अंतरराष्ट्रीय
वेस्टर्न यूरोप के स्मार्टफोन मार्केट में सैमसंग ने शीर्ष में बनाई जगह
पश्चिमी यूरोप के स्मार्टफोन बाजार में साल की तीसरी तिमाही में भी सैमसंग ने सूची में अपने लिए शीर्ष स्थान को बरकरार रखा है और यह क्रम सेल में गिरावट होने के बाद भी कंपनी ने जारी रखा हुआ है। गुरुवार को प्रदर्शित एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। इंडस्ट्री रिसर्चर इंटरनेशनल डेटा कॉर्प (आईडीसी) के मुताबिक, 35.6 फीसदी बाजार में हिस्सेदारी के साथ जुलाई से सितंबर तक की अवधि में दक्षिण कोरिया की इस दिग्गज तकनीकि कंपनी ने वेस्टर्न यूरोप के मार्केट में 1.03 करोड़ स्मार्टफोन की शिपिंग की है।
योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि पिछले साल के मुकाबले यह आंकड़े कुछ कम हैं, क्योंकि उस दौरान कंपनी ने 35.8 फीसदी मार्केट शेयर के साथ 1.1 करोड़ स्मार्टफोन की शिपिंग की थी।
सैमसंग के बाद दूसरे पायदान पर एप्पल और तीसरे में शाओमी का नाम शुमार है।
व्यापार
टाटा मोटर्स 1 सितंबर से कारों और एसयूवी की कीमतों में 25,000 रुपए तक की करेगी बढ़ोतरी

देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड ने अपनी यात्री वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि वह 1 सितंबर 2026 से अपने पूरे यात्री वाहन पोर्टफोलियो, जिसमें पेट्रोल-डीजल मॉडल और इलेक्ट्रिक वाहन दोनों शामिल हैं, की कीमतों में 25,000 रुपए तक की वृद्धि करेगी।
कंपनी के अनुसार, कीमतों में बढ़ोतरी का स्तर सभी मॉडलों और वेरिएंट्स के लिए अलग-अलग होगा। टाटा मोटर्स ने कहा कि यह निर्णय बढ़ती इनपुट लागत और लगातार बने हुए मुद्रास्फीति के दबावों के प्रभाव को आंशिक रूप से संतुलित करने के लिए लिया गया है।
टाटा मोटर्स ने यह भी स्पष्ट किया कि वह लागत में आई बढ़ोतरी का एक बड़ा हिस्सा पहले से खुद वहन कर रही है, लेकिन लगातार बढ़ते खर्चों के कारण अब कीमतों में संशोधन करना आवश्यक हो गया है।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अन्य प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां भी अपने वाहनों की कीमतें बढ़ा चुकी हैं। हाल ही में हुंडई मोटर इंडिया ने बढ़ती कच्चे माल की लागत, ऊंचे परिचालन खर्च और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का हवाला देते हुए अपने वाहन पोर्टफोलियो की कीमतों में 1 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की घोषणा की थी।
वहीं, मारुति सुजुकी ने भी अगस्त से अपने एरिना और नेक्सा मॉडल्स की कीमतों में वृद्धि की थी। कंपनी ने विभिन्न मॉडलों और वेरिएंट्स के अनुसार 2,500 रुपए से 30,000 रुपए तक कीमतें बढ़ाई थीं।
कीमतों में लगातार हो रहे ये बदलाव ऑटोमोबाइल उद्योग पर पड़ रहे निरंतर लागत दबाव के बीच आए हैं, जिसमें कंपनियां कच्चे माल, पुर्जों, लॉजिस्टिक्स और परिचालन खर्चों में बढ़ोतरी के कारण लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने के लिए मजबूर हो रही हैं। हालांकि वाहन निर्माता लागत अनुकूलन के जरिए ग्राहकों पर पड़ने वाले असर को सीमित रखने की कोशिश भी कर रहे हैं।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का शुद्ध लाभ घटकर 859 करोड़ रुपए रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 4,003 करोड़ रुपए था। यह सालाना आधार पर करीब 79 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। तिमाही आधार पर भी कंपनी का लाभ 85 प्रतिशत कम हुआ है।
इस बीच, घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार के शुरुआती कारोबार के दौरान टाटा मोटर्स के शेयर 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 319.70 रुपए पर कारोबार करता दिखाई दिए। पिछले 6 महीने में स्टॉक 15.87 प्रतिशत तक टूटा है, वहीं पिछले एक साल में करीब 23 प्रतिशत गिरा है, जबकि इस साल अब तक कंपनी के शेयर 13 प्रतिशत से ज्यादा गिरे हैं।
एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 52 सप्ताह में शेयर ने 419 रुपए का उच्चतम और 294.30 रुपए का न्यूनतम स्तर छुआ है।
राष्ट्रीय समाचार
एसबीआई ने बचत खातों से नकद निकासी की फीस में किया बदलाव, अब 15 रुपए प्रति लेनदेन का करना होगा भुगतान

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने बेसिक बचत बैंक जमा (बीएसबीडी) खातों से नकद निकासी की फीस में बदलाव किया है। अब खाताधारकों को एक निश्चित सीमा से अधिक बार निकासी करने पर 15 रुपए प्रति लेनदेन का भुगतान करना होगा। यह जानकारी बैंक की ओर से गुरुवार को दी गई।
एसबीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि बदले हुए नियमों के तहत, ग्राहकों को हर महीने चार बार मुफ्त कैश निकालने की सुविधा मिलती रहेगी, जबकि इस सीमा से ज्यादा बार नकद निकालने पर हर लेनदेन के लिए 15 रुपए (जीएसटी को हटाकर) के शुल्क का भुगतान करना होगा।
हालांकि, बैंक के अनुसार, सभी डिजिटल लेनदेन बिना किसी रोक-टोक के मुफ्त बने रहेंगे।
इसके अलावा, बैंक ने आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (एईपीएस) लेनदेन के नियमों में भी बदलाव किया है। पहले, महीने के चार मुफ्त लेनदेन की गिनती करते समय डिजिटल लेनदेन के तहत एईपीएस लेनदेन को शामिल नहीं किया जाता था। बदले हुए नियमों के तहत, इस छूट को हटा दिया गया है।
इसके अतिरिक्त, एसबीआई का वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 10.23 प्रतिशत बढ़कर 21,121.22 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 19,160.44 करोड़ रुपए था।
वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में बैंक की ब्याज से आय सालाना आधार पर 8.5 प्रतिशत बढ़कर 1,27,896.46 करोड़ रुपए हो गई है, जो कि वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 1,17,830.28 करोड़ रुपए थी।
अन्य आय को मिलाकर वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में एसबीआई की कुल आय सालाना आधार पर 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1,43,819.15 करोड़ रुपए हो गई है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 1,35,341.56 करोड़ रुपए थी।
इस दौरान बैंक के कुल खर्च में भी बढ़ोतरी देखी गई है। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में एसबीआई का कुल खर्च सालाना आधार पर 5.2 प्रतिशत बढ़कर 1,10,289.97 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 1,04,797.09 करोड़ रुपए था।
राष्ट्रीय समाचार
भारतीय शेयर बाजार लगातार सात सत्रों की गिरावट के बाद हरे निशान में बंद, सेंसेक्स 628 अंक बढ़ा

भारतीय शेयर बाजार लगातार सात सत्रों की गिरावट के बाद गुरुवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,537.72 और निफ्टी 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,231.85 पर था।
बाजार में तेजी का नेतृत्व मीडिया, रियल्टी और प्राइवेट बैंक ने किया। सूचकांकों में निफ्टी मीडिया (2.13 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (1.41 प्रतिशत) और निफ्टी प्राइवेट बैंक (0.89 प्रतिशत) की बढ़त के साथ टॉप गेनर्स थे। इसके बाद निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी आईटी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी इन्फ्रा सबसे ज्यादा बढ़ने वाले सूचकांक थे। निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी पीएसई और निफ्टी पीएसयू बैंक लाल निशान में बंद हुए।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी खरीदारी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 262.80 अंक या 0.41 प्रतिशत की तेजी के साथ 63,671.55 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 134.30 अंक या 0.68 प्रतिशत की मजबूती के साथ 19,841.45 पर था।
सेंसेक्स पैक में इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, इन्फोसिस, अल्ट्राटेक सीमेंट, पावर ग्रिड, एलएंडटी, एचयूएल, एनटीपीसी, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक और एमएंडएम गेनर्स थे। टाटा स्टील, इंडिगो, एचसीएल टेक और टाइटन लूजर्स थे।
जानकारों के मुताबिक, बॉन्ड यील्ड में तेजी को रोकने के लिए यूएस ट्रेजरी के दखल से बाजार को बहुत जरूरी राहत मिली, जिससे जबरदस्त तेजी आई और घरेलू बाजार में हफ्ते भर से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया। इस दखल से डॉलर कमजोर हुआ और इससे रुपए को मजबूती मिलने एवं यील्ड का दबाव कम होने से उभरते बाजार निवेशकों के लिए आकर्षण हो गए।
उन्होंने आगे कहा कि बाजार में यह सुधार सभी सेक्टर में दिखा, जिसमें मुख्य रूप से आईटी और फाइनेंशियल शेयरों में तेजी का योगदान रहा, क्योंकि यील्ड में नरमी से खर्च को बढ़ावा मिलता है। हालांकि, अभी भी कच्चे तेल की कीमत उच्च स्तर पर हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
-
दुर्घटना12 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
