महाराष्ट्र
सर्वे में शिंदे- बीजेपी सरकार को झटका, अभी चुनाव हुए तो 48 में से 30 सीटें जीत सकती है महाविकास अघाड़ी
महाराष्ट्र की शिंदे-फडणवीस सरकार के लिए एक चिंताजनक खबर है। एक सर्वे के मुताबिक अगर मौजूदा समय में महाराष्ट्र में लोकसभा के चुनाव हुए तो 48 में से 30 सीटों पर महाविकास अघाड़ी यानी शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी को एकसाथ चुनाव लड़ने पर जीत मिल सकती है। वहीं एनडीए यानी शिंदे- फडणवीस गुट को 18 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है। यह सर्वे इंडिया टीवी और सी वोटर्स ने किया है। यदि इस सर्वे पर यकीन करें तो आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में एनडीए की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। बता दें कि शिवसेना से बगावत कर शिंदे गुट ने बीजेपी के साथ मिलकर बीते 30 जून को महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। फिलहाल एकनाथ शिंदे के पास 50 विधायकों का समर्थन है। जिसमें निर्दलीय और शिवसेना के बागी विधायक शामिल हैं। फिलहाल देवेंद्र फडणवीस को उपमुख्यमंत्री पद से संतोष करना पड़ा है। जबकि वो पहले कई बार दोहरा चुके थे कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री के रूप में वापस आएंगे।
सर्वे के मुताबिक राज्य की शिंदे फडणवीस सरकार लोगों को रास नहीं आई है। आपको बता दें कि साल 2019 में बीजेपी और शिवसेना ने एक साथ मिलकर लोकसभा का चुनाव लड़ा था। तब उन्हें महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से 42 सीटों पर जीत मिली थी। हालांकि मौजूदा समय बीजेपी और शिंदे गुट के लिए मुफीद नजर नहीं आ रहा है। यदि इस समय चुनाव होते हैं तो उन्हें 48 में से सिर्फ 18 सीटों पर जीत मिलने के आसार नजर आ रहे हैं। जबकि 30 सीटें हैं सीधे महाविकास अघाड़ी के खाते में जाती हुई नजर आ रही हैं। महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन के बाद शिंदे गुट और बीजेपी के सांसदों की संख्या 36 तक पहुंच गई है। जबकि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना में अब सिर्फ 6 सांसद बचे हुए हैं। लेकिन सर्वे की मानें तो मौजूदा समय में अगर चुनाव हुआ तो यह गणित पलट सकता है। साथ ही महाविकास अघाड़ी महाराष्ट्र में भारी जीत दर्ज कर सकती है। मौजूदा समय में चुनाव होने का यह नतीजा भी होगा कि बीजेपी की सीटों में सीधे 50 फ़ीसदी तक की गिरावट हो सकती है। जो बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका साबित होगा।
फिलहाल उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट के बीच में सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग में लड़ाई चल रही है। यदि सुप्रीम कोर्ट एकनाथ शिंदे गुट के विधायकों को अयोग्य नहीं ठहराता है तो उद्धव ठाकरे के हाथ से शिवसेना निकल सकती है। जिसका सीधा असर आने वाले लोकसभा चुनाव के नतीजों पर भी पड़ेगा। ऐसे में महाराष्ट्र की सियासत में नए समीकरण भी बन सकते हैं।
महाराष्ट्र
मुंबई को बुनियादी सुविधाएं देना हमारी प्राथमिकता, समाजवादी पार्टी का चुनावी घोषणापत्र जारी, अबू आसिम आज़मी ने शहरी समस्याओं के समाधान का दावा किया

ABU ASIM AAZMI
मुंबई: समाजवादी पार्टी ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) चुनाव के लिए अपना चुनावी मैनिफेस्टो जारी किया। पार्टी के महाराष्ट्र प्रेसिडेंट अबू आसिम आज़मी ने मुंबई के लोगों की बेसिक प्रॉब्लम को ध्यान में रखते हुए यह मैनिफेस्टो पेश किया। अबू आसिम आज़मी ने चुनावी मैनिफेस्टो में बेसिक सुविधाओं के साथ-साथ फ्री पानी सप्लाई का भी वादा किया है। मुंबई के हर परिवार को रोज़ाना 700 लीटर साफ और फ्री पीने का पानी देने का वादा किया गया है। एजुकेशन का स्टैंडर्ड बढ़ाने के लिए म्युनिसिपल स्कूलों की क्वालिटी सुधारने और हायर एजुकेशन के लिए जरूरतमंद स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप और फ्री फैसिलिटी देने का फैसला किया गया है। मेडिकल डिपार्टमेंट और हेल्थ डिपार्टमेंट में मुंबई के हर वार्ड में मॉडर्न मेडिकल फैसिलिटी, मोहल्ला क्लीनिक और फ्री दवाइयों का इंतज़ाम करना भी ज़रूरी बताया गया है। इसके अलावा, रोज़गार के बराबर मौके देने की कोशिशें भी की गई हैं। युवाओं के लिए रोज़गार के नए मौके बनाना और बेरोज़गारी खत्म करने के लिए खास प्रोजेक्ट बनाना भी चुनावी मैनिफेस्टो का हिस्सा है। झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों के लिए बेहतर सुविधाएं, पक्के घर और शहर में गड्ढों से मुक्त सड़कें, BMC के कामकाज में ट्रांसपेरेंसी लाना और करप्शन खत्म करना भी चुनावी मैनिफेस्टो के मुख्य हिस्से हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अबू आसिम आज़मी ने कहा कि समाजवादी पार्टी मुंबई के विकास और वहां के लोगों को उनके बुनियादी अधिकार दिलाने के लिए पूरी तरह तैयार है। हमारा मकसद सिर्फ वादे करना नहीं है, बल्कि मुंबई को एक बेहतर और खुशहाल शहर बनाना है।
महाराष्ट्र
अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता से बाहर हुई शिवसेना, भाजपा-कांग्रेस का अप्रत्याशित गठबंधन

BJP CONGRES
ठाणे: अंबरनाथ नगर परिषद की राजनीति में एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। हाल ही में संपन्न नगर परिषद चुनावों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने मिलकर गठबंधन बनाया, जिससे शिवसेना सत्ता से बाहर हो गई, जबकि वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।
चुनाव परिणामों में शिवसेना को सबसे अधिक सीटें मिलीं, लेकिन वह पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर सकी। इस स्थिति का लाभ उठाते हुए भाजपा ने कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के साथ मिलकर बहुमत का आंकड़ा पार किया और नगर परिषद में नई सत्ताधारी व्यवस्था स्थापित की।
नए गठबंधन ने विकास और स्थिर प्रशासन को अपना प्रमुख उद्देश्य बताते हुए कहा कि स्थानीय निकायों में कामकाज को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, न कि पारंपरिक राजनीतिक मतभेदों को। गठबंधन के तहत भाजपा को नगर परिषद में प्रमुख पद मिला, जबकि सहयोगी दलों को भी सत्ता में हिस्सेदारी दी गई।
इस घटनाक्रम पर शिवसेना ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे जनादेश के साथ विश्वासघात बताया और आरोप लगाया कि सत्ता के लिए वैचारिक मतभेदों को दरकिनार कर दिया गया है। शिवसेना नेताओं ने कहा कि पार्टी एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी और जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शहरी स्थानीय निकायों में अब ऐसे गठबंधन आम होते जा रहे हैं, जहाँ सीटों का गणित और स्थानीय समीकरण राष्ट्रीय या राज्य स्तर की राजनीति से अलग दिशा तय करते हैं।
अंबरनाथ नगर परिषद में बना यह नया सत्ता समीकरण महाराष्ट्र की नगर राजनीति में बदलते रुझानों की ओर इशारा करता है और आने वाले समय में अन्य नगर निकायों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
महाराष्ट्र
फुटपाथ से उठाकर विधायक बनाया, लेकिन पार्टी के लिए कुछ नहीं किया: अबू आसिम आज़मी का रईस शेख पर बड़ा हमला

मुंबई: (कमर अंसारी) समाजवादी पार्टी महाराष्ट्र में अंदरूनी गुटबाज़ी अब खुलकर सामने आ गई है। महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अबू आसिम आज़मी ने एक निजी यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में पार्टी के भिवंडी से विधायक रईस शेख पर तीखा हमला बोला है। आज़मी ने दावा किया कि उन्होंने रईस शेख को “फुटपाथ से उठाकर समाजवादी पार्टी की सीट पर विधायक बनाया”, लेकिन रईस शेख ने कभी भी पार्टी के हित में कोई काम नहीं किया।
अबू आसिम आज़मी ने आरोप लगाया कि रईस शेख लगातार समाजवादी पार्टी के खिलाफ काम कर रहे हैं और उन्हें नैतिकता के आधार पर खुद ही पार्टी से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि रईस शेख ने भिवंडी महानगरपालिका और मुंबई महानगरपालिका चुनावों के लिए उम्मीदवारों के इंटरव्यू खुद लिए और टिकट वितरण में भी दखल दिया। इतना ही नहीं, समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों को हराने के लिए उनके सामने कांग्रेस के उम्मीदवार उतारे गए।
आज़मी के मुताबिक, जब पार्टी ने रईस शेख के भाई को टिकट देने से इनकार कर दिया, तो इसी नाराज़गी के चलते उन्होंने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों के खिलाफ अपने समर्थकों को कांग्रेस की टिकट पर चुनाव मैदान में उतार दिया। अबू आसिम आज़मी ने यह भी आरोप लगाया कि रईस शेख परिवारवाद को बढ़ावा देना चाहते थे, जिसका पार्टी ने विरोध किया और इसी कारण टिकट देने से मना कर दिया गया।
दूसरी ओर, रईस शेख अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाए हैं कि वे वास्तव में किस पार्टी के साथ हैं। एक तरफ उनके समर्थन से कांग्रेस के उम्मीदवार चुनाव लड़ते नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने समाजवादी पार्टी से औपचारिक रूप से इस्तीफा नहीं दिया है। अबू आसिम आज़मी ने कहा कि जल्द ही जनता के सामने रईस शेख का “दोहरा चेहरा” उजागर हो जाएगा। उन्होंने महानगरपालिका चुनावों के बाद रईस शेख के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत भी दिए हैं।
वहीं, रईस शेख का कहना है कि कई राजनीतिक पार्टियां उनकी अनुमति के बिना उनके फोटो का इस्तेमाल कर वोट हासिल करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि समाजवादी पार्टी के टिकट वितरण के किसी भी फैसले में वे शामिल नहीं थे और पार्टी ने उन्हें पहले ही साइडलाइन कर दिया था। रईस शेख के अनुसार, जो उम्मीदवार कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे हैं, उन्हें टिकट कांग्रेस पार्टी ने ही दिया है और इसका उनसे कोई लेना-देना नहीं है।
इस पूरे विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के मुस्लिम वोटर असमंजस की स्थिति में हैं। वे यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि रईस शेख के समर्थन से उतरे कांग्रेस उम्मीदवारों को वोट दें या समाजवादी पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों को, क्योंकि इस चुनाव में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आखिर कौन किसके साथ है।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध3 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र6 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय1 year agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध3 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
अपराध3 years agoपिता की मौत के सदमे से छोटे बेटे को पड़ा दिल का दौरा
-
राष्ट्रीय समाचार11 months agoनासिक: पुराना कसारा घाट 24 से 28 फरवरी तक डामरीकरण कार्य के लिए बंद रहेगा
