व्यापार
फिनलैंड में स्किल्ड भारतीय प्रोफेशनल को रोजगार के अवसर मिलेंगे
नई दिल्ली, 3 मार्च। फिनलैंड आईटी सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, इंजीनियरिंग, गेम डेवलपमेंट और पोस्ट-डॉक्टरल रिसर्च रोल में स्किल्ड भारतीय प्रोफेशनल को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रहा है। इसकी जानकारी सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई।
‘बिजनेस फिनलैंड’ व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने, इनोवेशन को फाइनेंस करने, ट्रैवल को प्रमोट करने और टैलेंट को आकर्षित करने के लिए फिनलैंड की आधिकारिक सरकारी एजेंसी है।
‘बिजनेस फिनलैंड’ के बयान में कहा गया, “फिनलैंड में करियर बनाने में रुचि रखने वाले भारतीय टैलेंट देश में रहने और काम करने के साथ-साथ उपलब्ध करियर अवसरों के बारे में ‘वर्क इन फिनलैंड’ वेबसाइट पर व्यापक जानकारी पा सकते हैं।”
‘बिजनेस फिनलैंड’ की ‘वर्क इन फिनलैंड’ यूनिट की वरिष्ठ निदेशक लॉरा लिंडमैन ने देश में अवसरों का पता लगाने के लिए विशेष रूप से आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय टैलेंट को प्रोत्साहित करने के लिए फिनलैंड के सक्रिय दृष्टिकोण पर जोर दिया।
लिंडमैन ने आगे कहा, “लंबे समय से फिनलैंड सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, साइबर सिक्योरिटी और उभरती टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में आईटी स्पेशलिस्ट जैसे प्रोफेशनल की तलाश कर रहा है। फिनलैंड देश में प्रोफेशनल्स के लिए एक अद्वितीय अवसर प्रदान करता है, जो इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी और बैलेंस्ड लाइफस्टाइल को महत्व देता है।”
टुलनेट में कार्यकारी निदेशक, सना मार्टिनन, रिसर्च संस्थानों के लिए नए पोस्ट डॉक्टरल प्रोग्राम का प्रतिनिधित्व करती हैं।
मार्टिनन ने कहा, “हमारी भूमिका 11 फ़िनिश सरकारी शोध संस्थानों के बीच सहयोग का को-ऑर्डिनेशन करना है और हम रिसर्च और डेवलपमेंट (आरएंडडी) में सरकार के भारी निवेश को लेकर बहुत उत्साहित हैं।”
सरकार के बहु-वार्षिक आरएंडडी प्रोजेक्ट द्वारा फंडेड इस प्रोग्राम का लक्ष्य 2025 और 2028 के बीच 85 नए पोस्टडॉक्टरल रिसर्चर्स की भर्ती करना है, जिनका वेतन लगभग 4,000 यूरो होगा।
फिनलैंड में टेक कंपनियां इनोवेशन, टॉप टेक नो-हाउ और टैलेंट के लिए विकास के अवसरों के लिए जानी जाती हैं।
कई कंपनियां सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और एआई के साथ प्रॉब्लम-सोल्विंग और इनोवेशन में सॉलिड फाउंडेशन के साथ स्किल्स को वैल्यू देती हैं।
कंप्यूटर साइंस, इंजीनियरिंग या रिलेटेड फिल्ड में क्वालिफिकेशन आवश्यक है और अंग्रेजी में फ्लूएंसी पर्याप्त है, हालांकि आधिकारिक बयान के अनुसार फिनिश सीखना फायदेमंद हो सकता है।
फिनलैंड का वाइब्रेंट स्टार्ट-अप सीन और तेजी से बढ़ता टेक्नोलॉजी सेक्टर अंग्रेजी बोलने वाले प्रोफेशनल के लिए कई अवसर प्रस्तुत करता है।
बयान में कहा गया है कि प्रमुख इंडस्ट्री में गेमिंग, बायो-इकोनॉमी, क्लीन और स्मार्ट टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य और कल्याण, आईसीटी और डिजिटलीकरण और पर्यटन शामिल हैं।
राष्ट्रीय समाचार
जून-अगस्त के दौरान अल नीनो होने की संभावना 80 प्रतिशत, महंगाई का मंडराया खतरा: रिपोर्ट

एक नई रिपोर्ट के अनुसार, जून-अगस्त के दौरान अल नीनो की घटना होने की संभावना 80 प्रतिशत है और इसके कम से कम नवंबर तक इसके बने रहने की संभावना 90 प्रतिशत या उससे अधिक है। हालांकि, देश में जलाशयों का जलस्तर सामान्य भंडारण से अधिक है (11 जून तक) और सब्जियों की आवक के आंकड़े भी संतोषजनक हैं।
बैंक ऑफ बड़ौदा की रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है, “आने वाले दिनों में ही पता चलेगा कि क्या सप्लाई की स्थिति ऐसी है जो खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में अचानक होने वाले बदलावों से महंगाई पर पड़ने वाले असर को संभाल पाएगी या नहीं।”
अर्थशास्त्री दिपान्विता मजूमदार के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 में सीपीआई महंगाई दर 5.2 प्रतिशत से 5.5 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। यह अनुमान अल नीनो के कुछ असर और कच्चे तेल की औसत कीमत 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल रहने की संभावना पर आधारित है।
मई 2026 में हेडलाइन सीपीआई महंगाई दर 3.9 प्रतिशत रही, जो बीओबी रिसर्च के 4.1 प्रतिशत के अनुमान से कम थी, लेकिन अप्रैल के 3.5 प्रतिशत से ज्यादा थी।
इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में तेजी थी; खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर बढ़कर 4.8 प्रतिशत हो गई।
हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण ट्रांसपोर्ट से जुड़ी महंगाई दर बढ़ी, जबकि रेस्टोरेंट और रहने-ठहरने की सेवाओं की महंगाई दर में भी बढ़ोतरी हुई।
कोर महंगाई दर (खाने-पीने की चीजों और ईंधन को छोड़कर) बढ़कर 3.9 प्रतिशत हो गई, जो कीमतों में अंदरूनी दबाव के संकेत हैं।
बीओबी रिसर्च को ईंधन की ज्यादा कीमतों और मौसम से जुड़ी अनिश्चितताओं, खासकर अल नीनो की वजह से खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर असर पड़ने की संभावना से महंगाई का जोखिम दिख रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है, “खाने-पीने की चीजों की महंगाई के मामले में, ईंधन की ज्यादा कीमतों का असर और माल ढुलाई (फ्रेट) की लागत में संभावित बढ़ोतरी से निकट भविष्य में महंगाई और बढ़ सकती है। इसलिए, ‘सेकंड-राउंड पास-थ्रू’ (यानी लागत बढ़ने का कीमतों पर बाद में पड़ने वाला असर) पर बारीकी से नज़र रखने की जरूरत है, खासकर तब जब इस साल मौसम से जुड़े जोखिम ज्यादा हैं।”
रिपोर्ट में आगे कहा गया है, “हमारा मानना है कि कोर महंगाई दर में बढ़ोतरी का जोखिम और बढ़ेगा क्योंकि मांग स्थिर रहने के बीच कंपनियां इनपुट लागत में हुई बढ़ोतरी का कुछ बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं। आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों की महंगाई से जुड़े जोखिम भी बढ़ने की संभावना है।”
व्यापार
सोना एक हफ्ते में करीब 6,400 रुपये और चांदी 14,300 रुपये से अधिक सस्ती हुई

सोने और चांदी में इस हफ्ते गिरावट देखने को मिली, जिससे सोना और चांदी क्रमशः 6,400 रुपये और 14,300 हजार रुपये से अधिक सस्ते हो गए हैं।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम इस हफ्ते 6,438 रुपये कम होकर 1,47,800 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जबकि पहले यह 1,54,238 रुपए पर था।
22 कैरेट सोने की कीमत कम होकर 1,35,385 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,41,282 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। 18 कैरेट सोने का दाम कम होकर 1,10,850 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,15,679 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
इस हफ्ते सोने में सबसे न्यूनतम दाम 11 जून को सुबह के सत्र में 1,44,782 रुपये प्रति 10 ग्राम देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 9 जून को सुबह के सत्र में 1,52,519 रुपये प्रति 10 ग्राम देखा गया। सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है।
चांदी का दाम 14,326 रुपये कम होकर 2,42,582 रुपये प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,56,908 रुपये प्रति किलो था। इस हफ्ते चांदी में सबसे न्यूनतम दाम 11 जून को शाम के सत्र में 2,32,591 रुपये प्रति किलो देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 9 जून को शाम के सत्र में 2,45,938 रुपये प्रति किलो देखा गया।
वैश्विक अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का दाम 4,248 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 68 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गया है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने और चांदी में गिरावट की वजह महंगाई बढ़ने की आशंका और अमेरिका – ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत उच्च स्तर पर रहना है। इसके साथ ही ब्याज दरों के बढ़ाने की आसान कहां है निवेशकों को सोने और चांदी में मुनाफा वसूली पर मजबूर किया है।
बीते एक वर्ष में सोने और चांदी ने शानदार रिटर्न दिया है। डॉलर में इस दौरान सोने ने 24 प्रतिशत से अधिक और चांदी ने 87 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है।
राष्ट्रीय समाचार
पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद से बड़ी उछाल के साथ हरे निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स में 967 अंकों की बढ़त

पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों से उपजे सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार बड़ी तेजी के साथ हरे निशान में खुला।
इस दौरान घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क निफ्टी50 और सेंसेक्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 73,832.55 से 876.72 अंक उछलकर 74,709.27 पर खुला, तो वहीं निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,161.60 से 250.95 अंक उछलकर 23,412.55 पर खुला।
खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 9:18 बजे) सेंसेक्स 967.34 अंकों यानी 1.31 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,799.89 पर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं निफ्टी50 275.85 अंक या 1.19 प्रतिशत बढ़कर 23,437.45 पर पहुंच गया।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.38 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 1.61 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा 2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके साथ ही, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1.37 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो में 1.30 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.23 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया में 1.15 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.14 प्रतिशत और निफ्टी प्राइवेट बैंक में 1.13 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।
निफ्टी50 इंडेक्स में इंडिगो, इटरनल, लार्सन एंड टुब्रो, श्रीराम फाइनेंस और बजाज फाइनेंस के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली, जबकि ओएनजीसी, टेक महिंद्रा, हिंडाल्को, डॉ. रेड्डी, बजाज-ऑटो और कोल इंडिया के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन ने ईरान के साथ एक बड़ा समझौता कर लिया है और अब सिर्फ दस्तावेज को अंतिम रूप देना बाकी है। समझौते पर अगले कुछ दिनों में हस्ताक्षर हो जाएंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा।
इस खबर से बाजार में पिछले कुछ दिनों से जारी गिरावट पर विराम लग गया और बाजार बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।
एक मार्केट एक्सपर्ट ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव को लेकर चिंताओं में कमी आने से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता में सुधार देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे सकारात्मक संकेतों और प्रमुख कमोडिटी कीमतों में स्थिरता से बाजार की धारणा मजबूत बनी हुई है।
एक्सपर्ट के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,000 से 23,100 का दायरा मजबूत सपोर्ट बना हुआ है, जबकि 23,600 से 23,650 के बीच अहम रेजिस्टेंस देखा जा रहा है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बीते कारोबारी दिन 11 जून को लगातार 12वें कारोबारी सत्र में बिकवाली जारी रखी और करीब 1,987 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। हालांकि हाल के दिनों में बिकवाली की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है, जिससे विदेशी निवेशकों के दबाव में कमी के संकेत मिल रहे हैं।
एक्सपर्ट ने आगे कहा कि दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार बाजार को मजबूती दे रहे हैं। उन्होंने लगातार 18वें सत्र में खरीदारी जारी रखते हुए 4,224 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। डीआईआई की मजबूत खरीदारी ने बाजार में स्थिरता बनाए रखने और निवेशकों का भरोसा मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।
एक्सपर्ट ने कहा कि यदि सूचकांक इस रेजिस्टेंस को पार कर मजबूती बनाए रखता है, तो बाजार में आगे और तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं निचले स्तरों पर 23,000 का दायरा फिलहाल महत्वपूर्ण सपोर्ट बना हुआ है।
-
दुर्घटना9 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र12 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
