राष्ट्रीय समाचार
भिवंडी में पानी का संकट गहराता जा रहा है, अनियमित आपूर्ति के कारण निवासियों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
भिवंडी: गर्मी के चरम महीने शुरू होने से पहले ही, भिवंडी के बड़े हिस्से पीने के पानी की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं, अनियमित और कम दबाव वाली आपूर्ति के कारण निवासियों को निजी टैंकरों पर अत्यधिक निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे चल रहे नगरपालिका चुनाव के मौसम के दौरान जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
अनियमित जल आपूर्ति से उत्पन्न शिकायतें:
भिवंडी में अनियमित और अपर्याप्त जल आपूर्ति एक बार फिर एक प्रमुख नागरिक समस्या बनकर उभरी है, जहां कई इलाकों में देर रात ही पानी मिलता है और वह भी बेहद कम दबाव पर। निवासियों की शिकायत है कि सीमित प्रवाह से ओवरहेड टैंक भी नहीं भर पाते, जिससे परिवारों को पीने के पानी और दैनिक जरूरतों के लिए जूझना पड़ रहा है।
कई इलाकों में पानी की आपूर्ति केवल आधी रात से सुबह 2 बजे के बीच ही होती है, जिससे लोगों को रात भर जागकर जितना भी पानी इकट्ठा कर सकते हैं, करना पड़ता है। नतीजतन, टैंकर से पानी मंगवाना ही कई हाउसिंग सोसाइटियों के लिए एकमात्र भरोसेमंद विकल्प बन गया है, जिससे उनके मासिक खर्च में और इजाफा हो रहा है।
नगरपालिका चुनाव शुरू होने के साथ ही, मतदाता घर-घर जाकर प्रचार कर रहे उम्मीदवारों से जल संकट
के तत्काल समाधान की मांग कर रहे हैं। इस समस्या का असर शहर के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने पर भी पड़ने लगा है। खबरों के मुताबिक, कई निवासी, खासकर हाउसिंग सोसाइटियों में रहने वाले लोग, पानी की कमी समेत लगातार बनी हुई नागरिक समस्याओं के कारण भिवंडी छोड़कर कल्याण, ठाणे, मुलुंड और यहां तक कि बोरीवली चले गए हैं। कई व्यापारी भिवंडी में अपना कारोबार जारी रखे हुए हैं, लेकिन बेहतर बुनियादी सुविधाओं के कारण वे मुंबई या ठाणे के उपनगरों में रहना पसंद करते हैं।
अशोक नगर में स्थिति विशेष रूप से गंभीर है, जहां नगर निगम ने हाल ही में आपूर्ति में सुधार की उम्मीद में पुरानी पाइपलाइनों को नई पाइपलाइनों से बदला है। विडंबना यह है कि निवासियों का कहना है कि नई पाइपलाइन बिछाने के बाद से समस्या और भी बदतर हो गई है।
अशोक नगर स्थित बिल्डिंग नंबर 15 हाउसिंग सोसाइटी के सचिव तात्यासाहेब पंगारे ने बताया कि इलाके में रात 12 बजे से 2 बजे के बीच सिर्फ दो घंटे पानी आता है, और वह भी बहुत कम दबाव पर। उन्होंने कहा, “कम से कम एक घंटे तक दबाव इतना कम रहता है कि टैंक भर ही नहीं पाते। कई सोसाइटियों में निवासियों को रोजाना मुश्किल से 20 मिनट ही इस्तेमाल करने लायक पानी मिलता है।”
बुनियादी ढांचे की समस्याएं बनी हुई हैं।
एक अन्य निवासी, प्रफुल गोस्रानी ने आरोप लगाया कि पाइपलाइन के काम के दौरान एक इलेक्ट्रिक मोटर लगाई गई थी, लेकिन बिजली कनेक्शन न होने के कारण इसे महीनों से चालू नहीं किया गया है, जिससे संकट और भी बढ़ गया है।
भविष्य के समाधानों में देरी
इस बीच, नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि अशोक नगर में अमृत योजना के तहत एक बड़ा जल टैंक बनाया जा रहा है, लेकिन इसे चालू होने में कम से कम दो से तीन साल लगेंगे। विडंबना यह है कि प्रस्तावित टैंक से भविष्य में जल आपूर्ति के वादे पर ही इस क्षेत्र में रियल एस्टेट परियोजनाएं बेची जा रही हैं।
भिवंडी जैन महासंघ के अध्यक्ष अशोक जैन ने कहा कि गोकुल नगर, अजय नगर और आदर्श नगर जैसे उच्चवर्गीय इलाकों से
भी नागरिक सुविधाओं की कमी के कारण लोग पलायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “कई बड़े व्यापारियों ने अपने परिवारों को भिवंडी से बाहर स्थानांतरित कर दिया है।”
नगर निगम का बचाव करते हुए, जल आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने दावा किया कि पानी की आपूर्ति नियमित रूप से हो रही है, लेकिन निवासियों द्वारा अवैध पाइपलाइन कनेक्शन के कारण वितरण बाधित हो रहा है। कार्यकारी अभियंता संदीप पटनावर ने कहा कि अशोक नगर में मोटर के लिए बिजली मीटर को मंजूरी मिल गई है और इसे जल्द ही स्थापित कर दिया जाएगा, जिसके बाद क्षेत्र में जल आपूर्ति स्थिर होने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय समाचार
नीट-2026 पुनर्परीक्षा: 20 जून को राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल, 2.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर तैनात

देश में 21 जून को होने वाली नीट यूजी पुनर्परीक्षा से पहले, परीक्षा के सुचारू और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। इसी क्रमी में अधिकारी शनिवार को देशव्यापी मॉक ड्रिल का आयोजन भी करेंगे।
मॉक ड्रिल सुबह 9 बजे शुरू होगी और देर शाम तक चलेगी। देश भर में इस अभ्यास में 2.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों के भाग लेने की उम्मीद है।
सभी परीक्षा केंद्र नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को सौंप दिए गए हैं। परीक्षा के दिन केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी।
अधिकारियों के अनुसार, प्रश्न पत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा और संरक्षा की जिम्मेदारी अर्धसैनिक बलों की होगी। देशभर में 5,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा कर्मियों के माध्यम से की जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के लिए रियल टाइम मॉनिटिरिंग के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों की निगरानी और परीक्षा से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए एक हाई लेवल मॉनिटिरिंग सेंटर स्थापित किया गया है।
परीक्षा को देखते हुए सभी जांच और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। जिला प्रशासन के अलावा, राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारी भी परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं की देखरेख करेंगे।
21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा के लिए लगभग 22 लाख उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से लगभग 18 लाख उम्मीदवारों ने अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिए हैं।
देशव्यापी मॉक ड्रिल का उद्देश्य परीक्षा से पहले तैयारियों, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता का आकलन करना है।
राष्ट्रीय समाचार
लगातार दूसरे दिन सोने की चमक पड़ी फीकी; चांदी में भी छाई सुस्ती

सोने और चांदी की कीमत में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। इससे सोने का दाम 1.45 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी का दाम 2.32 लाख रुपए प्रति किलो से नीचे आ गया है।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम 3,123 रुपए कम होकर 1,44,970 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,48,093 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
22 कैरेट सोने का दाम 1,35,653 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,32,793 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है। 18 कैरेट सोने की कीमत कम होकर 1,08,728 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,11,070 रुपए प्रति 10 ग्राम थी।
सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है।
चांदी का दाम 8,218 रुपए कम होकर 2,31,93 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,40,191 रुपए प्रति किलो था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। कॉमेक्स पर सोना 1.68 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,174.47 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 64.91 डॉलर प्रति औंस पर थी।
एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा कि फेडरल रिजर्व की ओर से 2026 में ब्याज दरें एक बार बढ़ाने के संकेत के बाद सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है। इससे अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ और सोने जैसी बिना रिटर्न वाली संपत्तियों का आकर्षण कम हो गया। फेड के सख्त रुख के कारण बुलियन बाजारों में बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग देखी गई।
उन्होंने आगे कहा कि फेड की पॉलिसी के ऐलान के बाद पिछले कुछ सेशन में कॉमेक्स गोल्ड की कीमत लगभग 4375 डॉलर प्रति औंस से गिरकर 4150 डॉलर प्रति औंस हो गई है, जबकि एमसीएक्स गोल्ड का दाम लगभग 1,54,000 रुपए से घटकर 1,47,200 रुपए पर आ गया। डॉलर के मजबूत होने की संभावना और ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदों का असर मार्केट सेंटीमेंट पर पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
अमेरिका-ईरान समझौते के बाद एलएनजी टैंकर ‘दिशा’ पहुंचा गुजरात, तीन माह बाद होर्मुज से निकला जहाज

अमेरिका और ईरान में हुए समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल दिया गया है और जहाजों की आवाजाही भी धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। इस बीच एलएनजी टैंकर ‘दिशा’ होर्मुज स्ट्रेट को पार करके गुजरात के दाहेज पोर्ट पर सफलतापूर्वक पहुंच गया है। तीन महीने से ज्यादा के इंतजार के बाद, इसने 62,370 मीट्रिक टन लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) का कार्गो पहुंचाया है।
जहाज के ट्रैकिंग डेटा से मिली जानकारी के मुताबिक यह जहाज बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच खाड़ी इलाके में खड़ा था। अमेरिका-ईरान समझौते के बाद यह शुक्रवार सुबह करीब 7:32 बजे दाहेज टर्मिनल पर पहुंचा।
एलएनजी कार्गो को कतर के रास लफ्फान एलएनजी टर्मिनल पर लोड किया गया। टैंकर 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी ले जा रहा है, जो वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक संवेदनशील समय के दौरान भारत की ऊर्जा सप्लाई चेन के लिए एक बड़ी डिलीवरी है।
जहाज दिशा को शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एससीआई) के नेतृत्व वाले एक कंसोर्टियम के तहत चलाया जा रहा है और इसे पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड के लिए किराए पर लिया गया है। जहाज का होर्मुज स्ट्रेट से सफल ट्रांजिट ऐसे समय में हुआ है जब इस क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, जिससे दुनिया भर के मुख्य शिपिंग लेन की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
सूत्रों ने बताया कि टैंकर अपनी यात्रा पूरी करने से पहले तीन महीने से ज्यादा समय तक खाड़ी क्षेत्र में रहा था। तेल और गैस शिपमेंट के लिए दुनिया के सबसे जरूरी समुद्री चोकपॉइंट्स में से एक, होर्मुज स्ट्रेट से इसका सुरक्षित गुजरना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी माना गया है।
भरूच में दाहेज एलएनजी टर्मिनल भारत का सबसे बड़ा लिक्विफाइड नेचुरल गैस इंपोर्ट हब है और देश के नेचुरल गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में अहम भूमिका निभाता है।
दिशा के आने से एलएनजी की उपलब्धता बढ़ने और इंडस्ट्रियल और घरेलू खपत के लिए स्थिर ऊर्जा सप्लाई को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
पश्चिम एशिया में हाल के भू-राजनीतिक तनाव के बीच एलएनजी कैरियर के सुरक्षित आने से भारत के ऊर्जा क्षेत्र के स्टेकहोल्डर्स को राहत मिली है। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए एक जरूरी रास्ता बना हुआ है और इस इलाके में कोई भी रुकावट वैश्विक तेल और गैस सप्लाई चेन पर प्रभाव डाल सकती है।
इस यात्रा का सफलतापूर्वक पूरा होना भारत में बिना रुकावट ऊर्जा इम्पोर्ट के लिए सुरक्षित समुद्री रास्तों के महत्व को दिखाता है।
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