अंतरराष्ट्रीय
होर्मुज स्ट्रेट संकट: अमेरिका से अलग होकर दुनिया के देश खुद कर रहे हैं समाधान की कोशिश
वाशिंगटन, 5 अप्रैल : दुनिया के कई बड़े देश होर्मुज स्ट्रेट में पैदा हुए संकट को संभालने के लिए अब अमेरिका के बिना ही आगे बढ़ रहे हैं। ईरान युद्ध और उसके असर को लेकर अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों के बीच मतभेद लगातार बढ़ रहे हैं।
खाड़ी क्षेत्र से तेल और गैस पर निर्भर देश इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को फिर से खोलने के लिए तेजी से प्रयास कर रहे हैं। वहीं, इस पूरे मामले में अमेरिका के रवैये को लेकर भी कई देशों में नाराजगी बढ़ रही है।
इसी हफ्ते ब्रिटेन ने 40 से अधिक देशों की बैठक बुलाई, जिसमें इस जलमार्ग से फिर से जहाजों की आवाजाही शुरू कराने पर चर्चा हुई। इस दौरान वैश्विक व्यापार में रुकावट के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया गया।
हालांकि, इस बैठक में पश्चिमी देशों के बीच मतभेद भी साफ नजर आए। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिका के सैन्य कार्रवाई के प्रस्ताव को खुलकर खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका खुद फैसला लेकर कार्रवाई करे और फिर दूसरों से समर्थन की उम्मीद रखे, यह सही नहीं है। यह हमारा अभियान नहीं है।
यूरोपीय देश इस संकट को सुलझाने के लिए सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत और आर्थिक दबाव को बेहतर तरीका मानते हैं। अधिकारियों और विशेषज्ञों का हवाला देते हुए ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने बताया कि स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए सैन्य विकल्पों को अवास्तविक और जोखिम भरा माना जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र में बहरीन ने इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए एक प्रस्ताव पेश किया है, हालांकि ‘द हिल’ की रिपोर्ट के अनुसार, उसे चीन के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
यह पूरा घटनाक्रम अमेरिका और यूरोप के रिश्तों में बढ़ती दूरी को भी दिखाता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान युद्ध ने अमेरिका और यूरोप के संबंधों को एक ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया है, जहां दरार साफ दिखाई दे रही है। अमेरिका इस बात से नाराज है कि उसके सहयोगी देश इस युद्ध में उसका साथ नहीं दे रहे हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी यूरोपीय देशों से नाराज बताए जा रहे हैं और उन्होंने नाटो के भविष्य पर भी सवाल उठाए हैं, जिससे इस गठबंधन को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इस बीच, ट्रंप के बयान भी साफ नहीं हैं। उन्होंने एक ओर कहा कि जो देश खाड़ी क्षेत्र के तेल पर निर्भर हैं, उन्हें खुद आगे आकर इस रास्ते को खोलना चाहिए और अमेरिका मदद करेगा। वहीं, दूसरी ओर उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका खुद इस रास्ते को खोल सकता है और इससे तेल व्यापार में फायदा उठा सकता है। इससे उनकी नीति में असमंजस दिखाई देता है।
जमीनी स्थिति की बात करें तो ‘द हिल’ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने इस जलमार्ग पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। कुछ मित्र देशों को ही सीमित रूप से गुजरने दिया जा रहा है और जहाजों से शुल्क लेने का प्रस्ताव भी सामने आया है। इस संकट के कारण कई देशों ने आपात योजनाएं बनानी शुरू कर दी हैं। इसमें शिपिंग कंपनियों के साथ तालमेल और ईरान पर दबाव बनाने के लिए संभावित प्रतिबंधों पर चर्चा शामिल है।
मानवीय चिंताएं भी बढ़ रही हैं। संयुक्त राष्ट्र ने खाद, अनाज और अन्य जरूरी सामान की कमी से निपटने के लिए एक विशेष टीम बनाई है, क्योंकि इस मार्ग के बंद होने से आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने सुझाव दिया है कि ऊर्जा से जुड़े मुद्दों और युद्ध से जुड़े मुद्दों को अलग-अलग तरीके से हल किया जाना चाहिए, ताकि स्थिति को स्थिर किया जा सके। कुल मिलाकर युद्ध कब तक चलेगा, इसको लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और अमेरिका के पास इससे बाहर निकलने की कोई स्पष्ट योजना फिलहाल नजर नहीं आ रही है।
अंतरराष्ट्रीय
ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट को इजरायली हमले से नुकसान, नेतन्याहू ने बुलाई सुरक्षा कैबिनेट बैठक

तेल अवीव/तेहरान, 8 जून: लेबनान में हिज्बुल्लाह पर हमले के जवाब में ईरान ने रविवार रात से इजरायल के कई इलाकों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जवाबी कार्रवाई में ईरान के खुजेस्तान प्रांत के माहशहर स्थित कारून पेट्रोकेमिकल कंपनी को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इससे प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है। इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक बुलाई।
फार्स समाचार एजेंसी ने खुजेस्तान प्रांत के एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि हमले में संयंत्र का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। अधिकारी के पास नुकसान और हताहतों का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं था।
ईरानी शहर माहशहर प्रमुख पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है। यहां मौजूद ऊर्जा और रासायनिक उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
वहीं, इजरायली सेना ने पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमले की पुष्टि की है। सैन्य बयान में कहा गया कि इजरायली वायुसेना ने परिसर के कई लक्ष्यों को निशाना बनाया। सेना ने संक्षिप्त बयान में कहा कि अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी। फिलहाल हमले के दायरे और उसके प्रभाव को लेकर अधिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस तरह 7 जून को ईरान-इजरायल के अप्रैल में हुए सीजफायर के 2 महीने बाद ही दोबारा सैन्य अभियान शुरू कर दिया गया। ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने कहा कि यह कार्रवाई लेबनान में हिजबुल्लाह पर इजरायली हमलों के जवाब में की गई है। हमलों के बाद इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गया।
इसके जवाब में कुछ घंटों बाद इजरायल ने ईरान में जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। आईडीएफ के अनुसार उसने पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, तेहरान, तबरीज और इस्फहान में कई धमाके हुए। आईआरजीसी ने दावा किया कि इजराइल ने हमलों में एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
ईरान का दावा है कि उसने इजरायल के नेवातिम और तेल नोफ एयर बेस पर हमला किया। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा, “यह ऑपरेशन इजरायली शासन के ईरान में तीन अलग-अलग जगहों पर कई रडार साइटों पर किए मिसाइल हमले के जवाब में किया गया था।”
आईडीएफ का कहना है कि उसने सोमवार सुबह ईरान की ओर से छोड़ी गई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।
वर्तमान हालात के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई। यह बैठक भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे होनी तय की गई।
इजरायली मीडिया के अनुसार, बैठक में केवल चुनिंदा वरिष्ठ मंत्री और सुरक्षा मामलों से जुड़े शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में ईरान के हमलों, इजरायल की जवाबी कार्रवाई और आगे की सैन्य रणनीति पर चर्चा की संभावना जताई गई।
अंतरराष्ट्रीय
हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”
वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।
सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय
चीनी राज्य परिषद ने ‘भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ की जारी

बीजिंग, 10 अप्रैल : चीनी राज्य परिषद द्वारा जारी ‘चीन (भीतरी मंगोलिया) पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ 9 अप्रैल को सार्वजनिक की गई। इसके साथ ही चीन में पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्रों की कुल संख्या 23 हो गई है।
समग्र योजना भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र को सुधारों में अधिक स्वायत्तता प्रदान करती है, जिससे इसे प्रायोगिक परियोजनाएं संचालित करने और व्यापक क्षेत्रों में गहन स्तर पर मौलिक, एकीकृत और विशिष्ट अन्वेषण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इसमें 19 सुधार और नवाचार उपायों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें सीमा व्यापार में नवाचार और विकास, अंतरराष्ट्रीय रसद सेवाओं को मजबूत करना, वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के रूपांतरण और अनुप्रयोग की दक्षता में सुधार करना और विभिन्न क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान का विस्तार करना शामिल है।
-
दुर्घटना10 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र12 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
