राजनीति
भारत और बांग्लादेश के सक्रिय अपराधियों की वजह से बीएसएफ के 52 जवान घायल हुए
भारत और बांग्लादेश के अपराधियों की ओर से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कम से कम 52 जवानों को घायल किया गया है। बीएसएफ के महानिदेशक राकेश अस्थाना ने शनिवार को यह जानकारी दी।
बीएसएफ महानिदेशक (डीजी) ने दावा किया कि उनके जवानों को अंतिम उपाय के तौर पर ही गोली चलाने का निर्देश दिया गया है।
सीमा गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद शफीनुल इस्लाम के नेतृत्व में 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और बीएसएफ डीजी की अध्यक्षता में छह सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 50वीं बीजीबी-बीएसएफ डीजी स्तर की वार्ता में हिस्सा लिया। सीमा वार्ता 17 सितंबर को शुरू हुई थी। सम्मेलन संयुक्त चर्चा (जेआरडी) में 17 बिंदुओं पर हस्ताक्षर करने के साथ संपन्न हुआ।
सीमा पर होने वाली हत्याओं के बारे में अस्थाना ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “मैं यह कहना चाहूंगा कि हमारी नीति सीमा हत्याओं को शून्य तक लाने की है और हम ऐसा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
उन्होंने कहा, “हत्यारों तक पहुंचने के लिए, हमें बीजीबी के साथ चर्चा करने और क्षेत्र स्तर पर काम करने की आवश्यकता है। भारत-बांग्लादेश सीमा पर आपराधिक गतिविधियों के कारण ज्यादातर स्थिति उत्पन्न होती है, जिसमें मादक पदार्थ, सोना, हथियार और गोला-बारूद शामिल हैं।”
बीएसएफ प्रमुख ने कहा, “सीमा पार इन असामाजिक गतिविधियों को रोकने के लिए हमने चर्चा की है। हमने फैसला किया है कि हमारे पास खुफिया जानकारी साझा करने और सीमा पार अपराधियों की गतिविधियों के बारे में जानकारी एवं सिंडिकेट की गतिविधियों के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए, जो इन गिरोह को पर्दे के पीछे चला रहे हैं, ताकि हम संबंधित देशों के कानून के अनुसार उचित कानूनी कार्रवाई कर सकें।”
उन्होंने कहा, “मैं कहना चाहूंगा कि सम्मेलन बेहद सफल रहा। पूरा सम्मेलन बहुत सौहार्दपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया है। हमने हर मुद्दे पर चर्चा की है और सहयोग दोनों पक्षों की ओर से होगा।”
बीजीबी डीजी ने कहा, “वास्तव में अपराधी कानून एवं व्यवस्था का उल्लंघन कर रहे हैं। सभी मामलों में हमारा अनुरोध पृष्ठभूमि की जांच करना है। मैं कहना चाहूंगा कि हमारी नीति सीमा हत्याओं को शून्य पर लाना है। मैंने हाल ही में ज्वाइन किया है और भविष्य में आप प्रगति देखेंगे।”
अस्थाना ने कहा, “कुल 70 फीसदी मौतें रात 10 बजे से सुबह 5.30 बजे के बीच होती हैं। आमतौर पर अपराधी इस अवधि के दौरान सक्रिय होते हैं। दूसरी बात यह है कि यह ऑपरेशन भारतीय क्षेत्र के अंदर ही हुए हैं।”
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजीबी डीजी से पूछा कि क्या बीजीबी बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने से रोकने में विफल रही है।
इस पर महानिदेशक ने जवाब दिया, “4,427 किलोमीटर लंबी बांग्लादेश की सीमा में नदियां, झाड़ियां और पहाड़ हैं। यह बहुत ही अनोखी (यूनीक) है और यही सीमा का अनूठापन और कठिनाई वाली स्थिति है। इसलिए इसे जांचना बहुत मुश्किल है।”
उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश दोनों पक्ष मानव तस्करी को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर सहमत हुए हैं।
इससे पहले बीजीबी-बीएसएफ वार्ता 13 सितंबर को स्थगित कर दी गई थी, क्योंकि उनके विमान में तकनीकी खराबी के कारण बीएसएफ प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचने में विफल रहा था।
महाराष्ट्र
मुंबई के भांडुप इलाके में हिट-एंड-रन, 71 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत

मुंबई के भांडुप इलाके में हिट-एंड-रन की एक घटना सामने आई है। यहां तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से गंभीर रूप से घायल 71 वर्षीय बुजुर्ग महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका की पहचान जयवंती नामदेव पांचाल के रूप में हुई है। घटना के बाद आरोपी बाइक चालक मौके से फरार हो गया। भांडुप पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा भांडुप वेस्ट के क्वारी रोड पर हुआ। शिकायतकर्ता संजय नामदेव पांचाल ने पुलिस को बताया कि वह बीएमसी कर्मचारी हैं और काजू टेकडी, भांडुप वेस्ट में अपने परिवार के साथ रहते हैं। बुधवार शाम करीब 5:30 बजे उनकी मां जयवंती नामदेव पांचाल घर के पास स्थित मंदिर में दर्शन के लिए जा रही थीं। इसी दौरान क्वारी रोड पर पीछे से तेज रफ्तार में आ रही एक बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बुजुर्ग महिला सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद आरोपी चालक अपनी बाइक के साथ मौके से फरार हो गया। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल महिला को संभाला और पास के अस्पताल में पहुंचाया। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें क्रिटी केयर अस्पताल रेफर कर दिया।
क्रिटी केयर अस्पताल में डॉक्टरों ने बुजुर्ग महिला को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार में मातम पसर गया।
घटना की सूचना मिलते ही भांडुप पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शिकायतकर्ता संजय पांचाल के बयान के आधार पर अज्ञात बाइक चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। क्वारी रोड पर लगे कैमरों की मदद से बाइक के नंबर और चालक की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से भी पूछताछ शुरू कर दी है।
महाराष्ट्र
नवी मुंबई में स्कूल बस में साढ़े तीन साल की मासूम से दरिंदगी, आरोपी ड्राइवर गिरफ्तार

नवी मुंबई के कामोठे इलाके में सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां स्कूल बस के ड्राइवर ने घर लौट रही साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची के साथ घिनौनी करतूत की। घटना की गंभीरता को देखते हुए कामोठे पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी ड्राइवर को हिरासत को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी एक प्राइवेट बस का ड्राइवर था, जिसे छात्रों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए हायर किया गया था। बच्ची रोजाना दूसरे छात्रों के साथ प्राइवेट स्कूल बस से स्कूल आती-जाती थी। बुधवार दोपहर 12:30 बजे, आरोपी कामोठे में किंडरगार्टन और प्राइमरी स्कूल के छात्रों को छोड़ने के लिए बस में चढ़ा। जब दूसरे बच्चे उतर गए और बच्ची बस में अकेली रह गई, तो आरोपी ने कथित तौर पर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया।
यह घटना तब सामने आई जब घर पहुंचने के बाद बच्ची ने पेट दर्द की शिकायत की। उसने अपनी दादी को बताया कि बस ड्राइवर ने उसके साथ गलत हरकत की है। इसके बाद दादी ने स्कूल मैनेजमेंट को जानकारी दी और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मेडिकल जांच में यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने के बाद, पुलिस ने आरोपी ड्राइवर के खिलाफ ‘प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज’ (पोक्स) एक्ट और 12 साल से कम उम्र की बच्ची के साथ रेप से संबंधित क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (सीआरपीसी) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। गुरुवार को आरोपी को पनवेल कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे शनिवार तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया।
इस घिनौनी करतूत के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और स्कूल प्रशासन द्वारा वाहनों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसी तरह कुछ दिन पहले दिल्ली के बवाना इलाके के एक स्कूल में तीन साल की छात्रा के यौन शोषण का मामला सामने आया था। स्कूल बस के ड्राइवर विकास ने बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर उसके साथ कई बार गलत टच किया था। इस मामले में भी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
राष्ट्रीय समाचार
फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी, विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर फर्जी कॉल सेंटर के जरिए धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना सेक्टर-142 पुलिस ने सेक्टर-138 स्थित एक इमारत की तीसरी मंजिल पर संचालित अवैध कॉल सेंटर पर छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में कंप्यूटर सिस्टम, नेटवर्किंग उपकरण और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर विदेशी सिम कार्ड और कंप्यूटर-मोबाइल के माध्यम से विदेशी नागरिकों के साथ धोखाधड़ी कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 2/3 सितंबर की देर रात की गई। थाना सेक्टर-142 पुलिस को सेक्टर-138 के प्लॉट संख्या-58 स्थित एक इमारत की तीसरी मंजिल पर अवैध गतिविधियों के संबंध में जानकारी मिली थी।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर प्रभावी छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान वहां कॉल सेंटर संचालित होता मिला। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मंसूरी राशिद (26), तरुण मिश्रा (39) और चन्द्रकांत (39) के रूप में हुई है। मंसूरी राशिद गुजरात के अहमदाबाद का रहने वाला है, जबकि तरुण मिश्रा राजस्थान के सिरोही जिले और चन्द्रकांत कर्नाटक के करवर क्षेत्र का निवासी बताया गया है।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी कॉल सेंटर का संचालन कब से किया जा रहा था और अब तक कितने विदेशी नागरिकों को धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया है। पुलिस की कार्रवाई में 9 सीपीयू, 9 डेस्कटॉप कंप्यूटर, 9 माउस, 9 की-बोर्ड, 9 हेडफोन, एक राउटर और चार आईफोन बरामद किए गए हैं। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के जरिए पुलिस कॉल सेंटर के संचालन, विदेशी नागरिकों से संपर्क और कथित धोखाधड़ी के नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों द्वारा फर्जी पहचान का इस्तेमाल और विदेशी सिम कार्ड के जरिए विदेशी नागरिकों से संपर्क कर धोखाधड़ी की जा रही थी। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच नोएडा पुलिस लगातार ऐसे फर्जी कॉल सेंटरों और साइबर ठगी के नेटवर्क के खिलाफ अभियान चला रही है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
जांच के दौरान कॉल सेंटर से जुड़े अन्य लोगों और इसके पीछे काम कर रहे नेटवर्क की जानकारी सामने आने की संभावना है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को विदेशी सिम कार्ड और अन्य संसाधन कहां से उपलब्ध होते थे तथा ठगी से प्राप्त रकम को किस माध्यम से इस्तेमाल या ट्रांसफर किया जाता था।
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