खेल
मैच से पहले कैसे वजन को नियंत्रित रखते हैं मुक्केबाज? प्रीति पवार ने समझाई पूरी प्रकिया
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन यादगार रहा। मुक्केबाजी से देश की झोली में कुल 10 मेडल आए, जिसमें 7 गोल्ड मेडल शामिल रहे। महिला मुक्केबाज प्रीति पवार ने भी स्कॉटलैंड के ग्लासगो में ‘गोल्डन पंच’ लगाया। प्रीति ने बताया कि उनके गोल्ड मेडल जीतकर आने पर पूरा परिवार काफी खुश है।
प्रीति ने ‘आईएएनएस’ के साथ खास बातचीत में बताया कि एक मुक्केबाज के लिए वजन को नियंत्रित रखना कितना चुनौतीपूर्ण होता है। इसके साथ ही उन्होंने अपने एशियन गेम्स की तैयारियों को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि पिछले साल मार्च में एशियन चैंपियनशिप में हिस्सा लेने का फायदा उन्हें एशियन गेम्स में मिलेगा।
सवाल: मेडल जीतने आने पर घरवालों का क्या रिएक्शन था?
जवाब: घरवालों का रिएक्शन बहुत अच्छा था। मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती। वे काफी गर्व महसूस कर रहे हैं कि मैंने देश के लिए गोल्ड मेडल जीता है।
सवाल: वजन कम करने की प्रकिया कितनी मुश्किल होती है?
जवाब: वजन कम करना निश्चित रूप से एक चुनौती है। यह एथलीट पर निर्भर करता है। कुछ एथलीटों को वजन कम करने में मुश्किल होती है। कुछ लोग आसानी से वजन कम कर लेते हैं। जहां तक मेरी बात है, मैं लंबे समय से ऐसा कर रही हूं। मुकाबले या बाउट से पहले, मैं लगभग 1.5 किलो वजन कम करती हूं। मुझे लगता है कि उस समय हमारे लिए सबसे जरूरी चीज यह है कि हम क्या खा रहे हैं—खासकर बाउट से पहले। आखिरी समय में, हमें वजन कम करना होता है—1 किलो या 1.5 किलो। उसके बाद, हम कुछ नहीं खाते। अगले दिन, जैसे ही हमारा वजन वापस बढ़ता है, हम वजन कम करने के बाद रिकवर करते हैं और शरीर में पानी की कमी पूरी करते हैं। कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना होता है। मैं नहीं चाहती कि इसका असर मेरे प्रदर्शन पर पड़े। मैं इस बात पर ध्यान देती हूं कि खुद को फिर से हाइड्रेट कैसे करूं।
सवाल: वजन कम करने के बाद एथलीट अगले मुकाबले के लिए कैसे तैयारी करता है?
जवाब: वजन करने और मुकाबले के बीच हमारे पास कम से कम 3 घंटे होते हैं। यह हमारे सुबह और शाम के सेशन पर निर्भर करता है। शाम को, रिकवर करने के लिए हमारे पास ज्यादा समय होता है। मैं एक दिन पहले ही मुकाबले का प्लान बना लेती हूं। मुकाबला सुबह 11 बजे शुरू होता है। मैं एक प्लान बनाती हूं। मुझे सुबह 6:30 बजे तक वजन कम करना होता है और फिर लगभग 7 बजे शरीर में पानी की कमी पूरी करनी होती है। मुझे सही पोषण लेना होता है। अगर समय मिले, तो मैं थोड़ी देर सो लेती हूं। फिर मैं मुकाबले के लिए तैयारी करती हूं। उसके बाद मैं एरीना में जाती हूं। मुझे कल्पना करना पसंद है। मैं मुकाबले से पहले कल्पना करती हूं। इससे मुझे मानसिक रूप से मदद मिलती है। फिर मैं मुकाबले के लिए तैयार होती हूं।
सवाल: कैसी है एशियन गेम्स के लिए तैयारी?
जवाब: मैं एशियन गेम्स में खेलने जा रही हूं। मुझे लगता है कि यह मुश्किल होगा, क्योंकि एशिया में कई अच्छे देश हैं जो बॉक्सिंग में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि मुझे लगता है कि पिछले मार्च में हुई एशियन चैंपियनशिप में मैंने गोल्ड मेडल जीता था। वह मेरे लिए और एशियन गेम्स के लिहाज से भी एक शानदार अनुभव था। एशियन गेम्स में भी ज्यादातर वही देश हिस्सा लेंगे और मुझे लगता है कि वहां मेरा सामना उन्हीं प्रतिद्वंद्वियों से होगा। इसके बाद मैं कोचों के साथ इस बात पर चर्चा करूंगी कि मुझे किन चीजों पर काम करना है और एशियन गेम्स के लिए हमारा गेम प्लान क्या होगा। हम ट्रेनिंग कैंप में इस पर चर्चा करेंगे।
सवाल: आपने तेजस्विन शंकर के लिए क्विलिंग का काम किया था और उन्होंने वह फोटो शेयर भी की थी। क्या आप अक्सर अपने टीम के साथियों के लिए ऐसा करते हैं?
जवाब: हां, जब भी मुझे समय मिलता है, मैं क्विलिंग करती हूं। कॉमनवेल्थ गेम्स में जाने से पहले, बेलफास्ट में हमारा एक ट्रेनिंग कैंप था। जब भी मैं फ्री होती थी, तो क्विलिंग करती थी। मैंने क्विलिंग से तेजस्विन के लिए एक पोस्टर बनाया था। उन्हें वह बहुत पसंद आया। मैंने अपनी टीम के साथियों के लिए भी कई पोस्टर बनाए हैं। मुझे क्विलिंग और कैलीग्राफी करना पसंद है। इससे कुछ समय के लिए मेरा ध्यान खेल से हट जाता है। मुझे लगता है कि कुछ समय के लिए ध्यान भटकाना जरूरी है। मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि ओवरथिंकिंग अच्छी नहीं होती। क्विलिंग मुझे दबाव को संभालने और आराम महसूस करने में मदद करती है।
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एशियन गेम्स: वुशू में भारतीयों का जलवा, जीत के साथ रोशिबिना और आर्यन क्वार्टर फाइनल में पहुंचे

एशियन गेम्स 2026 में सोमवार को भारतीय वुशू खिलाड़ी आर्यन और रोशिबिना देवी ने अपने-अपने मुकाबलों में जीत हासिल की। आइची प्रीफेक्चरल मार्शल आर्ट्स हॉल में जीत के साथ दोनों खिलाड़ियों ने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है।
आर्यन ने पुरुषों के 56 किग्रा प्री-क्वार्टर फाइनल में अफगानिस्तान के साफी शहजादा को 2-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया, जबकि दो बार की एशियन गेम्स मेडलिस्ट रोशिबिना ने महिलाओं के 60 किग्रा 1/8 फाइनल में बांग्लादेश की शिका खातून को प्वाइंट्स के अंतर से मात देकर अंतिम-8 में जगह बनाई।
अब दोनों ही खिलाड़ी मेडल सुनिश्चित करने से बस एक कदम दूर हैं। आर्यन और रोशिबिना मंगलवार को क्वार्टर फाइनल में मेडल और सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए मुकाबला करेंगे।
दो बार की एशियन गेम्स मेडलिस्ट रोशिबिना ने 2023 हांगझोऊ गेम्स में सिल्वर और 2018 जकार्ता गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। वह 2019 काठमांडू-पोखरा साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडलिस्ट और 2016 वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल विजेता भी रही हैं।
इससे पहले दिन में, भारत की न्येमन वांगसु महिलाओं के चांगक्वान फाइनल में 15वें स्थान पर रहीं। भारतीय वुशू एथलीट्स ने शानदार प्रदर्शन की झलक दिखाई है; रविवार को सूरज सिंह मयांगलामबम पोडियम फिनिश के करीब पहुंचे थे। सूरज पुरुषों के चांगक्वान वुशू फाइनल में 11वें स्थान पर रहे और कड़े मुकाबले में महज 0.040 पॉइंट से पोडियम पर जगह बनाने से चूक गए।
आइची प्रीफेक्चरल मार्शल आर्ट्स हॉल में 21 एथलीट्स के बीच मुकाबले में सूरज ने कुल 9.683 प्वाइंट्स का स्कोर हासिल किया। भारतीय वुशू खिलाड़ी ने ‘क्वालिटी ऑफ मूवमेंट’ (ए-स्कोर) में परफेक्ट 5.00 और ‘डिग्री ऑफ डिफिकल्टी’ (सी-स्कोर) में 2.00 प्वाइंट्स हासिल किए, जिसमें कोई कटौती नहीं हुई। उन्हें ‘ओवरऑल परफॉर्मेंस’ (बी-स्कोर) में 2.683 प्वाइंट्स मिले।
मकाऊ के कुओंग ची हिन ने 9.723 प्वाइंट्स के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि उनके ही देश के ची कुआन सोंग 9.720 प्वाइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर रहे। सूरज का स्कोर ब्रॉन्ज मेडल के मार्क से सिर्फ 0.040 प्वाइंट्स पीछे रह गया।
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टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने की गृह मंत्री अमित शाह से खास मुलाकात

टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से खास मुलाकात की। गंभीर ने भगवान गणेश की मूर्ति भी गृह मंत्री को भेंट में दी।
गौतम गंभीर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “गृह मंत्री अमित शाह के साथ एक सौहार्दपूर्ण मुलाकात। उनके समय और मार्गदर्शन के लिए आभारी हूं। उनके अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करता हूं।” गौतम गंभीर की अगुवाई में भारतीय टीम का प्रदर्शन अफगानिस्तान के खिलाफ हाल ही में खेली गई टी20 इंटरनेशनल सीरीज में शानदार रहा। भारत ने टी20 सीरीज को 3-0 से अपने नाम किया।
इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों का प्रदर्शन सराहनीय रहा। बल्लेबाजी में अभिषेक शर्मा ने खासतौर पर अपनी तूफानी बैटिंग से सुर्खियां बटोरीं। अभिषेक ने दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में सिर्फ 30 गेंदों में शतक लगाया। वह फुल मेंबर देशों की ओर से टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने। वहीं, संजू सैमसन और ईशान किशन का प्रदर्शन भी दमदार रहा।
गौतम गंभीर के हेड कोच पद संभालने के बाद से भारतीय टीम का प्रदर्शन आईसीसी टूर्नामेंट्स में अच्छा रहा है। साल 2025 में टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी के खिताब पर कब्जा जमाया। इसके बाद 2026 में भारतीय टीम टी20 विश्व कप में सफलतापूर्वक अपने खिताब का बचाव करने में सफल रही। हालांकि, भारतीय टीम को गंभीर की अगुवाई में घरेलू सरजमीं पर पहली बार न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज गंवानी पड़ी। इसके साथ ही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भी टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा।
भारतीय टीम अब एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेने के लिए जापान पहुंची है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम अपने गोल्ड मेडल का बचाव करने उतरेगी। टीम इंडिया एशियन गेम्स में अपने अभियान का आगाज 28 अक्टूबर को क्वार्टर फाइनल मैच के साथ करेगी। हालांकि, इससे पहले टीम को जापान के खिलाफ पहली बार टी20 इंटरनेशनल मुकाबला खेलना है, जो 22 सितंबर (मंगलवार) को खेला जाना है।
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एशियन गेम्स 2026: भारतीय मेंस कबड्डी टीम ने जीत के साथ किया आगाज, एकतरफा मुकाबले में जापान को 49-23 से हराया

एशियन गेम्स 2026 का आगाज भारतीय मेंस कबड्डी टीम ने धमाकेदार जीत के साथ किया है। सुनील कुमार की कप्तानी में भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन को मेजबान जापान को एकतरफा अंदाज में 49-23 से हराया।
भारतीय टीम का पूरे मैच में दबदबा देखने को मिला। टीम के रेडर्स शानदार लय में दिखाई दिए, तो डिफेंडर्स ने भी जापान को वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया। भारत ने शुरुआत से ही दमदार खेल दिखाया। भारतीय रेडर्स के सामने जापान का डिफेंस बेहद कमजोर नजर आया। भारतीय रेडर्स जापान के डिफेंस को भेदते हुए लगातार प्वाइंट्स हासिल करते रहे।
पहले हाफ में भारतीय रेडर्स पूरे तरह से हावी रहे। शुरुआत से ही रेडर्स ने जापान के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया, जिसका फायदा टीम इंडिया को मिला। आशू मलिक ने एक साथ जापान के तीन खिलाड़ियों को आउट करते हुए सुपर रेड लगाई। आशू रेड में भारत के लिए लगातार प्वाइंट्स निकालते रहे। वहीं, भारतीय डिफेंस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान को पहले हाफ में ही दो बार ऑलआउट किया। भारत ने पहले हाफ का अंत 31-9 की बड़ी बढ़त के साथ किया।
हालांकि, दूसरे हाफ में जापान ने वापसी की और तेजी से प्वाइंट्स हासिल करने शुरू किए। भारत ने दूसरे हाफ में पवन सहरावत और अर्जुन देशवाल और असलम इनामदार की तिकड़ी को उतारा। अर्जुन ने आते के साथ ही प्वाइंट हासिल किया। इसके बाद भारतीय टीम एक बार फिर जापानी टीम को ऑलआउट करने में सफल रही।
अंत में जापान के डिफेंस ने अच्छा खेल दिखाते हुए भारत के रेडर्स की कई रेडों को नाकाम किया लेकिन तब तक भारतीय टीम बहुत बड़ी बढ़त हासिल कर चुकी थी। आशू मलिक और राहुल भारतीय टीम के लिए इस मुकाबले में जीत के नायक रहे। अगले मैच में टीम इंडिया की भिड़ंत अब मंगलवार को साउथ कोरिया से होगी। भारतीय टीम अपनी इसी फॉर्म को साउथ कोरिया के खिलाफ भी जारी रखने के इरादे से उतरेगी।
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