुछ ही दिनों बाद हालात बदल गए। ट्रंप ने फिर कड़ी टिप्पणी की, इजरायल ने तेहरान पर हमले किए, और सऊदी अरब में ड्रोन इंटरसेप्शन की खबरें आईं। इसके बाद बाजार पलट गया। शेयर गिरे और तेल की कीमतें फिर बढ़ गईं।

Continue Reading

राष्ट्रीय

प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा, पश्चिम एशिया संकट पर बहस की मांग की

Published

on

priyanka

नई दिल्ली : कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को केरल की राजनीति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया टिप्पणियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता राजनीतिक गठबंधनों के पीछे की सच्चाई से भली-भांति परिचित है।

केरल के वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केरल में गुप्त गठबंधन के प्रधानमंत्री के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य की जनता राजनीतिक वास्तविकताओं से भली-भांति परिचित है।

उन्होंने कहा कि पूरा केरल जानता है कि गठबंधन किसके बीच छिपा है। केरल में हर कोई वाकिफ है। प्रधानमंत्री चाहे कुछ भी कहें, केरल सच्चाई जानता है, और जनता भी सच्चाई जानती है।

उन्होंने व्यापक राष्ट्रीय मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की और सरकार से पश्चिम एशिया में चल रहे संकट पर चर्चा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हम पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध पर बहस का अनुरोध कर रहे हैं, क्योंकि पूरा देश संकट का सामना कर रहा है। आप सभी जानते हैं कि आज पेट्रोल सिलेंडर की कीमतें कितनी बढ़ गई हैं। स्थिति कठिन है, और अन्य संकट भी उभर रहे हैं। इसलिए, हम इस पर चर्चा चाहते हैं।

इसी तरह की भावना व्यक्त करते हुए कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भाजपा के बयान पर सवाल उठाया और सत्ताधारी वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) और भाजपा के बीच गुप्त मिलीभगत का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि किसके साथ दीर्घकालिक संबंध हैं, और गुप्त मिलीभगत ही मुख्य प्रश्न है। केरल में एलडीएफ और यूडीएफ (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) आपस में लड़ते हैं, और हम सभी जानते हैं कि चुनाव के समय एलडीएफ भाजपा के साथ गुप्त मिलीभगत करता है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद के. सुरेश ने विश्वास जताते हुए दावा किया कि राज्य में चुनावी माहौल यूडीएफ के पक्ष में है।

उन्होंने कहा कि केरल चुनाव का माहौल यूडीएफ के पक्ष में है। यूडीएफ जीतेगा। 140 में से 100 सीटें हम जीतने वाले हैं।

कांग्रेस नेताओं की ये टिप्पणियां प्रधानमंत्री मोदी के केरल दौरे के एक दिन बाद आई हैं, जहां उन्होंने आरोप लगाया था कि एलडीएफ और यूडीएफ दोनों ही राज्य की जनता को निराश कर चुके हैं और राजनीतिक बदलाव का आह्वान करते हुए कहा था कि केरल बदलाव के लिए तैयार है।

शब्दों की बढ़ती जंग केरल में चल रही उच्च स्तरीय राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को रेखांकित करती है, जहां भाजपा एक ऐसे राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रही है, जहां पारंपरिक रूप से एलडीएफ और यूडीएफ का वर्चस्व रहा है।

Continue Reading

राष्ट्रीय

सोनिया गांधी के खिलाफ मतदाता सूची में कथित जालसाजी मामले में अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी

Published

on

नई दिल्ली : राउज एवेन्यू कोर्ट में सोनिया गांधी के खिलाफ गैरकानूनी तरीके से मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के मामले में सुनवाई अब 18 अप्रैल को होगी। सोनिया गांधी के खिलाफ बिना भारतीय नागरिकता प्राप्त किए वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने की कथित जालसाजी की शिकायत की गई है। याचिकाकर्ता ने इसकी जांच कराने और मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

वकील विकास त्रिपाठी की ओर से दाखिल रिवीजन पिटीशन पर आज अदालत में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के वकील ने अपनी बहस पूरी कर दी, लेकिन सोनिया गांधी की तरफ से दलीलें पूरी नहीं हो सकीं। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 18 अप्रैल की तारीख तय की है।

सुनवाई के दौरान राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से कई सवाल पूछे। कोर्ट ने कहा कि यह मामला लगभग आधी सदी पुराना है और आप एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। जांच किस स्तर पर और कैसे होगी? कोर्ट ने यह भी पूछा कि आप मामले का दायरा बढ़ा रहे हैं। अदालत ने कहा कि आज आप जो जानकारी दे रहे हैं, वह सिर्फ नाम जोड़ने और हटाने की परिस्थितियों तक सीमित है।

याचिकाकर्ता के वकील ने जवाब देते हुए कहा कि यह एक विदेशी नागरिक द्वारा की गई गलत घोषणा का मामला है। उन्होंने अदालत को बताया कि वे यह साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि सोनिया गांधी का नाम 1980 की मतदाता सूची में केवल जाली दस्तावेजों या धोखाधड़ी के जरिए ही शामिल किया जा सकता था। वकील ने कहा कि उन्होंने मतदाता सूची की सत्यापित प्रतियां मांगी थीं और उन्हें उपलब्ध भी कराई गई हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रथम दृष्टया गलत घोषणा साबित होती है, इसलिए जाली दस्तावेजों और जालसाजी की जांच होनी चाहिए।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी ने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता प्राप्त की थी, लेकिन उनका नाम 1980 की नई दिल्ली की मतदाता सूची में पहले से शामिल था। याचिका के अनुसार 1982 में उनका नाम सूची से हटा दिया गया था। जब 1983 में नागरिकता मिली, तब यह सवाल उठाया गया कि 1980 में नाम शामिल कराने के लिए कौन से दस्तावेज पेश किए गए थे और क्या फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ था।

पिछली सुनवाई में सोनिया गांधी की तरफ से जवाब दाखिल कर याचिका को तथ्यहीन, राजनीतिक रूप से प्रेरित और कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया गया था। सितंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद विकास त्रिपाठी ने रिवीजन पिटीशन दायर की।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र19 minutes ago

मुंबई: शिवाजी महाराज रोड पर रात में संगीत पर प्रतिबंध, निवासियों को असुविधा होने के बाद रात के समय अस्थायी व्यवधान

अंतरराष्ट्रीय1 hour ago

पाकिस्तान की अपनी पहल, हमारी अमेरिका से नहीं हो रही सीधी बात: ईरान

राष्ट्रीय1 hour ago

प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा, पश्चिम एशिया संकट पर बहस की मांग की

व्यापार2 hours ago

मध्य पूर्व में तनाव का असर! वित्त वर्ष के आखिरी सत्र में सेंसेक्स 1,635 अंक गिरकर बंद

महाराष्ट्र2 hours ago

मुंबई: एसआईटी की जांच में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं, जिसमें फर्जी अशोक खरात ने 150 महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया।

राष्ट्रीय3 hours ago

सोनिया गांधी के खिलाफ मतदाता सूची में कथित जालसाजी मामले में अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी

अंतरराष्ट्रीय4 hours ago

पाकिस्तान में सऊदी अरब, तुर्किए और मिस्र ने संघर्ष तुरंत खत्म करने और मुस्लिम एकजुटता पर दिया जोर

अंतरराष्ट्रीय4 hours ago

कुवैत: हमले में एक भारतीय कर्मी की मौत, राजदूत परमिता त्रिपाठी मॉर्चरी पहुंचकर अधिकारियों से मिलीं

राजनीति5 hours ago

ईरान में एयर स्ट्राइक से फैल रहा जहरीला धुआं, ब्लैक रेन हो सकती है खतरनाक : संजय राउत

व्यापार6 hours ago

भारतीय शेयर बाजार में छाई लाली, सेंसेक्स 1,200 अंक तक टूटा; जानिए इस बड़ी गिरावट के मुख्य कारण

महाराष्ट्र3 days ago

लॉकडाउन लागू नहीं होगा… तेल की कीमतें भी नहीं बढ़ेंगी, अफवाह फैलाने वालों पर क्रिमिनल केस दर्ज होंगे: देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंब्रा में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नदीम खान उर्फ ​​बाबा खान के घर पर फायरिंग, पुलिस टीम पर भी हमला, मुंब्रा में अलर्ट… नदीम ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया

व्यापार3 weeks ago

कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स 300 अंक गिरा, आईटी शेयरों में बढ़त

अपराध2 weeks ago

मुंबई सेंट्रल के रेलवे अस्पताल में महिला डॉक्टर की संदिग्ध हालात में मौत, जांच में जुटी पुलिस

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई के लोगों को महायोति का बड़ा तोहफा… अब 500 स्क्वायर फीट तक के घरों पर कोई टैक्स नहीं, महानगरपालिका ने यह सीमा बढ़ाकर 700 स्क्वायर फीट कर दी है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

खामेनेई की मौत के बाद बदले की आग में जल उठा ईरान, मुख्य सलाहकार बोले-हमला कर अमेरिका भाग नहीं सकता

अंतरराष्ट्रीय3 weeks ago

पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने फोन पर की बात, मध्य पूर्व संघर्ष को कम करने पर जोर

राष्ट्रीय3 weeks ago

मुंबई में गैस संकट से 20 फीसदी होटल-रेस्टोरेंट बंद, पेट्रोलियम मंत्री से आपूर्ति सुचारू रखने की मांग

अंतरराष्ट्रीय3 weeks ago

इजरायल की चेतावनी, ‘विदेशों में रहने वाले यहूदियों पर हमले का खतरा बढ़ा’, सतर्क रहने की सलाह

अंतरराष्ट्रीय1 week ago

कतर ने रास लफान औद्योगिक शहर पर हुए मिसाइल हमलों से नुकसान की जानकारी दी

रुझान