राजनीति
राहुल सामरिक मामलों पर ट्वीट कर न पूछें : रविशंकर
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने चीन सीमा पर तनाव के बीच सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “राहुल को इतनी तो समझदारी होना चाहिए कि चीन से जुड़े सामरिक मामलों में ट्विटर के जरिए सवाल नहीं पूछा करते।” प्रसाद ने कहा, “मैं राहुल गांधी के बारे में एक ही बात कहना चाहूंगा कि वह देश की अर्थनीति को कितना समझते हैं, देश की सामरिक नीति को कितना समझते हैं, इस पर बहस होनी चाहिए। राहुल गांधी जी, कृपया थोड़ा सा इस विषय पर सोचिए, आप वही हैं जिन्होंने बालाकोट के हमले के बाद भी सबूत मांगे थे, आप वही हैं जो उरी के हमले पर भी सेना से सबूत मांगे थे।”
मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री रविशंकर ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के एक अखबार में लिखे लेख को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस वर्सेज बीजेपी कर कौन कर रहा है। चुनौती भरे समय में कांग्रेस कर रही है। कांग्रेस और राहुल गांधी कर रहे हैं।”
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मोदी सरकार में देश बदल रहा है। राजीव गांधी कहते थे कि दिल्ली से एक रुपया भेजता हूं तो 15 पैसे पहुंचते हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार सौ रुपये भेजती है तो पूरे पैसे मिलते हैं। यही डिजिटल इंडिया है।
उन्होंने कहा, “सोनिया जी, मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आज देश को एक सुर में बोलने की जरूरत है। कृपया बीजेपी वर्सेस कांग्रेस लिखना बंद करिए। हम बीजेपी वर्सेस कांग्रेस से भागते नहीं हैं। चुनाव आने दीजिए, हम ईमानदारी से बीजेपी वर्सेस कांग्रेस करेंगे।”
भाजपा नेता ने कहा कि राहुल गांधी की उनकी सरकारों के मुख्यमंत्री भी नहीं सुनते। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी लॉकडाउन से क्या फायदा हुआ, सवाल हमसे पूछते हैं जबकि उनके कांग्रेस के मुख्यमंत्री लॉकडाउन लगाते हैं। पंजाब की सरकार ने लगा रखा है, महाराष्ट्र और राजस्थान में भी लगा रखा है। राहुल गांधी जी की क्या आपके मुख्यमंत्री आपकी बात नहीं सुनते हैं या आपका तर्क हल्का रहता है।”
उन्होंने राहुल गांधी को कांग्रेस और भाजपा की सरकारों में फर्क बताते हुए कहा, “आपकी सरकार और नरेंद्र मोदी की सरकार में यह अंतर है कि आप की सरकार काम शुरू करती है लेकिन उसे ठीक से नहीं करती, उसी काम को हम ठीक करते हैं और अपडेट करके करते हैं। आज हमारी सरकार ने यह किया कि मनरेगा का सारा पेमेंट सीधे बैंक अकाउंट में जाता है। आधार से लिंक किया है, ताकि जो मजदूर जमीन पर काम करते हैं,उन्हें पूरा पैसा मिले। हमारी सरकार का एक फायदा यह हुआ है आपके समय में मनरेगा में 21.4 फीसदी लोगों को फायदा हो रहा था। लेकिन हमारी सरकार में ये आंकड़ा 67.7 फीसदी पहुंच गया है।”
अपराध
अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

मुंबई: दक्षिण मुंबई के अग्रीपाड़ा इलाके में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 19 वर्षीय दैनिक मजदूर ने घरेलू विवाद के बाद अपनी 19 वर्षीय पत्नी की हत्या कर दी और फिर खुद भी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह घटना कालापानी चौकी के पास तड़के करीब 5:00 बजे घटी।
अग्रीपाड़ा पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान मोहम्मद अहसान शेख (19) और उसकी पत्नी की पहचान जन्नत अहसान शेख (19) के रूप में हुई है। दोनों के बीच तड़के किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। बहस बढ़ने पर अहसान ने रसोई के चाकू से जन्नत का गला रेत दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद अहसान ने उसी चाकू से अपना भी गला रेत लिया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने उसे गंभीर हालत में बीवाईएल नायर अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
अग्रीपाड़ा पुलिस ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मोहम्मद अहसान शेख के खिलाफ अपनी पत्नी की हत्या का मामला दर्ज किया जा रहा है, जबकि उसकी अपनी मौत के संबंध में एडीआर (आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट) दर्ज की जा रही है। पुलिस विवाद के कारणों की आगे की जांच कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
नेपाल में बाढ़ के 9 दिन बाद बचावकर्मियों को सुरंग से दो लोगों को सुरक्षित निकाला

नेपाल में पिछले हफ्ते आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बचावकर्मियों ने शुक्रवार को त्रिशूली 3-ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो लोगों को जिंदा निकाला। इसके बाद यह उम्मीद जगी है कि अंदर अभी और लोग भी फंसे हो सकते हैं।
त्रिशूली नदी क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ को नौ दिन बीत चुके हैं। बाढ़ अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को बहा ले गई थी। इस दौरान दर्जनों जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा।
इसी बीच, त्रिशूली 3-ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले दो कर्मचारियों को जिंदा बचा लिया गया। ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्री के सचिवालय ने बताया कि बचाए गए लोगों में काठमांडू के रहने वाले 45 वर्षीय कबीर महर्जन और सप्तरी जिले के 30 वर्षीय संजय साह शामिल हैं। महर्जन अपर त्रिशूली 3-ए की हाइड्रोपावर ऑटोमेशन परियोजना में सुपरवाइजर हैं, जबकि साह फोरमैन के रूप में काम कर रहे थे।
सचिवालय के अनुसार, दोनों को हेलिकॉप्टर से काठमांडू के अस्पताल ले जाया गया। शुक्रवार को सबसे पहले संजय साह को बचाया गया और उसके बाद कबीर महर्जन को सुरक्षित निकाला गया।
इस सफल बचाव अभियान से पहले बचावकर्मियों को सुरंग के भीतर से लोगों की आवाजें सुनाई दी थीं। इसके बाद अंदर फंसे लोगों से संपर्क भी स्थापित कर लिया गया था।
आवाज सुनने के बाद नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल ने उन्हें निकालने की कोशिशें और तेज कर दीं। लगातार की गई मेहनत के बाद आखिरकार यह प्रयास सफल रहा।
26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ ने त्रिशूली नदी घाटी में भारी तबाही मचाई थी। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस आपदा में कम से कम 1,252 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि गुरुवार शाम तक 5,053 लोग लापता थे।
बाढ़ की वजह से 60 मेगावाट की अपर त्रिशूली 3ए परियोजना समेत कई जलविद्युत परियोजनाओं और महत्वपूर्ण सड़क संपर्क मार्गों को भी नुकसान पहुंचा। तब से बचाव दल कठिन परिस्थितियों में उन लोगों की तलाश कर रहे हैं जो सुरंगों और अन्य ढांचों के भीतर फंस गए हो सकते हैं।
मंत्री के सचिवालय के अनुसार, नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और चीनी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम मौके पर तैनात है। बचाव कार्य में पांच खुदाई मशीनें (एक्सकेवेटर), कंप्रेसर और ब्रेकर लगाए गए हैं। सुरंग तक पहुंच बनाने के लिए ड्रिलिंग और अन्य खुदाई का काम भी तेज कर दिया गया है।
सुरंग के अंदर एक बड़ी चट्टान मिली थी, जिसे हटाने के लिए विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया, ताकि रास्ता साफ हो सके और खोज एवं बचाव अभियान आगे बढ़ाया जा सके।
राष्ट्रीय समाचार
सीजेपी का पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर प्रदर्शन, सौरव दास बोले-2800 अपराधियों पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई मारपीट के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर दिल्ली में फिर से प्रदर्शन शुरू हो गया है।
सीजेपी के नेता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका अपनी कार्यकर्ता निशु आजाद और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग को लेकर नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। इस दौरान निशु आजाद भी थाने पहुंचीं।
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से कहा कि जंतर-मंतर पर जब उनका शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था, तब वहां हिंसा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आपराधिक गैंग दिल्ली में पहले से हिंसा करती आ रही है।
उन्होंने कहा, “ये लोग इतने समय से दिल्ली में खुलेआम क्यों घूम रहे हैं, ये हमारी समझ से परे है। दिल्ली पुलिस बार-बार कह रही थी कि जंतर-मंतर पर 2,800 से ज्यादा घोर अपराधियों की पहचान की गई तो आप उन लोगों को ये छूट क्यों देना चाह रहे हैं? हमने कहा कि उन 2,800 अपराधियों की पहचान की जाए और यदि उन्होंने कोई संगीन अपराध किया है तो आप उनके खिलाफ कार्रवाई करें, जेल में डालें। क्या कानून व्यवस्था दिल्ली में इतनी दुर्बल हो गई है? दिल्ली पुलिस को जवाब देना चाहिए।”
सौरव दास ने कहा कि आज वे इसलिए आए हैं क्योंकि उस घटना के बाद से अब तक दिल्ली पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पहले दिन से वे सभी छात्रों के साथ खड़े हैं और आगे भी खड़े रहेंगे। उनकी मांग है कि जो 2,800 गुंडे आए थे, उनकी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
वही, सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनकी साथी निशु के पिता संजय आजाद के साथ मारपीट हुई और उनका सिर फोड़ा गया। यह घटना खुलेआम हुई।
आशुतोष रांका ने कहा, “लगातार हमारी टीम और सौरव दिल्ली पुलिस से मांग करते रहे कि इन गुंडों को गिरफ्तार करें, इन पर हत्या के प्रयास का चार्ज लगाएं लेकिन दिल्ली पुलिस सोती रही। अब देश की राजधानी में हालात ऐसे हो गए हैं कि गुंडे ये खुलेआम कबूल कर रहे हैं कि उन्होंने संजय का सिर फोड़ा और उनकी पूरी कोशिश उन्हें जान से मारने की थी।”
उन्होंने कहा कि आरोपी खुद कबूल कर रहा है कि उस पर हत्या के प्रयास का केस बनता था लेकिन दिल्ली पुलिस ने उस व्यक्ति के साथ कुछ नहीं किया। आज देश और लोकतंत्र के लिए शर्मनाक दिन है जहां खुलेआम गुंडागर्दी करने वाले दावा करता है कि उसने किसी को जान से मारने का प्रयास किया लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सीजेपी ने मांग की है कि जिन लोगों ने खुद अपनी पहचान बताई है, उन्हें गिरफ्तार किया जाए और उन पर हत्या के प्रयास समेत सभी संगीन धाराएं लगाई जाएं।
दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल एक पॉडकास्ट क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज नामक व्यक्ति ने दावा किया है कि संजय आजाद के सिर पर वार उसी ने किया था। साथ ही, उसने राजनीतिक प्रभाव के चलते अपने खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होने की बात भी कही।
इसी वीडियो के सामने आने के बाद सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य कार्यकर्ता पटेल चौक से संसद मार्ग थाने पहुंचे हैं और निशु के पिता के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
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