राष्ट्रीय समाचार
जेन जी हमारे देश की ताकत और बहुत बड़ी धरोहर : कंगना रनौत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा संचालित कार्यक्रम में जेन-जी’ और जेन-अल्फा के साथ बातचीत का समर्थन करते हुए अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने शुक्रवार को मीडिया संग बातचीत में जेन जी को भारत की धरोहर बताया।
छात्रों के प्रदर्शन पर और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के जेन-जी को लेकर दिए बयान पर कंगना ने कहा, “जेन-जी भी इस देश का हिस्सा है। उनकी बहुमत की वजह से ही हमारी सरकार सत्ता में है। ऐसा नहीं है कि प्रदर्शन में गाली देने वाले ही सिर्फ जेन-जी हैं। आज झारखंड में बच्चे कितने अच्छे से प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारे युवा देश के लिए मेडल लेकर आ रहे हैं। मैं सिर्फ यही कहना चाहूंगी कि कुछ लोग ही जेन-जी का नाम खराब कर रहे हैं। जेन-जी हमारी सबसे बड़ी ताकत है और हमें उन पर गर्व है।”
उन्होंने कहा, “जेन जी हमारे देश की ताकत और एक बहुत बड़ी धरोहर है। हमारे युवा बच्चों को भी मोहन भागवत जी के अनुभव को स्वीकार्य करना चाहिए। हमें बहुत खुशी है कि देश के युवा हमारी संस्कृति की पहचान हैं। ये हमारी संस्कृति के एम्बेसडर बनकर उभर रहे हैं। ये बहुत ही खुशी की बात है।”
कंगना रनौत ने सदन ना चलने पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “आप देख रहे हैं कि विपक्ष ने कितना हंगामा मचा रखा है और इससे जनता का कितना नुकसान हो रहा है। सरकार के सारे काम रोक दिए गए हैं। जो बिल आने थे, उन पर भी उनकी सहमति नहीं है। उनकी मानसिकता अब देश के सामने साफ हो रही है। और जब हारते हैं, तो रोना रोते हैं।”
कंगना रनौत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए सभी को हैंडलूम दिवस की शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने वीडियो जारी किया, जिसकी शुरुआत उन्होंने दिल्ली का मौसम बताते हुए की। अभिनेत्री कहती हैं, “हम उस जनरेशन से हैं, जो फास्ट फूड, फास्ट लाइफ और फास्ट फैशन से ताल्लुक रखते हैं। मुझे भी बचपन से इन सभी चीजों का काफी शौक रहा है। जैसा कि आप देख सकते हैं कि मेरे रेडकारपेट लुक्स, एयरपोर्ट लुक्स, फिल्मों में मेरे परिधान, या फिर रैंपवॉक हों, मुझे हमेशा से ही फैशनिस्टा कहा गया है और मेरा घर इंटरनेशनल समेत कई ब्रैंड्स से भरा रहता था।
“मेरी भी यही सोच थी कि हैंडलूम को कभी-कभी, जब हमें अपनी भारतीयता दिखानी हो, विवाह समारोह, या फिर साल में एक दो बार पहनने वाली चीज है, लेकिन 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भरता के साथ आत्म सम्मान के प्रति जागरूक किया, तो मुझे भी एहसास हुआ कि हमें भी अपनी संस्कृति और भारतीयता दिखानी चाहिए। देखिए, आज मैंने वीव-डिजाइन साड़ी पहनी है, जो गुजराती कच्छ क्षेत्र से ताल्लुक रखती है।”
उन्होंने साड़ी के बारे में बताते हुए आगे कहा, “वीव सिर्फ कपड़े का टुकड़ा नहीं है। मेरा ये मानना है कि कला ईश्वर के प्रति हमारा प्रेम को दर्शाने का तरीका होता है। ये साड़ी भी एक परिवार, समुदाय या गांव का है, जिसका शायद मैं हिस्सा नहीं रही होंगी, लेकिन ये मेरे व्यक्तित्व और शख्सियत का गहरा हिस्सा बन गई है। संस्कृति की ये एक धारा चली आ रही है, तो आगे आने वाली पीढ़ी को भी इसे आगे बढ़ाना है। आइए हैंडलूम से जुड़ें, सभी को हैंडलूम दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। आज हमारे प्रधानमंत्री ने सभी से अपील की है कि सभी हैंडलूम से कुछ न कुछ खरीदें, तो मैं सभी से कहना चाहूंगी कि अपनी क्षमता के अनुसार सभी लोग कुछ न कुछ जरूर खरीदें।”
राष्ट्रीय समाचार
भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (एआईडीए) द्वारा शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत ने एथेनॉल सप्लाई ईयर (ईएसवाई) 2025-26 के तहत अगस्त 2026 के अंत तक 895 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति की है, जिसमें अनाज-आधारित फीडस्टॉक का हिस्सा कुल आपूर्ति का लगभग 70 प्रतिशत है।
आंकड़ों के अनुसार, यह इस अवधि के लिए अनुबंधित 1,048 करोड़ लीटर मात्रा का लगभग 85 प्रतिशत है।
एआईडीए के अनुसार, देश की एथेनॉल आपूर्ति व्यवस्था में अब विविधता बढ़ रही है और उत्पादन किसी एक कच्चे माल पर निर्भर नहीं रह गया है। कुल आपूर्ति में अनाज-आधारित फीडस्टॉक का योगदान 624 करोड़ लीटर रहा, जबकि चीनी-आधारित स्रोतों से 271 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति हुई। इस तरह कुल आपूर्ति में लगभग 70 प्रतिशत हिस्सेदारी अनाज-आधारित स्रोतों की रही।
अनाज-आधारित कच्चे माल में मक्का (मकई) सबसे बड़ा योगदानकर्ता बनकर उभरा। अगस्त के अंत तक मक्का से 345 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति की गई। इसके अलावा, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) से प्राप्त अधिशेष चावल से 214 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन हुआ, जबकि क्षतिग्रस्त खाद्यान्नों से 64 करोड़ लीटर एथेनॉल तैयार किया गया।
एआईडीए ने कहा कि मक्का और अधिशेष चावल के बढ़ते उपयोग से एथेनॉल उत्पादन क्षमता को स्थिरता मिल रही है और इससे ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ किसानों के लिए भी नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
चीनी-आधारित स्रोतों में गन्ने के रस से सबसे अधिक 149 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति हुई। इसके अलावा, बी-हेवी शीरे से 107 करोड़ लीटर और सी-हेवी शीरे से 15 करोड़ लीटर एथेनॉल उपलब्ध कराया गया।
एआईडीए का कहना है कि विभिन्न स्रोतों से एथेनॉल उत्पादन बढ़ने से आपूर्ति शृंखला अधिक लचीली बनी है और किसी एक फसल या कच्चे माल पर निर्भरता कम हुई है।
एआईडीए की उपमहानिदेशक भारती बालाजी ने कहा कि अब तक आपूर्ति किए गए 895 करोड़ लीटर एथेनॉल में लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा अनाज-आधारित स्रोतों से आया है, जिसमें मक्का और एफसीआई का अधिशेष चावल प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, चीनी आधारित स्रोत भी अभी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विभिन्न फीडस्टॉक का उपयोग भारत के एथेनॉल कार्यक्रम को अधिक मजबूत बनाता है, क्योंकि इससे देश की कृषि उपज का बेहतर उपयोग संभव होता है और उत्पादन जोखिम भी कम होता है।
हालांकि एआईडीए ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे देश में एथेनॉल उत्पादन क्षमता और आपूर्ति बढ़ेगी, वैसे-वैसे इसके लिए स्थिर और अनुमानित मांग सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा। उद्योग का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह मुद्दा और महत्वपूर्ण हो जाएगा।
भारत केवल पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों (एफएफवी), कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी), सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसएएफ) और अन्य औद्योगिक उपयोगों में भी एथेनॉल की खपत बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
राष्ट्रीय समाचार
दो अलग-अलग लोन धोखाधड़ी मामले में ईडी 12 जगहों पर चला रही तलाशी अभियान

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पटना जोन ने ईडी पटना जोन ने शुक्रवार को मेसर्स रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड (आरएचआरएल), गया, बिहार द्वारा किए गए बैंक फ्रॉड के मामले में पीएमएलए की धारा 17 के तहत सर्च ऑपरेशन चला रही है। इस कंपनी को मिस्टर अखौरी गोपाल और उनके बेटे निशांत और नितेश कंट्रोल करते हैं। ईडी 9 जगहों पर सर्च कर रही है जिनमें गया में 6, गुरुग्राम में 2 और नई दिल्ली में एक जगह शामिल हैं। वहीं, एक अन्य मामले में ईडी के कोलकाता जोनल ऑफिस 3 जगहों पर तलाशी अभियान चला रही है।
जांच के दौरान यह पता चला कि आरएचआरएल ने सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के ग्रुप से मिले 85 करोड़ रुपये में से 58 करोड़ रुपये का गलत इस्तेमाल किया। यह रकम उनके सीए द्वारा दी गई नकली प्रोजेक्ट पूरा होने की रिपोर्ट के आधार पर ली गई थी। इन लोन के बदले अखौरी गोपाल और उनके परिवार के सदस्यों की पर्सनल गारंटी भी बैंकों को दी गई थी।
ग्रुप की एक संबंधित कंपनी की बकाया रकम के बदले 5 प्रॉपर्टीज टाटा मोटर्स लिमिटेड के पास गिरवी रखी गई थीं। हालांकि, हाल ही में गिरवी होने के बावजूद इन प्रॉपर्टीज को बहुत कम कीमत पर बेच दिया गया और सेल डीड में इसे कैश पेमेंट के तौर पर दिखाया गया।
पता चला है कि कुछ खरीदार कम आय वाले लोग हैं और इतनी बड़ी रकम का इंतजाम करने में सक्षम नहीं हैं। शक है कि वे अखौरी गोपाल के बेनामीदार/प्रॉक्सी हैं। इस बिक्री का मकसद प्रॉपर्टीज को हटाना था ताकि ईडी द्वारा कोई सख्त कार्रवाई न की जा सके। सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, अपराध से हुई कमाई (पीओसी) लगभग 131.79 करोड़ रुपये (एनपीए वैल्यू) है।
वहीं, ईडी के कोलकाता जोनल ऑफिस ने पीएमएलए, 2002 के नियमों के तहत एआरएसएस ग्रुप (ओडिशा) और एएमआर/एएमआरएल ग्रुप से जुड़ी जगहों पर तलाशी अभियान चला रहा है। एआरएसएस ग्रुप से जुड़े लोगों में इसके पुराने प्रमोटर व डायरेक्टर परिवार के सदस्य अनिल अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, सुनील अग्रवाल और सुभाष अग्रवाल शामिल हैं और एएमआर/एएमआरएल ग्रुप प्रमोटर महेश कुमार रेड्डी अल्थुरु से जुड़ा है।
यह तलाशी एसआरईआई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड (एसआईएफएल) और एसआरईआई इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड (एसआईएफएल) से लिए गए कथित धोखाधड़ी वाले व अनियमित लोन और उनके बाद लोन न चुकाने की जांच के सिलसिले में की जा रही है। इसमें फंड की ‘एवरग्रीनिंग’, फंड को दूसरी जगह लगाने व राउंड-ट्रिपिंग और दूसरी अनियमितताओं का शक भी शामिल है। तलाशी कोलकाता, चेन्नई, बैंगलोर और हैदराबाद में की जा रही है।
राष्ट्रीय समाचार
लगातार तीसरे सप्ताह एफआईआई ने की बिकवाली, डीआईआई ने खरीदारी जारी रखकर संभाला बाजार

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की सतर्कता का रुख पिछले सप्ताह भी जारी रहा। विश्लेषकों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने लगातार तीसरे सप्ताह शुद्ध बिक्रेता रहे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने खरीदारी जारी रखकर बाजार को महत्वपूर्ण सहारा दिया।
बजाज ब्रोकिंग के रिसर्च के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट पबित्रो मुखर्जी ने कहा कि पिछले सप्ताह एफआईआई ने भारतीय शेयर बाजार से 5,610 करोड़ रुपए (56.1 बिलियन रुपए) की शुद्ध निकासी की। वहीं डीआईआई ने इस दौरान 23,160 करोड़ रुपए (231.6 बिलियन रुपए) के शेयर खरीदे। विशेष रूप से 31 अगस्त को हुए एमएससीआई सूचकांक के त्रैमासिक पुनर्संतुलन सत्र सहित सप्ताह के तीन कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशक शुद्ध बिकवाल रहे।
पिछले सप्ताह घरेलू बाजार में दबाव का प्रमुख कारण पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल रहा है। इन कारकों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया और प्रमुख सूचकांकों में लगातार चौथे सप्ताह गिरावट दर्ज की गई।
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए ऊंची ऊर्जा कीमतें महंगाई और कॉर्पोरेट लागत दोनों पर दबाव बढ़ा सकती हैं।
हालांकि प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी के बावजूद बाजार की समग्र स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत बनी रही। घरेलू तरलता और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा। विशेष रूप से कुछ स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जबकि मिडकैप शेयरों में मुनाफावसूली का दबाव रहा।
सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन बाजार में सुधार दर्ज किया गया। मेटल, इंश्योरेंस और चुनिंदा वित्तीय शेयरों में मजबूत खरीदारी के चलते बाजार को समर्थन मिला, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशक पूरी तरह जोखिम से दूर नहीं हो रहे हैं, बल्कि बेहतर प्रदर्शन की संभावना वाले क्षेत्रों में निवेश जारी रखे हुए हैं।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बेंचमार्क सूचकांकों और व्यापक बाजार के प्रदर्शन के बीच अंतर यह दर्शाता है कि निवेशक अंधाधुंध बिकवाली नहीं कर रहे हैं। उनका ध्यान उन कंपनियों पर केंद्रित है जिनमें आय वृद्धि की बेहतर संभावना और मजबूत व्यावसायिक प्रदर्शन दिखाई दे रहा है।
सप्ताह के दौरान निचले स्तरों पर खरीदारी के कारण निफ्टी 23,897 अंक के स्तर पर बंद हुआ। इसके बावजूद सूचकांक में साप्ताहिक आधार पर 1.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। व्यापक बाजार में मिश्रित रुख देखने को मिला, जहां निफ्टी मिडकैप इंडेक्स मुनाफावसूली के चलते 1.5 प्रतिशत टूट गया, तो वहीं निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।
आने वाले सप्ताह के लिए विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों की नजर एफआईआई और डीआईआई निवेश प्रवाह, रुपए की चाल, कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू तरलता पर बनी रहेगी।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
