राजनीति
सात साल बाद चुनाव हो रहे हैं, अब बहुत कुछ बदल गया: संजय राउत
SANJAY RAUT
मुंबई, 10 जनवरी: शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने बृहन्मुंबई नगरपालिका (बीएमसी) के चुनाव को ठाकरे ब्रदर्स का चुनाव बताने से इनकार कर दिया।
उन्होंने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि सात वर्ष के बाद चुनाव होने जा रहे हैं। इस दौरान काफी कुछ बदला है। आप राजनीतिक स्थिति से लेकर जनसांख्यिकी स्थिति को देख लीजिए। हर जगर आपको कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। ऐसी स्थिति में इसे ठाकरे ब्रदर्स का चुनाव कहना ठीक नहीं रहेगा।
उन्होंने कहा कि अगर इस चुनाव को एक परिभाषा दी जाए तो यह कहना ज्यादा मुनासिब रहेगा कि यह चुनाव जनता से जुड़ा चुनाव है। जहां पर मूल रूप से जनता के हितों को प्राथमिकता दी जाती है और उनके हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाता है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने मुंबई की विशेषता को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मुंबई में एक देश बसा हुआ है, जहां पर विभिन्न प्रकार के लोग रहते हैं। यह एक प्रकार की आर्थिक राजधानी है, जहां पर आर्थिक धारा बहती है। इससे पूरे देश में विकास की बयार चौतरफा बहती है। यहां पर हमेशा से बाला साहेब ठाकरे का वर्चस्व रहा है।
उन्होंने कहा कि यह कहना गलत होगा कि दोनों भाई बीएमसी चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतरे हैं, बल्कि यह कहना ज्यादा उचित रहेगा कि इन दोनों भाइयों ने मुंबई को बचाने का संकल्प लिया है, जिसे वो हर हाल में पूरा करके रहेंगे।
संजय राउत ने कहा कि अगर हम शिवसेना और बीएमसी चुनाव की बात करें, तो यहां पर हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि यहां पर विभिन्न प्रांतों के लोग रहते हैं। हर प्रांत के लोग आज की तारीख में हमारे साथ जुड़ना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में हम इस बात को खारिज नहीं कर सकते हैं कि आगामी दिनों में महाराष्ट्र में हमारे लिए राजनीतिक स्थिति पूरी तरह से हमारे अनुकूल साबित होने जा रही है।
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा कि यह कहना गलत नहीं होगा कि जब मुंबई की सुरक्षा का सवाल पैदा होता है, तो लोगों के जेहन में यही आता है कि जब तक शिवसेना हमारे साथ है, तब तक हमें कोई भी छू नहीं सकता। हमारी सुरक्षा में किसी को आंच नहीं आ सकती, क्योंकि हम लोगों ने हमेशा से ही मुंबई के लोगों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता की सूची में शीर्ष पर रखा है। उसके साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया है, न ही आगे करेंगे।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि भाजपा के नेता अन्नामलई मुंबई में आते हैं और चुनाव प्रचार में कहते हैं कि मुंबई महाराष्ट्र के लोगों का नहीं है। यह बहुत ही दुखद स्थिति है। अफसोस की बात यह है कि अभी तक महाराष्ट्र के सीएम और डिप्टी सीएम ने इस मामले में किसी भी प्रकार का संज्ञान नहीं लिया है। हमारी मांग है कि महाराष्ट्र के सीएम को इस मामले में सामने आकर पूरी वस्तुस्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अन्नामलई आकर कहते हैं कि मुंबई महाराष्ट्र के लोगों की नहीं है। अगर मुंबई महाराष्ट्र के लोगों की नहीं है, तो फिर किसका है। क्या ये पाकिस्तान या बांग्लादेश के लोगों का है या फिर मलेशिया के लोगों का है। अब पता नहीं अन्नामलई मुंबई है में हैं या डरकर शायद भाग गए। हमारी मांग है कि इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। ये लोग इसी के योग्य हैं। क्या ये लोग अपने विभाजनकारी बयान के जरिए मुंबई के लोगों के बीच में फूट पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्रीय समाचार
आने वाले वर्षों में चालू खाता घाटा और एफटीए से पैदा हुए अवसरों से रुपया होगा मजबूत: आरबीआई डिप्टी गवर्नर

भारतीय रुपया 31 मार्च, 2025 से 16 सितंबर, 2026 तक संचयी रूप से 13.1 प्रतिशत (प्वाइंट-टू-प्वाइंट आधार पर) कमजोर हुआ है। ऐसे में भारतीय मुद्रा के मौजूदा स्तर से न केवल स्थिर होने, बल्कि मजबूत होने की भी पर्याप्त जगह है। यह बयान भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने दिया।
उन्होंने कहा, “अगर कुछ कहा जाए तो ऐसा लगता है कि रुपए के मौजूदा स्तर से केवल स्थिर होने ही नहीं, बल्कि शायद मजबूत होने की भी पर्याप्त गुंजाइश है। जब पूंजी प्रवाह से जुड़े उपाय पहली बार घोषित किए गए थे, तब बाजार विश्लेषकों ने भी इसी तरह की उम्मीद जताई थी।”
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में चालू खाते का घाटा (सीएडी) और कम होना चाहिए। इसकी वजह अर्थव्यवस्था की पारंपरिक मजबूती के साथ-साथ नई ताकतों का उभरना है, जिसमें वस्तुओं के निर्यात में बढ़ती सफलता भी शामिल है।
गुप्ता ने मुंबई में एसबीआई के एक सम्मेलन में कहा, “आरबीआई विदेशी मुद्रा बाजार में व्यवस्थित परिस्थितियां सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और उसके पास कई दशकों के सीएडी या भुगतान संतुलन (बीओपी) के शुद्ध घाटे को पूरा करने की क्षमता है।”
भारत परंपरागत रूप से चालू खाते में मामूली घाटा और पूंजी खाते में बड़ा अधिशेष दर्ज करता रहा है, जिसके परिणामस्वरूप भुगतान संतुलन (बीओपी) सकारात्मक रहा है।
जीडीपी के प्रतिशत के रूप में भारत का सीएडी समय के साथ कम हुआ है, जिससे भुगतान संतुलन को मजबूती मिली है।
गुप्ता ने विस्तार से बताया, “इसके अलावा, सीएडी का स्तर उन स्तरों से काफी नीचे रहा है, जिन्हें आमतौर पर उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए उचित माना जाता है। शुद्ध सेवा निर्यात और प्रेषण भारत की बड़ी संरचनात्मक ताकत बने हुए हैं। दोनों मिलकर इतने बड़े और मजबूत हैं कि वस्तुओं के व्यापार घाटे को संतुलित कर सकें और सीएडी को जीडीपी के 1 प्रतिशत से नीचे बनाए रख सकें।”
हाल में तेल और सोने की कीमतों में आए झटकों ने अस्थायी रूप से सीएडी को बढ़ा दिया है। इसके अलावा, पिछले दो वर्षों में पूंजी खाते का अधिशेष सीएडी से कम रहा है। इसके परिणामस्वरूप 2024-25 में करीब 5.0 अरब डॉलर और 2025-26 में 23.6 अरब डॉलर का नकारात्मक बीओपी दर्ज हुआ।
उन्होंने आगे कहा कि वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के इस्तेमाल और देश में अपने तेल भंडार खोजने के प्रयासों के चलते भारत की आयातित तेल पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। इससे जीडीपी के प्रतिशत के रूप में तेल की मांग में लंबे समय से जारी गिरावट की प्रवृत्ति को और मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा, “यह उस स्थिति के अतिरिक्त होगा जब संघर्ष समाप्त होने के साथ ही तेल की कीमतें भी स्थिर हो जाएंगी। साथ ही हाल के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के सकारात्मक प्रभाव सामने आने और अनुकूल विनिमय दर के साथ यह मजबूती आगे भी जारी रहेगी।”
राजनीति
राहुल गांधी ने आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल के परिवार से की फोन पर बात, न्याय दिलाने में मदद का दिलाया भरोसा

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे के परिजनों से बातचीत की है। छात्र साहिल ने पिछले हफ्ते आईआईटी पवई परिसर में कथित तौर पर आत्महत्या की थी।
महाराष्ट्र कांग्रेस ने गुरुवार को जानकारी दी कि राहुल गांधी ने आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे के परिजनों से फोन पर बातचीत की है। राहुल ने पीड़ित परिवार को अपना समर्थन दिया है और न्याय दिलाने में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
इस मामले को लेकर गुरुवार को दोपहर में यूथ कांग्रेस एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेगी। इसमें साहिल वाकोडे मामले को लेकर आगे की रणनीति और आंदोलन की दिशा की घोषणा किए जाने की संभावना है।
साहिल की मौत के बाद उनके परिवार ने आईआईटी बॉम्बे प्रशासन और कुछ अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की जांच फिलहाल मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है।
बता दें कि छात्र साहिल ने कथित तौर पर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाए जाने के बाद आत्महत्या की थी। वह ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग में द्वितीय वर्ष का छात्र था। संस्थान के अनुसार, वाकोडे ने परीक्षा के दौरान चैटजीपीटी से सवालों का जवाब पाने की कोशिश की।
परीक्षा प्रशिक्षक और विभाग के प्रमुख ने छात्र से इस मामले पर बातचीत की। संस्थान ने बताया कि उन्होंने छात्र को समझाया और भरोसा दिलाया कि इस घटना का उसके करियर पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा। बातचीत के बाद वाकोडे अपने हॉस्टल के कमरे में लौट आया। बाद में उसी शाम वह अपने कमरे में मृत पाया गया।
घटना के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। वहीं, मामले में मंगलवार को मुंबई क्राइम ब्रांच ने साहिल के माता-पिता का बयान दर्ज किया। अभिभावकों ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
राष्ट्रीय समाचार
मध्य प्रदेश : जबलपुर में गणेश पंडाल में बिजली का झटका लगने से 16 साल के लड़के की मौत

मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक गणेश पंडाल में बिजली के खंभे से करंट लगने से 16 साल के एक लड़के की मौत हो गई। यह घटना बुधवार रात धनवंतरी नगर पुलिस चौकी के तहत आने वाले जसुजा सिटी फेज-3 में हुई, जब शौर्य चनपुरिया पंडाल में महा-आरती में शामिल होने के बाद अपने दोस्तों के साथ घर लौट रहा था।
पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पंडाल को सहारा देने वाले एक खंभे में बिजली का करंट दौड़ रहा था। 11वीं कक्षा का छात्र शौर्य उस खंभे के संपर्क में आया और गिर पड़ा। उसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
धनवंतरी नगर पुलिस चौकी के प्रभारी दुर्गेश मरावी ने कहा, “रात करीब 9.30 बजे सूचना मिली कि बिजली का झटका लगने के बाद एक युवक को मेडिकल अस्पताल लाया गया है। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।”
पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि खंभे में करंट आ गया था और पंडाल से निकलते समय शौर्य ने उसे छू लिया था। उसके शव को मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में भेज दिया गया है और आज बाद में उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि आयोजन समिति के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि उन्हें पता था कि खंभे में करंट है और उन्होंने टेंट लगाने वाले व्यक्ति को इसकी जानकारी दी थी।
मरावी ने कहा, “लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार था और यह किस स्तर पर हुई, इसकी जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
शौर्य के परिवार ने आरोप लगाया कि खुली जगह में लाइव करंट का होना गंभीर लापरवाही है और उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने बताया कि शौर्य को बचाने की कोशिश करने वाले कुछ बच्चों को भी उसे उठाने की कोशिश के दौरान बिजली का झटका लगा।
इस घटना ने पिछले साल जबलपुर में हुई ऐसी ही एक दुखद घटना की यादें ताजा कर दी हैं, जब तिलवारा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत बरगी हिल्स के पास दुर्गा पूजा पंडाल में बिजली के करंट वाले लोहे के पाइप के संपर्क में आने से दो बच्चों की मौत हो गई थी। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने उस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे।
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