राजनीति
झारखंड सरकार ने ईडी को पत्र लिखकर पूछा, ‘सीएम के प्रेस सलाहकार और साहिबगंज डीसी से किन मामलों में करेंगे पूछताछ’
Ranchi : Security personnel stand guard as Former Ranchi Deputy Commissioner Chavi Ranjan arrives at ED (Enforcement Directorate) office for questioning in connection allocation of Army land in fraudulent manner over taking bribe and multi crore Money Laundering Case in Ranchi on Monday, April 24, 2023. (Photo: IANS/Rajesh Kumar)
रांची, 11 जनवरी। झारखंड सरकार ने ईडी से उन मामलों की जानकारी मांगी है, जिनमें सीएम हेमंत सोरेन के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद पिंटू एवं साहिबगंज के उपायुक्त रामनिवास यादव को समन किया गया है। राज्य सरकार की ओर से कैबिनेट सेक्रेटरी वंदना डाडेल ने इस संबंध में ईडी को पत्र भेजा है।
यह पत्र झारखंड कैबिनेट द्वारा राज्य के बाहर की एजेंसियों के नोटिस-समन के संबंध में 9 जनवरी को लिए गए निर्णय के बाद भेजा गया है।
दरअसल, कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि अगर राज्य के बाहर की जांच एजेंसियां मसलन ईडी, सीबीआई, एनआईए, आयकर विभाग की ओर से राज्य के किसी अफसर को नोटिस या समन भेजा जाता है तो वे सीधे हाजिर नहीं होंगे। इसके बजाय वे अपने विभागीय प्रमुख के जरिए राज्य के मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग को सूचित करेंगे। इसके बाद वे उच्चाधिकारियों के निर्देश के अनुसार ही एजेंसी के समक्ष पूछताछ के लिए उपस्थित होंगे और सरकारी फाइलें एवं दस्तावेज साझा करेंगे।
उल्लेखनीय है कि ईडी ने साहिबगंज के उपायुक्त रामनिवास यादव को समन भेजकर 11 जनवरी और सीएम के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद पिंटू को 16 फरवरी को एजेंसी के रांची एयरपोर्ट स्थित दफ्तर में उपस्थित होने को कहा था। हालांकि, साहिबगंज के डीसी शाम चार बजे तक ईडी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए।
इसके पहले ईडी ने 3 जनवरी को सीएम के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद पिंटू और साहिबगंज डीसी समेत कई लोगों के झारखंड, पश्चिम बंगाल और राजस्थान स्थित एक दर्जन ठिकानों पर छापेमारी की थी। एजेंसी ने साहिबगंज के डीसी के कैंप कार्यालय से 7.25 लाख रुपए सहित आवासीय परिसर से 9 एमएम बोर के 19 कारतूस, .380 एमएम के 2 कारतूस और .45 पिस्टल के 5 खाली खोखे भी बरामद किये थे। सीएम के प्रेस सलाहकार के आवास से भी कुछ डिजिटल दस्तावेज बरामद किए गए थे।
महाराष्ट्र
मुंबई बांद्रा मस्जिद पर हमला, हिंसा, विरोध: पुलिस पर पथराव का आरोप, हालात तनावपूर्ण, शांति बनी रही, 10 लोग गिरफ्तार, और गिरफ्तारियों के लिए ऑपरेशन शुरू

मुंबई के बांद्रा इलाके में रेलवे की ज़मीन पर तोड़-फोड़ के ऑपरेशन के दौरान, जब यहां मौजूद एक मस्जिद को निशाना बनाया गया, तो हालात तनावपूर्ण हो गए। मस्जिद गिराए जाने का मुसलमानों ने विरोध किया और उसी समय, पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। स्थानीय मुसलमानों ने पुलिस पर उन पर पत्थर फेंकने का आरोप लगाया। इससे जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। मामले की जांच भी चल रही है। अब तक, पुलिस ने पत्थरबाजी के मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ हत्या की कोशिश और दंगा करने का मामला दर्ज किया गया है।
मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में तोड़-फोड़ के ऑपरेशन के दौरान तनाव बढ़ गया, जब तोड़-फोड़ का ऑपरेशन कथित तौर पर हिंसक हो गया, जिसके कारण पत्थरबाजी हुई और पुलिस कर्मियों के साथ झड़प हुई। घटना के बाद, निर्मल नगर पुलिस ने 10 पहचाने गए आरोपियों और अन्य के खिलाफ BNS और अन्य कानूनों की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। एफआईआर के अनुसार, यह घटना 20 मई को बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन के पास गरीब नगर इलाके में अवैध ढांचों को हटाने के ऑपरेशन के दौरान हुई। यह ऑपरेशन कोर्ट के आदेशों और तय तोड़-फोड़ के शेड्यूल के बारे में निर्देशों के बाद किया गया था। अधिकारियों ने ऑपरेशन के दौरान मुंबई पुलिस, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ), होम गार्ड और दूसरे लोगों को तैनात किया। शिकायत के मुताबिक, जब अधिकारी तोड़-फोड़ का ऑपरेशन कर रहे थे, तो मौके पर करीब 100 से 150 लोगों की भीड़ जमा हो गई और विरोध करने लगी। पुलिस अधिकारियों ने कथित तौर पर लोगों से शांति से हटने के लिए बार-बार अनाउंसमेंट किया। लेकिन, कहा जाता है कि भीड़ भड़क गई और ऑपरेशन में रुकावट डालने की कोशिश की। एफआईआर में आगे दावा किया गया है कि भीड़ में से कुछ लोगों ने नारे लगाने शुरू कर दिए और कहा जाता है कि उन्होंने अशांति फैलाकर तोड़-फोड़ के काम को रोकने की कोशिश की। इस अफरा-तफरी के दौरान, मौके पर मौजूद पुलिस और अधिकारियों पर पत्थर और दूसरी चीजें फेंकी गईं, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया। बाद में, पुलिस ने स्थिति को कंट्रोल करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और कई लोगों को हिरासत में लिया। कहा जाता है कि इस घटना में कई पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं। शिकायत में खास तौर पर ऑपरेशन के दौरान तैनात पुलिस अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों के घायल होने का जिक्र है। बाद में, घायल अधिकारियों को मेडिकल मदद दी गई। पुलिस ने एफआईआर में 10 आरोपियों के नाम दर्ज किए हैं और उन पर गैर-कानूनी तरीके से जमा होने, दंगा करने, सरकारी कर्मचारियों को उनकी ड्यूटी करने से रोकने, सरकारी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने से जुड़े अलग-अलग चार्ज लगाए हैं। मामले की जांच चल रही है। अधिकारी हिंसा में कथित तौर पर शामिल और लोगों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज और दूसरे सबूतों की भी जांच कर रहे हैं। भविष्य में कानून-व्यवस्था में कोई रुकावट न आए और कोई अनहोनी न हो, यह पक्का करने के लिए इलाके में सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। पत्थरबाजी की घटना के बाद सोशल मीडिया पर इसे हिंदू-मुस्लिम और धार्मिक रंग देने की कोशिश शुरू हो गई है, जिस पर पुलिस नज़र रख रही है।
महाराष्ट्र
बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन पुनर्विकास : अतिक्रमण हटाने का 85 प्रतिशत काम पूरा, 1,200 कर्मचारी तैनात

मुंबई के बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और पुनर्विकास कार्य तेज गति से चल रहे हैं। रेलवे प्रशासन के अनुसार, अब तक अतिक्रमण हटाने का 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। रात भर भी अभियान चलाए जाने के कारण कार्य प्रगति में तेजी आई है।
इस अभियान में करीब 1,200 कर्मचारियों को तैनात किया गया है। बुधवार को एक धार्मिक ढांचे को गिराने के दौरान पत्थरबाजी की एक छोटी घटना हुई थी, जिसमें पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। हालांकि, स्थिति अब नियंत्रण में है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि अब क्षेत्र में कोई अन्य धार्मिक ढांचा शेष नहीं बचा है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, कुल 500 अवैध निर्माणों को हटाने का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से अधिकांश को पहले ही ध्वस्त कर दिया गया है। इस समय कुछ कब्जेदार अभी भी जगह छोड़ने से मना कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें कानूनी तरीके से हटाने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
1.31 एकड़ (लगभग 5,300 वर्ग मीटर) की इस अहम जगह पर पुनर्विकास कार्य पूरा होने के बाद आधुनिक रेलवे स्टेशन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस भूमि की अनुमानित कीमत 600 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है।
रेलवे का अनुमान है कि इस अभियान में अभी दो दिन का काम और शेष है। तोड़फोड़ का कार्य आज भी उसी ताकत के साथ जारी रहेगा। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
बांद्रा ईस्ट स्टेशन पुनर्विकास परियोजना मुंबई शहर के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद स्टेशन क्षेत्र में बेहतर यात्री सुविधाएं, पार्किंग, फुट ओवर ब्रिज और वाणिज्यिक विकास की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।
स्थानीय प्रशासन और रेलवे ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करें और अवैध कब्जे वाले किसी भी ढांचे को खुद न बनाएं। रेलवे का कहना है कि पुनर्विकास कार्य पूरी तरह कोर्ट के आदेश और कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ट्रंप ने क्यूबा को लेकर अमेरिकी नीति में बदलाव के दिए संकेत, बोले-वहां के लोग बहुत अच्छे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को लेकर अपनी नीति में संभावित बदलाव के संकेत दिए हैं। साथ ही उन्होंने अपनी सरकार की क्षेत्रीय संघर्षों और घरेलू जांच मामलों को संभालने के तरीके का बचाव भी किया। उन्होंने ये भी कहा कि ईरान के साथ उसकी बातचीत अंतिम चरण में है। अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका कड़ा रुख अपना सकता है।
क्यूबा को लेकर बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने क्यूबा क्रांति के नेता राउल कास्त्रो पर आरोप तय किए हैं। इसी बीच अमेरिकी सदर्न कमांड ने यह भी घोषणा की कि निमित्ज कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (जिसमें एयरक्राफ्ट कैरियर, उसका एयर विंग और कम से कम एक गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर शामिल है) कैरेबियन क्षेत्र में पहुंच चुका है।
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने क्यूबा को एक असफल देश बताया और कहा कि जल्द ही इस द्वीपीय देश को लेकर बड़ी घोषणा की जा सकती है।
ट्रंप ने कहा कि वे लोग पिछले 65 वर्षों से इस पल का इंतजार कर रहे हैं। उनका इशारा क्यूबा मूल के अमेरिकियों और उन परिवारों की तरफ था जो दशकों से वॉशिंगटन और हवाना के बीच तनाव का असर झेलते आए हैं।
उन्होंने कहा कि क्यूबा मूल के अमेरिकियों ने उन्हें 94 प्रतिशत तक समर्थन’ दिया और यह मुद्दा फ्लोरिडा के कई परिवारों के लिए बेहद भावनात्मक है। वहां न खाना है, न बिजली और न ऊर्जा बची है लेकिन वहां के लोग बहुत अच्छे हैं।”
जब उनसे पूछा गया कि क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंध कितने समय तक जारी रहेंगे तो उन्होंने जवाब दिया, “देखते हैं। हम बहुत जल्द इसकी घोषणा करेंगे।”
राष्ट्रपति ने कहा कि क्यूबा को लेकर किसी तरह का तनाव बढ़ने वाला नहीं है। वहां के हालात पहले ही खराब हैं। पूरा देश बिखरा हुआ है।
ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही बातचीत पर कहा कि अब ईरान की तरफ से बातचीत करने वाले लोग पहले के अधिकारियों से ज्यादा व्यावहारिक हैं। हम ऐसे लोगों से बात कर रहे हैं जो पहले वालों की तुलना में ज्यादा समझदार और व्यवहारिक हैं। उनमें अच्छी सोच और समझ है। वे युद्ध की बजाय बातचीत को बेहतर मानते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर मैं कुछ दिन इंतजार करके युद्ध टाल सकता हूं और लोगों की जान बचा सकता हूं, तो यह बहुत अच्छी बात है।
अमेरिका की ओर से ईरान को बातचीत के दौरान प्रतिबंधों में राहत देने की खबरों को खारिज करते हुए ट्रंप ने कहा कि जब तक वे समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करते, मैं कोई राहत नहीं दूंगा।”
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नौकरियों पर उसके असर को लेकर ट्रंप ने कहा कि दुनिया में तनाव के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस समय अमेरिका में पहले से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं। हमारे पास रिकॉर्ड स्तर पर नौकरियां हैं।
ट्रंप ने ईरान से जुड़े हालिया सैन्य अभियानों का भी बचाव किया और दावा किया कि अमेरिका की नाकेबंदी की वजह से स्ट्रेट इलाके से तेल की कोई खेप नहीं गुजर पाई है।
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