राजनीति
नंदीग्राम कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर भड़के संजय राउत, बोले- डर गए, इसलिए पुराने केस में किया गिरफ्तार
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने नंदीग्राम उपचुनाव के उम्मीदवार मिलन प्रधान की न्यायिक हिरासत और दिल्ली में एसआईआर के दौरान 31 लाख वोटर्स को नोटिस जारी होने पर भाजपा पर निशाना साधा।
नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की न्यायिक हिरासत पर संजय राउत ने कहा, “भाजपा क्या कहती है, इससे क्या फर्क पड़ता है? जिस तरह से नंदीग्राम से कांग्रेस के उम्मीदवार को गिरफ्तार किया गया है, यह कैसा न्याय है? आप डर गए, है ना? आप नंदीग्राम में डरे हुए हैं। इसीलिए आपने हमारे उम्मीदवार को 6-10 साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया।”
बता दें कि 19 सितंबर को नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के एक दिन बाद पुलिस ने शनिवार को रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार शफीउल इस्लाम को भी एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया था।
वहीं, दिल्ली में एसआईआर के दौरान 31 लाख वोटर्स को नोटिस जारी होने (जिसमें आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार का नाम भी शामिल है) पर भी संजय राउत ने केंद्र सरकार को घेरा।
उन्होंने कहा, “जहां बड़ी पार्टियों के चुनाव चिह्न चोरी हो जाते हैं और पूरी की पूरी पार्टियां चोरी हो जाती हैं, वहां अगर किसी का नाम वोटर लिस्ट से गायब हो जाए तो किसी को हैरान नहीं होना चाहिए। यह तो होना ही है। केजरीवाल जी का नाम गायब है। महाराष्ट्र और पूरे देश में हजारों, लाखों और करोड़ों लोगों के नाम गायब हो जाते हैं। यह सरकार कुछ भी कर सकती है। वे दिखाना चाहते हैं कि केवल वही वोट करेंगे जिन्हें वे चाहते हैं, और जिन्हें वे नहीं चाहते, वे वोट नहीं करेंगे। यह सरकार की नीति है।”
संजय राउत ने आरोप लगाया कि सरकार वोटर लिस्ट से नाम हटाकर चुनिंदा लोगों को ही वोट देने देना चाहती है। उन्होंने कहा कि जब चुनाव चिह्न और पार्टियां ही चोरी हो सकती हैं तो वोटर लिस्ट से नाम गायब होना कोई नई बात नहीं है।
राजनीति
एसआईआर पर कांग्रेस का केंद्र पर आरोप, कहा- ‘शाह-प्रेरित वोटर हटाओ अभियान’

कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में चल रहे ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (एसआईआर) के कारण बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाए जा रहे हैं। पार्टी ने इस प्रक्रिया को “गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर वोटरों को हटाने” की कार्रवाई बताया और दावा किया कि यह “संविधान पर हमला” है।
चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट को वेरिफाई और अपडेट करने की प्रक्रिया के तहत 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का तीसरा चरण शुरू किया है, जिसमें 36.73 करोड़ से अधिक वोटर शामिल हैं।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि तीसरे चरण में शामिल राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग हर तीन में से एक वोटर का नाम या तो वोटर लिस्ट से हटा दिया गया था या उनके नाम हटाए जाने की संभावना थी।
उन्होंने एक बयान में कहा, “नाम हटाने की दर 17 प्रतिशत से अधिक है। इसके अलावा, 5.43 करोड़ वोटरों को नोटिस भेजकर वोटर लिस्ट में अपना नाम बनाए रखने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज मांगे गए हैं। नाम हटाए जाने का जोखिम 15 प्रतिशत और है।”
उन्होंने दावा किया कि चल रहे तीसरे चरण में 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल 36.06 करोड़ मतदाताओं में से 6.18 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं।
रमेश ने आगे दावा किया कि एसआईआर के पहले दो चरणों के परिणामस्वरूप 7.8 करोड़ नाम हटा दिए गए और नाम हटाने की दर संशोधन प्रक्रिया से पहले मतदाता सूची का 13 प्रतिशत थी।
चुनाव आयोग के अनुसार, एसआईआर के तीसरे चरण का आदेश 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में दिया गया था, जिसमें 3.94 लाख से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों ने 36.73 करोड़ से अधिक मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन किया।
रमेश ने कहा, “इस प्रकार, चौंकाने वाली बात यह है कि 32 प्रतिशत (यानी लगभग हर तीन में से एक) मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं या उनके नाम हटाए जाने का खतरा है।”
कांग्रेस नेता के बताए आंकड़ों के मुताबिक, जिन वोटरों के नाम हटा दिए गए थे या जिनके नाम हटने का खतरा था, उनका कुल अनुपात दिल्ली में 53.73, चंडीगढ़ में 52.58, तेलंगाना में 48.90, झारखंड में 39.57, हरियाणा में 37.5, उत्तराखंड में 35.71, मेघालय में 35.36 और महाराष्ट्र में 33.88 फीसदी था। कर्नाटक में यह आंकड़ा 27.6, ओडिशा में 23.67, आंध्र प्रदेश में 21.17 और पंजाब में 15.23 फीसदी था।
रमेश ने आरोप लगाया कि नाम हटाने की इस प्रक्रिया का असर समाज के आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों पर बहुत ज्यादा पड़ रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ज्यादातर बड़े राज्यों में पुरुषों के मुकाबले ज्यादा महिलाओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।
उन्होंने सभी राज्यों में उन वोटरों की लिस्ट सार्वजनिक न करने के लिए चुनाव आयोग की आलोचना की, जिनके नाम हटाए जा सकते थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली ने जनता के दबाव के बाद 19 सितंबर को अपनी लिस्ट जारी की।
रमेश ने कहा, “यह अनुपात बहुत ज़्यादा है और यह पूरी एसआईआर प्रक्रिया में ढांचागत कमियों को दिखाता है।”
कांग्रेस नेता ने आगे आरोप लगाया कि एसाईआर प्रक्रिया ने असल में पात्रता साबित करने की जिम्मेदारी नागरिकों पर डाल दी है, क्योंकि उनसे ऐसे अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा रहे हैं जो शायद राज्य ने उन्हें कभी दिए ही न हों।
उन्होंने कहा, “एक ऐसा टेस्ट जिसे अधिकतर नागरिक पास नहीं कर सकते, वह सिर्फ ‘बाहर करने की मशीन’ है।”
रमेश ने इस प्रक्रिया के तहत दस्तावेजों की जरूरतों पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया उन नागरिकों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है जो वोटर लिस्ट में अपना नाम बनाए रखना चाहते हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर इशारा करते हुए रमेश ने कहा, “एसआईआर असल में बड़े पैमाने पर मतदाताओं का नाम शाह ने हटाने के लिए उकसाया है। यह हमारे संविधान पर हमला है।”
एसआईआर प्रोसेस के तीसरे चरण में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड के साथ-साथ दिल्ली, चंडीगढ़ और दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव भी शामिल हैं।
महाराष्ट्र
मुंबई : लालबाग में करंट लगने से बच्ची समेत दो की मौत मामले में एफआईआर दर्ज

मुंबई के लालबाग इलाके में रविवार देर रात 2 बजे बड़ा हादसा हो गया। गणपति पंडाल के बाहर करंट लगने से 8 साल की बच्ची समेत 2 लोगों की मौत हो गई जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह घटना लालबाग के कालाचौकी क्षेत्र में दत्ताराम लाड मार्ग पर हुई। पुलिस के अनुसार, आस्था हॉस्पिटल के पास लगे पेप्सी-कोला स्टॉल के एक खुले तार से करंट फैल गया। यह हादसा कालाचौकी विभाग सार्वजनिक उत्सव मंडल के पास हुआ, जहां गणपति उत्सव के दौरान भारी भीड़ जमा थी। इसी बीच अचानक करंट फैलने से वहां अफरा-तफरी मच गई।
कालाचौकी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के अनुसार, यह घटना शनिवार-रविवार दरमियानी रात 2 बजे हुई। खुले तार के संपर्क में आने से 8 साल की बच्ची रागिनी और उसके पास खड़े अन्य लोग करंट की चपेट में आ गए। बच्ची को मसीना हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, 33 साल की सुजाता थोराटी नामक महिला की ग्लोबल हॉस्पिटल में मौत हो गई। हादसे में घायल हुए 4 अन्य लोगों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने स्टॉल संचालक कमल शेट्टी के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) और 125(बी) के तहत एफआईआर दर्ज की है और जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि गणपति उत्सव के कारण लालबाग इलाके में देर रात भी लोगों की काफी भीड़ थी। पंडाल के बाहर लगे स्टॉल में बिजली के तारों में लापरवाही बरती गई थी, जिसके चलते यह दर्दनाक हादसा हुआ।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि बिजली कनेक्शन में किस तरह की लापरवाही हुई थी।
राष्ट्रीय समाचार
एमसीडी सफाईकर्मी की आत्महत्या पर सियासत तेज, भाजपा का ‘आप’ दफ्तर के बाहर प्रदर्शन

दिल्ली में एमसीडी के सफाई कर्मचारी दीपक की आत्महत्या के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। आम आदमी पार्टी के पार्षद विजय कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को आम आदमी पार्टी कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में शामिल भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने आप पार्षद पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है।
योगेंद्र चंदोलिया ने कहा, “सफाई कर्मचारी की हत्या के पीछे आम आदमी पार्टी का पार्षद मुख्य आरोपी है। केजरीवाल और सिसोदिया चुप हैं। मैं कुलदीप कुमार से पूछना चाहता हूं कि आपके अपने विधानसभा क्षेत्र में, एक वाल्मीकि सफाई कर्मचारी ने आत्महत्या क्यों की? क्योंकि आपके पार्षद ने उसका गला दबाया, लोन के नाम पर उसकी पासबुक और एटीएम कार्ड छीन लिया और उसे एक-एक रुपये के लिए बेबस छोड़ दिया।”
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षद विजय कुमार ने सफाई कर्मचारी दीपक का आर्थिक शोषण किया और उसे लगातार प्रताड़ित किया, जिससे तंग आकर उसे आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा। भाजपा की मांग है कि आरोपी पार्षद के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
इस दौरान सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने एक अन्य मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक कार्यक्रम के दौरान मंच से एक बुजुर्ग माता को कुर्सी देने के लिए कहने वाले बयान का कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के मंच से मजाक उड़ाए जाने की घटना पर कड़ी आपत्ति जताई।
चंदोलिया ने कहा, “राहुल गांधी जिस तरह बार-बार प्रधानमंत्री की मां के बारे में बात करते हैं। मैं राहुल गांधी को चुनौती देना चाहता हूं। आप लोकसभा में किसी की मां का अपमान करते हुए बोलते हैं लेकिन अगर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सोनिया गांधी के चरित्र को उजागर करने लगें कि सोनिया गांधी इटली में क्या करती थीं, यह पूरी दुनिया जानती है, तो क्या होगा? पहले अपनी मां को देखिए और फिर प्रधानमंत्री की मां के बारे में बात कीजिए। राहुल गांधी को यह समझने की जरूरत है।”
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