Connect with us
Thursday,24-September-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय समाचार

दक्षिण कोरिया में जिनपिंग से मिलेंगे राष्ट्रपति ट्रंप, टैरिफ विवाद के बीच बैठक पर टिकी दुनिया की निगाहें

Published

on

TRUMP

वाशिंगटन, 24 अक्टूबर: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अगले हफ्ते मलेशिया में मुलाकात होने जा रही है। टैरिफ विवाद के बीच ट्रंप और जिनपिंग की ये मुलाकात कई मायनों में खास है।

बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में चीन पर 155 फीसदी टैरिफ 1 नवंबर से लागू करने की घोषणा की। इन घोषणाओं के बीच दोनों नेताओं की मुलाकात पर दुनिया की नजर टिकी रहेगी।

दक्षिण कोरिया में शी जिनपिंग के साथ ट्रंप की वार्ता की पुष्टि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने की है। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच 30 अक्टूबर को एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी) शिखर सम्मेलन से इतर वार्ता होगी।

लेविट ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के एशिया दौरे को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ट्रंप के एशिया दौरे में आसियान और एपीईसी शिखर सम्मेलनों के लिए मलेशिया, जापान और दक्षिण कोरिया शामिल हैं, जहां व्यापार वार्ता, शांति वार्ता और अमेरिका-चीन तनाव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

बता दें, इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने वाशिंगटन और बीजिंग में व्यापार युद्ध बढ़ने के बीच इस बैठक को रद्द करने की धमकी दी थी। हालांकि, उन्होंने बुधवार को कहा कि अब उन्हें “हर मुद्दे पर समझौते” की उम्मीद है।

अमेरिकी राष्ट्रपति शुक्रवार को वाशिंगटन से रवाना होंगे और रविवार को दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ शिखर सम्मेलन के लिए मलेशिया पहुंचेंगे। खास बात यह है कि ट्रंप इससे पहले के अपने कार्यकाल में कई बार इस बैठक में शामिल नहीं हुए हैं।

वह मलेशिया के साथ एक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले हैं—लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि वह थाईलैंड और कंबोडिया के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर की देखरेख करेंगे।

मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप थाईलैंड और कंबोडिया के बीच शांति वार्ता के और भी सकारात्मक परिणाम देखने के लिए उत्सुक हैं।”

ट्रंप का अगला पड़ाव मंगलवार को टोक्यो होगा और बुधवार को वह रूढ़िवादी साने ताकाइची से मुलाकात करेंगे। बता दें, साने ताकाइची ने इसी हफ्ते जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली है।

अमेरिकी राष्ट्रपति के ‘टैरिफ बम’ से जापान अब तक बचा हुआ है। लेविट ने बताया कि एपीईसी समिट में शामिल होने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बुधवार को दक्षिणी बंदरगाह शहर बुसान पहुंचेंगे।

इसके बाद ट्रंप दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग से मिलेंगे, व्यापारिक नेताओं के साथ एपीईसी लंच को संबोधित करेंगे और अमेरिकी टेक सीईओ से डिनर पर मिलेंगे। व्हाइट हाउस ने बताया कि यह बैठक ग्योंगजू शहर में एपीईसी शिखर सम्मेलन से इतर होगी।

इसके अगले दिन ट्रंप, पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार शी जिनपिंग से मिलेंगे। वैश्विक बाजार इस बात पर कड़ी नजर रखेंगे कि क्या दोनों नेता दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार युद्ध को रोक पाते हैं।

ट्रंप ने शुरुआत में बैठक रद्द करने और नए टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि वह आगे बढ़ेंगे। इस दौरान उत्तर कोरिया भी एजेंडे में होगा। दरअसल, ट्रंप के दौरे से कुछ दिन पहले, बुधवार को, उत्तर कोरिया ने कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।

अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि दक्षिण कोरिया ने दोनों कोरिया को अलग करने वाले असैन्यीकृत क्षेत्र (डीएमजेड) के कुछ हिस्सों में दौरे रोक दिए हैं। इससे ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के बीच एक नई मुलाकात की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, अब तक इनकी मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

नेपाल: भारी बारिश का अलर्ट, टूरिज्म बोर्ड ने यात्रा संबंधी चेतावनी जारी की

Published

on

नेपाल टूरिज्म बोर्ड (एनटीबी) ने पर्यटकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। मौसम विभाग के हवाले से चेतावनी दी गई है कि 25 से 27 सितंबर के बीच देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

26 अगस्त को ही नेपाल में बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई थी। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, मंगलवार शाम तक इस बाढ़ में 1,451 लोगों की मौत हो गई थी और 5,705 लोग लापता हो गए थे, इनमें 636 विदेशी भी शामिल हैं।

मंगलवार को ही जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग (डीएचएम) ने शुक्रवार से रविवार तक पूर्वी कोशी, दक्षिणी मधेश, मध्य बागमती और पश्चिमी सुदूरपश्चिम प्रांतों के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। कर्णाली, गंडकी और लुंबिनी समेत पश्चिमी प्रांतों में भी गरज-चमक के साथ बौछार पड़ने का अनुमान लगाया है। इन्हीं सब हालात को देखते हुए एनटीबी ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है।

एनटीबी ने अपनी एडवाइजरी में कहा, “नदी घाटियों के पास पहाड़ी और ज्यादा ऊंचे इलाकों में जाने वाले पर्यटकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, क्योंकि वहां मौसम तेजी से बदल सकता है और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है।”

भोटे कोशी और त्रिशूली नदी बेसिन इलाके में कई पर्यटक 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ का शिकार हुए थे।

बोर्ड ने यात्रियों को सलाह दी कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताज़ा जानकारी और आधिकारिक सलाह देख लें और सड़क, फ़्लाइट और ट्रेकिंग-रूट की स्थितियों के बारे में अपडेट रहें।

इसने यात्रियों को यह भी सलाह दी कि वे खराब मौसम से प्रभावित या ज़्यादा जोखिम वाले इलाकों में जाने से बचें। सलाह में कहा गया है, “नदियों, झरनों, खड़ी ढलानों और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की आशंका वाले इलाकों के पास खास सावधानी बरतें।”

पर्यटन बोर्ड ने यात्रियों से यह भी कहा कि वे असुरक्षित मौसम में ट्रेकिंग, पर्वतारोहण और दूसरी आउटडोर गतिविधियों से बचें।

उन्होंने कहा, “स्थानीय अधिकारियों, सुरक्षा एजेंसियों, पर्यटन पेशेवरों और अन्य संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और मौसम की स्थिति व टूर ऑपरेटरों की सलाह के आधार पर पहले से ही सुरक्षित जगहों पर रहें या वहां चले जाएं।”

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

दक्षिण कोरिया: किम जोंग उन ने ‘वैचारिक तौर-तरीकों में बदलाव’ का किया आह्वान

Published

on

उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन ने पार्टी पदाधिकारियों से कहा है कि वे “समय की मांग” के मुताबिक पार्टी के प्रचार और वैचारिक अभियान को नए सिरे से तैयार करें।

योनहाप ने कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के हवाले से बताया कि सोमवार को सूचना क्षेत्र के अधिकारियों के लिए पार्टी की तीसरी कार्यशाला के समापन भाषण में किम ने “वैचारिक कामकाज की सामग्री, स्वरूप, तरीकों और साधनों” को आधुनिक बनाने के लिए “सिद्धांतों से जुड़े मुद्दों” और कार्यों को रेखांकित किया।

उन्होंने “सूचना और प्रेरणा के काम में नवाचार और संस्कृति के निर्माण” का आह्वान किया और जोर दिया कि ये “समय, क्रांति और लोगों की उम्मीदों” के अनुरूप हों।

खासकर, किम ने “प्रतिक्रियावादी वैचारिक संस्कृति के प्रसार को पूरी तरह से रोकने” के लिए “आधुनिक सूचना और तकनीकी साधनों” के इस्तेमाल का आह्वान किया; इस कदम को बाहरी विचारों और प्रभावों के प्रवाह को अधिक प्रभावी ढंग से रोकने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

केसीएनए की रिपोर्ट के अनुसार, चार दिन तक चली यह कार्यशाला सोमवार को संपन्न हुई। यह कार्यशाला किम के “क्रांतिकारी विचारों” और “पार्टी की क्रांतिकारी विरासतों और नेतृत्व की उपलब्धियों” पर आधारित वैचारिक शिक्षा पर केंद्रित थी।

प्रतिभागियों से आग्रह किया गया कि वे “वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के नौवें कांग्रेस के फैसलों को लागू करने के लिए जनता को प्रेरित करने हेतु सूचना और प्रचार अभियान को तेज करें” और हर क्षेत्र व इकाई के हिसाब से वैचारिक कामकाज को तैयार करें।

कार्यशाला में “वैचारिक कामकाज के नए स्वरूपों और तरीकों,” “यथार्थवादी और आकर्षक ढंग से सूचना का काम करने” के तरीकों को प्रभावी बनाने की नीति के अनुसार विजुअल एड्स (दृश्य साधनों) के इस्तेमाल” पर भी चर्चा की गई।

इस साल का सत्र 2022 में शुरू हुई ऐसी कार्यशालाओं की श्रृंखला में तीसरी कार्यशाला थी। किम ने उद्घाटन और समापन, दोनों समारोहों में हिस्सा लिया और हर बार भाषण दिया।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

प्योंगयांग से बातचीत की अपील, दक्षिण कोरिया-यूएस-जापान ने परमाणु निरस्त्रीकरण पर जताई प्रतिबद्धता

Published

on

दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के शीर्ष राजनयिकों ने उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर प्रतिबद्धता दोहराई है। साथ ही प्योंगयांग से बातचीत फिर शुरू करने की अपील भी की है। तीनों देशों ने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता कायम करने के लिए बातचीत का रास्ता खुला हुआ है।

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने सोमवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सप्ताह से इतर त्रिपक्षीय बैठक की।

बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में तीनों देशों ने “उत्तर कोरिया के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों से होने वाली आय को रोकने तथा संबंधित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रस्तावों को लागू करने की प्रतिबद्धता” भी दोहराई।

बयान में कहा गया, “तीनों देशों ने डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) यानी उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। बातचीत का रास्ता खुला है और उत्तर कोरिया को बातचीत की मेज पर लौटना चाहिए।”

योनहाप के मुताबिक यह अपील ऐसे समय की गई है जब उत्तर कोरिया लगातार अपने हथियार कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहा है। उत्तर कोरिया ने मंगलवार को बताया कि उसके नेता किम जोंग-उन की मौजूदगी में रविवार को एक नए हथियार तंत्र का परीक्षण किया गया। उत्तर कोरिया ने इस हथियार के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी, लेकिन इसे अपनी हथियार तकनीक को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

उत्तर कोरिया के साथ बातचीत फिर शुरू करने की अपील को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस इच्छा के संदर्भ में भी देखा जा रहा है कि वह इस साल किम जोंग-उन के साथ फिर बैठक कर अपनी व्यक्तिगत कूटनीति को आगे बढ़ाना चाहते हैं।

हालांकि अमेरिका ने प्योंगयांग के साथ बातचीत की संभावना खुली रखने के साथ ही दक्षिण कोरिया और जापान की रक्षा के प्रति अपनी ‘आयरनक्लैड’ प्रतिबद्धता भी दोहराई है।

बयान के अनुसार “अमेरिका ने कहा कि दक्षिण कोरिया और जापान की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्धता अमेरिकी सैन्य क्षमता और उसकी परमाणु क्षमताओं से स्वीकृत है।”

तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने उत्तर कोरिया द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों के उल्लंघन और उनसे बचने के प्रयासों की निगरानी करने वाले बहुपक्षीय प्रतिबंध निगरानी दल (एमएसएमटी) के काम का भी स्वागत किया।

उन्होंने उत्तर कोरिया के आईटी कर्मचारियों से जुड़े साइबर खतरों को लेकर विभिन्न देशों द्वारा जारी चेतावनियों का भी स्वागत किया। “तीनों देशों ने जून में हुई त्रिपक्षीय कार्य समूह की बैठक के जरिए उत्तर कोरिया से जुड़े साइबर खतरों से निपटने के प्रयासों में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया।”

बैठक में ताइवान स्ट्रेट में शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। तीनों देशों ने ताइवान से जुड़े मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया और यथास्थिति को एकतरफा तरीके से बदलने के किसी भी प्रयास का विरोध किया।

उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र और दुनिया के अन्य हिस्सों में नौवहन तथा हवाई उड़ान की स्वतंत्रता, निर्बाध वैध व्यापार और समुद्र के अन्य वैध उपयोगों को बनाए रखने के समर्थन की बात कही। इन सभी गतिविधियों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि के अनुरूप रखने पर जोर दिया गया।

ताइवान का मुद्दा ऐसे समय में चर्चा में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच गुरुवार को व्हाइट हाउस में शिखर बैठक प्रस्तावित है। दोनों नेताओं के बीच भू-राजनीतिक मुद्दों सहित कई विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय के अनुसार, चो, रुबियो और मोतेगी ने पूर्वोत्तर एशिया तथा पश्चिम एशिया की स्थिति समेत प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। तीनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच आपसी संपर्क और समन्वय को और मजबूत करने पर सहमति जताई।

बैठक में आर्थिक सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। तीनों देशों ने आर्थिक दबाव तथा गैर-बाजार नीतियों और ऐसी गतिविधियों का विरोध करने की बात कही, जिनसे बाजार में असंतुलन पैदा होता है और आपूर्ति श्रृंखला बाधित होती है।

तीनों देशों ने महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित रखने तथा स्वतंत्र और पारदर्शी व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई। इसके तहत त्रिपक्षीय आपूर्ति श्रृंखला प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने और आर्थिक सुरक्षा पर नई त्रिपक्षीय बातचीत शुरू करने का स्वागत किया गया।

ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी तीनों देशों ने क्षेत्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई। इसमें तेल भंडार बढ़ाना तथा तेल उत्पादक और उपभोक्ता देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना शामिल है।

विदेश मंत्रियों ने छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों की तैनाती में तेजी लाने के लिए 7 जुलाई को हुए त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन को लागू करने की योजना पर भी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि यह काम परमाणु सुरक्षा, सुरक्षा मानकों और परमाणु अप्रसार के उच्चतम मानकों के अनुरूप किया जाना चाहिए।

इसके अलावा तीनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीक, डिजिटल बुनियादी ढांचे और जैव प्रौद्योगिकी जैसी महत्वपूर्ण और उभरती तकनीकों के विकास और सुरक्षा के लिए सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई।

दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के शीर्ष राजनयिकों की यह बैठक ऐसे समय हुई है जब उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम तथा क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर तीनों देशों के बीच समन्वय लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है। इससे पहले तीनों देशों के विदेश मंत्रियों की त्रिपक्षीय बैठक 7 जुलाई को तुर्की में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान और 22 जुलाई को फिलीपींस में आसियान से जुड़े क्षेत्रीय मंच के दौरान हुई थी।

Continue Reading
Advertisement
व्यापार13 hours ago

बाजार हरे निशान में बंद, सेंसेक्स में 299 अंकों की उछाल, निफ्टी में 0.50 प्रतिशत की तेजी

खेल14 hours ago

पूरे देश को उम्मीद है कि विराट-रोहित भारत के लिए वनडे विश्व कप 2027 जीतेंगे : रिंकू सिंह

राष्ट्रीय समाचार14 hours ago

त्योहारी मौसम से पहले सरकारी बफर स्टॉक से प्याज कोलकाता पहुंचेगा

मनोरंजन14 hours ago

‘हम 24 में 36 घंटे काम करते थे’, रवीना-करिश्मा ने याद किया 90 के दशक का दौर

मनोरंजन14 hours ago

‘जनादेश नहीं मिल रहा तो लोकतंत्र का अपमान करने का अधिकार नहीं’, अखिलेश के बयान पर भाजपा का पलटवार

राष्ट्रीय समाचार15 hours ago

भारत-श्रीलंका ने समुद्र में परखा तालमेल, ‘स्लिनेक्स-26’ को दिया अंजाम

मनोरंजन16 hours ago

अजय देवगन की ‘दृश्यम : द कन्क्लूजन’ का दूसरा गाना ‘मुस्कुरा दो’ आया सामने, लकी अली ने बिखेरा जादू

राष्ट्रीय समाचार16 hours ago

एआई समाधान दे सकता है, लेकिन सही सवाल पूछना आपकी जिम्मेदारी होनी चाहिए: राष्ट्रपति मुर्मु

राजनीति17 hours ago

राहुल गांधी ने एसआईआर विवाद के बीच चुनाव आयोग पर साधा निशाना, कहा-समय आएगा, हम आपको नहीं बख्शेंगे

राष्ट्रीय समाचार18 hours ago

लिस्टिंग से पहले एनएसई आईपीओ का जीएमपी घटकर 43 रुपए, प्रीमियम लिस्टिंग की उम्मीद कमजोर

महाराष्ट्र3 weeks ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

राजनीति2 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल1 week ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

खेल3 weeks ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

अंतरराष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

जापान: 11 साल बाद जन्मदर में मामूली सुधार, इस साल छह महीने में 3.42 लाख बच्चों का जन्म

अपराध3 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

खेल3 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

व्यापार3 weeks ago

सोने में बड़ी तेजी की संभावना, बुल केस में साल के अंत तक 5,600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है: रिपोर्ट

रुझान