Connect with us
Thursday,24-September-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय समाचार

भारत-श्रीलंका ने समुद्र में परखा तालमेल, ‘स्लिनेक्स-26’ को दिया अंजाम

Published

on

भारत और श्रीलंका की नौसेनाओं ने समुद्र में एक संयुक्त युद्धाभ्यास मिशन पूरा किया है। इस युद्धाभ्यास के दौरान दोनों देशों की नौसेना ने अपनी ऑपरेशनल क्षमताओं और आपसी तालमेल को परखा। इस नौसैनिक अभ्यास को ‘स्लिनेक्स-26’ नाम दिया गया। ‘स्लिनेक्स-26’ में दोनों देशों के युद्धपोतों ने समुद्री युद्धाभ्यास, हवाई अभियान, रात में समुद्र में रसद आपूर्ति और विशेष बलों के अभियानों का अभ्यास किया।

भारत और श्रीलंका की नौसेनाओं ने संयुक्त समुद्री अभ्यास के दौरान समुद्र में विभिन्न तरह के अभियानों का अभ्यास किया। दोनों देशों के युद्धपोतों ने समन्वित समुद्री युद्धाभ्यास में हिस्सा लिया। हवाई अभियानों से लेकर रात में समुद्र के बीच रसद की आपूर्ति तक का अभ्यास किया गया। विशेष बलों ने भी कई महत्वपूर्ण गतिविधियों में हिस्सा लिया। पांच दिन चले इस अभ्यास का विशाखापत्तनम में समापन किया गया है।

भारत और श्रीलंका की नौसेनाओं के बीच ‘स्लिनेक्स-26’ का 13वां संस्करण 17 सितंबर से शुरू किया गया था। भारतीय नौसेना के मुताबिक, इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी समझ, परिचालन तालमेल और संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता को और मजबूत करना था। इस दौरान दोनों पक्षों ने अपने अनुभव साझा किए और समुद्री अभियानों में अपनाई जाने वाली बेहतर कार्यप्रणालियों पर संवाद किया। अभ्यास का पहला चरण बंदरगाह पर आयोजित हुआ। इसमें दोनों नौसेनाओं के अधिकारियों और जवानों के बीच पेशेवर बातचीत हुई।

दोनों पक्षों के नौसैनिकों ने एक-दूसरे के युद्धपोतों का दौरा किया। खेल गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। इससे दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी संपर्क और सहयोग को बढ़ाने का अवसर मिला। इसके बाद अभ्यास का समुद्री चरण शुरू हुआ। इसमें दोनों नौसेनाओं ने एक साथ कई समुद्री युद्धाभ्यास किए। हवाई अभियानों के दौरान समुद्री और हवाई संसाधनों के बीच तालमेल का अभ्यास किया गया। रात के समय समुद्र में एक-दूसरे को जरूरी रसद और आपूर्ति उपलब्ध कराने की कार्रवाई भी की गई। इससे कठिन परिस्थितियों में संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता को परखा गया।

विशेष बलों ने भी अभ्यास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने जहाज पर चढ़ने, तलाशी लेने और कब्जे में लेने की कार्रवाई का अभ्यास किया। इसके अलावा हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे तेजी से नीचे उतरने की कार्रवाई भी की गई। इन अभ्यासों से समुद्री अभियानों के दौरान दोनों नौसेनाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने का मौका मिला। ‘स्लिनेक्स-26’ के दौरान हुए अभ्यासों ने दोनों देशों की नौसेनाओं को एक-दूसरे की परिचालन प्रक्रियाओं को समझने और साथ मिलकर काम करने की क्षमता को मजबूत करने का अवसर दिया।

नियमित द्विपक्षीय अभ्यासों से दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग और आपसी तालमेल को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत समुद्री साझेदारी हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता से भी जुड़ी है।‘स्लिनेक्स-26’ इसी साझा प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाता है। यह समुद्री अभ्यास भारत के ‘महासागर’ विजन और ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के अनुरूप दोनों देशों के रक्षा संबंधों को और मजबूत करने में योगदान भी देता है।

राष्ट्रीय समाचार

असम के नगांव में स्ट्रीट लाइट के खंभे से टकराई गाड़ी, तीन लोग जिंदा जले, दो की हालत गंभीर

Published

on

असम के नगांव जिले में एक गाड़ी के स्ट्रीट लाइट के खंभे से टकराने के बाद आग लगने से तीन लोगों की जलकर मौत हो गई। इस दुर्घटना में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

एक स्ट्रीट लाइट पोल से टकराने के बाद जिस वाहन में वे यात्रा कर रहे थे उसमें आग लग गई, जिससे तीन लोगों की जलकर मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

यह हादसा पुरानेगुदाम इलाके के पास केनापट्टी में हुआ। गाड़ी अरुणाचल प्रदेश से गुवाहाटी की ओर जा रही थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चालक ने कथित तौर पर वाहन से नियंत्रण खो दिया और सड़क के बीच में लगे एक स्ट्रीटलाइट पोल से टकरा गया।

टक्कर के बाद वाहन में आग लग गई और देखते ही देखते वाहन पूरी तरह से जल गया। वाहन में सवार तीन लोग अंदर फंस गए और जलते हुए वाहन से बाहर नहीं निकल सके। गंभीर रूप से झुलसने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने गाड़ी से मृतकों के शव बाहर निकाले और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजे।

इस हादसे में विकास कुमार और सोनू कुमार समेत दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले चिकित्सा उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद उन्हें गुवाहाटी स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि वाहन में सवार लोग कथित तौर पर बिहार के रहने वाले थे और गुवाहाटी की ओर जा रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई। जानकारी से पता चला है कि मरने वाले तीनों लोग रास्ते में ही गाड़ी में सवार हुए थे। अधिकारी उनकी पहचान करने और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे किन हालात में यात्रा कर रहे थे।

पुलिस ने बताया कि गाड़ी विकास कुमार की थी, जबकि हादसे के समय सोनू कुमार गाड़ी चला रहा था।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

‘चुनाव आयोग में बगावत’: शिवसेना (यूबीटी) ने सर्वसम्मति से फैसले लेने के ईसीआई के दावे पर उठाए सवाल

Published

on

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे-यूबीटी) ने गुरुवार को भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला किया। पार्टी ने चुनाव आयोग पर ‘घर के नौकर’ की तरह काम करने और संवैधानिक संस्थाओं में जनता का भरोसा कम करने का आरोप लगाया।

मीडिया की जांच रिपोर्टों का हवाला देते हुए ठाकरे गुट ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के एक संपादकीय में चुनाव आयोग के भीतर गंभीर आंतरिक मतभेदों को उजागर किया। इसमें बताया गया कि साथी चुनाव आयुक्त सुखबीर संधू और विवेक जोशी ने पिछले दस महीनों में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के मनमाने और ‘माफिया-जैसे’ कामकाज के तरीके पर कम से कम 14 बार औपचारिक रूप से आपत्ति जताई थी।

संपादकीय में आरोप लगाया गया कि सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बार-बार इन आपत्तियों को नजरअंदाज किया और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए एकतरफा तरीके से मतदाताओं के नाम जोड़ते या हटाते रहे। कोई विकल्प न बचने पर, असहमति रखने वाले दोनों आयुक्तों ने कथित तौर पर यह मामला सीधे कैबिनेट सचिवालय तक पहुंचाया, जिससे प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को चुनाव निकाय के भीतर चल रहे आंतरिक संकट के बारे में पता चला।

संपादकीय में ‘विशेष सारांश संशोधन’ (एसएसआर) प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए और इसे एक ‘सिस्टमैटिक स्कैम’ (व्यवस्थागत घोटाला) करार दिया गया। “एसएसआर प्रक्रिया की आड़ में पूरे भारत में लगभग 13 करोड़ मतदाताओं को मताधिकार से वंचित कर दिया गया है, जिनमें प्रमुख नागरिक और जानी-मानी हस्तियां भी शामिल हैं। महाराष्ट्र की मतदाता सूची से कथित तौर पर दो करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए।”

संपादकीय में बताया गया कि हाल ही में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के दौरान वोटों की संख्या में अचानक 42 लाख की बढ़ोतरी हुई, जिससे भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत का रास्ता साफ हो गया।

संपादकीय में यह भी कहा गया कि पश्चिम बंगाल और बिहार में विधानसभा चुनावों के दौरान भी लाखों मतदाताओं के नाम इसी तरह जानबूझकर हटाए गए थे। केंद्रीय गृह मंत्री पर सीधा निशाना साधते हुए उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने अमित शाह को संवैधानिक गिरावट के पीछे का मुख्य ‘मास्टरमाइंड’ बताया जबकि पूर्व सीईसी राजीव कुमार और मौजूदा सीईसी ज्ञानेश कुमार को ‘संवैधानिक माफिया’ और ‘लोकतंत्र का हत्यारा’ करार दिया।

इसमें ईसीआई नेतृत्व पर पार्टियों में फूट को बढ़ावा देने और पार्टी के असली नाम व चुनाव चिह्न अलग हुए गुटों को सौंपकर लोकतंत्र को कमजोर करने का भी आरोप लगाया गया।

संपादकीय में जोर देकर कहा गया कि जनता का सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं से पूरी तरह भरोसा उठ गया है। प्रधानमंत्री मोदी से तुरंत दखल देने की मांग करते हुए संपादकीय में कहा गया, “जब तक अमित शाह और ज्ञानेश कुमार जैसे लोग सत्ता में हैं, भारत के संविधान का कोई मतलब नहीं है। प्रधानमंत्री को उन्हें तुरंत हटा देना चाहिए – तभी देश को बचाया जा सकता है। चूंकि शाह और कुमार खुद इस्तीफा नहीं देंगे, इसलिए उन्हें हटाना ही पीएम मोदी के पास एकमात्र विकल्प बचा है।”

संपादकीय में राहुल गांधी, ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे और तेजस्वी यादव जैसे विपक्षी नेताओं की चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ लगातार आवाज उठाने के लिए तारीफ की गई, साथ ही अंदरूनी गड़बड़ियों को सामने लाने के लिए कमिश्नर संधू और जोशी की भी सराहना की गई।

Continue Reading

राजनीति

अखिलेश का दावा, एसआईआर पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक

Published

on

चुनावी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर सामने आए मतभेद ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मीडिया की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई।

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों आयुक्तों ने कुछ फैसलों और आदेशों को अपनी जानकारी के बिना लिए जाने पर सवाल उठाए हैं। इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने निर्वाचन आयोग पर सवाल खड़े किए और सर्वोच्च न्यायालय से मामले में स्वत: संज्ञान लेने की अपील की।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”ये एक बेहद गंभीर समाचार है कि पिछले 10 महीनों में 2 चुनाव आयुक्तों ने निर्वाचन आयोग के गलत निर्णयों पर 14 बार अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। इसका सीधा मतलब ये है कि सभी चुनाव आयुक्त अपना सही काम नहीं कर पा रहे हैं। एक स्वतंत्र निकाय के सदस्यों को अगर न्यायपूर्ण कार्य करने की स्वतंत्रता नहीं है या उनकी कोई सुनवाई नहीं है तो ये लोकतंत्र के लिए बेहद घातक और खतरनाक हालात हैं। कुछ लोगों द्वारा सत्ता की कठपुतली बनकर लोकतंत्र को धोखा देना घोर सांविधानिक अपराध है। ये लोकतंत्र को मिटाने के किसी षड्यंत्र से कम नहीं है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय स्वत: संज्ञान ले।”

ज्ञात हो कि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले करीब 10 महीनों के दौरान तीन सदस्यीय निर्वाचन आयोग के भीतर ही एसआईआर से जुड़े कई अहम फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठते रहे। ये आपत्तियां आयोग के दो चुनाव आयुक्तों-सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से दर्ज कराई गईं। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की देशव्यापी प्रक्रिया तीनों चुनाव आयुक्तों की निगरानी में चल रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, संधू और जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 मौकों पर आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर औपचारिक रूप से आपत्ति दर्ज कराई। इनमें एक ही दिन चार बार आपत्ति दर्ज किए जाने का भी उल्लेख है। दोनों चुनाव आयुक्तों का कहना था कि संबंधित फैसले या आदेश उनकी जानकारी अथवा सहमति के बिना लिए या जारी किए गए। इन आपत्तियों का दायरा निर्वाचन आयोग के उन महत्वपूर्ण कार्यों से जुड़ा है, जिनका सीधा संबंध मतदाता के अधिकार और मतदाता सूची की विश्वसनीयता से है।

इनमें नए मतदाताओं का पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाना और हटाए गए नामों को दोबारा बहाल करना, एसआईआर के दौरान नाम बहाल किए जाने के आदेशों के खिलाफ अपील की प्रक्रिया तथा पूरी मतदाता सूची के डेटा की कस्टडी और सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन मामलों में दर्ज आपत्तियों की प्रतियां मुख्य चुनाव आयुक्त को भी भेजी गई थीं।

Continue Reading
Advertisement
व्यापार11 hours ago

एसोचैम ने व्यापार, निवेश और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए टीआईपीएस प्लेटफॉर्म किया लॉन्च

खेल11 hours ago

एशियन गेम्स 2026: भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का विजय रथ जारी, चीनी ताइपे को हराया

मनोरंजन12 hours ago

बिग बॉस 20 में छलका मैरी कॉम का दर्द, बोलीं- बच्चों के लिए जी रही हूं

राष्ट्रीय समाचार12 hours ago

आने वाले वर्षों में चालू खाता घाटा और एफटीए से पैदा हुए अवसरों से रुपया होगा मजबूत: आरबीआई डिप्टी गवर्नर

राष्ट्रीय समाचार13 hours ago

असम के नगांव में स्ट्रीट लाइट के खंभे से टकराई गाड़ी, तीन लोग जिंदा जले, दो की हालत गंभीर

राजनीति13 hours ago

राहुल गांधी ने आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल के परिवार से की फोन पर बात, न्याय दिलाने में मदद का दिलाया भरोसा

राष्ट्रीय समाचार13 hours ago

‘चुनाव आयोग में बगावत’: शिवसेना (यूबीटी) ने सर्वसम्मति से फैसले लेने के ईसीआई के दावे पर उठाए सवाल

व्यापार13 hours ago

भारतीय शेयर बाजार कमजोर वैश्विक संकेतों से लाल निशान में खुला, फाइनेंशियल स्टॉक्स पर दबाव

राष्ट्रीय समाचार14 hours ago

मध्य प्रदेश : जबलपुर में गणेश पंडाल में बिजली का झटका लगने से 16 साल के लड़के की मौत

राष्ट्रीय समाचार14 hours ago

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन आज कोलकाता में सीएम अधिकारी से करेंगे मुलाकात

महाराष्ट्र3 weeks ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

राजनीति2 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल1 week ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

खेल3 weeks ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

अंतरराष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

जापान: 11 साल बाद जन्मदर में मामूली सुधार, इस साल छह महीने में 3.42 लाख बच्चों का जन्म

अपराध3 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

खेल3 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

व्यापार3 weeks ago

सोने में बड़ी तेजी की संभावना, बुल केस में साल के अंत तक 5,600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है: रिपोर्ट

रुझान