राजनीति
उप्र : अखिलेश पूर्वाचल दौरे के आखिरी दिन संत रविदास को नमन करने पहुंचे
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तीन दिवसीय पूर्वाचल दौरे के अंतिम दिन शनिवार को सीर गोवर्धनपुर में रविदास जयंती के मौके पर गुरु चरणों को नमन करने पहुंचे। उन्होंने पहले गुरु चरणों को नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। डेरा सच्चा बल्लखंड जालंधर में रैदासियों के धर्म प्रमुख संत निरंजन दास ने अखिलेश को प्रसाद देने के साथ ही लंगर छकने का न्योता भी दिया। सपा प्रमुख ने पहली बार रविदास जयंती के अवसर पर संत के जन्मस्थान सीर गोवर्धपुर स्थित उनके मंदिर पहुंचकर दर्शन के बाद संत की प्रतिमा के सामने मत्था टेका। अखिलेश के आने से पहले सपा के पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने प्रबंधन से बात की। दर्शन-पूजन के बाद अखिलेश यादव सत्संग पंडाल की तरफ निकल गए। हालांकि, लोगों की भारी नारेबाजी की वजह से वह सभी का अभिवादन कर लौट गए।
इस मौके पर पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल, पूर्व मंत्री मनोज राय धूपचंडी, पूर्व मंत्री केपी यादव, जिलाध्यक्ष सुजीत यादव उर्फ लक्कड़, सहित काफी संख्या में सपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। अखिलेश यादव वीआईपी रूम में कार्यकर्ताओं और ट्रस्ट के लोगों से मुलाकात के बाद सत्संग पंडाल की तरफ निकले। लेकिन कार्यकर्ताओं की भीड़ और नारेबाजी के कारण सत्संग पंडाल और लंगर तक नहीं जा सके। मंदिर से ही उनका काफिला लौट गया। सीर गोवर्धनपुर में दर्शन-पूजन के बाद उनका काफिला यहां से सर्किट हाउस की ओर निकल गया।
राष्ट्रीय समाचार
तमिलनाडु के कृष्णगिरि में गणेश विसर्जन के दौरान नदी में डूबने से छात्र की मौत

तमिलनाडु के जनपद कृष्णगिरि में गणेश विसर्जन के दौरान एक कॉलेज छात्र की डूबने से मौत हो गई। कड़ी मशक्कत के बाद नदी से युवक को बाहर निकाला गया था। अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
यह घटना कृष्णगिरि जनपद के पोचमपल्ली के पास मंजामेडु इलाके में हुई। मृतक की पहचान 21 वर्षीय दिलीप के रूप में हुई है, जो एक प्राइवेट कॉलेज से बीई के आखिरी साल की पढ़ाई कर रहा था। वह तिरुपत्तूर जिले के मोलंगारामपट्टी गांव का रहने वाला था।
अलग-अलग इलाकों से लोग ढोल-नगाड़ों और मंत्रोच्चार के साथ गणेश प्रतिमाएं थेनपेन्नईयार नदी में विसर्जित करने के लिए पहुंचे थे। सुबह से नदी के कई हिस्सों में मूर्तियां विसर्जित की जा रही थीं। इसी बीच छात्र अपने कुछ दोस्तों के साथ मूर्ति विसर्जन के लिए नदी में उतरा, लेकिन वह अचानक कंक्रीट की छड़ों और सीमेंट के मलबे में फंस गया।
उस जगह से ठीक से मलबे को नहीं हटाया गया था। वहां एक पुराना पुल पहले गिरा दिया गया था। नतीजतन, छात्र नदी में डूब गया। उसके साथ आए लोगों ने तुरंत उसे बचाने का प्रयास किया। काफी देर बाद उसे बाहर निकाला गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां जांच करने वाले डॉक्टरों ने दिलीप को मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्र के पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा और मामले की जांच शुरू की।
वहीं, स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों ने प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने जो पुराना पुल गिराया था, वहां मौजूद सीमेंट की छड़ों और लोहे की नुकीली छड़ों को ठीक से नहीं हटाया था। अधिकारियों की इसी लापरवाही के कारण एक कॉलेज छात्र की मौत हो गई।
राष्ट्रीय समाचार
सीएम विजय आज तमिलनाडु में उत्तर-पूर्वी मानसून की तैयारियों की समीक्षा करेंगे

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय सोमवार दोपहर चेन्नई में सचिवालय में एक हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे। इस मीटिंग में नॉर्थ-ईस्ट मानसून के लिए तमिलनाडु की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी और बारिश के मौसम में जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों का जायजा लिया जाएगा।
पूर्वोत्तर मानसून, जो आमतौर पर अक्टूबर से दिसंबर तक रहता है, राज्य की सालाना बारिश का एक बड़ा हिस्सा लाता है।
इस दौरान तटीय और डेल्टा जिलों में चक्रवात, बाढ़, जल-जमाव और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नुकसान का खतरा ज्यादा रहता है।
सरकार हर साल मानसून शुरू होने से पहले एहतियाती काम करती है। समीक्षा बैठक में मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और मुख्य विभागों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
तटीय और डेल्टा जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे और मुख्यमंत्री को अपने-अपने जिलों में पूरी की गई तैयारियों और तुरंत ध्यान देने की जरूरत वाले इलाकों के बारे में जानकारी देंगे।
बातचीत राजस्व, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, बिजली और परिवहन विभागों के बीच तालमेल से की जाने वाली कार्रवाई पर केंद्रित होगी।
अधिकारियों से जिला-स्तरीय आपातकालीन योजनाओं, मैनपावर की उपलब्धता और तमिलनाडु में भारी बारिश, बाढ़ या चक्रवाती मौसम के दौरान तेज़ी से कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री अधिकारियों को बचाव कर्मियों, नावों, पंपों, आपातकालीन वाहनों और अन्य जरूरी उपकरणों को तैनाती के लिए तैयार रखने का निर्देश दे सकते हैं।
भारी बारिश के बाद बाढ़, भूस्खलन या अलग-थलग पड़ने के खतरे वाले इलाकों में पहले से ही बचाव दल तैनात किए जा सकते हैं।
बैठक में राहत केंद्रों पर की गई व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जाएगी, जहां बिना रुकावट बिजली, सुरक्षित पीने का पानी, भोजन, दवाएं, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।
विभागों को पहले से ही उपयुक्त इमारतों की पहचान करने और उन्हें निचले और ज्यादा जोखिम वाले इलाकों से निकाले गए लोगों को रखने के लिए तैयार करने का निर्देश दिया जा सकता है।
जलाशयों, पानी के चैनलों और जल निकासी नेटवर्क से गाद हटाने जैसे तैयारी के कामों की भी समीक्षा किए जाने की उम्मीद है।
सरकार जलकुंभी, अन्य रुकावटों और अतिक्रमणों को तेजी से हटाने के लिए कह सकती है, जो बारिश के पानी के बहाव में बाधा डाल सकते हैं और बाढ़ की स्थिति को और खराब कर सकते हैं।
अधिकारियों को क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों, ट्रांसमिशन टावरों और बिजली के अन्य कमजोर बुनियादी ढांचे की पहचान करने और उन्हें बिना देरी के ठीक करने का निर्देश भी दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री से विभाग-वार निर्देश जारी करने, अधूरे कामों के लिए समय-सीमा तय करने और जिला प्रशासन से मानसून के दौरान करीबी तालमेल बनाए रखने और चौबीसों घंटे निगरानी करने के लिए कहने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय समाचार
भारतीय नौसेना के युद्धपोत ‘सह्याद्रि’ और ‘कुलिश’ फिलीपींस की सुबिक खाड़ी पहुंचे

भारतीय नौसेना के आधुनिक युद्धक क्षमताओं से लैस स्वदेशी जहाज सह्याद्रि’ और कुलिश’ फिलीपींस की सुबिक खाड़ी पहुंचे हैं। भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल तैनाती के तहत दोनों जहाजों को भेजा गया है।
भारतीय नौसेना के जहाज फिलीपींस में आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक (एडीएमएम)-प्लस, संयुक्त सहयोग गतिविधि (जेसीए) में हिस्सा लेंगे।
एडीएमएम प्लस, जेसीए में 10 आसियान देशों और आठ साझेदार देशों की समुद्री सेनाएं एक साथ आती हैं। इनका उद्देश्य पेशेवर और ऑपरेशनल गतिविधियों के जरिए आपसी तालमेल बढ़ाना, आपसी समझ को बढ़ावा देना और समुद्री क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना है।
एडीएमएम-प्लस जेसीए में भारतीय नौसेना के जहाजों की भागीदारी भारत सरकार की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और ‘महासागर’ विजन के अनुरूप है, जो बहुपक्षीय समुद्री सहयोग और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ रचनात्मक जुड़ाव के प्रति भारत की लगातार प्रतिबद्धता को दिखाता है।
यह तैनाती भारतीय नौसेना को पेशेवर और परिचालनिक गतिविधियों के माध्यम से भाग लेने वाली समुद्री सेनाओं के साथ बातचीत करने का अवसर प्रदान करेगी, जिससे साझा समुद्री चुनौतियों की बेहतर समझ बनाने में मदद मिलेगी।
यह पोर्ट कॉल भारत और फिलीपींस के बीच बढ़ते समुद्री जुड़ाव को भी दर्शाता है। हाल के द्विपक्षीय जुड़ाव और अगस्त 2025 में भारत-फिलीपींस रणनीतिक साझेदारी की स्थापना के बाद यह तैनाती दोनों देशों के बीच पेशेवर संबंधों और समुद्री सहयोग को और मजबूत करने का अवसर देती है।
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